Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹1200 करोड़ जुटाने का प्लान, इस कारण Ather Energy में सरकार भी करेगी निवेश

दिग्गज ईवी कंपनी एथर एनर्जी (Ather Energy) ने नई पूंजी जुटाने का ऐलान किया है। इसमें एक निवेशक इंडिया-जापान फंड (IJF) का भी नाम सामने आया। यह भारत सरकार और JBIC (जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन) का एक इंवेस्टमेंट वेईकल है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि एक लिस्टेड दोपहिया बनाने वाली कंपनी में सरकार क्यों पैसे लगा रही है। इसका जवाब कंपनी को बचाने की कोशिश या मार्केट के बड़े खिलाड़ी को चुनना नहीं है बल्कि सरकार की व्यापक इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी है। सरकार का लक्ष्य वैश्विक कंपनियों के टक्कर की ईवी बनाने वाली कंपनी तैयार करना, तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश को क्लीन मोबिलिटी मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करना है।

सरकार का सीधे निवेश नहीं

एथर एनर्जी में निवेश को लेकर एक और अहम बात ये है कि इसमें सरकार प्रत्यक्ष रूप से पैसे नहीं लगा रही है। यह निवेश इंडिया-जापान फंड के जरिए हो रहा है। $60 करोड़ का यह फंड साल 2023 में NIIF (नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रा फंड) और जेबीआईसी ने शुरू किया था। NIIF के जरिए भारत सरकार की इसमें 49% हिस्सेदारी है और बाकी 51% जेबीआईसी की। यह फंड क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कम-कार्बन वाली टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाले बिजनेस में निवेश करने के लिए बनाया गया है। आईजेएफ आम सरकारी निवेश इकाई की बजाय एक लॉन-टर्म इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर के तौर पर काम करता है।

Ather Energy कैसे सरकार के क्राइटेरिया में फिट

आईजेएफ के निवेश के लिए एथर एनर्जी इसलिए फिट है क्योंकि विदेशों से तकनीक मंगाकर यहां असेंबलिंग करने वाली कई दूसरी कंपनियों की बजाय एथर एनर्जी ने अपनी अधिकतर तकनीक को यहीं डेवलप किया है। इसने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड वेईकल इकोसिस्टम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स को खुद तैयार किया है। सरकार के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमता वाली कंपनियों को सपोर्ट करना ईवी को बढ़ावा जितना ही अहम होता जा रहा है। ईवी, बैट्री और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को सपोर्ट मिलता है और अधिक वैल्यू वाली मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां भी तैयार होती हैं।

सिर्फ एक ही कंपनी में ही नहीं लग रहा पैसा

एथर एनर्जी में आईजेएफ के जरिए सरकार निवेश काफी अहम है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी ऐसे सेक्टर में काम कर रही है जिसे लंबे समय तक पॉलिसी सपोर्ट मिलता रहेगा। ऐसा नहीं है कि फंड सिर्फ एथर एनर्जी में ही पैसे लगा रही है बल्कि महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी EKA मोबिलिटी में भी इसका निवेश है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के अलग-अलग सेगमेंट- जैसे तिपहिया और कमर्शियल गाड़ियों से लेकर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर तक की कंपनियों को सपोर्ट करके यह फंड किसी एक कंपनी पर दांव लगाने की बजाय एक बड़ा ईवी इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही है।

PSU Stocks: घाटे से मुनाफे में आई यह सरकारी कंपनी, रेवेन्यू में 120% का उछाल, शेयर रॉकेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PSU Stocks: 7 कारोबारी दिनों में 48% चढ़ा इस सरकारी कंपनी का शेयर, इस कारण निवेशकों को मिला छप्परफाड़ रिटर्न

New India Assurance Shares: न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के शेयरों में आज लगातार सातवें दिन खरीदारी का शानदार रुझान दिखा। इन सात दिनों में यह 48% से अधिक उछलकर यह एक साल के नए हाई पर पहुंच गया। यह इसके शेयरों के लिए अब तक की सबसे लंबी रैली है। इससे पहले नवंबर 2024 में यह लगातार 12 कारोबारी दिनों तक ऊपर चढ़ा था और 21 नवंबर से 9 दिसंबर तक क्लोजिंग बेसिस पर 12 कारोबारी दिनों में यह 22% से अधिक ऊपर चढ़ा था। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 6.56% के उछाल के साथ ₹215.35 (New India Assurance Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 7.87% उछलकर ₹218.00 तक पहुंच गया था।

New India Assurance के शेयरों में NSE IPO ने भरी चाबी

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों को एनएसई के आईपीओ से सपोर्ट मिला है। पिछले हफ्ते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। इस ड्राफ्ट से सामने आया कि एनएसई के आईपीओ के तहत जो शेयरहोल्डर् अपनी हिस्सेदारी हल्की कर रहे हैं, उनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी का भी नाम है। ड्राफ्ट के मुताबिक न्यू इंडिया एश्योरेंस इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1.05 करोड़ शेयर बेचने वाली है। चूंकि सरकारी इंश्योरेंस कंपनी के लिए एनएसई में होल्डिंग प्रति शेयर महज ₹0.32 के भाव के हिसाब से है तो शेयर बेचने पर इसे तगड़ा फायदा होने वाला है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से न्यू इंडिया एश्योरेंस में सरकार की हिस्सेदारी 85% है तो पब्लिक शेयरहोल्डर्स में एलआईसी की हिस्सेदारी 8.67% और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) की 1.31% होल्डिंग है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले 1.5 लाख छोटे खुदरा निवेशकों की कंपनी में 1.8% हिस्सेदारी है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹116.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 3 ही महीने में यह 86.49% उछलकर आज 22 जून 2026 को ₹218.00 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। वैसे बता दें कि सरकारी बीमा कंपनी ने साल 2018 में 1:1 के रेश्यो में बोनस इश्यू जारी किया था और यह बोनस से एडजस्टेड आईपीओ प्राइस ₹400 के नीचे बना हुआ है।

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Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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