Daily Voice : अमेरिकी मध्यावधि चुनाव बाजार के लिए कर सकते हैं ट्रिगर का काम, चुनिंदा आईटी शेयरों पर रहे नजर

Daily Voice : IT शेयरों में हालिया तेजी भले ही अभी किसी टिकाऊ रिकवरी का संकेत न हो,लेकिन हर उछाल पर आईटी शेयरों में बिकवाली की एकतरफा रणनीति अपनाना भी जल्दबाजी हो सकती है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे बाजारों के लिए एक ट्रिगर का काम कर सकते हैं,लेकिन इस बात की संभावना कम है कि केवल इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी या कच्चे तेल में भारी गिरावट आएगी। ये बातें अल्फएक्यूरेट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और संस्थापक राजेश कोठारी ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों में आई हालिया तेजी पॉजिटिव संकेत है लेकिन निवेशकों को अभी यह नहीं मान लेना चाहिए कि इस सेक्टर में टिकाऊ तेजी की शुरुआत हो गई है। पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने से पहले तेल सप्लाई की स्थिति,डॉलर,बॉन्ड यील्ड और कॉर्पोरेट अर्निंग पर नजर रखने की जरूरत है।

आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत

राजेश कोठारी के मुताबिक IT शेयरों में हालिया तेजी उत्साहजनक है,लेकिन इसे एक टिकाऊ तेजी मान लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी इंडस्ट्री की अर्निंग आउटलुक से मेल खाती है या यह सिर्फ ‘ओवरसोल्ड’लेवल्स से आई खरीदारी है? हमें आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत है:

मांग की स्थिति: विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में टाले जा सकने वाला टेक्नोलॉजी खर्च (discretionary technology spending)अहम बना हुआ है। बेहतर सौदे हासिल करने का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ के रूप में दिखना चाहिए।

AI से बदलाव और अवसर: AI कमाई के नए स्रोत पैदा कर सकता है, लेकिन यह पारंपरिक बिलिंग मॉडल को भी बदल सकता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक: भारी तेजी के बाद, जिन शेयरों की कीमत उनकी कमाई की संभावनाओं से आगे निकल गई है, उनमें मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखने को मिल सकती है।

राजेश कोठारी का मानना ​​है कि आईटी सेक्टर में तेजी आने पर हर शेयर बेच देने की रणनीति जल्दबाजी हो सकती है, लेकिन इस तेजी के पीछे भागना भी कोई समझदारी नहीं है। आईटी में उन कंपनियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, जिनके ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध हैं और जिनके पास AI से कमाई करने के ठोस मौके हैं। ऐसी कंपनियों से दूर रहने की जरूरत है जो अभी भी कमजोर मांग से जूझ रही हैं।

क्या आप कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क हैं? कंजम्पशन डिमांड और इससे जुड़े शेयरों पर आपकी क्या राय है?

राजेश कोठारी ने कहा कि कंजम्पशन सेक्टर को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के बजाय,चुनिंदा रुख अपनाना पसंद करेंगे। जरूरी चीजों पर होने वाले खर्च और गैर-जरूरी (वैकल्पिक) चीजों पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर समझना जरूरी है। कई ‘फास्ट फ्रीक्वेंसी’ डेटा इंडिकेटर कंजम्पशन ट्रेंड में सुधार दिखा रहे हैं (जैसे रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी, आदि)।

इस सेक्टर में ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनके पास मजबूत ब्रांड, अच्छा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कीमतों को तय करने की ताकत, अच्छी बैलेंस शीट और सही वैल्यूएशन हों। वैकल्पिक उपभोग (discretionary consumption) के सेक्टर में केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्भर रहने के बजाय, बिक्री की मात्रा (volume) में बढ़त के संकेतों पर भी नजर रखने की जरूरत है।

क्या आप आने वाले समय में ‘अल नीनो’ (El Niño) को बड़ा जोखिम मानते हैं? इसका महंगाई, ग्रामीण मांग और भारत के विकास पर क्या असर पड़ सकता है?

इसके जवाब उन्होंने कहा कि ‘अल नीनो’ एक जोखिम तो है,लेकिन इसे देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि भारत के विकास का पूरा आउटलुक ही खराब हो जाएगा। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले फसल उत्पादन, जलाशयों के जल-स्तर, खाने-पीने की चीजों की कीमतों के रुझान और ग्रामीण मांग के इंडीकेटरों पर नजर रखने की जरूरत है।

Q2FY27 में बैंकों के नतीजे कैसे रह सकते है? क्या इनके मौजूदा वैल्यूएशन अच्छे लग रहे है या इन स्तरों से आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है?

