Sensex-Nifty Recovery: इस लेवल से वापस घूमा मार्केट, 460 प्वाइंट्स चढ़ा सेंसेक्स, 4 वजहों से निफ्टी ग्रीन

Share Market Recovery: निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर पर अच्छी रिकवरी की। निचले स्तर से सेंसेक्स 460.00 प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी 22750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक छाई हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मिडकैप 100 भी ग्रीन है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें फिलहाल 12:03 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 317.24 प्वाइंट्स यानी 0.44% की बढ़त के साथ 72846.31 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 30.25 प्वाइंट्स यानी 0.13% की मजबूती के साथ 22746.45 पर है।

इंट्रा-डे में सेंसेक्स 89.02 प्वाइंट्स टूटकर 72,440.05 तक आया जिससे यू-टर्न लेकर यह 459.59 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा और 72,899.64 तक पहुंच गया तो दूसरी तरफ 56.40 टूटकर 22,659.80 तक आने के बाद निफ्टी 112.00 प्वाइट्स रिकवर हुआ और 22,771.80 तक पहुंचा।

Sensex-Nifty Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX की नरमी से मार्केट पाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह 0.76% की गिरावट के साथ 13.31 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स का मजबूत सपोर्ट

फार्मा और मेटल स्टॉक्स मार्केट को तोड़ने की कोशिश में हैं लेकिन बैंकिंग और आईटी शेयर इसे संभालने की कोशिश में हैं। निफ्टी फार्मा में डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोरी है और निफ्टी मेटल भी करीब 1% टूटा है तो दूसरी तरफ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ आईटी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत दिख रहे हैं।

तकनीकी वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक आगे और बेयरेश सेंटिमेंट तभी दिखेगा, जब निफ्टी 22,650 के नीचे आता है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है लेकिन पुलबैक रैली की भी संभावना बनी हुई है। श्रीकांत के मुताबिक डे-ट्रेडर्स के लिए 22,600/72,200 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस लेवल के ऊपर बने रहने से निफ्टी 22,850–23,000 और सेंसेक्स 73,000–73,500 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर सपोर्ट जोन टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,500–22,300/72,000–71,400 की तरफ खिसक सकते हैं। इसका मतलब हुआ कि मार्केट में उठा-पटक की संभावना बनी हुई है।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि मार्केट की कमजोरी बनी रहती है तो यह 22,400 के अहम सपोर्ट एरिया की तरफ फिसल सकता है। यह एरिया पिछले दो वर्षों के अहम निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-हफ्ते के EMA को जोड़ने वाला प्वाइंट है। उनका कहना है कि 22,830 के ऊपर जाने पर 23,000 के लेवल की तरफ पुलबैक का संकेत मिलेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि निफ्टी लगातार हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर बनाना होगा और 23,000-23,100 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। अगर यह 23,100 के ऊपर लगातार बना रहा तो गिरावट थमने का संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि डेली स्टॉकेस्टिक 13 पर आ गया है जोकि ओवरसोल्ड टेरिटरी में है यानी कि तेज रिकवरी की सभावना बनी हुई है।

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद अहम टेक्निकल लेवल पर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर आ सकता है। हालांकि FIIs यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता की बात बनी हुई है और इससे रिकवरी सीमित हो सकती है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट जोन के करीब होने के कारण इंट्रा-डे प्राइस एक्शन सतर्कता के साथ एक दायरे में रह सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty ऑल-टाइम हाई से 15% फिसला, लेकिन 18% चढ़ने पर होगी लॉस की भरपाई, जानिए क्यों

इंडेक्स में 20 फीसदी गिरावट के बाद पूरी रिकवरी तभी आएगी जब सूचकांक 25 फीसदी चढ़ेगा। 30 फीसदी गिरावट की भरपाई तभी होगी, जब सूचकांक करीब 43 फीसदी चढ़ेगा। इसकी वजह यह है कि लॉस और रिकवरी का प्रोसेस एक जैसा नहीं होता है।

2 जनवरी को निफ्टी ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था

मार्च के निचले स्तर से निफ्टी में रिकवरी आई है। लेकिन, लॉस की पूरी भरपाई के लिए इसमें ज्यादा तेजी जरूरी है। निफ्टी 2 जनवरी को 26,329 के लेवल पर पहुंचा था। यह इसका ऑल-टाइम हाई है। फिर यह मार्च में गिरकर 22,331 के लेवल पर आ गया। यह जानकारी Abakkus Mutual Fund के एनालिसिस पर आधारित है। तब निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 15.2 फीसदी गिरा था।

31 अगस्त तक गिरकर यह 24,080 पर आ गया था

31 अगस्त तक निफ्टी चढ़कर 24,080 पर पहुंच गया था। यह मार्च के निचले स्तर से 7.8 फीसदी की रिकवरी थी। लेकिन, लॉस की पूरी भरपाई के लिए निफ्टी में और 9.3 फीसदी तेजी जरूरी थी। तभी यह 26,329 के लेवल पर पहुंच पाता। तब से निफ्टी और गिरा है। 11 सितंबर को यह 23,398 पर क्लोज हुआ।

ऐसे समझें निफ्टी में रिकवरी का कैलकुलेशन

सवाल है कि गिरावट के बाद पूरी रिकवरी के लिए निफ्टी को क्यों ज्यादा तेजी की जरूरत पड़ती है? इसे हम एक उदाहरण की मदद से समझ सकते है। मान लीजिए आपके 100 रुपये के निवेश की वैल्यू 20 फीसदी गिर जाती है। इसका मतलब है कि आपके निवेश की वैल्यू गिरकर 80 रुपये पर आ जाती है।

20 फीसदी गिरने पर लॉस की भरपाई के लिए 25% तेजी जरूरी

अगर फिर से आपके निवेश की वैल्यू 20 फीसदी बढ़ती है तो यह 100 रुपये के लेवल पर नहीं आएगा। 80 रुपये पर 20 फीसदी की तेजी का मतलब है कि यह 96 रुपये हो जाएगा यानी सिर्फ 16 रुपये का इजाफा होगा। 80 रुपये को फिर से 100 रुपये तक पहुंचने के लिए 20 रुपये का गेन जरूरी होगा। इसका मतलब है कि 80 रुपये की वैल्यू तभी 100 रुपये होगी, जब वैल्यू 25 फीसदी बढ़ेगी।

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लॉस जितना ज्यादा होगा, रिकवरी के लिए तेजी की उतनी ज्यादा जरूरत

लॉस जितना ज्यादा होगा, यह फर्क उतना ज्यादा बढ़ेगा। 30 फीसदी गिरावट की रिकवरी के लिए इंडेक्स को करीब 43 फीसदी चढ़ना होगा। 40 फीसदी गिरावट की रिकवरी तभी होगी, जब इंडेक्स 66.7 फीसदी चढ़ेगा। अगर इंडेक्स की वैल्यू गिरकर आधी रह जाती है तो उसे पूरी तरह से रिकवर होने के लिए दोगुना चढ़ना होगा। इसका मतलब है कि अगर आपकी पोर्टफोलियो की वैल्यू ऑल-टाइम हाई से 20 फीसदी नीचे आ गई है तो लॉस की भरपाई के लिए पोर्टफोलियो की वैल्यू 25 फीसदी बढ़नी चाहिए।

nifty fall

4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।