Commodity Market : जानिए आगे हफ्ते कैसी रह सकती है कमोडिटीज की चाल, सोने को कहां मिलेगा सपोर्ट और कहां होगा रेजिस्टेंस

Commodity Market : 2 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यूएस बॉन्ड की भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि अमेरिका से लगातार आने वाले कमजोर डेटा के कारण फ़ेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े अनुमानों में काफी बदलाव हुआ है। अप्रैल 2025 के बाद पहली बार डॉलर 102 के स्तर से ऊपर चला गया। इसमें सबसे ज्यादा तेजी गुरुवार को आई। ग्लोबल बॉन्ड की बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण US में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 5.34 प्रतिशत (2002 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर) तक पहुंच गई और डॉलर भी 102.2 के हाई पर पहुंच गया।

करेंसी की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं

दो अलग-अलग आंकड़ों ने मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाला,लेकिन करेंसी की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। बुधवार को आए कोर PCE के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। वहीं, शुक्रवार को आए सितंबर के पेरोल आंकड़े सिर्फ़ 29,000 पर रहे, जो लगभग 84,000 से 90,000 के अनुमान से काफी कम थे। साथ ही बेरोज़गारी दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई। जुलाई-अगस्त के आंकड़ों में कुल मिलाकर 60,000 नौकरियों की कमी आई।

अमेरिका में वेतन बढ़ोतरी की रफ्तार पड़ी धीमी

वेतन में बढ़ोतरी की रफ्तार भी धीमी पड़ती दिखा। सितंबर में प्रति घंटा औसत कमाई में सिर्फ़ 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और सालाना बढ़ोतरी धीमी होकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई,जो 2021 के बाद से सबसे कम है। इस जॉब्स रिपोर्ट के बाद ब्याज दरों में बदलाव के अनुमान बदल गए। यूएस फेड की अक्टूबर की बैठक में दरों में बढ़ोतरी की संभावना,जो एक हफ्ते पहले 60 प्रतिशत से ज़्यादा थी,घटकर 20 प्रतिशत से भी कम हो गई है।

इन आंकड़ों के बाद शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई, हालांकि पिछले पांच हफ्तों में ज्यादातर समय डाओ जोन्स और S&P 500 में गिरावट देखने को मिली। जबकि नैस्डक में बढ़त जारी रही।

हफ्ते के आखिर में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में 3 प्रतिशत और 6 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई। डॉलर और यील्ड में बढ़ोतरी का असर ब्याज दरों के अनुमानों पर पड़ा। फेड अधिकारी ज़्यादातर सतर्क रुख अपनाते दिखे। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट विलियम्स ने कहा कि इस साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है,हालांकि उन्हें इसकी कोई जल्दबाजी नहीं दिखी। जबकि उनके कई सहयोगियों ने महंगाई के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने के जोखिम की ओर इशारा किया।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़त होने पर सोने पर बनेगा दबाव

बीते हफ्ते सोने की कीमतों में दो बार तेजी आई। कमजोर जॉब्स और महंगाई के आंकड़ों की वजह से यह कुछ समय के लिए $4,200 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और $4,150 से नीचे बंद हुआ। चांदी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। हफ्ते में दोनों बार यह $62 प्रति औंस के करीब पहुंची, लेकिन हर बार वापस $60 से नीचे आ गई। इनकी आगे की चाल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि डॉलर और यील्ड काबू में रहते हैं या नहीं। अगर इनमें से किसी में भी दोबारा तेजी आती है,इन मेटल्स पर और दबाव पड़ने की संभावना है।

सोने के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

गोल्ड फ्यूचर्स में कमजोरी का रुख बना हुआ है और ये 20-डे EMA और सुपरट्रेंड (7,3) दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। जबकि RSI (14) 50 से नीचे है,जो सुस्त मोमेंटम का संकेत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट ₹1,45,950 प्रति 10 ग्राम पर है। अगर गोल्ड इस लेवल से नीचे बना रहता है,तो यह ₹1,44,500 के आसपास स्थित अगले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ इसके लिए ₹1,51,100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा हैऔर उसके बाद ₹1,53,000 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस है। शॉर्ट-टर्म आउटलुक में सुधार के लिए सोने के लिए लगातार ₹1,53,000 के ऊपर बने रहना जरूरी होगा। कुल मिलाकर इसका टेक्निकल ट्रेंड साइडवेज से लेकर बेयरिश बना हुआ है।