इसके जवाब में राजेश कोठारी ने कहा कि बैंक शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक है। ज़्यादातर बैंकों ने लोन वितरण (डिस्बर्समेंट) में अच्छी बढ़ोतरी और मज़बूत एसेट क्वालिटी की जानकारी दी है। अच्छे बैंकों में मध्यम अवधि के नजरिए निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं लेकिन वैल्यूएशन के नजरिए से चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।

ऐसे बैंकों पर फोकस करने की सलाह होगी जिनकी अर्निंग ग्रोथ को टिकाऊ कोर इनकम,अच्छी एसेट क्वालिटी और मजबूत फंडिंग फ्रेंचाइजी का सपोर्ट हासिल हो। अगले दो से तीन तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहनी चाहिए।

 

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

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Stocks to Watch: 19 अक्टूबर को Axis Bank, Yes Bank, HDFC Bank, RailTel, Zen Tech समेत इन शेयरों पर नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

सोमवार, 19 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में एक्सिस बैंक, HDFC Bank, यस बैंक, IDBI Bank, रेलटेल, जेन टेक्नोलोजिज, वेदांता जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा सोमवार को एक शेयर एक्स-स्टॉक स्प्लिट ट्रेड करने वाला है। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलीमर्स, HFCL, हिंदुस्तान जिंक, जस्ट डायल, डेल्टा कॉर्प, एलीवेट कैंपस, पिरामल फाइनेंस, SML महिंद्रा, वरमोरा ग्रैनिटो, शोभा, तत्व चिंतन फार्मा केम और वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस

इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

ICICI Bank: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही) में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर 20.1% बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7% बढ़कर 25,338.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.20% हो गया, नेट NPA घटकर 0.30% हो गया।

Axis Bank: Q2 में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 37.59 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 1.16 प्रतिशत रहा। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.35 प्रतिशत हो गया।

Yes Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 65% बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 22.7% बढ़कर 2,822 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 1.2% और नेट NPA 0.2% दर्ज किया गया।

HDFC Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 4.7% बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 9.7% बढ़कर 34,619.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.11% और नेट NPA घटकर 0.37% हो गया।

IDBI Bank: Q2 में स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2205.45 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 2.12 प्रतिशत और नेट NPA रेशियो घटकर 0.17 प्रतिशत पर आ गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफे में 21.1% का उछाल आया और यह 1,468.9 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 26.3% बढ़कर 4,145.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो 2.39% और नेट NPA रेशियो 0.31% रहा।

पंजाब नेशनल बैंक: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 12.8% बढ़कर 5,532.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 10.8% बढ़कर 11,601.3 करोड़ रुपये रही। ग्रॉस NPA रेशियो 2.55% और नेट NPA रेशियो 0.25% दर्ज किया गया।

अर्बन कंपनी: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 182.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 41.4% बढ़कर 537.3 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने इक्विटी और कनव​र्टिबल सिक्योरिटीज के जरिए 2,500 करोड़ रुपये तक जुटाने को मंजूरी दी है।

LTM: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 0.2% घटकर 1,397.9 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 13.6% बढ़कर 11,807.6 करोड़ रुपये हो गया। LTM ने प्रति शेयर 25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (Ixigo): Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 61.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले कंपनी 3.2 करोड़ रुपये के घाटे में थी। रेवेन्यू 12.9% बढ़कर 320.96 करोड़ रुपये हो गया।

RailTel: कंपनी को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), सिकंदराबाद से 167.52 करोड़ रुपये का ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (LoA) मिला है। यह RRB भर्ती प्रक्रिया के परीक्षा-पूर्व और परीक्षा-बाद के चरणों के लिए AM-RMS सेवाएं प्रदान करने से संबंधित है। इसके अलावा RailTel को ‘हेल्थ इंश्योरेंस TPA ऑफ इंडिया’ से 18.99 करोड़ रुपये का परचेज ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 3 साल की अवधि के लिए IT इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराएगी।

