Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच जब चारों तरफ तबाही का मंजर था, तब एक महिला पायलट आसमान से जिंदगी बचाने की जंग लड़ रही थी। नाम है प्रिया अधिकारी, नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन। प्रिया ने महज छह दिनों में करीब 100 रेस्क्यू मिशन पूरे कर बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।

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41 वर्षीय प्रिया अधिकारी इन दिनों नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में भी उन्होंने कई रेस्क्यू उड़ानें भरीं।  प्रिया की कहानी सिर्फ एक महिला पायलट की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस हिम्मत की कहानी है, जिसमें आसमान से नीचे दिख रही तबाही के बावजूद किसी अनजान इंसान की जिंदगी बचाने का जज्बा कायम रहता है। जहां जमीन पर रास्ते खत्म हो गए, वहां प्रिया ने आसमान को रास्ता बनाया और जिंदगी की तलाश जारी रखी।

6 दिन में करीब 100 रेस्क्यू मिशन

तिमुरे में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। करीब 20 हेलिकॉप्टर लगातार राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रिया के मुताबिक, कई बार एक ही स्थान पर पांच या छह हेलिकॉप्टरों को एक साथ उतरकर लोगों को निकालना पड़ता है। ऐसे में पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से समन्वय करना पड़ता है।

 

लेकिन चुनौती केवल हेलिकॉप्टर उतारने तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में इतनी मोटी कीचड़ जमा है कि हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारकर इंजन बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में पायलटों को रेस्क्यू के दौरान लगातार पावर बनाए रखनी पड़ती है।

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नीचे तबाही का मंजर, फिर भी बचाने की उम्मीद

प्रिया ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान के दौरान जो दृश्य देखे, उन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। बाढ़ के बाद कई जगह शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद राहत अभियान लगातार जारी रहा। पहले दो दिनों में ही इलाके से 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस अभियान में सेना के Augusta हेलिकॉप्टरों समेत पांच-छह हेलिकॉप्टर लगातार जुटे रहे। प्रिया कहती हैं कि उन्होंने ऊपर से पूरी बर्बादी देखी—हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए, घर और बुनियादी ढांचा बह गया और कई लोगों की जान चली गई।

 

‘आप बच गए हैं…’ यही प्रिया की सबसे बड़ी खुशी

 

तबाही के बीच भी प्रिया को मुस्कुराने की एक वजह मिलती है—जिंदा बचे लोग। रेस्क्यू के दौरान जब वह किसी जगह हेलिकॉप्टर उतारती हैं और लोगों को हाथ हिलाते हुए देखती हैं, तो उनके लिए वह पल बेहद भावुक होता है। वह उनसे कहती हैं—“आप बच गए हैं।” प्रिया के लिए ये लोग उनके रिश्तेदार नहीं हैं। वे उनके लिए अजनबी हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के बाद मिलने वाली भावनात्मक खुशी उनके लिए किसी रिश्ते से कम नहीं।

 

उन्होंने बताया कि इस बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा है कि उन्हें यह नेपाल में आई 2015 की विनाशकारी भूकंप त्रासदी से भी बड़ी लगती है।

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कैसे बनीं नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन?

 

प्रिया अधिकारी का एविएशन तक पहुंचने का सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। हेलिकॉप्टर उड़ाना लंबे समय तक पुरुषों का दबदबा वाला क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन प्रिया ने इस सोच को चुनौती दी। उन्होंने Environmental Science की पढ़ाई की और इसके बाद Cabin Crew के तौर पर काम किया। एक हेलिकॉप्टर जॉय राइड ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

 

इसके बाद उन्होंने हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग लेने के लिए फिलीपींस का रुख किया। आवश्यक फ्लाइंग आवर्स पूरे करने के बाद उन्होंने पायलट के रूप में अपना करियर आगे बढ़ाया और आखिरकार 2017 में फुल-टाइम हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं। आज वही प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन हैं और प्राकृतिक आपदा के बीच अपनी हिम्मत, हुनर और अनुभव के दम पर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हैं।

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

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भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। रूस ने भारत के सामने अपने अत्याधुनिक S-500 Prometheus एयर डिफेंस सिस्टम और Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव रखा है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 31 अगस्त को बिश्केक में हुई मुलाकात के बाद रक्षा सहयोग पर चर्चा एक बार फिर केंद्र में है। दोनों नेताओं की नई दिल्ली में भी मुलाकात होने की संभावना है।

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रूस की नई पेशकश ऐसे समय में आई है जब भारत की रक्षा नीति तेजी से बदल रही है। एक तरफ भारत स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है, वहीं दूसरी ओर वायुसेना की तत्काल जरूरतें भी हैं। भारत को तय करना होगा कि S-500 जैसी विदेशी एयर डिफेंस प्रणाली की कितनी जरूरत है, जबकि Project Kusha जैसी स्वदेशी प्रणालियां आगे बढ़ रही हैं। 

IAF को यह भी तय करना होगा कि AMCA के आने तक इंतजार करना बेहतर है या Su-57 जैसे विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को अंतरिम विकल्प के तौर पर शामिल किया जाए। अंतिम फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात से नहीं होगा, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाला राजनीतिक समर्थन बड़े रक्षा समझौतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

