Brent Crude 105 डॉलर के पार पहुंचा, अमेरिका-ईरान में बढ़ते टेंशन का असर

क्रूड ऑयल की कीमतों में 10 सितंबर को भी तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड का प्राइस 105 डॉलर पर पहुंच गया। इस साल 25 मई के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है।

चीन की क्रूड की खरीदारी का भी कीमतों पर असर

क्रू्ड ऑयल की कीमतों में तेजी की कुछ दूसरी वजहें भी हैं। चीन ने फिर से क्रूड ऑयल की अच्छी खरीदारी शुरू कर दी है। उधर, सऊदी अरब ने कहा है कि उसके क्रूड के उत्पादन में तेज गिरावट आई है। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा है। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी युद्धपातों पर मिसाइल से हमले किए हैं। इससे हालात लगातार खराब होने की तरफ बढ़ रहे हैं।

WTI क्रूड की कीमतें भी 100 डॉलर के पार

भारतीय समय के मुताबिक, शाम 6:45 बजे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 4 फीसदी उछलकर 105.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। WTI क्रूड भी 4.41 फीसदी उछाल के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ लड़ाई नवंबर में मिड टर्म इलेक्शंस के बाद खत्म होगी। इधर, ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है तो वह जवाबी हमले करेगा।

अगस्त के लेवल से 30 फीसदी चढ़ चुका है क्रूड

अगस्त की शुरुआत के मुकाबले ब्रेंट क्रूड की कीमत 30 फीसदी चढ़ चुकी है। बताया जाता है कि सऊदी अरब में क्रूड का उत्पादन गिरकर इस साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसकी वजह हूती विद्रोहियों की धमकी है, जिसमें कहा गया है कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी बंदरगाहों से गुजरने वाले ऑयल टैंकर्स को निशाना बनाएंगे।

चीन की खरीदारी पर निर्भर करेगी कीमतें 

एनालिस्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने की वजह से ब्रेंट फिर से 100 डॉलर के पार हो गया है, लेकिन इसका इस लेवल पर टिके रहना चीन के रुख पर निर्भर करेगा। चीन दुनिया में क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। उसने हाल के कुछ महीनों में क्रूड की खरीदारी बढ़ाई है। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा है।

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क्रूड में उछाल भारत के लिए चिंता की बात

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए चिंता की बात है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता है। क्रूड महंगा होने का असर भारत के इंपोर्ट बिल पर पड़ता है। लंबे समय तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बने रहने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं। साथ ही सीएनजी और पीएनजी के दाम भी बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा।

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, भारत के लिए बढ़ेगी मुसीबत, शेयर बाजार पर भी असर

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड का प्राइस आखिरकार 9 सितंबर को 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। 24 जुलाई के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार गया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान मध्यपूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बना रहा है।

अमेरिका का ईरान के 5 ऑयल टैंकर्स ध्वस्त करने का दावा

8 सितंबर को अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के पांच ऑयल टैंकर्स को ध्वस्त कर दिया है। उसने कहा कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया था। इसके जवाब में उसने ईरानी ऑयल टैंकर्स को निशाना बनाया है। इससे मध्यपूर्व में एक बार फिर से स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

ईरान  ने भी जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन पर किए हमलें

अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमले किए हैं। उसने फारस की खाड़ी में दूसरे जहाजों को भी चेतावनी जारी की है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने IRGC को उद्धृत करते हुए कहा है कि कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के करीब स्थित सभी जहाजों के क्रू को अपने जहाज छोड़ देने चाहिए, क्योंकि उन्हें निशाना बनाया जाएगा।

क्रूड का भाव बीते 7 हफ्तों के सबसे ऊंचे लेवल पर 

क्रूड ऑयल की कीमतें बीते सात हफ्तों में सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई हैं। एक हफ्ते में क्रूड का भाव 4 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने में यह 14 फीसदी चढ़ा है। इस साल यानी 2026 में क्रूड का भाव अब तक 64 फीसदी उछला है। इधर, इंडिया का क्रूड बास्केट 100 डॉलर के पार हो गया है। इससे सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

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क्रूड में उछाल से भारत के लिए बढ़ सकता है संकट 

भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत आता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते सप्लाई बाधित होने से क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। क्रूड में उछाल से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा। इस साल अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से भारत में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की कीमतें बढ़ाई हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने लॉस कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई हैं।

शेयर बाजारों पर भी पड़ेगा असर

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ेगा। खासकर पेंट, टायर, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर इसका असर पड़ेगा। एविएशन कंपनियों पर भी इसका असर पड़ेगा। एटीएफ की कीमतें बढ़ने से उनका कुल खर्च बढ़ जाएगा। भारतीय शेयर बाजारों पर पहले से दबाव है। 9 सितंबर को लगातार तीसरे दिन बाजार में बड़ी गिरावट दिखी।

LPG Price 6 September 2026: आज रसोई गैस की कितनी है कीमत? 14.2 किलो वाला सिलेंडर महंगा हुआ या सस्ता, जानें ताजा LPG रेट

LPG Price 6 September 2026: आज 6 सितंबर 2026 को देशभर में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पहले की तरह ही हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने इस महीने घरेलू LPG के रेट में बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे आम परिवारों के रसोई बजट पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

हालांकि, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 1 सितंबर को बढ़ाए गए थे। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब 9.50 रुपये से 11.50 रुपये प्रति सिलेंडर तक बढ़ी है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार पर पड़ रहा है।

घरेलू LPG के दाम क्यों नहीं बढ़े?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने और गैस की आयात लागत बढ़ने का असर कमर्शियल LPG पर पड़ा है। इसी वजह से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में मामूली बढ़ोतरी की गई।

शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर के रेट

शहरघरेलू LPG सिलेंडरकमर्शियल LPG सिलेंडर
दिल्ली₹942.00₹2,747.50
मुंबई₹941.50₹2,701.00
कोलकाता₹968.00₹2,884.00
चेन्नई₹957.50₹2,916.50
बेंगलुरु₹944.50₹2,831.00
लखनऊ₹942.50₹2,755.00
नोएडा₹942.80₹2,760.00
वाराणसी₹943.10₹2,757.00
रांची₹999.50₹2,933.00

कब बदले थे घरेलू LPG के दाम?

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में आखिरी बदलाव जून 2026 में हुआ था। उस समय 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में करीब 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

इससे पहले मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू LPG के दाम में लगभग 60 रुपये का इजाफा हुआ था।

वहीं, कमर्शियल LPG की कीमतों में इससे पहले राहत भी मिली थी। 1 अगस्त को 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में करीब 192 से 200 रुपये तक की बड़ी कटौती हुई थी। जुलाई में भी कमर्शियल LPG की कीमत लगभग 183.50 रुपये कम की गई थी।

देश में LPG की खपत क्यों घट रही है?

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच घरेलू LPG की खपत 15.9 फीसदी घटकर 11.3 मिलियन टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.4 मिलियन टन था।

LPG की खपत कम होने के पीछे कई कारण हैं। देश के शहरों और कस्बों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। इससे कई घरों में LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम हुई है।

महंगे सिलेंडर का घरेलू बजट पर असर

हालांकि घरेलू LPG के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन 940 से 1,000 रुपये के आसपास की कीमत अभी भी कई परिवारों के लिए बड़ी राशि है। खासकर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के बजट पर इसका असर पड़ता है।

कुछ ग्रामीण परिवारों में सब्सिडी कम होने या खत्म होने के बाद LPG का इस्तेमाल कम हुआ है। ऐसे में कुछ परिवार दोबारा लकड़ी और उपले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे भी घरेलू LPG की कुल खपत में कमी देखने को मिल रही है।

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दूध 9 रुपये, CNG 2 रुपये और PNG एक रुपये महंगी! 1 सितंबर से लागू हुआ ये नया रेट लिस्ट चेक करिए

मुंबई में रहने वाले लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। 1 सितंबर से दूध, कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम बढ़ गए हैं।  रोजमर्रा की इन जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। CNG और घरेलू PNG के दाम बढ़ने से अब वाहन चलाना और घर में गैस का इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा। नई कीमतें 1 सितंबर की आधी रात से लागू हो गई हैं। वहीं बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए है। जानें कितना बढ़े CNG, PNG और दूध के दाम