कच्चे तेल पर रहेगी नजर

ईंधन की कीमतों को लेकर वॉशिंगटन के बढ़ते दबाव के जवाब में G7 देशों ने अगले चार महीनों में 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल तक डीजल और कच्चे तेल के भंडार को कम करने की एक मिली-जुली योजना बनाई है। इस योजना के तहत डीजल भंडार का अधिकांश हिस्सा शुरुआती तीन हफ्तों में ही कम किया जाएगा। इस योजना के दबाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें हफ्ते के आखिर में गिरकर बंद हुईं।

इसी जॉइंट स्टेटमेंट में ईरान के अपने पड़ोसियों पर हालिया हमलों की निंदा की गई और रूस पर पहले से लगे प्रतिबंधों को फिर से दोहराया गया। फिर भी,कच्चे तेल के भाव में सिर्फ 2 प्रतिशत की ही कमी आई। इसकी वजह यह है कि खाड़ी क्षेत्र में अभी भी जोखिम बना हुआ है। ऐसी खबरें भी हैं कि अमेरिका का तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस क्षेत्र में भेजा जा रहा है,जिसके नवंबर के आखिर तक पहुंचने की उम्मीद है।

उधर डोनाल्ड ट्रम्प ने उस पूर्व रिपोर्ट का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन ने ठोस परमाणु रियायतों के बदले ईरान को प्रतिबंधों में राहत की पेशकश की है। हालांकि कतर ने दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही है। हालांकि इससे अभी कोई बड़ी सफलता नहीं हासिल हुई है।

सप्लाई के नजरिए से देखें तो पिछले महीने ड्रोन हमले से हुए नुकसान के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन फिर से चालू हो गई है। यह पाइपलाइन अभी अपनी पूरी क्षमता के लगभग आधे यानी रोज़ाना 35 लाख बैरल की रफ़्तार से चल रही है। साथ ही,सितंबर में मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की कुल शिपमेंट बढ़कर रोज़ाना 1.63 करोड़ बैरल हो गई है,जो फरवरी के आखिर में शुरू हुए टकराव के बाद से सबसे तेज रफ़्तार है।

बेस मेटल्स की कीमतों में भी भारी गिरावट

बीते हफ्ते बेस मेटल्स की कीमतों में भी भारी गिरावट आई। कॉपर 2 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर $14,260 प्रति टन के आसपास बंद हुआ। जबकि जिंक और एल्युमीनियम में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। डॉलर के 17 महीने के हाई पर पहुंचने का असर डॉलर में ट्रेड होने वाली कमोडिटीज़ पर पड़ा,जिससे चीन के आंकड़ों में आए अच्छे सुधार का असर भी बेअसर हो गया।

चीन के मैन्युफैक्चरिंग PMI में जून के बाद पहली बार बढ़ोतरी

चीन के मैन्युफैक्चरिंग PMI में जून के बाद पहली बार बढ़ोतरी दिखी है। वहीं, सर्विस और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को कवर करने वाला नॉन-मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स बढ़कर 50.2 पर पहुंच गया है। इन दोनों आंकड़ों में नए स्टिमुलस पैकेज के बाद बढ़त आई है,जिसे 2024 के बाद का सबसे बड़ा पैकेज बताया जा रहा है और जिसका मकसद चीन में 4.5 से 5 प्रतिशत के ग्रोथ टारगेट को हासिल करना है।

हफ़्ते की शुरुआत में सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कारण कॉपर की कीमत $14,400 से ऊपर बनी हुई थी,लेकिन बाद में दूसरी कमोडिटीज की तरह इसमें भी गिरावट आई। नेशनल डे की छुट्टियों के कारण चीन में कमजोर कारोबारी गतिविधि के कारण मेटल्स की स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

