Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

Trading Plan : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि अगर इंडेक्स 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो यह वापसी (रीबाउंड) की कोशिश कर सकता है। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 23,500–23,600 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस होगा। इस जोन के ऊपर जाने पर तेजी से बढ़त की संभावना बन सकती है। तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से नीचे आईं हैं,लेकिन $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी 5 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गए हैं।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसको 57,000 के लेवल तक जाने के लिए गुरुवार के हाई के आसपास यानी 56,600 के लेवल को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 55,800–55,700 का जोन इसके लिए सपोर्ट का काम कर सकता है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 23,100–23,150 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर उभर रहा है। इंडेक्स 23,483 के पास 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जिससे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सावधानी बरतने की जरूरत है। 23,300–23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स लगातार इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग के कारण यह 23,590–23,670 के स्तर तक जा सकता है।

29.95 पर RSI अभी भी ओवरसोल्ड जोन में है और अपने 33.93 के औसत से नीचे है,जो टेक्निकल बाउंस की संभावना दिखाता है। 0.95 का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)—जिसमें कॉल ओपन इंटरेस्ट,पुट ओपन इंटरेस्ट से थोड़ा ज्यादा है, डेरिवेटिव्स के मामले में सावधानी भरा माहौल दिखाता है। 23,400 के ऊपर जाने पर रिकवरी मज़बूत होगी,जबकि इस ज़ोन को वापस हासिल न कर पाने पर रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,300, 23,440, 23,575

अहम सपोर्ट: 23,150, 23,060, 22,900

स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 22 सितंबर की F&O एक्सपायरी के लिए ‘शॉर्ट स्ट्रैंगल’ स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे ₹100 पर 23,350 CE का एक लॉट और ₹100 पर 23,300 PE का एक लॉट बेच सकते हैं। यह सेटअप मार्केट के एक दायरे में रहने (साइडवेज मूवमेंट) की संभावना का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: रिस्क मैनेजमेंट के लिए,इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान को ₹6,500 तक सीमित रखें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी पर टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े के तौर पर ₹13,068 का लक्ष्य रखें। साथ ही, जब MTM मुनाफ़ा ₹6,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। 56,000 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह टूटता हैतो इंडेक्स 55,480 तक गिर सकता है। जबकि 56,500–56,800 का दायरा रिकवरी के लिए अहम है। RSI का 38.49 पर होना (जो इसके 43.62 के औसत से कम है) कमजोर मोमेंटम की पुष्टि करता है।

डेरिवेटिव्स का सेटअप अभी भी सावधानी वाला है। PCR 0.82 है और कॉल ओपन इंटरेस्ट 1.78 करोड़ है। जबकि पुट ओपन इंटरेस्ट 1.47 करोड़ है। 56,500–57,000 के आस-पास कॉल कंसंट्रेशन ऊपर की ओर बढ़त को रोक रहा है,जबकि 56,000 के पास पुट की पोजीशन सपोर्ट दे रही है। अगर बैंक निफ्टी लगातार 56,800 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है। वरना,रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,800, 55,500

स्ट्रैटेजी: जब निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स 56,250–56,200 के जोन से नीचे चला जाए तो ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,500 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। प्रॉफ़िट-बुकिंग के लिए टारगेट 55,900–55,800 की रेंज में रखें।

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।

कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।

बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।

बाजार: नाजुक स्तरों पर

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?

बाजार: अब क्या?

बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।

 

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गिरता Nifty नहीं बना पा रहा पुट से पैसा, समझें कहां हो रही गड़बड़ी, कैसी स्ट्रैटेजी करेगी काम

Nifty Option Trading Tips: जब निफ्टी गिरता है तो आमतौर पर ट्रेडर्स की स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है कि पुट खरीद लिया जाए। अगर निफ्टी नीचे जा रहा है, तो पुट से पैसा बनना चाहिए लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं। अभी मार्केट ऐसा ही है। जब निफ्टी गिर रहा हो और India VIX ऊपर न भागे तो इसका संकेत अलग हो सकता है। मार्केट कमजोर हो सकता है लेकिन ट्रेडर्स में घबराहट नहीं है। बस इसी से तय होता है कि पुट खरीदने वाले मुनाफा मिलेगा या उसका प्रीमियम धीरे-धीरे गलने लगेगा। ऐसी स्थिति में क्वांटसैप (Qunatsapp) के रिसर्च हेड और सीईओ शुभम अग्रवाल ने खास स्ट्रैटेजी सुझाई है।

