Stocks in Focus: विजय केडिया और सुनील सिंघानिया ने सितंबर में खरीदे ये 2 शेयर, एक ने 5 साल में दिया है 2600% का मल्टीबैगर रिटर्न

Stocks in Focus: बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो में नई एंट्री पर हमेशा नजर रहती है। सितंबर 2026 में सुनील सिंघानिया और विजय केडिया ने दो छोटे-मिडकैप शेयरों में खरीदारी की। खास बात यह है कि दोनों ने ये शेयर सीधे प्रमोटर से खरीदे।

Abakkus Asset Manager ने 29 सितंबर को Axiscades Technologies के 12.88 लाख शेयर खरीदे। वहीं, Kedia Securities ने Robokidz Eduventures के 5.57 लाख शेयर प्रमोटर से खरीदे। Robokidz की लिस्टिंग 28 सितंबर को हुई थी। वहीं, Axiscades ने पिछले 5 साल में 2600% से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

Axiscades Technologies

Axiscades Technologies एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इसकी सब्सिडियरी Mistral Solutions डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹8,800 करोड़ है। प्रमोटर Jupiter Capital ने सितंबर में 46.2 लाख शेयर बेचे। इससे उसकी हिस्सेदारी 55.68% से घटकर 44.82% रह गई।

Abakkus ने इनमें से 12.88 लाख शेयर ₹1,824 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹235 करोड़ रही। इस डील के बाद स्टॉक में अपर सर्किट लगा था। पिछले कारोबारी सत्र में यह स्टॉक 3.62% की बढ़त के साथ ₹2,311.90 पर बंद हुआ।

Axiscades अब इंजीनियरिंग सर्विसेज से आगे बढ़कर डिफेंस और मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। कंपनी ने 2026 में अपनी कुछ इंजीनियरिंग सर्विसेज बिजनेस यूनिट्स Akkodis को बेचने का समझौता किया।

कंपनी का Power 930 प्लान FY30 तक करीब ₹9,000 करोड़ का रेवेन्यू और ₹960 करोड़ का मुनाफा हासिल करने का है। FY26 में नेट प्रॉफिट ₹72 करोड़ था। हालांकि, कर्ज बढ़ना और निगेटिव फ्री कैश फ्लो चिंता की वजह हैं। FY26 में कंपनी का कर्ज ₹388 करोड़ था।

Robokidz Eduventures

Robokidz स्कूलों में रोबोटिक्स, कोडिंग, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स लैब तैयार करती है। कंपनी लैब सेटअप के साथ किट, करिकुलम और टीचर ट्रेनिंग भी देती है।

दिग्गज निवेशक विजय केडिया की Kedia Securities ने प्रमोटर से 5.57 लाख शेयर ₹77.50 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹4.3 करोड़ थी। यह IPO प्राइस ₹106 से करीब 27% कम था।

IPO को 580 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। शेयर ₹201.40 पर लिस्ट हुआ था। यह स्टॉक पिछले कारोबारी सत्र में 5% की गिरावट के साथ ₹221 पर बंद हुआ।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹93 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹10.1 करोड़ रहा। हालांकि, ग्राहकों से पेमेंट मिलने में औसतन 279 दिन लगे और ऑपरेशनल कैश फ्लो निगेटिव रहा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस फंड हाउस ने 20% पैसा कैश में रखा है, मार्केट 5-7% गिरने पर इन शेयरों में लगाएगा

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ अनिरुद्ध नाहा ने 15-20 फीसदी कैश में रखा है। उनका मानना है कि अभी देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर मार्केट पर दिख रहा है। उन्हें मार्केट में तेज गिरावट का इंतजार है। ऐसा होने पर वह इस पैसे को इनवेस्ट करेंगे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मौकों पर नजर

नाहा ने कहा कि निफ्टी में 5-7 फीसदी करेक्शन आने पर उनका फंड हाउस निवेश के मौकों को देखना शुरू करेगा। हालांकि, फंड हाउस की पसंद लार्जकैप शेयर नहीं होंगे। अगर अर्निंग्स ग्रोथ के हिसाब से वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिखती है तो फंड हाउस मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी निवेश करेगा।

बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश नहीं रखा

उन्होंने कहा कि कम से कम बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश अपने पास नहीं रखा था। उन्होंने बताया कि उनका फंड हाउस बॉटम-अप एप्रोच का इस्तेमाल करता है। यह इसके लिए PEG रेशियो का इस्तेमाल करता है। प्राइस-टू-अर्निंग्स को अर्निग्स ग्रोथ से डिवाइड करने पर PEG Ratio मिलता है।

कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर पीक से 30-35% नीचे

नाहा ने कैपिटल गुड्स को ऐसा सेक्टर बताया जो, फंड हाउस की स्ट्रेटेजी में फिट बैठता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बाद कई कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 30-35 फीसदी तक नीचे हैं। इस सेगमेंट में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और बेयरिंग्स कंपनियों पर जोर दिया।

लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थ केयर सेक्टर भी अट्रैक्टिव 

हेल्थकेयर दूसरा सेगमेंट है, जिस पर नाहा की नजर है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर के शेयरों में अगर और गिरावट आती है तो वे और अट्रैक्टिव हो जाएंगे। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मौके दिख रहे हैं। इस सेक्टर की एक खास बात यह है कि इस पर मंदी का असर नहीं दिखता है।

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एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा

नाहा की लिस्ट में एसेट मैनेजमेंट कंपनियां तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी घटी है, जबकि अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। भारत में परिवारों की सेविंग्स अब फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में जा रही है। इस वजह सेअगले पांच से सात सालों में इस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर के बारे में कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से फंड हाउस की नजरें इस सेक्टर पर है।

हेल्थकेयर और छोटी एनबीएफसी स्टॉक्स में निवेश से होगा फायदा, एक्सपर्ट प्रंशात खेमका की सलाह

शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव हो रहा है। व्हाइटओक कैपिटल ग्रुप के फाउंडर प्रशात खेमका का कहना है कि इनवेस्टर्स को अभी अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों के शेयरों पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्हाइटओक खुद लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में ऐलोकेशन बदलने की जगह सिर्फ उन बिजनेसेज की पहचान पर फोकस करती है, जिनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रह सकता है।

लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब एआई स्टॉक्स पर दबाव

उनका मानना है कि अलग-अलग मार्केटकैप वाले शेयरों का प्रदर्शन साइकिल में अलग-अलग समय पर अच्छा रहता है। इसलिए उन शेयरों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है जिनमें हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब AI से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

एआई शेयरों में निवेश घटने पर भारत का फायदा

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों को लेकर सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। फिर भी, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह ट्रेंड जारी रहेगा। भारत को तब फायदा हुआ है, जब दुनिया में इनवेस्टर्स ने एआई से जुड़ी कंपनियों में अपने निवेश घटाए हैं। हाल में दक्षिण कोरिया के बाजारों में बड़ी गिरावट दिखी। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट का बड़ा हाथ था।

लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव

खेमका ने कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर पर अभी भी उनका आउटलुक पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च करना जारी रखेंगी और इनका महत्व कम करने की जगह AI इंडस्ट्री के स्वरूप में बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर एग्जिक्यूशन वाली कुछ मिडकैप कंपनियां खुद को लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले जल्द बदलने में कामयाब होंगी।

हेल्थकेयर, एनबीएफसी स्टॉक्स में दिख रहे मौके

उन्होंने हेल्थकेयर को व्हाइटओक का पंसदीदा सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि फार्मा, हॉस्पिटल्स और डायगोस्टिक्स में कई लिस्टेड कंपनियां हैं। इस सेक्टर में काफी डायवर्सिटी है, जिससे सुपर रिटर्न देने की क्षमता वाली कंपनियों की पहचान की जा सकती है। कुछ एनबीएफसी में भी निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। खासकर छोटी एनबीएफसी ठीक लग रही हैं, जो कम इनकम वाले ग्राहकों पर फोकस करती हैं।

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प्राइवेट डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स भी अट्रैक्टिव

खेमका ने कहा कि अनसेक्योर्ड लोन को लेकर बढ़ती चिंता और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कई एनबीएफसी कंपनियों के शेयरों में करेक्शन दिखा है। कुछ एनबीएफसी की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिख रही है। इंडस्ट्रियल्स में उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनियों, कुछ कैपिटल गुड्स और मशीनरी बिजनेसेज को अट्रैक्टिव बताया।