Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

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रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

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रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी जानिए 22 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

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एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,”निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक में बड़ी गिरावट से Nifty IT Index 5 फीसदी क्रैश, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

आईटी शेयरों में 19 जून को बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर एक्सेंचर का नया अनुमान है। उसने पूरे साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को घटा दिया है। इससे आईटी सर्विसेज की डिमांड कमजोर रहने का संकेत मिलता है। इसका असर 19 जून को आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

आईटी शेयरों पर बीते कुछ महीनों में बड़ा दबाव दिखा है। इसका असर म्यूचुअल फंडों की आईटी फोकस वाली स्कीमों पर भी पड़ा है। बीते एक साल में इन स्कीमों का रिटर्न निगेटिव रहा है। हालांकि, लंबी अवधि में प्रदर्शन अभी पॉजिटिव बना हुआ है। फ्रैंकलिन इंडिया टेक्नोलॉजी फंड का 3 सालों में सालाना रिटर्न 12.62 फीसदी रहा है।

एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्चुनिटीज फंड ने 5 सालों में सालाना 9.67 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आईटी फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स की कैटेगरी की बात की जाए तो बीते तीन सालों में इनका औसत रिटर्न करीब 5.4 फीसदी रहा है। इनमें क्वांट टेक फंड, मोतीलाल ओसवला डिजिटल इंडिया फंड, इनवेस्को इंडिया टेक्नोलॉजी फंड और एडलावाइज टेक्नोलॉजी फंड के अच्छे प्रदर्शन का हाथ है।

हालांकि, बीते छह महीनों में एवरेज रिटर्न करीब 15.4 फीसदी निगेटिव रहा है। इसकी वजह बीते महीनों में टेक्नोलॉजी शेयरों में आई बड़ी गिरावट है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिहाज से आईटी म्यूचुअल फंडों में निवेश का बड़ा मौका दिख रहा है।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च) क्रांति बाथिनी ने कहा का कि म्यूचुअल फंड की कोई स्कीम कितनी अट्रैक्टिव है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इनवेस्टर कितना रिस्क ले सकता है और वह कितने समय के लिए निवेश करना चाहता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आईटी-फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स को कंट्रेरियन अपॉर्चुनिटीज माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आईटी शेयरों की वैल्यूएशंस हिस्टोरिकल एवरेज के करीब आ गई हैं। इससे ये मध्यम और लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अट्रैक्टिव हो गए है। उन्होंने कहा, “हालांकि, साइक्लिकल नेचर को देखते हुए निवेश एकमुश्त की जगह धीरे-धीरे सिस्टमैटिक ऐलोकेशन के जरिए होना चाहिए।”

इक्विरियल सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च एनालिस्ट) संदीप शाह ने कहा कि आईटी शेयरों में बड़े करेक्शन के बावजूद ऐसे शेयरों में निवेश किया जा सकता है, जिनकी ग्रोथ विजिबिलिटी अच्छी है। लार्जकैप आईटी शेयरों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मिडकैप शेयरों में Mphasis, eClerx और KPIT Technologies के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर दिखते हैं।

Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

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दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

लगातार पांचवे दिन Sensex मजबूत, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी दौलत, Indigo-Trent रहे टॉप गेनर

लगातार पांचवे दिन Sensex मजबूत, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी दौलत, Indigo-Trent रहे टॉप गेनर

Share Market Rally: कच्चे तेल की फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के एकदम करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर हुआ। हालांकि फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर ने इसे संभाल लिया जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे-आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक भी आधा फीसदी मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 254.36 प्वाइंट्स यानी 0.33% के उछाल के साथ 77,409.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 82.30 प्वाइंट्स यानी 0.34% की बढ़त के साथ 24,168.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 336.71 प्वाइंट्स उछलकर 77,492.33 और निफ्टी 103.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,189.25 तक पहुंच गया।

₹3.10 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,58,056.752 करोड़ था। आज यानी 18 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,77,68,135.83 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,10,079.078 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और बीईएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टेक महिंद्रा और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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162 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4419 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2419 शेयर मजबूत हुए तो 1814 में गिरावट रही जबकि 186 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 162 शेयर एक साल के हाई और 46 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 7 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 7 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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