गिरावट है लेकिन घबराहट नहीं

वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX से यह पता चलता है कि आने वाले समय में मार्केट में कितनी हलचल के आसार हैं। मार्केट की तेज गिरावट के बीच ऑप्शंस की मांग बढ़ जाती है, जिससे प्रीमियम आमतौर पर महंगा हो जाता है और इंडिया विक्स भी बढ़ता है। ऐसे में निफ्टी में गिरावट के साथ विक्स का बढ़ना गंभीर संकेत माना जा सकता है लेकिन निफ्टी के गिरने के बावजूद विक्स स्थिर है तो इसे कंसालिडेशन का संकेत माना जा सकता है यानी इंडेक्स सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बीच एक सीमित दायरे में घूम रहा है।

ऐसी स्थिति में पुट खरीदना महंगा पड़ सकता है। डायरेक्शन व्यू सही होने के बावजूद ऑप्शन की वैल्यू कम हो सकती है क्योंकि समय बीतने के साथ थीटा डिके प्रीमियम को लगातार घटाता रहता है और वोलैटिलिटी में भी कोई बड़ा उछाल नहीं आता। उदाहरण के लिए निफ्टी 24,200 से गिरकर 24,100 पर आ जाता है और आपको लगता है कि गिरावट आगे भी जारी रहेगी और आप पुट खरीद लेते हैं, लेकिन इसके बाद निफ्टी कई सेशंस तक साइडवेज चलता रहता है। यहां ट्रेडर्स के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि जिस गिरावच का इंतजार हो रहा हो, वह बहुत देर से आए और दूसरी तरफ थीटा डिके के चलते आपके ऑप्शन का प्रीमियम कम होता रहे।

फिर क्या करना चाहिए?

अगर आपका व्यू बेयरेश तो है, लेकिन तुरंत बड़ी गिरावट की उम्मीद भी नहीं है, तो बेय पुट स्प्रेड अधिक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। इसमें ऐट-द-मनी या इन-द-मनी पुट खरीदना होता है और उससे नीचे के स्ट्राइक का पुट बेचना होता है। जैसे कि अगर निफ्टी लगभग 24,200 पर है, तो आप 24,200 पुट खरीद सकते हैं और 24,000 पुट बेच सकते हैं।

इस स्ट्रैटेजी के तहत बेचे गए पुट से मिलने वाला प्रीमियम आपके शुरुआती खर्च को कम करता है। इसके बदले आपका अधिक मुनाफा सीमित हो जाता है, लेकिन आपका अधिकतम घाटा भी सीमित रहता है और महंगे प्रीमियम को लेकर आपका एक्सपोजर कम हो जाता है। कम वोलैटिलिटी वाले माहौल में यह रणनीति ज्यादा व्यावहारिक हो सकती है। हालांकि ध्यान दें कि यह भी मुनाफे की गारंटी नहीं है। यह सिर्फ कम प्रीमियम खर्च करके और तय रिस्क के साथ बेयरेश व्यू लेने का एक तरीका है।

इस तरह से लें ट्रेड लेने का फैसला

अकेले इंडिया विक्स को ही देखकर ट्रेड लेने का फैसला नहीं लेना चाहिए बल्कि इसे निफ्टी प्राइस एक्शन के साथ मिलाकर देखें। अगर निफ्टी निर्णायक ढंग से सपोर्ट को नीचे तोड़ता है और उसी समय विक्स भी बढ़ने लगे तो बड़ी गिरावट के आसार मजबूत हो जाते हैं। जब तक ऐसा कंफर्मेशन नहीं मिलता, तब तक जल्दबाजी में ट्रेड करने की बजाय इंतजार अच्छी रणनीति हो सकती है।

निफ्टी के लगातार एक रेंज में फंसे होने पर टाइम डिके से पुट बायर्स को नुकसान हो सकता है। ऐसे में निफ्टी गिरने पर फटाक से पुट खरीदने की बजाय यह भी देखें कि निफ्टी की गिरावट के साथ-साथ वोलैटिलिटी भी बढ़ रही है या नहीं और अगर इसका जवाब नहीं है तो मार्केट अभी कंसालिडेशन फेज में है। कुल मिलाकर प्राइस, वोलैटिलिटी, रिस्क और टाइम डिके को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : RBI मॉनिटरी पॉलिसी के पहले ऑटो,बैंक,NBFC और रियल एस्टेट शेयरों पर करें फोकस, IT में करें मुनाफावसूली

Market Insight : बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि वीकेंड पर उम्मीद के मुताबिक ट्रंप फिर पीछे हटे। TACO ट्रेड अब सबसे आसान ट्रेड बन चुका है। जिस वीकेंड TACO नहीं होगा,उस सोमवार दिक्कत होगी। बता दें कि TACO ट्रेड का अर्थ है कि टैरिफ की घोषणा के बाद शेयरों की कीमत गिरने पर उन्हें सस्ते में खरीदना और फिर टैरिफ में देरी या कमी होने और बाजार के फिर से पटरी पर आने के बाद उन्हें मुनाफे पर बेचना।

