10 साल बाद, Nifty लाल होने की कगार पर, इस साल टूट चुका है 14%, अब चार्ट पर ये लेवल करें मार्क

Nifty Outlook: देश की 50 दिग्गज लिस्टेड कंपनियों के शेयरों को ट्रैक करने वाला एनएसई का इंडेक्स Nifty 50 इस साल लाल होने की कगार पर है। पिछले 10 साल से यह लगातार बढ़त के साथ ग्रीन जोन में बंद हो रहा है लेकिन इस बार इसकी रैली थमती दिख रही है। इस साल अभी तीन महीने बचे हैं और अभी तक की स्थिति के हिसाब से यानी 1 अक्टूबर तक निफ्टी 14.97% कमजोर हो चुका है यानी कि निफ्टी को अपनी ग्रीन रैली बनाए रखने के लिए जोरदार रिकवरी दिखानी होगी।

एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 1 अक्टूबर को यह 0.88% की गिरावट के साथ 22421.95 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत में 5 जनवरी 2026 को यह इंट्रा-डे में 26,373.20 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था तो क्लोजिंग बेसिस पर 2 जनवरी 2026 को यह 26,328.55 के रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ था।

10 साल में कब कितनी बढ़त के साथ बंद हुआ Nifty

निफ्टी के लिए पिछले 10 साल के सालाना सफर की बात करें तो सबसे अधिक बढ़त 2016 में दिखी थी। यहां तक कि कोरोना महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में भी निफ्टी ने दमदार मजबूती हासिल की थी। यहां पिछले 10 साल की रैली का ट्रैक रिकॉर्ड दिया जा रहा है-

वर्ष निफ्टी उठा-पटक
2015(-)4.06%
20163.01%
201728.65%
20183.15%
201912.02%
202014.90%
202124.12%
20224.33%
202320.03%
20248.80%
202510.51%
2027(-)14.97% (1 अक्टूबर तक)

आखिर क्यों टूट रहा निफ्टी

इस साल निफ्टी जनवरी से सितंबर तक सिर्फ अप्रैल, जून और जुलाई महीने में मजबूत हुआ और अक्टूबर भी शुरुआत कमजोर हुई। इस साल अब तक यह 14.97% कमजोर हुआ है जिसमें से 11.31% की कमजोरी तो मार्च महीने में आई थी। निफ्टी को इस साल कई आंधियों से जूझना पड़ा जैसे कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध, कच्चे तेल में उबाल, टैरिफ वार, महंगाई की तेज रफ्तार, सख्त मौद्रिक नीतियां, बॉन्ड यील्ड में उछाल, विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और सेल ऑन राइज स्ट्रैटेजी।

अहम लेवल्स

लेवल टाइप इसलिए है अहम
22,217तात्कालिक सपोर्ट1 अक्टूबर का इंट्रा-डे लो
22,182मजबूत सपोर्टअप्रैल 2026 का निचला स्तर/ 52-हफ्ते के निचले स्तर के आस-पास
22,000अगला सपोर्टमनोवैज्ञानिक स्तर
21,750अगला सपोर्टअप्रैल 2025 का निचला स्तर
22,600–22,800तात्कालिक रेजिस्टेंसहाल-फिलहाल की टेक एनालिसिस में रेजिस्टेंस जोन
23,000अहम रेजिस्टेंस22,800–23,000 जोन का अपर एंड

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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