दूध के बढ़े दाम

बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने डेयरियों और स्थानीय फार्म से आने वाले दूध के थोक दाम में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। मुंबई में दूध के दाम बढ़ने की संभावना के बीच सीधे फार्म से मिलने वाले दूध की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। एसोसिएशन के मुताबिक, पशुओं के चारे और उनके रखरखाव पर लगातार बढ़ रहे खर्च के कारण यह कदम उठाया गया है। थोक कीमत बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में इसका असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है।

इससे पहले इस महीने महाराष्ट्र के बड़े सहकारी दूध संघ गोकुल ने भैंस के दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मुंबई और पुणे में भैंस के दूध की कीमत 78 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती कीमतों से आने वाले समय में आम लोगों के घरेलू बजट पर भी असर पड़ सकता है।

CNG-PNG के भी बढ़े दाम

मुंबई में आज से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) महंगी हो गई है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम और PNG में 1 रुपये प्रति SCM की बढ़ोतरी की है। कीमतों में बदलाव के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG अब 88 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगी। कंपनी के अनुसार, नई कीमतें 1 सितंबर की आधी रात से लागू हो गई हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के चलते गैस की लागत बढ़ी है।

अब नहीं मिलेगा LPG गैस सिलेंडर! सरकार का बड़ा आदेश- PNG कनेक्शन लेना जरूरी, वरना कट जाएगा कनेक्शन

LPG Control Order 2026 Rules: भारत सरकार ने देश में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी कर एलपीजी सिलेंडरों की जगह पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने को कहा है। इसके पीछे कई वजह आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत अब उन इलाकों में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानी आप अब LPG सिलेंडर नहीं यूज कार पाएंगे।

PNG लेना अनिवार्य, वरना कट जाएगा LPG सिलेंडर कनेक्शन

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल की ओर से राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र के मुताबिक, सरकार ने एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने के नियमों को सख्त कर दिया है। जिन सोसायटियों या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां के उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। अगर तय नोटिस मिलने के बावजूद कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करता है, तो उसका LPG सिलेंडर कनेक्शन अपने आप रद्द कर दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट संकट और भारत का बड़ा सबक

सरकार द्वारा पीएनजी पर अचानक इतना जोर देने की सबसे बड़ी वजह हालिया पश्चिम एशिया संकट और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में हुआ व्यवधान है। भारत अपनी घरेलू रसोई गैस (LPG) की जरूरतों के लिए काफी हद तक कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट जंग के कारण एलपीजी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

आयातित एलपीजी की तुलना में घरेलू पीएनजी सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और मजबूत साबित हुई क्योंकि इसे घरेलू प्राकृतिक गैस का प्राथमिकता आवंटन मिलता है। पीएनजी से अंतरराष्ट्रीय युद्ध और लॉजिस्टिक्स रुकावटों का असर नहीं पड़ता।

हर जिले में बनेगी ‘PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी’

पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को हर क्षेत्र में ‘पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी’ (PCC) गठित करने का निर्देश दिया गया है।

राज्यों से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं जो आरडब्ल्यूए (RWA) और सोसायटियों से परमिशन और राइट ऑफ वे दिलाने में मदद करेंगे।

पीएनजी अपनाने के 4 बड़े फायदे

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पीएनजी में शिफ्ट होने से आम जनता और देश दोनों को सीधा फायदा होगा:

सस्ता और सुविधाजनक: पीएनजी सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सस्ती, सुरक्षित और बिना रिफिलिंग के 24×7 मिलने वाली रसोई गैस है।

सिलेंडर बुकिंग का झंझट खत्म: उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने या डिलीवरी का इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स का बोझ कम: सड़कों पर सिलेंडरों के परिवहन और भारी-भरकम गाड़ियों का बोझ कम होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही इस्तेमाल: सरकारी और प्राइवेट कंपनियों द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने में किए गए अरबों रुपये के निवेश का सही उपयोग हो सकेगा।

Genus Power Stock Outlook: 33% तक उछलेगा शेयर! एमके ग्लोबल को उम्मीद, खरीद की सलाह

जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड के शेयरों में आगे 33 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद एमके ग्लोबल फाइनेंशियल की ओर से दिए गए टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 450 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के बीएसई पर मौजूदा भाव 337.30 रुपये से 33 प्रतिशत ज्यादा है।

ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा कि भारत सरकार ने घरेलू PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, जो 1 सितंबर 2026 से लागू हो रही है। यह योजना एक्टिव PNG कनेक्शंस को तेजी से बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई है। एमके ग्लोबल का अनुमान है कि FY26-34 के दौरान स्मार्ट गैस मीटर बनाने वालों के लिए कुल मिलाकर 350-400 अरब रुपये का अवसर होगा। इस बदलाव के प्रमुख लाभार्थी जीनस पावर, स्मार्ट मीटर्स टेक्नोलॉजीस (SMTPL) और पोलारिस होने की संभावना है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि अपनी फुली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और एग्जीक्यूशन क्षमताओं का फायदा उठाते हुए, जीनस ने पहले ही स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटरिंग सेगमेंट में एक मजबूत लीडरशिप पोजिशन हासिल कर ली है। स्मार्ट गैस मीटर को अपनाने में धीरे-धीरे तेजी आने की उम्मीद है। ऐसे में जीनस स्मार्ट गैस मीटरिंग के उभरते हुए मौके का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। वर्तमान में देश भर में 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन मौजूद हैं।

Genus Power का शेयर 5 साल में 445 प्रतिशत चढ़ा

कंपनी का मार्केट कैप 10200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वेल्यू 1 रुपये है। शेयर 2 सप्ताह में 10 प्रतिशत बढ़ा है। 6 महीनों में कीमत करीब 30 प्रतिशत उछली है। 5 साल में शेयर 445 प्रतिशत की मजबूती देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 364.44 रुपये और एडजस्टेड लो 210.49 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में जीनस पावर का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,364.88 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 162.82 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 5.35 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,737.48 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 604.96 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 19.90 करोड़ रुपये रही।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव है। FIIs की कैश में खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंच गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए,निफ्टी 24,200 के निशान से नीचे फिसल गया और लगातार छठे सेशन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़े पैमाने पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा।

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ी

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ गई है। ट्रंप ने नक्शा जारी करके बताया है कि हॉर्मुज अमेरिका का हिस्सा है। इधर ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि बातचीत हमारी शर्तों पर ही होगी। US- ईरान टेंशन से कच्चा तेल लगातार चौथे दिन चढ़ा है। इसके भाव 92 डॉलर के करीब पहुंच गए हैं।

अमेरिकी और एशियाई बाजार

अमेरिकी बाजार दूसरे दिन भी फिसले हैं। क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर आ गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव रहा। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आया है। निक्केई में भी 2.5 फीसदी की गिरावट है।

IT कंपनियों के लिए सेंटिमेंट पॉजिटिव, इंफोसिस का ADR करीब 2% चढ़ा

चिप शेयरों की बिकवाली से IT कंपनियों के सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहे हैं। कल अमेरिका में एक्सेंचर,सेल्सफोर्स और एडोबी जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां दो से चार फीसदी उछलीं। इंफोसिस का ADR भी करीब 2% चढ़ा।

Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील संभव

Aster DM में आज करीब 4,780 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। सेंटेला मॉरिशस होल्डिंग्स (Centella Mauritius Holdings) 7.2% हिस्सा बेच सकता है। इसके लिए 6.3% डिस्काउंट पर 766 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए यह स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस खबर के चलते आज IGL, MGL और गुजरात एनर्जी के शेयरों में एक्शन आज बढ़ सकता है

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1,651 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।

 

Market cues : लगातार गिरावट के बाद आज हो सकती है वापसी की कोशिश, निफ्टी के लिए 24200-24300 पर रेजिस्टेंस

Torrent Gas IPO: टोरेंट गैस आईपीओ के अपडेटेड पेपर्स फाइल करेगी, ₹4000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

टोरेंट गैस आईपीओ के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करेगी। वह इसे इस हफ्ते ही फाइल कर सकती है। कंपनी का प्लान 4,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का है। इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने रायटर्स को यह जानकारी दी।