Zen Technologies: यह कॉग्निट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉग्निट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स: कंपनी को वेस्टर्न रेलवे के भावनगर डिवीजन के ‘चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर’ (CSTE) से 149.5 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। साथ ही, वेस्टर्न रेलवे के ही रतलाम डिवीजन से सिग्नलिंग कार्यों के लिए 134.11 करोड़ रुपये का एक और वर्क ऑर्डर मिला है।

ACME Solar Holdings: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘एक्मे ग्रीनटेक ट्वेंटी’ ने ‘सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (SECI) के साथ एक ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ किया है। यह समझौता FDRE ट्रेंच IX के तहत 300 MW के ‘अश्योर्ड पीक पावर प्रोजेक्ट’ के लिए है, जिसमें टैरिफ 6 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

LCC Projects: कंपनी को गुजरात सरकार से एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ टेंडर’ मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में मच्छु-I बांध से त्रिवेणी थंगा जलाशय और वांकानेर व चोटिला तालुका के विभिन्न गांवों तक पानी की आपूर्ति करना शामिल है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 10 वर्षों तक प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव का काम भी शामिल है। कॉन्ट्रैक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू 151.57 करोड़ रुपये है।

Vedanta: कंपनी ने ‘वेदांता जिंक इंटरनेशनल’ (VZI) के तहत ‘गाम्सबर्ग प्रोजेक्ट’ के दूसरे चरण में लगभग 60 करोड़ डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है। इसके जरिए दक्षिण अफ्रीका में कंपनी की सालाना जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 5 लाख टन हो जाएगी।

ग्लोबल सेटअप क्या बिगाड़ेगा खेल या बाजार दिखाएगा अपनी चाल, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे संकेत

RBL Bank: बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ‘एमिरेट्स NBD बैंक PJSC’ की सभी भारतीय शाखाओं को RBL बैंक में विलय करने की मंजूरी मिल गई है। यह विलय 1 दिसंबर, 2026 से प्रभावी होगा।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: कंपनी को ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल पर 765 kV GIS पुणे वेस्ट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट लगाने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। इसके लिए वार्षिक ट्रांसमिशन शुल्क 199.55 करोड़ रुपये तय किया गया है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के पुणे वेस्ट में एक नया 765/400 kV गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन लगाना शामिल है। इसके अलावा, इसमें पूरे महाराष्ट्र में 765 kV और 400 kV ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण और उनसे जुड़े बे (bays) का काम भी शामिल है।

स्टॉक स्प्लिट के लिए यह शेयर करेगा एक्स-ट्रेड

जटाशंकर इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अब गोवा जाने की जरूरत नहीं! बिहार में मिलेगा वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच, जानिए कहां-कहां उठा सकेंगे मजा

वाटर स्पोर्ट्स या वाटर एडवेंचर का नाम आते ही गोवा, केरल या दूसरे पर्यटन स्थलों का ख्याल आता है। लेकिन जल्द इसके लिए आपको दूर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार में आप वाटर स्पोर्ट्स का आनंद उठा सकेंगे। राज्य के बड़े जलाशयों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का प्लान है। इसके लिए बांका, जमुई, मुंगेर, लखीसराय और रोहतास के कई जलाशयों की पहचान की जा चुकी है। पटना में गंगा नदी में पहले से ही बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

बिहार के पांच जिलों में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की तैयारी

बिहार में पर्यटन को नया आयाम देने के उद्देश्य से नौ बड़े जलाशयों और एक बराज क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी गई हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इन जलाशयों के इस्तेमाल के लिए जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा था। जल संसाधन विभाग ने निर्धारित शर्तों के साथ एनओसी दे दिया है। इससे इन स्थानों पर वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने का रास्ता खुल गया है। अब दूसरे विभागों से मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है।

वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन जलाशयों की पहचान की गई है

बांका के बदुआ और ओढ़नी जलाशयों को वाटर स्पोर्ट्स के लिए बेस्ट माना गया है। इससे बांका में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जमुई में तीन जलाशयों को चिह्नित किया गया है। गड़ही, अपर किऊल और नागी-नकटी जलाशय आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स के नए केंद्र बन सकते हैं। मुंगेर के खड़गपुर और आंजन-कुकुरझप जलाशयों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। लखीसराय के मोरवे जलाशय को भी वाटर स्पोर्ट्स के लिए चिह्नित किया गया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी बराज क्षेत्र को भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए बेस्ट माना गया है।

