Stocks to Watch: 9 अक्टूबर को TCS, Wipro, Infosys, JSW Steel, NCC समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में TCS, JSW स्टील, P N गाडगिल ज्वेलर्स, NCC, पेस डिजिटेक, ITC जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, तिमाही बिजनेस अपडेट, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में 3 कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही कुछ शेयर एक्स-डिविडेंड और एक्स-बोनस ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

पूनावाला फिनकॉर्प, केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आनंद राठी वेल्थ, कैन फिन होम्स, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म, हैथवे भवानी केबलटेल एंड डेटाकॉम

10 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LCC इन्फोटेक, प्रीमियर पॉलीफिल्म

शुक्रवार को इन शेयरों पर रहेगी नजर

IT कंपनियों के शेयर: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, HCL Technologies और इंफोसिस समेत कई टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने H-1B वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया।

TCS: जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। EBIT 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

P N Gadgil Jewellers: Q2 में रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.4% बढ़ा। रिटेल सेगमेंट में 31.1% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें सेम-स्टोर सेल्स में 25.5% की अच्छी बढ़ोतरी शामिल है। फ्रैंचाइजी बिजनेस में 34.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं ई-कॉमर्स सेगमेंट में 83.6% की गिरावट आई।

JSW Steel: Q2 में कंसोलिडेटेड क्रूड स्टील प्रोडक्शन सालाना आधार पर 5% बढ़कर 7.27 मिलियन टन हो गया। भारत में क्रूड स्टील प्रोडक्शन 5% बढ़कर 7.07 मिलियन टन रहा।

IRB Infrastructure Developers: सितंबर महीने में टोल से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹772.5 करोड़ हो गई।

SML Mahindra: सितंबर महीने में कमर्शियल वाहनों का प्रोडक्शन सालाना आधार पर 19.83% बढ़कर 1,257 यूनिट रहा। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 31.90% बढ़कर 1,071 यूनिट पर पहुंच गई। कमर्शियल वाहनों का एक्सपोर्ट 61.59% घटकर 53 यूनिट रह गया।

Waaree Renewable Technologies: कंपनी को एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) से 5 MWp ग्रिड-कनेक्टेड सोलर फोटोवोल्टिक (PV) प्रोजेक्ट के लिए टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) काम का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। इसमें 10 साल के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस सर्विस भी शामिल है।

NCC: कंपनी को हैदराबाद ग्रोथ कॉरिडोर से ₹1,286.03 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तेलंगाना में NH-167N पर बडवेल के पास आउटर रिंग रोड (ORR) से नचाराम तक रेडियल रोड-2 के निर्माण के लिए है (पैकेज 1: बडवेल से शबाद)।

Hexaware Technologies: कंपनी ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ कई सालों की पार्टनरशिप की घोषणा की है और एंथ्रोपिक के ‘Claude पार्टनर नेटवर्क’ में एक पसंदीदा पार्टनर बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत Claude को हेक्सावेयर के दो प्लेटफॉर्म्स में शामिल किया जाएगा: AI-नेटिव इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म- Zerovity और एजेंट-बिल्डिंग और गवर्नेंस प्लेटफॉर्म- AgentVerse।

KEC International: कंपनी को अपने ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स, और केबल्स व कंडक्टर्स बिजनेस में ₹1,030 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स के साथ, इस साल अब तक मिले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू ₹8,600 करोड़ से ज्यादा हो गई है।

Pace Digitek: कंपनी को BSES राजधानी पावर (BSES) से दिल्ली में 57.5 MW/115 MWh स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के डेवलपमेंट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह प्रोजेक्ट 12 साल के ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल के तहत डेवलप किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹179.4 करोड़ का खर्च आएगा।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

One Mobikwik Systems: बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने 10.78 करोड़ रुपये में 4.48 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं।

Eimco Elecon: एनिग्मा स्मॉल अपॉर्चुनिटीज फंड ने 10.47 करोड़ रुपये में 47,141 शेयर खरीदे हैं।

ITC: GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड ने 36.5 करोड़ इक्विटी शेयर 9,395.44 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इसके अलावा, एलायंस विटन PLC ने कंपनी में 16.11 लाख शेयर 41.46 करोड़ रुपये में बेचे हैं। खबरों के मुताबिक, GQG पार्टनर्स और एलायंस विटन ने कुल 2.92 प्रतिशत हिस्सेदारी 14 ग्लोबल और घरेलू इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को बेची।

AAA Technologies: संस्थागत निवेशक नॉटिलस प्राइवेट कैपिटल ने 4.19 करोड़ रुपये में 4.05 लाख शेयर बेचे हैं।

SME लिस्टिंग

पैरामाउंट सिंटेक्स

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज

TNA सॉल्यूशंस

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सेलिया सॉल्यूशंस इंडिया

स्काईवेज एयर सर्विसेज

कैस्पियन कॉर्पोरेट सर्विसेज

अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, विप्रो, इंफोसिस को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया, H-1B के दुरुपयोग का आरोप

बोनस के लिए ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-ट्रेड

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

बाय-बैक के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-ट्रेड

ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर क्रैश, कंपनी के इस ऐलान से शेयरों में बड़ी बिकवाली

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर 24 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। फिर बिकवाली दबाव बढ़ने पर 7 फीसदी तक क्रैश कर गया। शेयर का प्राइस अब तक के अपने सबसे निचले स्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह कंपनी का एक ऐलान है। स्विगी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 45.5 फीसदी तय करने का प्लान

