Stocks to Watch: 30 सितंबर को फोकस में ये 12 स्टॉक्स, टाटा स्टील से KPI ग्रीन एनर्जी तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 30 सितंबर को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। बड़े ऑर्डर, नए निवेश और प्रोजेक्ट से जुड़े अपडेट सामने आए हैं। पावर, सोलर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर से अहम खबरें हैं।

Tata Steel

स्टील कंपनी Tata Steel ने अपनी विदेशी सब्सिडियरी T Steel Holdings Pte. Ltd में 393.52 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह खरीद $340 मिलियन यानी करीब ₹3,260.32 करोड़ में हुई है। यह रकम कंपनी के अतिरिक्त फंडिंग प्लान का हिस्सा है।

KPI Green Energy

सोलर पावर कंपनी KPI Green Energy को NACOF Oorja से करीब ₹2,025 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह राजस्थान में 500 MW सोलर प्रोजेक्ट के EPC काम से जुड़ा है। कंपनी डिजाइन, खरीद और कंस्ट्रक्शन का काम करेगी।

Power Mech Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर कंपनी Power Mech Projects को अदाणी ग्रुप की Moxie Power Generation से ₹549.37 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु के 2×600 MW Tuticorin Thermal Power Plant का पूरा O&M संभालेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक यानी 60 महीने का है।

Arisinfra Solutions

कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सर्विस कंपनी Arisinfra Solutions को मुंबई के Kalina में Transcon UNO रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए सर्विस ऑर्डर मिला है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में Design as a Service (DaaS) सेवाएं देगी। ऑर्डर Transcon Group की SPV Transcon Bellaviu से मिला है।

STL Networks

टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी STL Networks को करीब ₹249.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है।

Tube Investments of India

इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Tube Investments of India अपनी सब्सिडियरी TI Clean Mobility में ₹250 करोड़ निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी Series C CCPS को सब्सक्राइब करेगी। यह निवेश इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार को बढ़ाने के लिए है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India और NALCO 1,080 MW का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएंगी। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के अंगुल में विकसित किया जाएगा। दोनों कंपनियों की इसमें बराबर हिस्सेदारी होगी।

Ramco Cements

सीमेंट कंपनी Ramco Cements ने अपनी क्लिंकर क्षमता बढ़ाकर 5.62 MTPA कर दी है। पहले यह 4.61 MTPA थी। सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता भी 3.65 MTPA से बढ़कर 4.38 MTPA हो गई है। कंपनी ने यह बढ़ोतरी डिबॉटलनेकिंग के जरिए की है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स में कुल 1,047 घरों की डिलीवरी हुई है। प्रोजेक्ट पूरा होने से कंपनी की बिक्री और डिलीवरी से जुड़ी गतिविधियों को सपोर्ट मिलेगा।

Graphite India

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी Graphite India के प्रोडक्ट्स पर अमेरिका में एंटी-डंपिंग ड्यूटी केस में प्रारंभिक फैसला आया है। अमेरिकी सरकार ने कंपनी के इलेक्ट्रोड्स पर 12.22% का डंपिंग मार्जिन तय किया है। अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर बाजार की नजर रहेगी।

Endurance Technologies

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Endurance Technologies की सब्सिडियरी ने Stoferle Group की दो कंपनियों में 32% हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील करीब 18 मिलियन यूरो में हुई है। इस खरीद के बाद सब्सिडियरी की दोनों कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹1200 करोड़ जुटाने का प्लान, इस कारण Ather Energy में सरकार भी करेगी निवेश

दिग्गज ईवी कंपनी एथर एनर्जी (Ather Energy) ने नई पूंजी जुटाने का ऐलान किया है। इसमें एक निवेशक इंडिया-जापान फंड (IJF) का भी नाम सामने आया। यह भारत सरकार और JBIC (जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन) का एक इंवेस्टमेंट वेईकल है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि एक लिस्टेड दोपहिया बनाने वाली कंपनी में सरकार क्यों पैसे लगा रही है। इसका जवाब कंपनी को बचाने की कोशिश या मार्केट के बड़े खिलाड़ी को चुनना नहीं है बल्कि सरकार की व्यापक इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी है। सरकार का लक्ष्य वैश्विक कंपनियों के टक्कर की ईवी बनाने वाली कंपनी तैयार करना, तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश को क्लीन मोबिलिटी मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करना है।

सरकार का सीधे निवेश नहीं

एथर एनर्जी में निवेश को लेकर एक और अहम बात ये है कि इसमें सरकार प्रत्यक्ष रूप से पैसे नहीं लगा रही है। यह निवेश इंडिया-जापान फंड के जरिए हो रहा है। $60 करोड़ का यह फंड साल 2023 में NIIF (नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रा फंड) और जेबीआईसी ने शुरू किया था। NIIF के जरिए भारत सरकार की इसमें 49% हिस्सेदारी है और बाकी 51% जेबीआईसी की। यह फंड क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कम-कार्बन वाली टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाले बिजनेस में निवेश करने के लिए बनाया गया है। आईजेएफ आम सरकारी निवेश इकाई की बजाय एक लॉन-टर्म इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर के तौर पर काम करता है।

Ather Energy कैसे सरकार के क्राइटेरिया में फिट

आईजेएफ के निवेश के लिए एथर एनर्जी इसलिए फिट है क्योंकि विदेशों से तकनीक मंगाकर यहां असेंबलिंग करने वाली कई दूसरी कंपनियों की बजाय एथर एनर्जी ने अपनी अधिकतर तकनीक को यहीं डेवलप किया है। इसने बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड वेईकल इकोसिस्टम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स को खुद तैयार किया है। सरकार के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमता वाली कंपनियों को सपोर्ट करना ईवी को बढ़ावा जितना ही अहम होता जा रहा है। ईवी, बैट्री और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को सपोर्ट मिलता है और अधिक वैल्यू वाली मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां भी तैयार होती हैं।

सिर्फ एक ही कंपनी में ही नहीं लग रहा पैसा

एथर एनर्जी में आईजेएफ के जरिए सरकार निवेश काफी अहम है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी ऐसे सेक्टर में काम कर रही है जिसे लंबे समय तक पॉलिसी सपोर्ट मिलता रहेगा। ऐसा नहीं है कि फंड सिर्फ एथर एनर्जी में ही पैसे लगा रही है बल्कि महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी EKA मोबिलिटी में भी इसका निवेश है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के अलग-अलग सेगमेंट- जैसे तिपहिया और कमर्शियल गाड़ियों से लेकर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर तक की कंपनियों को सपोर्ट करके यह फंड किसी एक कंपनी पर दांव लगाने की बजाय एक बड़ा ईवी इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।