पटना में पहले से उपलब्ध है गंगा में बोटिंग सुविधा

बिहार में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं केवल इन पांच जिलों तक सीमित नहीं हैं। पटना में गंगा नदी के दीघा घाट और गांधी घाट जैसे स्थानों पर बोटिंग तथा नौका विहार के ऑप्शन उपलब्ध हैं। इसके अलावा राजगीर की घोड़ा कटोरा झील और पांडु पोखर में भी बोटिंग जैसी गतिविधियों का अनुभव लिया जा सकता है। रोहतास के करमचट डैम में भी विकल्प मौजूद हैं।

सिर्फ पर्यटन नहीं, राज्य में नए रोजगार के भी खुलेंगे रास्ते

बिहार के जलाशयों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलने से राज्य में पर्यटन को  नई गति मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर बोटिंग संचालन, पर्यटक सुविधाओं, खानपान, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही आसपास के छोटे व्यवसायों को भी फायदा मिलने की संभावना है।

(पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट)

Stocks to Watch: 8 अक्टूबर को इन 16 शेयरों पर रहेगी नजर, ओला इलेक्ट्रिक से टाटा पावर तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में 16 कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी। इनसे राइट्स इश्यू, QIP, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक, टाटा पावर, सन फार्मा जैसे स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Ola Electric

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इश्यू में शेयर का भाव 27 रुपये तय किया गया है। कंपनी 37.03 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Power ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी। महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma के बोर्ड की 12 अक्टूबर को बैठक होगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर फैसला होगा। ये NCDs एक या कई चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

Jubilant FoodWorks

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू Q2 में सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 2,609 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11.6% बढ़कर 1,886 करोड़ रुपये रहा। Domino’s India की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4.1% रही और भारत में 88 नए स्टोर खुले।

HCLTech

आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने दक्षिण अफ्रीका में नया हेडक्वार्टर शुरू किया है। यह जोहान्सबर्ग के सैंडटन बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में है। नए हेडक्वार्टर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है।

Fino Payments Bank

डिजिटल बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank की रिन्यूअल इनकम Q2 में सालाना आधार पर 20% बढ़कर 28 करोड़ रुपये रही। बैंक के लोन डिस्बर्सल में भी तेज बढ़ोतरी हुई। सितंबर में लोन डिस्बर्सल 223% बढ़कर 278 करोड़ रुपये रहा।

Senco Gold

ज्वेलरी कंपनी Senco Gold का Q2 FY27 में कुल रेवेन्यू 31% बढ़ा। रिटेल रेवेन्यू 29% और SSSG 19% रहा। कंपनी ने कहा कि फेस्टिव डिमांड, ज्वेलरी की मजबूत खपत और हल्की ज्वेलरी की बढ़ती पसंद से ग्रोथ को सपोर्ट मिला।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller का Q2 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 28% बढ़ा और कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई। कंपनी ने तिमाही में बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये भी हासिल किए।

Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर Gujarat Pipavav Port के Q2 में लिक्विड कार्गो वॉल्यूम 0.38 MMT से घटकर 0.32 MMT रहा। ड्राई बल्क कार्गो भी 1.05 MMT से घटकर 0.94 MMT हो गया। हालांकि, कंटेनर कार्गो वॉल्यूम 1.64 लाख TEUs से बढ़कर 1.92 लाख TEUs रहा।

Godrej Properties

रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने बांद्रा बे में ‘बेसाइड प्रोमेनेड’ के पहले फेज के डेवलपमेंट के लिए BMC और RC ग्रुप के साथ डील की है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के बांद्रा बे इलाके से जुड़ा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में शामिल होगी।

Anant Raj

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj की सब्सिडियरी ने Orange Business Singapore के साथ हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। यह डील ग्लोबल क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विस के विस्तार से जुड़ी है। इसके तहत हरियाणा में डेटा सेंटर और क्लाउड से जुड़े कारोबार को बढ़ाने पर काम होगा।

HAL

सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HAL के बोर्ड ने Anindya Biswas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति सरकारी नॉमिनी के तौर पर की गई है। बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

MRF

टायर बनाने वाली कंपनी MRF से जुड़े टैक्स मामले में केरल टैक्स अथॉरिटी ने डिमांड घटा दी है। FY15 से जुड़े मामले में टैक्स डिमांड 91.53 करोड़ रुपये से घटाकर 36.19 करोड़ रुपये कर दी गई है।