FOMC की मीटिंग के मिनट्स और Fed अधिकारियों के भाषणों पर रहेगी नजर

आने वाले हफ्ते में डेटा कम ही आएगा। मुख्य रूप से बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सर्विस PMI और US के शुरुआती कंज्यूमर सेंटीमेंट और महंगाई के अनुमान ही आएंगे। इस हफ्ते के डेटा पर सेंट्रल बैंक की प्रतिक्रिया के बारे में और अंदाजा लगाने के लिए FOMC की मीटिंग के मिनट्स और Fed अधिकारियों के भाषणों पर बाजार का फोकस रहेगा।

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कॉपर को लेकर एक खास जोखिम

अगले हफ्ते कॉपर को लेकर एक खास जोखिम बना रहेगा। चिली में BHP की एस्कोन्डिडा और एंटोफ़ागास्टा की सेंटिनेला खदानों के कर्मचारियों ने नए कॉन्ट्रैक्ट ऑफ़र ठुकरा दिए हैं और वे सरकार की अनिवार्य मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। अगर बातचीत विफल रहती है तो सेंटिनेला में 13 अक्टूबर के आसपास कानूनी हड़ताल हो सकती है,जिससे तांबे की फिजिकल सप्लाई पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। पनामा की कोब्रे पनामा खदान को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव से भी ज़्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

OPEC से प्रोडक्शन कोटा में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं

उम्मीद है कि OPEC प्रोडक्शन कोटा में कोई बदलाव नहीं करेगा। वहीं, मार्केट G7 के डीजल रिलीज़ और अगर कीमतें ज्यादा बनी रहती हैं, तो रिज़र्व से और डीजल निकालने के किसी भी संकेत पर नजर रखेगा। सऊदी अरब और हूथी के बीच तनाव बढ़ने का जोखिम कच्चे तेल की कीमतों के लिए सबसे अहम फैक्टर बना हुआ है। इससे सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधा खतरा है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market Trend : मार्केट का ट्रेंड निगेटिव, कमजोर बाजार में भी ये डिफेंस और बैंकिंग शेयर दिखा सकते हैं दम

AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Trend : सेंसेक्स और निफ्टी के लिए GIFT निफ्टी से कमजोर संकेत, तेल की कीमतों में तेजी से ठंडा पड़ा जोश

GIFT Nifty Trend : सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त के बावजूद,कच्चे तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 47 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 23,963 पर ट्रेड कर रहा है। उधर शुक्रवार को मेटल,ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

आज बाजार खुलने से पहले ग्लोबल माहौल मिला-जुला है। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा के बाद एशियाई शेयरों में जबरदस्त तेज़ी आई है,लेकिन इसी रिपोर्ट ने अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को भी मज़बूत किया है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की बैठक में फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं,जबकि अक्टूबर तक ऐसा होने की संभावना 70 प्रतिशत है।

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। मज़बूत अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट को ग्लोबल ग्रोथ के लिए अच्छा माना जा रहा है भले ही इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। वहीं,खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। तेहरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमले और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद उठाया गया है।

जापान के निक्केई में 2 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले हफ़्ते इसमें इतनी ही गिरावट आई थी। वहीं,दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3 प्रतिशत का उछाल आया है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

अमेरिका के बाजारों में कमजोरी

शुक्रवार को मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51 प्रतिशत गिरकर 53,413.60 पर, S&P 500 0.38 प्रतिशत गिरकर 7,718.41 पर और नैस्डैक कंपोजिट 0.29 प्रतिशत गिरकर 26,506.99 पर बंद हुए। ब्याज दरों बढ़ने की आशंका ने बाजार पर अपना असर दिखाया।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड $96 के पार

सोमवार को खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4 ​​प्रतिशत बढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है।

ईरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमला करने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद की गई है।

4 सितंबर को FIIs ने 3112 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

NSE के डेटा के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,111.94 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा। जबकि 23,800 अहम सपोर्ट लेवल है। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है,तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,23,800 के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत,अमेरिकी बाजार गिरे,एशियाई बाजारों में तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है तूफानी तेजी! ईरान पर अमेरिका के इस एक फैसले से भारत में पड़ेगी महंगाई की मार?

