4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बदला मार्केट का रंग, डे-हाई से Sensex में 700 प्वाइंट्स की गिरावट, 3 वजहों पर Nifty आया 24500 के नीचे

Sensex-Nifty turns red: शुरुआती बढ़त गंवाते हुए घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने जियोपॉलिटिल टेंशन बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बन गया। डे-हाई से सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 02:06 PM पर सेंसेक्स 34.44 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,394.51 और निफ्टी 86.65 प्वाइंट्स यानी 0.35% की फिसलन के साथ 24,528.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 743.99 प्वाइंट्स टूटकर 78,311.39 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,498.40 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

Why Sensex-Nifty turns red: ये है वजह

ईरान को ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द फिर से खुल जाएगा लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो ईरान को बहुत कड़े हमले का सामना करना पड़ेगा। कैलिफोर्निया दौरे के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने के मकसद से बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं। ईरान के हालात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 48 घंटे में पता चल जाएगा।

मुनाफावसूली

मार्केट की शुरुआती बढ़त का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिसेस मार्केट पर दबाव बढ़ा।

24,700 के पास रेजिस्टेंस

निफ्टी 24,677.60 का लेवल छूने के बाद दबाव में आ गया। एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि आज के कारोबारी सत्र के लिए पिछले कारोबारी सत्र का हाई 24,700 अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और इसके ऊपर जाने पर ही 24900 का रास्ता खुलेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक नीचे की तरफ 24,500 और फिर एक कारोबारी दिन पहले के निचला स्तर 24427 सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

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Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

Nifty Outlook for June 29: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 25 जून को लगातार दूसरे दिन कारोबारी दिन ग्रीन जोन में बंद हुआ। हालांकि खास बात ये रही कि दिन के दूसरे हाफ में इसने काफी बढ़त गंवा दी। शुक्रवार को मोहर्रम के चलते मार्केट बंद था तो तीन दिनों की लगातार छुट्टियों से पहले और जून तिमाही के आखिरी कारोबारी हफ्ते से पहले मार्केट पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा। इसके बावजूद निफ्टी दिन के आखिरी में हल्की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा और साथ ही यह लगातार तीसरे हफ्ते भी हरा रहा। गुरुवार को इंट्रा-डे में निफ्टी 239.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,261.60 तक पहुंचा था जिससे यह 222.60 प्वाइंट्स फिसलकर 24,039.00 तक आ गया था और दिन के आखिरी में यह महज 34.35 प्वाइंट्स यानी 0.14% की तेजी के साथ 24,056.00 पर बंद हुआ था।

Nifty को लेकर क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24 हजार के ऊपर टिका रहता है, मार्केट में रौनक बनी रहेगी। जियो-पॉलिटिकल सेंटिंमेंट में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और रुपये की मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही मार्केट की नजर यूरोजोन के महंगाई के आंकड़े, चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हो रही हलचल पर नजर रहेगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी को क्लोजिंग के आधार पर पिछले स्विंग हाई 24,190 के पास कड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ रहा है। पिछले कारोबारी दिन का इंट्रा-डे हाई 24,261 अब तात्कालिक रेजिस्टेंस बन गया है, और अगर इस लेवल के पार जाकर निफ्टी

टिका रहता है तो यह 24,440 के पास 200-दिन के DEMA की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ 23,789 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एंजल वन के ओशो कृष्णन के मुताबिक निफ्टी अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है, जिसमें 24,140-24,170 जोन में 100-DEMA तात्कालिक बैरियर का काम कर रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर यह निफ्टी इस रेंज के ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है, तो यह 24,500-24,600 जोन की तरफ बढ़ सकता है, जबकि 23,800 के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, और उसके बाद 23,645 तक बुलिश गैप एरिया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का मानना ​​है कि अगर निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर नहीं टिक पाता है तो इसमें कंसोलिडेशन जारी रह सकता है या मामूली गिरावट आ सकती है। नागराज शेट्टी को 23,800 पर तात्कालिक सपोर्ट की उम्मीद है, जबकि 24,200 के ऊपर टिकाऊ बढ़त से और तेजी आ सकती है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि गुरुवार को बीएसई के F&O एक्सपायरी के दिन मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इसने 50-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर बने रहकर अपना पॉजिटिव स्ट्रक्चर बनाए रखा। रूपक को उम्मीद है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहेगा, तब तक तेजी का रुझान बना रहेगा और इसके 24,500 की तरफ बढ़ने की संभावना है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 24,200-24,250 के दायरे में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकरता है। इस दायरे के ऊपर लगातार बने रहने यानी ब्रेकआउट से इंडेक्स पहले 24,400 और फिर 24,600 की तरफ बढ़ सकता है। सुदीप के मुताबिक नीचे की तरफ निफ्टी को 23,900-23,850 के दायरे में सपोर्ट मिलता दिख रहा है।

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