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि गुरुवार दोपहर को हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। शुक्रवार दोपहर को न्यूट्रल रहने की सलाह थी। अब यहां से सबसे बड़ा फैक्टर होगा बैंक निफ्टी। आज बैंक निफ्टी में अच्छा गैपअप हुआ है। उसके बाद देखना होगा HDFC बैंक कैसे रिएक्ट करेगा। शुक्रवार को HDFC बैंक दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी की बस दिक्कत यही है,क्योंकि यह सबसे बड़ा शेयर है। निफ्टी IT 200 DMA के करीब जाकर ठंडा पड़ा है और अब कच्चे तेल का नीचे आना और रुपये का मजबूत होना एल्गो निगेटिव है। ऐसे में शायद यहां से IT बेचें, बैंक फिर खरीदें ट्रेड वापस शुरू होगा।

बाजार: अच्छे संकेतों की भरमार

आज बाजार के पास चलने के लिए लगभग सब कुछ है। सबसे बड़ा पॉजिटिव है कच्चे तेल का नीचे आना। कच्चा तेल हमने $89 पर छोड़ा था,आज हम $84 के भी नीचे हैं। सऊदी अरब,रूस और पांच दूसरे सदस्य सितंबर उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.88 लाख बैरल रोजाना उत्पादन बढ़ाया जाएगा। उत्पादन बढ़ाने का फैसला 2023 में हुई कटौती को खत्म करेगा।

GST का डाटा काफी मजबूत है। GST कलेक्शन 14 महीने की ऊंचाई पर है। जुलाई में GST कलेक्शन 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। 14 महीनों का सबसे तेज GST ग्रोथ दर्ज किया गया है। FY27 में दूसरी बार GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है। ऑटो बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। FIIs ने काफी समय बाद लगातार खरीदारी की है।

एक बार फिर TACO से थके लोग?

ईरान पर नए हमले फिलहाल टाले गए हैं। तेहरान और वेस्ट एशिया के देशों ने जानकारी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खोलने पर समझौते की कोशिश चल रही है। तेजी से समझौता होने की उम्मीद में ट्रंप ने हमला रद्द किया है।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस साल का जुलाई इतिहास में सबसे बेहतरीन रहा है। मारुति सुजुकी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Hyundai ने 100 महीनों में सबसे ज्यादा मंथली एक्सपोर्ट दर्ज किया है। टाटा मोटर्स (PV) की बिक्री 59% बढ़ी है। M&M ने पैसेंजर व्हीकल,ट्रैक्टर और 3-व्हीलर सभी सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन किया है। रॉयल एनफील्ड की घरेलू बिक्री मजबूत रही है।

2 व्हीलर पॉकेट अभी भी सबसे मजबूत है। हीरो मोटो,बजाज ऑटो,TVS मोटर और आयशर मोटर्स सभी में ब्रेकआउट है। पैसेंजर व्हीकल स्पेस में सबसे मजबूत Hyundai है। मारुति यहां से भी शायद Hyundai से कमजोर प्रदर्शन करेगी। मारुति की बिक्री अच्छी है लेकिन नतीजों में मार्जिन पर दबाव है और मार्जिन पर दबाव आगे भी धीरे-धीरे ही कम होगा।

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3 फैक्टर्स जो मूड बिगाड़ सकते हैं

मारुति और मुथूट के नतीजे थोड़े फीके हैं। US बॉन्ड यील्ड इस बार 4.7% की रेखा पार कर गई है। निफ्टी का PCR अब 1.39 पर काफी ओवरबॉट है।

बाजार: अब क्या हो रणनीति?

शुक्रवार को निफ्टी के ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन मिला है। सिर्फ वीकेंड था,इसीलिए हमने मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। अब 24,350 निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। अब लॉन्ग पोजिशन लें तो 24,350 का स्टॉप होगा। सब ठीक रहा तो अब निफ्टी 24,750-24,800 यानी 200 DMA टेस्ट करेगा। सबसे दिलचस्प डाटा है 3 बड़े इंडेक्स और 200 DMA। निफ्टी और 200 DMA। निफ्टी बैंक और 200 DMA। निफ्टी IT और 200 DMA। यहां से वापस अब घरेलू अर्थव्यवस्था पर फोकस करें। इस हफ्ते RBI की मॉनिटरी पॉलिसी भी आनी है। उसके पहले ऑटो, बैंक, NBFCs, रियल एस्टेट चल सकते हैं। IT में अब मुनाफावसूली करें,सिर्फ मजबूत शेयरों में रहें। वीकेंड में परसिस्टेंट ने फिर बढ़िया तिमाही दिखाई। लेकिन शेयर पहले ही काफी चल चुका है,अब नीचे मिले तभी लें। परसिस्टेंट पर हमने 4300 में कॉन्ट्रा का नजरिया लिया था और सिर्फ CNBC-आवाज़ ने शॉर्ट करने से मना किया था। अब यहां से IT में वापस सिर्फ चुनिंदा शेयरों पर फोकस करेंगे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,550-24,650 (ऑप्शंस जोन) पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (200 DMA) पर है। सबसे अहम सपोर्ट 24,350-24,400 (न्यूट्रल जोन)पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,350-24,500 है। इसके लिए SL 24,300 पर होना चाहिए। 24,550-24,600 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। इसके लिए SL 24,650 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,500 (200 DMA)पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market View: निफ्टी अब 24700–24900 की ओर रैली के लिए तैयार, आज इस FMCG शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