US Sanctions on Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार दिया है।

वैसे तो भारत सीधे तौर पर ईरान से कच्चा तेल आयात नहीं करता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल मार्केट के जरिए भारत पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। चीन के विकल्प ढूंढने से लेकर भारत के क्रूड बिल, फ्रेट चार्ज और रुपए पर पड़ने वाले असर की पूरी डिटेल जानिए।

सीधे नहीं, ‘चीन फैक्टर’ से बढ़ेगी भारत की सिरदर्दी

एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार, भारत ईरान से सीधे क्रूड नहीं खरीदता, इसलिए भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य रहेगा। असली खतरा चीन के रुख से है। चीन हर महीने ईरान से औसतन 5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदता है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में चीन को ईरान के अलावा दूसरे देशों का रुख करना पड़ा, तो वह उन मार्केट बैरल्स पर कब्जा करने की कोशिश करेगा जिन पर भारत निर्भर है।

चीन के अचानक ग्लोबल मार्केट में आने से कच्चे तेल की मांग और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बेंचमार्क क्रूड प्राइस उछलेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ जाएगा।

क्या रूस से मिलेगा सहारा?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (25 से 28 लाख बैरल प्रति दिन) रूस से खरीद रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पहले से ही अपनी क्षमता के मुताबिक भारत को अधिकतम तेल सप्लाई कर रहा है। मार्केट में सप्लाई तंग होने से रूसी क्रूड पर मिलने वाली छूट कम हो रही है और प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान भारतीय रिफाइनरीज को होगा।

महंगा मालभाड़ा और इंश्योरेंस का झटका

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत भी आसमान छू रही है। होर्मुज बंद होने के साथ ही फिलहाल लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घट गई है। मुख्य सप्लाई रूट्स पर फ्रेट दरें 137% से 411% तक बढ़ चुकी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सिंगल ट्रिप का ‘वॉर-रिस्क इंश्योरेंस’ 7.5 से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूर-दराज से तेल मंगाने पर जहाजों का फ्रेट और वर्किंग कैपिटल कॉस्ट बढ़ जाएगी।

महंगाई, रुपए और अर्थव्यवस्था पर कैसे होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी रहती है, तो क्रूड का आयात बिल बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होगा। जुलाई 2026 में भारत का मर्चेंडाइज डेफिसिट $32 अरब तक पहुंच गया था।

ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग महंगी होने से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार पर सीमित प्रभाव

भारत-ईरान प्रत्यक्ष व्यापार पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

भारत ईरान को बासमती चावल का बड़ा निर्यात करता है (अप्रैल-जून 2026 में $103 मिलियन का निर्यात)। यूएई के जरिए होने वाले पेमेंट और फ्रेट रूट में रुकावट से भारतीय बासमती एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।

ईरान ने हाल के सालों में अपनी घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा ली है, इसलिए भारतीय दवा निर्यातकों पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।

कुल मिलाकर ईरान पर कसा गया अमेरिकी शिकंजा सीधे तौर पर भारत की तेल आपूर्ति को ठप नहीं करेगा, बल्कि यह ‘सेकंड-ऑर्डर इफेक्ट’ के रूप में सामने आएगा। चीन द्वारा वैकल्पिक तेल बाज़ारों पर निर्भरता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल, शिपिंग भाड़ा और इंश्योरेंस महंगा होगा, जिससे आखिरकार भारत का इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई प्रभावित हो सकती है।

Gold Silver Price Today: गिर गए सोने-चांदी के दाम, आखिर क्या है कारण, अब आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold Silver Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, निवेशकों ने US ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और ब्याज दरों के आउटलुक पर विचार किया, जिसके चलते सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा गिरावट आई। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, COMEX सोना $4,406 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.33% की गिरावट थी, जबकि COMEX चांदी $63.145 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.39% की गिरावट थी।

ये बदलाव पिछले सेशन में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट के बाद आए हैं। मंगलवार (18 अगस्त) को सोने में लगभग 2% की गिरावट आई थी, जबकि चांदी में भी तेज़ गिरावट देखी गई थी।

सोना और चांदी क्यों गिर रहे हैं?

US ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण है। ज़्यादा यील्ड आम तौर पर सोने पर दबाव डालती है क्योंकि इस धातु पर कोई ब्याज नहीं मिलता, जिससे यील्ड देने वाली संपत्तियां ज़्यादा आकर्षक हो जाती हैं। US यील्ड अपने हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई हैं, लेकिन ग्लोबल बॉन्ड बिकवाली के कारण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लंबे समय के लिए उधार लेने की लागत कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद भी वे ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

बाजार US फेडरल रिज़र्व की जुलाई की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) का भी इंतज़ार कर रहा है। निवेशक सेंट्रल बैंक की ब्याज दर की दिशा के बारे में संकेत तलाशेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि हालिया US डेटा में कमज़ोर रोज़गार और रिटेल खर्च के साथ-साथ कम महंगाई दर दिखाई दी है।

चांदी पर क्यों है ज़्यादा दबाव?

हालिया कारोबार में सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा तेज़ गिरावट आई है। सोने के विपरीत, चांदी की औद्योगिक मांग का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमतें ग्लोबल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी उम्मीदों पर भी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। यह हालिया कमज़ोरी कीमती धातुओं में व्यापक गिरावट के बाद आई है।

घरेलू बाज़ार में क्या हो रहा है?

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, भारत में मंगलवार (18 अगस्त) को सोने की कीमतें ₹2,000 बढ़कर 99.9% शुद्धता वाले सोने के लिए ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम हो गईं। वहीं चांदी की कीमत भी ₹730 बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम हो गई। घरेलू कीमतें ग्लोबल स्पॉट कीमतों में गिरावट के अनुरूप थीं, साथ ही रुपया, आयात लागत और स्थानीय मांग ने भी भारतीय बुलियन दरों को प्रभावित किया।

क्रूड प्राइस बढ़ा रही अनिश्चितता

US-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और सेंट्रल बैंकों के लिए ब्याज दरों को लेकर स्थिति और मुश्किल हो सकती है। अगर निवेशकों को लगता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, तो इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। इससे बुलियन मार्केट दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है — एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग और दूसरी तरफ ऊंची यील्ड/ब्याज दरों को लेकर चिंता।

अब निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव की तत्काल वजह US फेड की बैठक के मिनट्स (बैठक का ब्योरा) हो सकते हैं। अगर इससे कोई संकेत मिलता है कि पॉलिसी बनाने वाले महंगाई को लेकर चिंतित हैं और ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं हैं, तो बुलियन पर दबाव बना रह सकता है।

दूसरी ओर, अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं या फेड की तरफ से ब्याज दरें कम रखने का संकेत (डोविश सिग्नल) मिलता है, तो ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी को सहारा मिल सकता है।

फिलहाल, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और फेड के संकेत ही वे मुख्य कारक हैं जिन पर कीमती धातुओं की कीमतों में अगले बदलाव के लिए नज़र रखनी होगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी अब तक पिछले बुधवार की कैंडल नहीं तोड़ पाया है। बुधवार का हाई 24,300 और निचला स्तर 23,805 था। पिछले 3-4 दिनों का हाई देखिए,वही पार नहीं हो रहा। लेकिन निचले स्तर पर 24,000 भी नहीं टूट रहा है। कल भी हमारा 24,200-24,250 का शॉर्ट जोन था और क्लोजिंग में वापस हमने न्यूट्रल नजरिया रखा। अभी कुछ दिन यही रणनीति रहेगी। निफ्टी में इंट्राडे रहिए और क्लोजिंग में न्यूट्रल रहें।