Allcargo Terminals

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Terminals का सितंबर में कुल वॉल्यूम 61,800 TEUs रहा। अगस्त के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट आई। सालाना आधार पर भी कंपनी का कुल वॉल्यूम 7% घटा है।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट कंपनी ASK Automotive की राजस्थान स्थित भिवाड़ी यूनिट की GST अधिकारियों ने जांच की है। कंपनी के मुताबिक, इस जांच का उसके फाइनेंशियल या बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं है।

TD Power Systems

पावर इक्विपमेंट कंपनी TD Power Systems ने QIP के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने इश्यू के लिए 775.35 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। निवेशकों को इस कीमत पर 5% तक डिस्काउंट मिल सकता है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Tata Power Floating Solar: टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी।

इसके लिए महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह जलाशय टाटा पावर का है।

फ्लोटिंग सोलर क्या होता है

फ्लोटिंग सोलर यानी पानी की सतह पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल होते हैं। इसमें जमीन पर पैनल लगाने के बजाय किसी जलाशय, झील या तालाब की सतह पर पैनल लगाए जाते हैं।

इससे जमीन की जरूरत कम होती है। और खाली पड़ी पानी की सतह का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है।

पायलट प्रोजेक्ट में क्या जांच की जाएगी?

इस पायलट में टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस देखी जाएगी। साथ ही इसकी भरोसेमंद क्षमता और लागत भी जांची जाएगी। कंपनियां यह भी देखेंगी कि भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए इसकी तुलना मौजूदा फ्लोटिंग सोलर सिस्टम से की जाएगी।

तुलना में बिजली उत्पादन, क्षमता का इस्तेमाल और इंस्टॉलेशन का समय देखा जाएगा। ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जरूरत, लागत और पूरे प्रोजेक्ट की कारोबारी व्यवहार्यता भी जांची जाएगी।

बाकी फ्लोटिंग सोलर से अलग कैसे?

आमतौर पर फ्लोटिंग सोलर सिस्टम में पैनल को पानी पर तैराने के लिए पॉन्टून का इस्तेमाल होता है। कई पॉन्टून को आपस में जोड़कर एक स्ट्रक्चर बनाया जाता है। ओशन सन की टेक्नोलॉजी इससे अलग है। इसमें सोलर पैनल एक पतली हाइड्रो-इलास्टिक मेम्ब्रेन पर लगाए जाते हैं। यह मेम्ब्रेन सीधे पानी की सतह पर तैरती है।

पायलट से मिलने वाले डेटा से इस टेक्नोलॉजी की असली क्षमता समझने में मदद मिलेगी। इसके बाद भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की संभावना देखी जाएगी।

भारत में 102 GW से ज्यादा क्षमता

टाटा पावर के मुताबिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के अनुमान के अनुसार भारत में फ्लोटिंग सोलर की क्षमता 102 GWp से ज्यादा है।

टाटा पावर के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीर सिन्हा ने कहा कि इनोवेशन कंपनी के लिए काफी अहम है। कंपनी क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को तेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ओशन सन के साथ साझेदारी से ग्लोबल टेक्नोलॉजी को भारत में लाकर उसकी वास्तविक परिस्थितियों में जांचने का मौका मिलेगा।

इंडिया-EFTA समिट में हुआ समझौता

टाटा पावर और ओशन सन के बीच समझौता दूसरे इंडिया-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट के दौरान हुआ। इसमें भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

टाटा पावर का शेयर 7 अक्टूबर को 344.80 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें 1.95% की गिरावट रही।

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पानी की भारी किल्लत, पिछले साल के मुकाबले आधे रह गए जलाशय, क्या प्यासा रहेगा देश?