S-400 के बाद S-500 पर रूस का फोकस

रूस भारत के साथ एयर और मिसाइल डिफेंस सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने के लिए S-500 Prometheus का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है। इससे पहले भारत द्वारा तैनात किए गए रूसी S-400 सिस्टम ने भी काफी ध्यान आकर्षित किया है। खबरों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी हवाई खतरों से निपटने के लिए S-400 सिस्टम का इस्तेमाल किया था। इसी अनुभव के बाद रूस अब भारत को अतिरिक्त S-400 सिस्टम देने के साथ S-500 पर भी चर्चा आगे बढ़ा रहा है।

 

मोदी-पुतिन मुलाकात से एक दिन पहले रूस की ओर से भारत को S-400 की पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन देने का प्रस्ताव रखे जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो भारत के पास पहले से तय स्क्वाड्रन की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।

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S-500 खरीदना भारत के लिए कितना जरूरी?

 

भारत के सामने S-500 को लेकर फैसला आसान नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि भारत खुद लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता विकसित कर रहा है। Project Kusha को S-400 श्रेणी की स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भारत का बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में भारत को यह आकलन करना होगा कि S-500 वास्तव में किसी मौजूदा क्षमता की कमी को पूरा करेगा या फिर यह स्वदेशी प्रणालियों के साथ काफी हद तक समान भूमिका निभाएगा।

 

Su-57 पर भी भारत के सामने बड़ा फैसला

रूस की दूसरी बड़ी पेशकश Su-57 Felon पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर विमान है। रूस का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारतीय वायुसेना लड़ाकू स्क्वाड्रनों की कमी से जूझ रही है और भारत का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) अभी ऑपरेशनल होने से कई साल दूर है।

 

रूस ने संकेत दिए हैं कि Su-57 के संभावित सौदे में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर उत्पादन और भारत में मैन्युफैक्चरिंग जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। Su-57 को AMCA के उपलब्ध होने तक एक संभावित स्टॉपगैप विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, भारत के लिए इसे खरीदने में कीमत, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और रणनीतिक जरूरतों जैसे कई पहलुओं पर विचार करना होगा।

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चीन और पाकिस्तान की पांचवीं पीढ़ी के फाइटर से बढ़ी चुनौती

भारत के सामने चुनौती इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पड़ोसी देश भी स्टील्थ फाइटर क्षमता तेजी से बढ़ा रहे हैं।

चीन के पास बड़ी संख्या में J-20 स्टील्थ फाइटर होने का अनुमान है, जबकि पाकिस्तान को चीन से J-35 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारत के सामने अहम सवाल है कि क्या AMCA के आने तक इंतजार किया जाए या फिर अंतरिम अवधि के लिए किसी विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को शामिल किया जाए।

 

Su-57 से IAF के लिए बढ़ सकती है लॉजिस्टिक चुनौती

 

Su-57 को भारतीय वायुसेना में शामिल करने से एक और चुनौती सामने आ सकती है। IAF के बेड़े में पहले से ही कई अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमान शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख फाइटर बेड़े में Su-30MKI, MiG-29, Rafale, Mirage 2000, Jaguar और स्वदेशी Tejas शामिल हैं। हर नए फाइटर के लिए अलग पायलट ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, हथियार, मेंटेनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की जरूरत होती है। ऐसे में Su-57 को शामिल करने से बेड़े का संचालन और जटिल हो सकता है।

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 S-500 और Su-57 के अलावा भी रूस की कई पेशकश

 

रूस की पेशकश केवल S-500 और Su-57 तक सीमित नहीं है। मॉस्को भारत के लिए Voronezh Strategic Early-Warning Radar पर भी सहयोग की संभावना तलाश रहा है। यह रडार लंबी दूरी से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च और अन्य खतरों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। इसके अलावा रूस, Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के साथ भारत के Su-30MKI बेड़े के अपग्रेड और रूसी मूल की Kilo-class submarines के आधुनिकीकरण में भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 वर्षीय भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) की मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई।   बृष्टि का शव उनके गांव स्थित आवास में फंदे से लटका मिला। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी का शव रामपुरहाट इलाके के कुसुम्बा स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे से बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी

 

रिपोर्टों के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी उन करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्तियों को लेकर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में जांच हुई थी। बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थीं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम कथित तौर पर 608वें स्थान पर था। हाईकोर्ट के फैसले को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।

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कोर्ट के फैसले के बाद तनाव में होने की बात

 

रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक भर्ती मामले में अदालत के फैसले के बाद बृष्टि मानसिक तनाव में थीं। परिवार की ओर से बताया गया कि उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

क्या है West Bengal SSC भर्ती मामला?