8 राज्यों में पीएनजी सप्लाई करती है कंपनी

Torrent Gas 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में घरों और इंडस्ट्रीज को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सप्लाई करती है। यह कंपनी गुजरात के टोरेंट ग्रुप का हिस्सा है, जिसका हेडक्वार्टर अहमदाबाद है। इस समूह की दो कंपनियां- टोरेंट पावर और टोरेंट फार्मा पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

500 CNG स्टेशंस ऑपरेट करती है

टोरेंट गैस 2,00,000 से ज्यादा घरों और 1,300 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को गैस सप्लाई करती है। यह 500 कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) स्टेशंस भी ऑपरेट करती है। यह जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर आधारित है। आईपीओ के प्लान के बारे में पूछने पर कंपनी ने रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।

इस हफ्ते अपडेटेड पेपर्स होंगे फाइल

सेबी ने जून में टोरेंट गैस के आईपीओ को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल किए थे। अपडेटेड रेट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस इस हफ्ते फाइल होने की उम्मीद है। यह कंपनी का पहला पब्लिक आईपीओ डॉक्युमेंट होगा। इस साल की पहली छमाही में सुस्ती के बाद आईपीओ बाजार में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं।

जुलाई से अब तक आ चुके हैं 27 आईपीओ

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान में लड़ाई शुरू हुई थी। इसका असर आईपीओ बाजार पर भी पड़ा था। जुलाई से अब तक 27 कंपनियां आईपीओ पेश कर चुकी हैं या उसे लॉन्च करने का ऐलान कर चुकी हैं। इस साल की पहली छमाही में करीब 28 कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए।

आईपीओ के कॉन्फिडेंशियल रूट का मतलब

सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल करने पर कंपनी को तब तक इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ बताने की जरूरत नहीं पड़ती है जब तक वह इश्यू लॉन्च करने के प्लान पर आगे बढ़ने का फैसला नहीं कर लेती। टोरेंट फार्मा का शेयर 18 अगस्त को 1.57 फीसदी चढ़कर 4,977 रुपये पर बंद हुआ। टोरेंट पावर का शेयर 3.76 फीसदी गिरकर 1,263.50 रुपये पर बंद हुआ।

LPG Price 28 July: आज आपके शहर में क्या है घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत? बुक कराने से पहले जरूर चक करें

LPG Price 28 July: जुलाई का महीना खत्म होने में अब कुछ दिन ही बचे हैं, और फिर अगस्त का महीना शरू हो जाएगा। ऐसे में आपको सिलेंडर बुक कराने से पहले कुछ बातों को जरूर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अगले महीने से LPG कनेक्शन और बुकिंग के समय से लेकर PNG पर स्विच करने तक, आपकी कुकिंग गैस से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो सकता है।

बता दें कि 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होने की संभावना है। माना जा रहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अगले महीने की शुरुआत में गैस सिलेंडर के नए रेट जारी कर सकती हैं। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में कंपनियां 5 किलो, 10 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में बदलाव कर सकती हैं।

चेक करें अपने शहर का रेट

शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम)
दिल्ली₹942.00₹1,766.00
मुंबई₹941.50₹1,717.00
कोलकाता₹968.00₹1,879.00
चेन्नई₹957.50₹1,929.00
बेंगलुरु₹945.50₹1,837.00
हैदराबाद₹995.50₹1,978.00
जयपुर₹956.50₹1,804.00
लखनऊ₹980.50₹1,910.00
चंडीगढ़₹955.50₹1,786.00
पटना₹1,001.00₹2,018.00

कब बदले थे कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के दाम

1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 की कटौती की गई थी। जिसका सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिला है। जबकि इससे पहले 7 जून को घरेलू LPG सिलेंडर का दाम 29 रुपये बढ़ा गया था।

कब बदलते हैं दाम

वैसे तो पेट्रोल-डीजल की तरह LPG सिलेंडर के दाम रोजाना नहीं बदलते। लेकिन तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को ही कीमतों की समीक्षा करती हैं और जरूरत पड़ने पर उसी दिन नई दरें लागू की जाती हैं।

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