Stock in Focus: डिफेंस कंपनी को HAL से ₹2205 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स को HAL से ₹2,205.23 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उत्तम रडार (Uttam Radar) प्रोग्राम के लिए है। कंपनी इसे अगले पांच साल में पूरा करेगी। खास बात यह है कि यह ऑर्डर कंपनी के पूरे FY26 के रेवेन्यू से भी करीब दोगुना है। इससे आने वाले वर्षों की कमाई की अच्छी तस्वीर दिखती है।

इस ऑर्डर के तहत कंपनी 122 Anti-Aircraft Auxiliary Units (AAAU) और 121 Interface Frames बनाएगी। ये दोनों इक्विपमेंट उत्तम रडार का अहम हिस्सा हैं। यह रडार भारत में डेवलपकिया गया है और लड़ाकू विमानों में लगाया जाएगा।

पहले भी मिला था HAL से ऑर्डर

HAL ने इससे पहले भी कंपनी पर भरोसा जताया था। 1 अप्रैल 2026 को एस्ट्रा माइक्रोवेव के जॉइंट वेंचर Astra Rafael Comsys को ₹250.58 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसके तहत सेना के लिए Software Defined Radio (SDR) सिस्टम की सप्लाई की जानी है। यह काम 18 महीने में पूरा होगा।

लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है। इसका मतलब है कि आने वाले कई साल तक कंपनी के पास काम की कमी नहीं रहेगी। इससे रेवेन्यू और मुनाफे को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।

एस्ट्रा माइक्रोवेव के शेयरों का हाल

एस्ट्रा माइक्रोवेव का शेयर गुरुवार को 2.51% गिरकर ₹1,729.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 3 महीने में 53%, इस साल अब तक 76% और पिछले 1 साल में करीब 78% का रिटर्न दे चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 16.42 हजार करोड़ रुपये है।

एस्ट्रा माइक्रोवेव का कारोबार क्या है

एस्ट्रा माइक्रोवेव डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए रडार, सैन्य संचार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और माइक्रोवेव उपकरण बनाती है। इसके ग्राहक DRDO, ISRO, HAL और भारतीय रक्षा बल जैसे बड़े सरकारी संस्थान हैं।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।