Aarti Industries: केमिकल कंपनी का मुनाफा 260% उछला, मैनेजमेंट भी बड़े बदलाव हुए

Aarti Industries Q1 Results: केमिकल कंपनी आरती इंडस्ट्रीज ने जून 2026 तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 260.47% बढ़कर ₹155 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹43 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 42.42% बढ़कर ₹2,387 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,676 करोड़ था।

कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई भी मजबूत रही। EBITDA 79.8% बढ़कर ₹383 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.71% से बढ़कर 16.04% हो गया। मार्च तिमाही के मुकाबले भी मुनाफा 13.14% और रेवेन्यू 8.20% बढ़ा है।

सब्सिडियरी बेचने से भी हुआ फायदा

आरती इंडस्ट्रीज को तिमाही के दौरान ₹2 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन मिला। यह फायदा Shanti Intermediates में अपनी हिस्सेदारी बेचने से हुआ। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इससे कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। वजह यह है कि इस सब्सिडियरी का रेवेन्यू और मुनाफे में योगदान 0.1% से भी कम था।

आगे की क्या है तैयारी?

आरती इंडस्ट्रीज के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुयोग कोटेचा ने कहा कि FY27 की शुरुआत अच्छी रही है। हालांकि, दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर कारोबार पर पड़ा। इससे बिक्री का वॉल्यूम थोड़ा दबा रहा। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में मांग बढ़ेगी और वॉल्यूम भी सुधरेगा।

कंपनी ने बताया कि Zone IV Expansion और Chlorotoluene Value Chain प्रोजेक्ट में मजदूरों की कमी की वजह से 4 से 6 महीने की देरी हुई है। अब इन्हें अगले तीन तिमाहियों में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

FY27 के लिए ₹700-800 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य भी बरकरार रखा गया है। वहीं, Superform Joint Venture और Re Aarti Chemical Recycling Venture भी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं।

मैनेजमेंट में भी होगा बड़ा बदलाव

आरती इंडस्ट्रीज को ने नेतृत्व में बदलाव का भी ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2026 से सुयोग कोटेचा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO बन जाएंगे। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

वहीं, मौजूदा चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र गोगरी अब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। राशेश गोगरी और रेनिल गोगरी को नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन बनाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय की उत्तराधिकार योजना और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस का हिस्सा है।

आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

आरती इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 0.91% की गिरावट के साथ 481.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 29.35% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 8% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 17.42 हजार रुपये है।

आरती इंडस्ट्रीज भारत की प्रमुख स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियों में से एक है। कंपनी ऐसे केमिकल बनाती है, जिनका इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में होता है। इनमें फार्मा, एग्रोकेमिकल, पॉलिमर, पेंट, डाई, पिगमेंट, एडिटिव्स और होम एंड पर्सनल केयर सेक्टर शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

Trading Plan : आज बाजार में तेजी टिक नहीं टिक पाई। निफ्टी ऊपरी स्तरों से 150 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 24050 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से करीब 400 अंक फिसला है। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप में रौनक कायम है। सरकारी बैंक,कैपिटल गुड्स और केमिकल शेयरों में अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। कैपिटल गुड्स में ABB,हिताची एनर्जी और GVT&D चार से पांच फीसदी तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं IT, मेटल और FMCG में हल्की नरमी है।

कैबिनेट से फर्टिलाइजर और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिला है। सूत्रों के मुताबिक यूरिया सेक्टर में इन्वेस्टमेंट से लिए गए 3 बड़े फैसले लिए गए हैं। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI 2.0 को भी हरी झंडी मिल गई है। इस खबर के चलते आरसीएफ,एनएफएल,फैक्ट,चंबल फर्टिलाइजर,डिक्शन टेक और अंबर जैसे शेयरों में एक्शन देखने को मिल रहा है।

बाजार: नहीं टिक पायी रैली?

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार अच्छी शुरुआत के बाद अचानक लड़खड़ाया। एक्जैक्ट 24,200-24,250 के जोन से निफ्टी फिसला। हमने सुबह बिकवाली के लिए इन्ही स्तरों की चर्चा की थी। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से हल्का हुआ है। हालांकि कुल मिलाकर आज का दिन बढिया ही रहा है। एडवांस/डिक्लाइन पूरे दिन अच्छा रहा। इंडिया VIX में भी आज नीचे का ही मूव रहा। IT में दोनों तरफ की चाल मिली। LTTS चला,लेकिन टाटा एलेक्सी गिरा। बडा सवाल यह है कि क्या अब हम एक रेंज में फंस गए हैं?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी अब बेहद साफ रेंज में दिख रहा है। 23,800-24,300 की बेसिक रेंज है और 23,250 के करीब बिकवाली आती है। लेकिन 23,900-23,950 पर खरीदारी भी आती है। इसीलिए हमारा नजरिया भी इंट्रा-डे रहने का है और इसी रेंज को स्मार्टली प्ले करना है। बैंक निफ्टी में फिलहाल कोई बडी ट्रेड नहीं है। स्टॉक स्पेसिक मौके अभी भी शानदार हैं।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं। अभी इंट्राडे ही रहना है। चुनिंदा शेयरों में मौके ज्यादा अच्छे हैं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

Market Insight : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में IT और फार्मा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में PB फिनटेक,ज़ेनसार टेक,CG पावर और हिताची एनर्जी शामिल हैं। IT,फार्मा और रियल्टी शेयरों ने तेजी को आगे बढ़ाया है। मेटल शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