बाजार: आज के 2 बड़े सेक्टरल कॉल्स

कोरिया के बाजार में भारी गिरावट आई है। बैंक ऑफ कोरिया ने पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किया है। आमतौर पर कोस्पी में गिरावट हमारे लिए एल्गो पॉजिटिव मानी जाती है। खास तौर से IT शेयरों में आज फिर तेजी आ सकती है। कल भी हमने IT पर घबराने से रोका था। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने LTTS पर बिना घुमाए-फिराए लॉन्ग का नजरिया दिया था। TCS पर भी पिछले 1 हफ्ते से पॉजिटिव नजरिया रहा है। सिर्फ टाटा एलेक्सी और HCLTech पर हमने निगेटिव नजरिया रखा था। नतीजे,प्लेसमेंट और वैल्युएशन का कॉम्बिनेशन देखिए। आज उदाहरण के तौर पर विप्रो और टेक महिंद्रा पर लगभग सभी निगेटिव हैं। अगर इनके नतीजे हल्के से भी बेहतर आए तो इनमें जोरदार तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल $85 पर है और रुपया ऑल टाइम लो के करीब है। ये भी IT शेयरों के लिए एल्गो पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। कल ICICI Pru के नतीजे बाजार के दौरान आए थे। ICICI Pru में प्रूडेंशियल की बिक्री का डर भी कम हुआ है। HDFC Life के नतीजे भी काफी अच्छे हैं।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमारी दिक्कत ये है कि कच्चा तेल $85 पर अड़ा हुआ है और यही कारण है कि कोई रैली टिकती नहीं है। मगर बाजार में किसी भी एंगल से पैनिक नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है India VIX। India VIX में रत्ती भर भी डर के संकेत नहीं हैं। इसीलिए जैसे ही हम 24,000 के करीब आते हैं,खरीदारी आ जाती है। ऐसे में इस रेंज को स्मार्टली खेलने की जरूरत है। इंडेक्स में बड़ी ट्रेड 23,800 के नीचे या 24,300 के ऊपर ही मिलेगी। तब तक आपको इंडेक्स में इंट्राडे ही रहना होगा और क्लोजिंग में किसी भी लेकर जाने की टेम्पटेशन से बचिए। लेकर जाना ही है तो हेज के साथ या इंडिविजुअल शेयरों में मजबूत NBFCs,बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में अब इन स्तरों पर शॉर्ट से बचें। जहां अर्निंग्स मजबूत हैं और कमेंट्री पॉजिटिव है,वहां खरीदारी करें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,275-24,325 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,950-24,050 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,000-24,050 है। इसके लिए 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,200-24,250 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 24,325 पर रखें।

Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,500-57,700 पर और बड़ा सपोर्ट 57,200-57,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,200-58,500 पर है। इस समय बैंक निफ्टी में ट्रेड करना बेहद मुश्किल है। कल का इंट्राडे चार्ट देखिए।

SBI Funds IPO: क्या करें निवेशक?

SBI Funds देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है,मगर सिर्फ AUM के आधार पर। सिर्फ AUM सबसे बड़े MF का पैमाना नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो IPO वैल्यूएशन ICICI Pru के मुकाबले इतने डिस्काउंट पर नहीं होता। ऊपरी प्राइस बैंड पर मार्केट कैप ICICI Pru से 40,000 करोड़ रुपए कम होगा। SBI AMC की AUM ग्रोथ 17% है,जबकि ICICI Pru की 26% है। SBI AMC का Equity AUM 36% है,जबकि इंडस्ट्री एवरेज 56% है। SBI AMC का 32% AUM Passive Funds से है। यही कारण है कि SBI MF का मुनाफा कमजोर है और ICICI Pru के मुकाबले ROE काफी नीचे है। अब क्योंकि टेबल पर कुछ छोड़ा है तो लिस्टिंग गेन मिल सकता है। अगर अप्लाई कर रहे हैं तो सिर्फ लिस्टिंग गेन के हिसाब से करें। अगर सिर्फ MF सेक्टर पर दांव लगाना है तो और भी बेहतर विकल्प हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Stock Picks : IT,ऑयल एंड गैस,ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक,इंफोसिस,टेक महिंद्रा,हिंडाल्को और विप्रो शामिल हैं। जबकि शुरुआती कारोबार में SBI लाइफ इंश्योरेंस,ग्रासिम,ONGC,बजाज फिनसर्व और आयशर मोटर्स में गिरावट दिख रही है। वहीं,ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती दिख रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी है।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मार्केट में कोई बड़ा ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन के लेवल्स नहीं है पर कंप्लीट कंसोलिडेशन नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए 23800-24000 के जोन में एक स्ट्रांग सपोर्ट दिख रहा है। दूसरी तरफ देखें तो इसके लिए 24,200-24,250 पर एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस दिख रहा। ऐसे में हम साफ तौर पर कह सकते हैं कि मार्केट कंसोलडेशन के ग्रिप में है। अगर आप निफ्टी के बाहर जाते हैं तो मिड कैप और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम है। पिछले तीन दिनों की बात करें जो इस हफ्ते मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। ऐसे में लगाता है कि आगे काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक रुझान देखने को मिल सकता है। मिड कैप अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है। निफ्टी की बात करें तो यह हमें ऊपर में 24,200 और नीचे में 23,800 के बीच ही कंसोलीडेट होता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह एक मेक और ब्रेक जोन के आसपास है। तीन से चार बड़े बैंक के रिजल्ट शनिवार को आने हैं। उससे पहले बैंक निफ्टी हो सकता है थोड़ा एक्शन में आता हुआ नजर आए। इसके लिए 57,200 के आसपास अच्छा सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी में गिरावट मिलती है तो 57,200 के स्टॉप लॉस के साथ बैंक निफ्टी में खरीदार करनी चाहिए। इसमें हमें 58,400-58,500 के टारगेट आ सकते हैं।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