यह मामला 2016 West Bengal State Level Selection Test (SLST) के जरिए स्कूलों में हुई शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है। आरोप था कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को कथित तौर पर अनियमित तरीके से नौकरी दी गई। मामले की जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के आरोप सामने आए थे।

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इसी मामले के चलते करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का मामला अदालत तक पहुंचा। यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए प्रमुख भर्ती विवादों में शामिल रहा है। पुलिस फिलहाल बृष्टि मुखर्जी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

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रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड यानी RCPL अब आइसक्रीम बाजार में भी उतर गई है। कंपनी ने बॉम्बे क्रीमरी नाम से नया आइसक्रीम ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी कीमत ₹10 से शुरू होगी। बॉम्बे क्रीमरी की आइसक्रीम रियल डेयरी क्रीम से बनाई जाएगी। कंपनी ने इसे कोन, कप, टब, बार और स्टिक जैसे अलग-अलग फॉर्मेट में उतारा है। फिलहाल इसकी बिक्री पश्चिम भारत में शुरू की जा रही है और जल्द ही इसे पूरे देश में उपलब्ध कराने की योजना है।

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RCPL का कहना है कि वह बॉम्बे क्रीमरी को किफायती कीमत पर प्रीमियम डेयरी अनुभव देने वाले ब्रांड के तौर पर पेश कर रही है। कंपनी अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, रिटेल पहुंच और कंज्यूमर इनसाइट्स के सहारे इस कैटेगरी में लंबे समय के लिए उतर रही है।

 

RCPL के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने कहा कि बॉम्बे क्रीमरी को इस सोच के साथ तैयार किया गया है कि आइसक्रीम में डेयरी की असली पहचान बनी रहे। कंपनी का दावा है कि वह रियल डेयरी क्रीम से बनी आइसक्रीम को ऐसी कीमत पर उपलब्ध कराना चाहती है, जो भारतीय परिवारों की पहुंच में हो।

 

बॉम्बे क्रीमरी के साथ RCPL पहली बार आइसक्रीम कैटेगरी में उतर रही है। कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की FMCG इकाई है और अलग-अलग कंज्यूमर प्रोडक्ट कैटेगरी में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

10,000mAh बैटरी के साथ नया Redmi फोन लॉन्च! मिलेगा 50MP OIS कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, जानें कीमत

Xiaomi ने चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में Redmi Note 17 Pro Max 5G लॉन्च कर दिया है, जिसमें 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट और 512GB तक की स्टोरेज दी गई है। इस स्मार्टफोन में OIS के साथ 50MP का मेन कैमरा, 32MP का फ्रंट कैमरा और 100W वायर्ड चार्जिंग वाली 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी भी दी गई है। अब चलिए जानते हैं फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में।

Redmi Note 17 Pro Max 5G की कीमत और उपलब्धता

जापान में Redmi Note 17 Pro Max 5G के 8GB + 256GB वेरिएंट की कीमत JPY 79,980 (लगभग ₹47,900) और 8GB + 512GB मॉडल की कीमत JPY 99,980 (लगभग ₹59,900) है। यह Cloudbrush, Purple और Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

Redmi Note 17 Pro Max 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 1.5K और रिफ्रेश रेट 120Hz तक है। यह पैनल 3,500 निट्स तक की ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है और इसमें 12-बिट कलर डेप्थ, DCI-P3 कलर गैमट, HDR10+ और डॉल्बी विजन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसे कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 से सुरक्षा दी गई है और यह 3,840Hz PWM डिमिंग और वेट टच टेक्नोलॉजी 2.0 को भी सपोर्ट करता है।

Redmi Note 17 5G सीरीज के Pro Max वेरिएंट में Snapdragon 6 Gen 5 SoC प्रोसेसर है, जिसके साथ 8GB LPDDR5X RAM और 512GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलता है। यह फोन Android 16 पर आधारित Xiaomi के HyperOS 3 पर चलता है और इसमें AI Eraser Pro, AI Reflection Removal, AI Image Enhancement, AI Sky और AI Bokeh जैसे AI फीचर्स दिए गए हैं। फोन Google Gemini फीचर्स को भी सपोर्ट करता है, हालांकि Xiaomi का कहना है कि इनकी उपलब्धता इलाके और सॉफ्टवेयर वर्जन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो, फोन में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा है। रियर कैमरा 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा भी 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है।

कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G, डुअल सिम, Wi-Fi 6, Bluetooth 6.0 और NFC का सपोर्ट मिलता है। इसमें इन्फ्रारेड ब्लास्टर भी दिया गया है, जिसकी मदद से फोन को कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के रिमोट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेंसर की बात करें तो फोन में एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, इलेक्ट्रॉनिक कंपास, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और एम्बिएंट लाइट सेंसर दिए गए हैं।

बैटरी और सिक्योरिटी

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है और यह 100W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यह 27W तक की वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। सुरक्षा के लिए, इसमें इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट सेंसर और फेशियल रिकग्निशन की सुविधा है।

Redmi का दावा है कि Note 17 Pro Max 5G मॉडल पानी और धूल से बचाव के लिए IP66 और IP68 रेटिंग को पूरा करता है। इसके अलावा, फोन की ऊंचाई 163.44mm, चौड़ाई 78.27mm और मोटाई 8.65mm है, जबकि Cloudbrush वेरिएंट की मोटाई 8.57mm है। इसका वजन 229.5 ग्राम है।

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