Swiggy ने 23 जुलाई की शाम स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बोर्ड ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी 100 फीसदी तक विदेशी हिस्सेदारी की इजाजत है। इस प्रस्ताव को अब 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के एप्रूवल के लिए स्पेशल रिजॉल्यूशन की जरूरत पड़ेगी।

शेयर बाजारों के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है स्विगी

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगाड़िया ने कहा, “इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे स्विगी शेयर बाजार के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है।” इससे स्विगी के शेयरों में बिकवाली दिख सकती है। इसका असर शेयर की कीमतों पर पड़ेगा।

ग्लोबल सूचकांकों से बाहर होने पर शेयरों में होगी बड़ी बिकवाली

अभी MSCI Standard Index में स्विगी का वेटेज 28 बेसिस प्वाइंट्स है। पगाड़िया का मानना है कि इस सूचकांक से स्विगी के बाहर होने से स्विगी के शेयरों में 34 करोड़ डॉलर की बिकवाली दिख सकती है। इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 12.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है। FTSE Index में भी स्विगी का 24 बेसिस प्वाइंट्स का वेटेज है। इस सूचकांक से बाहर होने पर करीब 4.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है।

 कंपनी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर ऑपरेट कर सकेगी

इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्विगी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को ऑपरेट कर सकेगी। अभी Blinkit और Zepto इस मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान है कि इससे स्विगी का मार्जिन बढ़ सकता है। 11 बजे स्विगी का शेयर 6.11 फीसदी गिरकर 245.58 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर 37 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट 

उधर, शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार पांचवें दिन दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स सुबह में कमजोर खुले। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 11 बजे Nifty 1 फीसदी यानी 242 अंक गिरकर 23,627 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.10 फीसदी यानी 842 अंक गिरकर 75,543 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.84 फीसदी की गिरावट दिखी।

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Infosys shares Price:  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस  (Infosys ) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 24, जुलाई को BSE पर इंफोसिस का शेयर 2.5% गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर ₹1,023.30 प्रति शेयर पर पहुंच गया। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई।

बता दें कि IT कंपनी ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ बताया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था। हालांकि, पिछली तिमाही के आधार पर, नेट प्रॉफ़िट मार्च तिमाही (Q4FY26) में बताए गए ₹8,501 करोड़ से 8.6% कम हो गया।

IT कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशन से ₹48,211 करोड़ का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिसमें YoY में 14% और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.9% की ग्रोथ दर्ज की गई। Q1FY26 में रेवेन्यू ₹42,279 करोड़ और Q4FY26 में ₹46,402 करोड़ रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) टर्म्स में, रेवेन्यू YoY में 2.4% और QoQ में 1% बढ़ा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेजज फर्मों की राय 

HSBC

HSBC उन दो बड़े डाउनग्रेड में से एक है जो इंफोसिस को उसके नतीजों के बाद मिले हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग को पहले की “buy” रेटिंग से घटाकर “hold” कर दिया है और अपना टारगेट प्राइस भी पहले के ₹1,340 से घटाकर ₹1,110 कर दिया है।

HSBC ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि गाइडेंस में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन यह रकम आम उम्मीदों से ज़्यादा थी। हालांकि HSBC ने इंफोसिस के नियर-टर्म वैल्यूएशन को “सस्ता” बताया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि नियर-टर्म क्वार्टर कमजोर रहेंगे।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने भी इंफोसिस को उसकी पिछली “ओवरवेट” रेटिंग से डाउनग्रेड करके “Neutral” कर दिया है और स्टॉक का प्राइस टारगेट ₹1,050 रखा है। रेवेन्यू गाइडेंस में भारी कटौती को बताया और कहा कि ग्रोथ मोमेंटम को अब कई झटके लगे हैं, जिसमें कमजोर डिमांड, बढ़ता AI डिफ्लेशन, और डेमलर में चुनौतियां और एनर्जी, यूटिलिटीज रिसोर्सेज सर्विसेज (EURS) कॉन्ट्रैक्ट का खत्म होना शामिल है।

इंफोसिस का नया ऑर्गेनिक गाइडेंस, जो नेगेटिव 0.2% से पॉजिटिव 1.3% तक है, तेज मंदी की ओर इशारा करता है और वह भी मुश्किल माहौल में 0.4% से 1.4% कंपाउंड क्वार्टरली ग्रोथ रेट (CQGR) बनाए रखने पर निर्भर करता है।

CLSA

ब्रोकरेज ने इंफोसिस पर अपनी “outperform” रेटिंग राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹1,109 रखा है।CLSA ने कहा कि गाइडेंस में कटौती निराशाजनक थी, लेकिन EBIT मार्जिन बेहतर थे और ऑर्डर बुक भी स्थिर थी।इसने आशीष कुमार दाश को CEO-डेजिग्नेट के तौर पर नियुक्त करने को इंफोसिस के इतिहास में पहला मौका बताया, जब किसी इनसाइडर नॉन-फाउंडर को यह मौका दिया गया हो।

नोमुरा

नोमुरा ने इंफोसिस पर अपनी “Buy” रिकमेंडेशन बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,290 रखा है। इसने नेगेटिव रेवेन्यू को क्लाइंट स्पेसिफिक इश्यूज के लिए सरप्राइज बताया, और कहा कि स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने रिजल्ट्स की रिपोर्ट दी, जिसमें उसने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के अपर एंड में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की। अब गाइडेंस कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में 1.5% से 3% है, जो पहले 1.5% से 3.5% था।

सलिल पारेख भी अगले साल अपना टर्म पूरा होने पर MD और CEO का पद छोड़ देंगे और 1 अप्रैल, 2027 से उनकी जगह आशीष दाश लेंगे।

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