Dr Reddy’s Share Price: वित्त वर्ष बताने में गलती अमेरिकी इकाई पर पड़ी भारी, अब 5 अक्टूबर को शेयर फोकस में

Dr Reddy’s Share Price: डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज की पूर्ण मालिकाना हक वाली स्टेप-डाउन सब्सिडियरी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज इंक (DRL Inc) पर अमेरिका में लाखों का जुर्माना लगा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 3 अक्टूबर की शाम एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी। इसे लेकर कंपनी ने बताया कि अमेरिकी इंटर्नल रेवेन्यू सर्विस (IRS) ने टैक्स पेमेंट के समय वित्त वर्ष के गलत तरीके से रेफरेंस पर $32,350.20 यानी करीब ₹31 लाख का जुर्माना लगाया है। अब इसका असर सोमवार 5 अक्टूबर को इसके शेयरों की चाल पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 1 अक्टूबर को बीएसई पर इसका शेयर 2.90% की गिरावट के साथ ₹1200.10 पर बंद हुआ था।

Dr Reddy’s पर जुर्माने का क्या है पूरा मामला

डॉ रेड्डीज के मुताबिक उसकी अमेरिकी सब्सिडयरी पर इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) ने $32,350.20 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना टैक्स पेमेंट के समय फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) के रेफरेंस को गलत तरीके से बताने की वजह से लगाया गया है। DRL Inc को US डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी, इंटरनल रेवेन्यू सर्विस, सिनसिनाटी, ओहियो से 25 सितंबर, 2026 की तारीख वाला फाइनल ट्रांसक्रिप्ट 2 अक्टूबर, 2026 को मिला। हालांकि डॉ रेड्डीज का कहना है कि एवैल्युएशन के आधार पर इसका कंपनी के फाइनेंशियल, ऑपरेशंस और अन्य एक्टिविटीज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

इससे पहले 11 सितंबर को एक डॉ रेड्डीज ने बताया था कि अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने मेक्सिको में इसकी API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट) बनाने वाली फैसिलिटी में रिकॉर्ड्स की जांच पूरी कर ली है और जांच के आखिर में दो ऑब्जर्वेशन जारी किया। यह एसेसमेंट 17 जुलाई से 8 सितंबर के बीच हुआ था।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

डॉ रेड्डीज के शेयरों ने बहुत ही शॉर्ट पीरियड में एक साल के हाई लेवल से एक साल के निचले स्तर का सफर तय किया। बीएसई पर 29 जून 2026 को इसके शेयर ₹1,414.40 पर थे, जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से महज 1 ही महीने में यह 23.64% टूटकर 23 जुलाई 2026 को ₹1,080.05 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Dr Reddy’s Shares: अमेरिकी मार्केट में 10% की गिरावट, तीन ब्रोकरेजेज से समझें आगे की स्ट्रैटेजी

Dr Reddy’s Share Price: दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे पर अमेरिका में लिस्टेड इसके शेयर यानी ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) धड़ाम हो गए। अमेरिकी मार्केट में यह 10% टूट गया। अब ऐसे में अब भारतीय स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों में भी तेज गिरावट की आशंका दिखने लगी है। इससे पहले रिजल्ट आने वाले दिन यानी 22 जुलाई को बीएसई पर यह नतीजे आने से पहले 1.95% की गिरावट के साथ ₹1183.00 पर बंद हुआ था।

एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹1149.00 से पांच ही महीने में यह 23.10% चढ़कर 29 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹1414.40 पर पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इस कवर करने वाले ओवरऑल 41 एनालिस्ट्स में से 16 ने खरीदारी, 10 ने होल्ड और 15 ने सेल रेटिंग दी है।

Dr Reddy’s पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने डॉ रेड्डीज की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर ₹1125 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़े रेगुलेटरी इश्यू को सुलझाने पर काम हो रहा है तो b-abatacept से कमर्शियल फायदा मार्च 2028 तिमाही से मिलने की उम्मीद है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के हाई बेस के चलते वित्त वर्ष 2027 में कमाई घट सकती है और वित्त वर्ष 2028 से फिर सुधार दिख सकती है

सीएलएसए ने भी इस वित्त वर्ष 2027 के लिए डॉ रेड्डीज के रेवेन्यू के अनुमान को घटा दिया है क्योंकि इसे बिक्री में 30-40 लाख पेन का झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़ी दिक्कते नवंबर तक सुलझ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अगले तीन वर्षों के लिए मार्जिन अनुमान भी घटा दिए हैं। सीएलएसए ने इसे होल्ड रेटिंग दी है और ₹1240 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

जेपी मॉर्गन ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस पर डॉ रेड्डीज को अंडरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रेवेन्यू में 52% हिस्सेदारी ब्रांडेड बिजनेस की होने के बावजूद कंपनी की कोर प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अगर कनाडा में सेमाग्लूटाइड और एबेटेसेप्ट की लॉन्चिंग में और देरी होती है या बिक्री उम्मीद से सुस्त रहती है, तो इससे FY2028–FY2029 की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों की कंपनी की कमाई में 20% से अधिक हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इन दोनों प्रोडक्ट्स को हटाकर ब्रोकरेज का मानना है कि डॉ रेड्डीज का बेस बिजनेस FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 32 गुने और FY28 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 30 गुने के महंगे भाव पर है

Semaglutide को लेकर क्या है दिक्कत

इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि प्रोडक्ट में API से जुड़ी दिक्कत के चलते सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच तय मानकों के हिसाब से नहीं पाए गए थे। इस खुलासे के बाद 9 जुलाई को इसके शेयर 6% टूट गए थे। हालांकि मैनेजमेंट को सेमाग्लूटाइड मामले में आगे किसी और प्रोविजन के आसार नहीं दिख हे हैं और उनका मानना है कि वे इसकी असल वजह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं। बता दें कि ₹240 करोड़ के सेमाग्लूटाइड एपीआई प्रोविजन के चलते जून 2026 तिमाही में कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगा।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा

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