जुलाई में विदेशी निवेशकों ने कंज्यूमर सर्विस,हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में किया खूब निवेश, जानिए कहां से हुई इनकी निकासी

जुलाई महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने कुछ खास सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाया है। इस दौरान कंज्यूमर सर्विस,हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में इनकी तरफ सबसे ज्यादा नेट इक्विटी निवेश किया गया है। वहीं,कैपिटल गुड्स और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में इनकी सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली है।

 FPI की पोजीशनिंग में भी बदलाव

जुलाई में FPI की पोजीशनिंग में भी बदलाव आया है। महीने के दूसरे आधे हिस्से में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में इनकी तरफ से जबरदस्त खरीदारी हुई है। वहीं, मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में महीने के पहले हिस्से में हुई खरीदारी के विपरीत दूसरे हिस्से में बिकवाली देखने को मिली है।

कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में हुआ सबसे ज्यादा नेट FPI निवेश 

जुलाई में कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा नेट FPI निवेश रहा है। इस सेक्टर में इस दौरान 10,201 रुपए करोड़ की खरीदारी हुई है। इस सेक्टर में 1 से 15 जुलाई के बीच 7,361 करोड़ रुपए और महीने के दूसरे हिस्से में 2,840 करोड़ रुपए का FPI निवेश आया है।

हेल्थकेयर सेक्टर  पर भी आया FPI का दिल

हेल्थकेयर सेक्टर इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। इसमें FPIs का नेट निवेश 7,731 करोड़ रुपए रहा। इस सेक्टर में FPIs ने पहले हिस्से में 4,101 करोड़ रुपए और दूसरे हिस्से में 3,630 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स  भी आया पसंद

महीने के आगे बढ़ने के साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीदारी में तेजी आई। FPIs ने 1-15 जुलाई के दौरान इस सेक्टर में 2,384 करोड़ रुपये और महीने के दूसरे हिस्से में 4,958 करोड़ रुपये का निवेश किया,जिससे इसमें महीने का कुल नेट निवेश 7,342 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

मेटल्स और माइनिंग में सेक्टर में भी हुई खरीदारी

मेटल्स और माइनिंग में सेक्टर में महीने के पहले हिस्से में 5,993 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। जिसके बाद FPIs ने महीने के दूसरे आधे हिस्से में 1,056 करोड़ रुपए की नेट बिकवाली की,जिससे जुलाई में इस सेक्टर में 4,937 करोड़ रुपए का नेट निवेश देखने को मिला।

महीने के दूसरे पखवाड़े में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बढ़ी खरीदारी 

महीने के दूसरे हिस्से में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी खरीदारी में तेजी देखने को मिली। जुलाई के पहले पखवाड़े में सिर्फ 60 करोड़ रुपये के नेट इन्वेस्टमेंट के बाद, FPIs ने दूसरे हिस्से में 3,298 करोड़ रुपये का निवेश किया,जिससे जुलाई में इस सेक्टर में होने वाला कुल निवेश 3,358 करोड़ रुपये हो गया।

इस महीने कंस्ट्रक्शन मटीरियल में 2,445 करोड़ रुपए का FPI निवेश आया,जिसमें से 1,574 करोड़ रुपए पहले पखवाड़े में और 871 करोड़ रुपए दूसरे पखवाड़े में आए।

जुलाई में सर्विस सेक्टर में 2,323 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी देखने को मिली। FPIs ने पहले पखवाड़े में इस सेक्टर में 2,353 करोड़ रुपए का निवेश किया,जबकि दूसरे पखवाड़े में 30 करोड़ रुपए की मामूली बिकवाली की।

फाइनेंशियल सर्विसेज में हुई बिकवाली

असेट अंडर कस्टडी (AUC) के आधार पर FPI पोर्टफोलियो के सबसे बड़े सेक्टर,फाइनेंशियल सर्विसेज़ में जुलाई में 694 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली हुई। FPIs ने महीने के पहले हिस्से में 1,975 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल सर्विसेज़ स्टॉक्स खरीदे,लेकिन दूसरे हिस्से में 2,669 करोड़ रुपये के स्टॉक्स बेचे।