इस बीच वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है। फिलहाल सेंसेक्स 573.33 अंक या 0.74 प्रतिशत बढ़कर 78,075.45 पर और निफ्टी 188.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,364.55 पर दिख रहा है।

ऐसे में बाजार के टेक्निकल सेटअप और कमाई वाले सेक्टर पर चर्चा करते हुए गोल्डीलॉक्स ग्लोबल रिसर्च(Goldilocks Global Research) के फाउंडर और चीफ स्ट्रेटेजिस्ट गौतम शाह ने कहा कि कुछ समय से बाजार कंसॉलिडेशन के फेज में है। 6-8 हफ्ते में निफ्टी 24600-25500 तक जा सकता है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स में बड़े मूव के संकेत मिल रहे हैं। RIL में आगे भी मजूबती दिख सकती है। बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। बैंक और IT शेयर निफ्टी को ऊपर ले जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि IT में 10-15% रिकवरी आ सकती है। 12-18 महीने के लिए IT बॉस्केट खरीदने की रणनीति कारगर साबित हो सकती है। कुछ समय से मेटल में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति काम कर रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए मेटल ठीक लग रहा है। रियल एस्टेट,PSU,फार्मा और केमिकल शेयर भी बेहतर पोजीशन में नजर आ रहे हैं।

गौतम शाह की सलाह है कि मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप में बने रहना चाहिए। मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप रिकॉर्ड हाई बना सकते हैं। बैंक निफ्टी में यहां बड़ा रिटर्न नहीं बनेगा। बैंकिंग में टॉप 3 सरकारी बैंक पसंद हैं।

गौतम शाह ने बताया कि वे पिछले 12 महीने से FMCG पर अंडरवेट हैं। रियल्टी इंडेक्स में 20-25% की बड़ी तेजी संभव है। होटल और ट्रैवल स्टॉक भी अच्छा कर सकते हैं। लंबी अवधि के नजरिए से हॉस्पिटल शेयर भी बेहतर दिख रहे हैं।

 

 

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(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Damani Stocks: दमानी के पोर्टफोलियो में छिपे दो छोटे केमिकल स्टॉक्स, जानिए आपको क्यों रखनी चाहिए नजर

Damani Stocks: राधाकिशन दमानी का नाम आते ही सबसे पहले DMart की याद आती है। लेकिन उनकी कुछ छोटी और कम चर्चित होल्डिंग्स भी हैं। इनमें Mangalam Organics और Bhagiradha Chemicals शामिल हैं। दोनों ऐसी केमिकल कंपनियां हैं, जिनका कारोबार खास प्रोडक्ट्स पर है। आइए जानते हैं कि आपको इन कंपनियों पर क्यों नजर रखनी चाहिए।

Mangalam Organics

Mangalam Organics पाइन केमिस्ट्री से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कपूर, डिपेंटीन, सोडियम एसीटेट और रेजिन जैसे प्रोडक्ट तैयार करती है। इसका दावा है कि ये दुनिया की सबसे बड़ी कपूर निर्माता है।

दमानी के पास मार्च 2026 तक कंपनी में करीब 2.2% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025 में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने फिर हिस्सेदारी बढ़ाई। मौजूदा कीमतों पर यह हिस्सेदारी करीब 10 करोड़ रुपये की है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 338 करोड़ रुपये से बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि मुनाफे में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। FY23 में कंपनी को 27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। FY26 में 26 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। कंपनी विस्तार पर खर्च कर रही है, जिसकी वजह से कर्ज बढ़ा है और फ्री कैश फ्लो दबाव में है।

शेयर अपने 1,300 रुपये के ऑल-टाइम हाई से करीब 60% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। फिलहाल इसका PE करीब 15 है, जो इंडस्ट्री औसत 23 के मुकाबले कम है।

Bhagiradha Chemicals

Bhagiradha Chemicals एग्रोकेमिकल एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बनाती है। कंपनी के पास 30 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। यह अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात करती है।

दमानी ग्रुप की कंपनी Derive Trading and Resorts के जरिए इसमें करीब 3.3% हिस्सेदारी रखी गई है। यह हिस्सेदारी 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई है। इसकी वैल्यू करीब 74 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 318 करोड़ रुपये से बढ़कर 536 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि एग्रोकेमिकल सेक्टर में सुस्ती के चलते मुनाफा दबाव में रहा। FY26 में नई क्षमता शुरू होने के बाद कंपनी की ग्रोथ पर बाजार की नजर है। शेयर अपने 448 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से करीब 42% नीचे है।

कंपनी का PE करीब 185 है, जो काफी ऊंचा माना जाता है। प्रमोटर हिस्सेदारी भी 20% से नीचे है और हाल के वर्षों में इसमें गिरावट आई है। ऐसे में निवेशकों की नजर नई क्षमता के इस्तेमाल और मुनाफे में सुधार पर रहेगी।

निवेशकों को क्यों रखनी चाहिए नजर

दोनों ने हाल के वर्षों में क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश किया है। अगर मांग में सुधार आता है और नई क्षमता का पूरा इस्तेमाल होता है, तो रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

वहीं, राधाकिशन दमानी की मौजूदगी भी इन शेयरों से उम्मीदें जगाती है। हालांकि, आपको सिर्फ बड़े के नाम की वजह से किसी शेयर पर दांव नहीं लगाना चाहिए। कंपनी के नतीजों, कर्ज और कारोबार की प्रगति पर भी नजर रखनी चाहिए। जब सारी चीजें बेहतर लगे, तभी एंट्री लेनी चाहिए। तब तक ऐसे शेयरों को आप अपने वॉचलिस्ट में रख सकते हैं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।