बाजार में काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज का पहला स्टॉक ऑटो सेक्टर से है। आइशर मोटर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। स्टॉक में एक एक्सीलेंट मोमेंटम है और ओवरऑल रिवर्सल के संकेत नजर आ रहे हैं। इस स्टॉक में 7400 रुपए के आसपास 7321 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7576 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है। दूसरा स्टॉक एक नॉन एफओ स्टॉक है। यह है आरती इंडस्ट्रीज। इसमें आगे अच्छा मोमेंटम देखने को मिल सकता है। इसमें 499 रुपए के आसपास, 487 रुपए का स्टॉप लॉस लगा कर, 528 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

 

Market View : बाजार में कंसोलिडेशन का मूड, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। हालांकि FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 7700 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली हुई है। उधर एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्केई 1 फीसदी तो कॉस्पी 6% उछला है। वहीं, चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब एक फीसदी चढ़ा और डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली है।

आज क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24173-24223 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24268-24309 पर है। इसके लिए पहला बेस 23928-23970 पर और बड़ा बेस 23809-23869 पर है। एक्सपायरी के दिन निफ्टी रेंज में रहा और कोई रिवर्सल नहीं मिला। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली रहा, इंडेक्स में शॉर्ट किया। खासकर क्रूड ($86) के चलते बैंक निफ्टी में शॉर्ट किया। अमेरिका के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है। जियोपोलिटिक तनाव अभी भी बरकरार है।

FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 2.65 लाख पर रहा है। स्टॉक फ्यूचर्स में भी भारी बिकवाली रही। 24100-24200-24300 पर कॉल बिके,24000 पर पुट। इसमें कोई शंका नहीं है कि तेजी का मोमेंटम गायब है। लेकिन 24000-23950 का सपोर्ट अब भी कायम है। फिलहाल ट्रेडिंग रेंज 24173-24223 से 24000-23970 के बीच है। पहले इसी दायरे पर नजर रखें। फिलहाल नीचे की ओर बड़ी कमजोरी के संकेत नहीं है। लेकिन 23970 के नीचे धीरे-धीरे दबाव बढ़ सकता है। 57000 के नीचे बैंक निफ्टी गया तो बेस-2 का रास्ता खुलेगा। 24173-24223 के ऊपर ही निफ्टी में मजबूती लौटेगी। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 की ओर तेजी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57690-57830 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58078-58271 पर है। इसके लिए पहला बेस 56967-57031/57261 पर और बड़ा बेस 56512-56626 (100/50/200 DEMA) पर है। बैंक निफ्टी 10 DEMA के नीचे फिसला। लेकिन नीचे की ओर बड़ा दबाव नहीं दिखा। FIIs ने बैंक निफ्टी में बिकवाली की है। क्रूड के बढ़ने से अंडरपरफॉर्मेंस की आशंका है।

57261-57031 का जोन सबसे अहम सपोर्ट है। 20 DEMA के बाद यही मजबूत बेस है। बेस-1 बचा तो बैंक निफ्टी रेंज में रह सकता है। रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच कारोबार संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। तभी बड़ी कमजोरी के संकेत मिलेंगे। क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगा। इसके साथ 57830 के ऊपर टिकने पर तेजी लौट सकती है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी ABB में 7050 रुपए के टारगेट के लिए, 6825 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है। Polycab में भी इनकी 9800 रुपए के टारगेट के लिए, 9450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।