जुलाई के आखिर में इस सेक्टर का AUC 21.13 लाख करोड़ रुपए था। जबकि 15 जुलाई को यह 21.39 लाख करोड़ रुपए पर था। फिर भी FPI पोर्टफोलियो में यह सेक्टर सबसे बड़ा निवेश वाला सेक्टर बना रहा।

कई दूसरे सेक्टर में भी भारी बिकवाली हुई। जुलाई में कैपिटल गुड्स सेक्टर से 6,275 करोड़ रुपए की नेट FPI निकासी हुई,जबकि टेलीकॉम सेक्टर में 5,725 करोड़ रुपए की बिकवाली दर्ज की गई। पावर सेक्टर में 2,863 करोड़ रुपए की नेट बिकवाली हुई।

FPI AUC में फाइनेंशियल और ऑटो सेक्टर का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा

फाइनेंशियल सेक्टर के अलावा,ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स का FPI AUC में 5.40 लाख करोड़ रुपये का हिस्सा रहा। इसके बाद हेल्थकेयर का नंबर आता है, जिसका हिस्सा 5.33 लाख करोड़ रुपये रहा। फिर कैपिटल गुड्स का हिस्सा 4.89 लाख करोड़ रुपये रहा।

जुलाई के आखिर में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का इक्विटी AUC 3.93 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का AUC 1.98 लाख करोड़ रुपये रहा। रियल्टी सेक्टर का हिस्सा भी काफी बड़ा रहा,जो 1.54 लाख करोड़ रुपये पर रहा।

 

Market cues : निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट, इसके नीचे जाने पर आ सकती है भारी गिरावट

₹87 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत, लगातार पांचवे दिन Sensex लाल, 24288 पर बंद Nifty

Sensex-Nifty closes red: जियो-पॉलिटिकल टेंशन बने रहने और रुपये की कमजोरी ने आज मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन जोन में लौटे और बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट रहा तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.36% की मजबूती आई।

सेक्टरवाइज आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने आज मार्केट पर काफी दबाव बनाया और इन्होंने मेटल स्टॉक्स की कोशिश को फेल कर दिया। निफ्टी मेटल में आज 1% से अधिक की बढ़त आई तो निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट और निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹86 लाख करोड़ से अधिक घट गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 555.50 प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 133.15 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,360.10 तक पहुंच गया।

डूबे निवेशकों के ₹86 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 14 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,93,37,892.96 करोड़ था। आज यानी 17 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,92,51,039.39 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹86,853.57 करोड़ की गिरावट आई

Sensex के सिर्फ 7 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 7 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील और एक्सिस बैंक में सबसे अधिक बढ़त रही तो दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, एचसीएलटेक और सन फार्मा में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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175 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4674 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2087 शेयर आज मजबूत हुए तो 2353 में गिरावट रही जबकि 234 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 175 शेयर एक साल के हाई और 120 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 10 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 42 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली

Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।

उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी

राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।

एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।

उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।

स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं

राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।

एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।

इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।

वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?

हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।

वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।

कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी

राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।

उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।

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ICICI प्रूडेंशियल के चिंतन हरिया से जानें वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, बाजार में अब कहां से निकलें और कहां बढ़ाएं निवेश

बाजार में आज तेजी का मोमेंटम बढ़ा है,निफ्टी 150 अंक से ज्यादा चढ़कर 7 मई के बाद पहली बार 24300 के पार निकला है। ICICI BANK, HDFC BANK, BHARTI और टाटा स्टील ने जोश भरा है। आज बैंक निफ्टी भी चला है। लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसलकर 12 के नीचे आ गया है। रियल्टी,मेटल और फार्मा में आज सबसे ज्यादा खरीदारी आई है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। साथ ही IT में लगातार दूसरे दिन तेजी है। आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा। वहीं दूसरी ओर सरकारी बैंकों में आज दबाव है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला है। बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक 3 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं।

