Market View : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इस फार्मा शेयर में नजर आ रहा दम

Market View : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 150 अंक यानी 0.20% बढ़कर 74,465 पर और निफ्टी 41 अंक यानी 0.18% बढ़कर 23,311 पर पहुंच गया। सेक्टर के हिसाब से रियल्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिख रही है। साथ ही फार्मा,मेटल,एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी ऊपर चढ़े हैं। हालांकि,IT शेयरों में बाज़ार के आम रुख के विपरीत गिरावट दिख रही है और निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 1.8% नीचे आ गया है। मिडकैप में 0.47% और स्मॉलकैप में 0.77% की बढ़त हुई है। जबकि इंडिया VIX में 1.06% की गिरावट दर्ज की गई है।

निफ्टी पर राय

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि मार्केट पर लगातार दबाव तो बना हुआ है लेकिन कल थोड़ा रिलीफ पॉइंट भी देखने मिला लेकिन दिक्कत ये रही कि बैंक निफ्टी लाल निशान में बंद होते हुए नजर आया। हालांकि निफ्टी में उछाल देखने मिला। ऐसा लगता है कि निफ्टी में एक उछाल आएगा। लेकिन इस उछाल में सेल ऑन द राइज़ ही सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी होगी। चुनिंदा स्टॉक्स में एक्शन देखने को मिल सकता है। यह इंडेक्स स्पेसिफिक मार्केट नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी फ्यूचर्स 23,200 के ऊपर है तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर निफ्टी 23,200 के लेवल को बचाने में कामयाब नहीं रहता तो इसमें 23,000 और 22,900 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 56,000 के लेवल पर सपोर्ट देखने को मिलेगा। अगर यह लेवल कायम नहीं रह पाता तो बैंक निफ्टी में गिरावट बढ़ सकती है और यह 300 अंक तक टूट सकता। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 56550 पर रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर जाने पर बैंक निफ्टी 53,200 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती।

पंकज रांदड़ की टॉप पिक

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि कल दिन भर डॉक्टर रेड्डीज का शेयर काफी सुर्खियों में रहा और 3 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ। इसके फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। इसका चार्ट काफी अच्छा दिख रहा है। लोअर टाइम फ्रेम पर स्टॉक सारे मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। आरएसआई पॉजिटिव डायवर्जन दिखा रहा है। इसमें 1170-1172 रुपए की रेंज में खरीदारी की सलाह रहेगी। 1150 का एक स्टॉप लॉस मेंटेन करना होगा। ऊपरी लेवल पर टारगेट 1215 रुपए हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dr Reddy’s Shares: अमेरिकी मार्केट में 10% की गिरावट, तीन ब्रोकरेजेज से समझें आगे की स्ट्रैटेजी

Dr Reddy’s Share Price: दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे पर अमेरिका में लिस्टेड इसके शेयर यानी ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) धड़ाम हो गए। अमेरिकी मार्केट में यह 10% टूट गया। अब ऐसे में अब भारतीय स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों में भी तेज गिरावट की आशंका दिखने लगी है। इससे पहले रिजल्ट आने वाले दिन यानी 22 जुलाई को बीएसई पर यह नतीजे आने से पहले 1.95% की गिरावट के साथ ₹1183.00 पर बंद हुआ था।

एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹1149.00 से पांच ही महीने में यह 23.10% चढ़कर 29 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹1414.40 पर पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इस कवर करने वाले ओवरऑल 41 एनालिस्ट्स में से 16 ने खरीदारी, 10 ने होल्ड और 15 ने सेल रेटिंग दी है।

Dr Reddy’s पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने डॉ रेड्डीज की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर ₹1125 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़े रेगुलेटरी इश्यू को सुलझाने पर काम हो रहा है तो b-abatacept से कमर्शियल फायदा मार्च 2028 तिमाही से मिलने की उम्मीद है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के हाई बेस के चलते वित्त वर्ष 2027 में कमाई घट सकती है और वित्त वर्ष 2028 से फिर सुधार दिख सकती है