Stock Market View : शुक्रवार, 31 जुलाई को भारतीय इक्विटी बाजार हल्की बढ़त के साथ खुले हैं। अच्छे ग्लोबल संकेतों ने भारतीय बाजारों को सपोर्ट मिल रहा है। निफ्टी 24,300 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है। फिलहाल सेंसेक्स 59.26 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 77,987.41 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,351.50 पर दिख रहा है। ऐसे में थिंक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निफ्टी में तेजी की उम्मीद है। यह इंडेक्स अभी एक अहम ब्रेकआउट जोनन के करीब ट्रेड कर रहा है। अगर निफ्टी 24,400–24,500 के ऊपर टिक रहता है तो इससे बुलिश ब्रेकआउट की पुष्टि हो सकती है और शॉर्ट टर्म में इसमें 24,700–24,900 की ओर रैली आ सकती है।

निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 24,200–24,250 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। जब तक निफ्टी इस रेंज के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका शॉर्ट-टर्म ट्रेंड तेजड़ियों के पक्ष में रहेगा।

मार्केट ब्रेथ में सुधार हुआ है और ग्लोबल सेंटीमेंट पॉजिटिव होने के साथ मोमेंटम बनता दिख रहा है। अगर आज पूरे सेशन के दौरान तेजा बनी रहती है,तो आज की चाल अपट्रेंड के अगले फेज की शुरुआत हो सकती है। ऐसे में ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाने की सलाह होगी। 24,500 के लेवल के ऊपर साफ ब्रेकआउट होने पर नई लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है।

इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइज़र्स के पंकज रांदड़ ने कहा कि एफआई लगातार अपना माल हल्का करते जा रहे थे।लेकिन अब एफआईआई की तरफ से खरीदारी आ रही है। इस बीच डीआई बाइंग करते दिख रहे दिख रहे थे। ऐसे में कहीं ना कहीं उनका प्रॉफिट बुकिंग करना जरूरी था। कल के यूएस फेड के फैसले के बाद यूएस मार्केट में जिस तरह के मूव्स आए उनको देखते हुए लगता है कि विदेशी निवेशक अब इमर्जिंग मार्केट्स में मौके खोज रहे हैं। ढूंढ रहे हैं। ऐसे में लगता कि हमारे मार्केट यहां से साइडवेज पॉजिटिव रह सकते हैं। बैंक निफ्टी और निफ्टी को लेकर सेंटीमेंट में सुधार दिख रहा है।

उन्होंने आगे कहा निफ्टी और बैंक निफ्टी में उनका नजरिया मिलाजुला है। निफ्टी कल 24355 की रेंज में आकर बंद होते हुए नजर आया। मार्केट को यहां से साइडवेज पॉजिटिव रुझान के साथ में चलना चाहिए। जिस हिसाब से कल के मूव्स रहे हैं, उनसे एक कॉन्फिडेंस बना है। लेकिन सतर्क रहते हुए कहा ज सकता है कि 24380 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में टिकाऊ तेजी आ सकती है। निफ्टी के अंदर जब तक एक निफ्टी 24380- 24400 की रेंज क्रॉस ना करे वेट करने की सलाह रहेगी, लेकिन ओवरऑल रुझान साइडवेज पॉजिटिव है।

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो 57380 के ऊपर ही इसमें बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि आज बैंक ऑफ जापान का फैसला आना है और उसके बाद में मार्केट के सेंटीमेंट्स चेंज हो सकते हैं। अगर बैंक निफ्टी 57400 के ऊपर खुलता है तो मार्केट के अंदर एक नया तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे एफएमसीजी सेक्टर में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। इसी सेक्टर के गॉडफ्रे फिलिप्स (GODFREY PHILLIPS) के फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह होगी कल यह शेयर 2110 रुपए के आसपास बंद हुआ था। इसी के आसपास ही इसमें खरीदारी करें। 2155-2175 रुपए के टारगेट के लिए 2086 रुपए पर स्टॉपलॉस लगाएं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।