निवेशक चाहें तो कर सकते हैं लार्जकैप में एकमुश्त निवेश

ऐसे में बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए ICICI प्रूडेंशियल AMC के प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट चिंतन हरिया ने कहा कि 2 साल से भारतीय बाजार और रुपये ने अंडरपरफॉर्म किया है। RBI के कदमों से रुपया काफी संभला है। कच्चे तेल के दाम युद्ध से पहले के भाव पर आ गए हैं। कमजोर मॉनसून से भी ज्यादा चिंता नहीं है। ऐसे में लार्जकैप में अच्छे मौके बन रहे हैं। निवेशक चाहें तो लार्जकैप में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें, लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें

चिंतन हरिया ने आगे कहा कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप ने आउटपरफॉर्म किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्युएशन अभी भी सस्ते नहीं हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप की ग्रोथ का अनुमान लगाना मुश्किल है। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें। लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें।

हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव

उन्होंने आगे कहा कि जून तिमाही के नतीजों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव है। FCNB डिपॉजिट का फायदा बैंकों को मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर अच्छा लग रहा है। एनर्जी सेक्टर भी पसंद है। इस सेक्टर कोकच्चे तेल की कीमतें घटने का फायदा मिलेगा। वहीं, डिफेंस और मेटल शेयर काफी चल चुके हैं। अब इनमें मुनाफावसूली संभव है।

चिंतन हरिया का मानना है कि लंबी अवधि में ऑटो सेक्टर अच्छा कर सकता है। ऑटो सेक्टर को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी का भी फायदा मिलेगा। निवेशकों के लिए लार्जकैप एक्टिव और पैसिव फंड्स में निवेश करने का मौका है। मल्टी एसेट बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश कर सकते हैं। किसी भी फ्लैक्सीकैप फंड्स में SIP कर सकते हैं। आज जो निवेश करेंगे उसका फायदा 3-5 साल में मिलेगा।

 

 

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

 

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Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

Market Insight : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में IT और फार्मा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में PB फिनटेक,ज़ेनसार टेक,CG पावर और हिताची एनर्जी शामिल हैं। IT,फार्मा और रियल्टी शेयरों ने तेजी को आगे बढ़ाया है। मेटल शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

इस बीच वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है। फिलहाल सेंसेक्स 573.33 अंक या 0.74 प्रतिशत बढ़कर 78,075.45 पर और निफ्टी 188.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,364.55 पर दिख रहा है।

ऐसे में बाजार के टेक्निकल सेटअप और कमाई वाले सेक्टर पर चर्चा करते हुए गोल्डीलॉक्स ग्लोबल रिसर्च(Goldilocks Global Research) के फाउंडर और चीफ स्ट्रेटेजिस्ट गौतम शाह ने कहा कि कुछ समय से बाजार कंसॉलिडेशन के फेज में है। 6-8 हफ्ते में निफ्टी 24600-25500 तक जा सकता है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स में बड़े मूव के संकेत मिल रहे हैं। RIL में आगे भी मजूबती दिख सकती है। बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। बैंक और IT शेयर निफ्टी को ऊपर ले जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि IT में 10-15% रिकवरी आ सकती है। 12-18 महीने के लिए IT बॉस्केट खरीदने की रणनीति कारगर साबित हो सकती है। कुछ समय से मेटल में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति काम कर रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए मेटल ठीक लग रहा है। रियल एस्टेट,PSU,फार्मा और केमिकल शेयर भी बेहतर पोजीशन में नजर आ रहे हैं।

गौतम शाह की सलाह है कि मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप में बने रहना चाहिए। मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप रिकॉर्ड हाई बना सकते हैं। बैंक निफ्टी में यहां बड़ा रिटर्न नहीं बनेगा। बैंकिंग में टॉप 3 सरकारी बैंक पसंद हैं।

गौतम शाह ने बताया कि वे पिछले 12 महीने से FMCG पर अंडरवेट हैं। रियल्टी इंडेक्स में 20-25% की बड़ी तेजी संभव है। होटल और ट्रैवल स्टॉक भी अच्छा कर सकते हैं। लंबी अवधि के नजरिए से हॉस्पिटल शेयर भी बेहतर दिख रहे हैं।

 

 

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(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

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