देश के कई राज्यों में कम बारिश का असर अब जलाशयों पर दिख रहा है। 1 अक्टूबर तक देश के प्रमुख जलाशयों में 71.84% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 90.31% था, जबकि सामान्य स्तर 81.79% है। यानी इस बार जलाशयों में पानी पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

पानी की कमी का असर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और तमिलनाडु में ज्यादा दिख रहा है। कई इलाकों में खेती के लिए पानी कम पड़ रहा है और फसलों को भी नुकसान हो रहा है।

आंध्र प्रदेश में तेजी से घटा पानी का लेवल

आंध्र प्रदेश में जलाशयों का पानी काफी कम हो गया है। 1 अक्टूबर तक यहां सिर्फ 35.14% पानी बचा था। पिछले साल इसी समय यह 88.60% था, जबकि सामान्य स्तर 71.85% है। कम बारिश और फसल खराब होने से राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से में सूखा घोषित किया गया है।

कर्नाटक में सूखे जैसे हालात

1 अक्टूबर तक कर्नाटक के जलाशयों में 59.98% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 89.16% और सामान्य स्तर 80.42% था।

पानी का स्तर कम होने से राज्य में सिंचाई और खेती को लेकर चिंता बढ़ रही है। सूखे जैसे हालात का असर किसानों पर भी दिखाई दे रहा है।

महाराष्ट्र में मराठवाड़ा और विदर्भ की हालत खराब

5 अक्टूबर तक महाराष्ट्र के जलाशयों में 74.29% पानी था। पिछले साल इसी तारीख को यह 89.22% था। मराठवाड़ा और विदर्भ में कई जलाशयों की स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है।

• छत्रपति संभाजीनगर में पानी का भंडार 43.55% था, जबकि पिछले साल 82.96% था।

• अमरावती में इस बार 62.92% पानी रहा, जो पिछले साल 85.87% था।

• नागपुर में पानी का स्तर 72.02% रहा, जबकि पिछले साल यह 89.08% था।

कई इलाकों में फसलें खराब हुई हैं। अगर अगले फसल सीजन तक पानी की स्थिति नहीं सुधरी, तो किसानों और गांवों में रहने वाले परिवारों की मुश्किल बढ़ सकती है।

राजस्थान में कई इलाकों में सूखे का असर

5 अक्टूबर तक राजस्थान के जलाशयों में 61.93% पानी था। जोधपुर में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां सिर्फ 15.72% पानी बचा है, जबकि पिछले साल इसी समय 80.25% पानी था।

पाली, जालौर और जैसलमेर में सूखे की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जोधपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बालोतरा, राजसमंद, उदयपुर और सिरोही भी प्रभावित इलाकों में शामिल हैं।

कम बारिश का असर बाजरा, मोठ, सोयाबीन, मूंग और दूसरी खरीफ फसलों पर भी पड़ा है। राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में सूखे से राहत के लिए कदम उठाए हैं।

तेलंगाना में सूखा घोषित करने की मांग

तेलंगाना के जलाशयों में भी पानी काफी कम है। 1 अक्टूबर तक यहां 40.75% पानी था, जबकि पिछले साल इसी समय 86.10% था। सामान्य स्तर 78.95% है।

कम बारिश और फसल के नुकसान को देखते हुए विपक्षी दल सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पानी का स्तर कम होने से आने वाले समय में खेती और पीने के पानी को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

तमिलनाडु में भी बड़ा अंतर

तमिलनाडु में 1 अक्टूबर तक जलाशयों में 37.27% पानी था। पिछले साल इसी समय यह 91.96% था। राज्य का सामान्य स्तर 66% है।

यानी इस बार पानी का भंडार पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे है। इससे सिंचाई और आने वाले फसल सीजन को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

केरल की स्थिति सामान्य से नीचे

केरल में जलाशयों का स्टोरेज 59.88% था। पिछले साल यह 76.06% और सामान्य स्तर 69.75% था। यहां भी पानी का भंडार पिछले साल और सामान्य स्तर दोनों से कम है।

कम पानी से बढ़ सकती है ये परेशानियां

• जलाशयों में पानी कम होने का सीधा असर सिंचाई और पीने के पानी पर पड़ सकता है। इसके साथ ही पनबिजली उत्पादन पर भी दबाव आ सकता है।

• सूखे की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो किसानों की फसल और कमाई प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में काम के मौके घटने से लोगों के दूसरे जगहों पर जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।

• महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने यह भी चेतावनी दी है कि सूखे के दौरान बाल विवाह के मामले बढ़ सकते हैं।

आने वाले कुछ हफ्ते काफी अहम हैं। अच्छी बारिश हुई तो जलाशयों में पानी बढ़ सकता है और खेती की परेशानी कुछ कम हो सकती है। लेकिन बारिश कम हुई तो पानी की कमी और फसल के नुकसान से किसानों और ग्रामीण परिवारों की मुश्किल बढ़ सकती है।