सीएलएसए ने भी इस वित्त वर्ष 2027 के लिए डॉ रेड्डीज के रेवेन्यू के अनुमान को घटा दिया है क्योंकि इसे बिक्री में 30-40 लाख पेन का झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़ी दिक्कते नवंबर तक सुलझ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अगले तीन वर्षों के लिए मार्जिन अनुमान भी घटा दिए हैं। सीएलएसए ने इसे होल्ड रेटिंग दी है और ₹1240 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

जेपी मॉर्गन ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस पर डॉ रेड्डीज को अंडरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रेवेन्यू में 52% हिस्सेदारी ब्रांडेड बिजनेस की होने के बावजूद कंपनी की कोर प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अगर कनाडा में सेमाग्लूटाइड और एबेटेसेप्ट की लॉन्चिंग में और देरी होती है या बिक्री उम्मीद से सुस्त रहती है, तो इससे FY2028–FY2029 की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों की कंपनी की कमाई में 20% से अधिक हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इन दोनों प्रोडक्ट्स को हटाकर ब्रोकरेज का मानना है कि डॉ रेड्डीज का बेस बिजनेस FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 32 गुने और FY28 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 30 गुने के महंगे भाव पर है

Semaglutide को लेकर क्या है दिक्कत

इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि प्रोडक्ट में API से जुड़ी दिक्कत के चलते सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच तय मानकों के हिसाब से नहीं पाए गए थे। इस खुलासे के बाद 9 जुलाई को इसके शेयर 6% टूट गए थे। हालांकि मैनेजमेंट को सेमाग्लूटाइड मामले में आगे किसी और प्रोविजन के आसार नहीं दिख हे हैं और उनका मानना है कि वे इसकी असल वजह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं। बता दें कि ₹240 करोड़ के सेमाग्लूटाइड एपीआई प्रोविजन के चलते जून 2026 तिमाही में कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगा।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा, शेयर फिसला

डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में बाधा का असर पड़ा। इस वजह से कंपनी की इनवेंट्री और इससे जुड़ी दूसरी कॉस्ट बढ़ गई।

Dr Reddy’s Laboratories हैदराबाद की दवा बनाने वाली कंपनी है। इसने एक साल पहले की जून तिमाही में 1,418 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया था। जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 5.6 फीसदी गिरकर 8,070.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में रेवेन्यू 8,545.2 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा है कि उसने जून तिमाही में सेमाग्लूटाइड की सप्लाई की बाधा से जुड़े इनवेंट्री और इससे जुड़ी दूसरी कॉस्ट के लिए 240 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया है। इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने कहा था कि उसकी जेनरिक सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में बाधा जारी रहेगी। यह इंडिया में उपलब्ध नहीं होगी और चीन में भी कम से कम अक्तूबर तक इसकी सप्लाई में बाधा आएगी।

एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इनग्रेडिएंट्स (API) में अशुद्धता (Impurity) से जुड़े मसले की वजह से कंपनी को नए बैचेज के प्रोडक्शन को रोकना पड़ा था। सेमाग्लूटाइड एक्टिव इनग्रेडिएंट है, जिसका इस्तेमाल वजन घटाने वाली दवा Wegovy में होता है। इंडिया में इस पर पेंटेंट खत्म हो गया है। इससे जेनरिक दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए इसका उत्पादन करने का रास्ता खुल गया है।

डॉ रेड्डीज का प्लान भारत में तेजी से बढ़ते सेमाग्लूटाइड मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करने का था। लेकिन, इसका उत्पादन रुकने से कंपनी के प्लान पर पानी फिर गया। नॉर्थ अमेरिका से भी कंपनी का रेवेन्यू 35.3 फीसदी गिरकर 2,205 करोड़ रुपये रह गया। यह कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी को लेनालिमाइड की बिक्री में गिरावट का भी सामना करना पड़ रहा है। यह ब्रिस्टल मेयर्स स्क्विब की कैंसर की दवा रेवलीमिड का जेनरिक वर्जन है।

डॉ रेड्डीज का शेयर 22 जुलाई को 2.16 फीसदी गिरकर एनएसई पर 1,179.90 रुपये पर बंद हुआ। दूसरी फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति का ऐलान है, जिसमें उन्होंने जेनरिक दवाओं के आयात पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसका असर सन फार्मा, सिप्ला और डॉ रेड्डीज जैसी दवा कंपनियों पर पड़ेगा।