LPG Price Today: 1 जुलाई को बदल गए एलपीजी सिलेंडर के दाम, कमर्शियल सिलेंडर हुआ सस्ता, चेक करें आज के रेट

LPG Price Today @ 1 July: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के लिए महीने के पहले ही दिन राहत भरी खबर आई है। सरकार ने महीने की पहली तारीख से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹183.50 की बड़ी कटौती करने का फैसला किया है। इस ताजा कटौती के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम काफी नीचे आ गए हैं।

हालांकि, घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी दरें स्थिर बनी हुई हैं।

दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों में क्या हैं आज के रेट?

ताजा संशोधन के बाद देश के प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं:-

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब घटकर ₹2,930 हो गई है, जो पहले ₹3,113.50 थी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिलेंडर का रेट ₹3,236 से घटकर अब ₹3,052.50 पर आ गया है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में इसकी कीमत ₹3,255.50 से कम होकर ₹3,081.50 हो गई है।

पटना: बिहार की राजधानी पटना में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए ₹3,227 चुकाने होंगे।

साल 2026 में पहली बार घटे दाम, लगातार बढ़ रही थीं कीमतें

साल 2026 में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह पहली कटौती है। इससे पहले इस साल के शुरुआती महीनों में कीमतों में लगातार और भारी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। साल के शुरुआत में दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1,691.50 थी लेकिन इसके बाद के महीनों में दरें तेजी से बढ़ीं। अकेले मार्च के महीने में कीमतों को दो बार बढ़ाया गया।

पहले 1 मार्च को सिलेंडर ₹28 महंगा हुआ और फिर 7 मार्च को इसमें ₹114.50 की एक और बढ़ोतरी की गई। मई महीने में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में ₹993 की रिकॉर्ड तोड़ भारी बढ़ोतरी की गई, जिससे दिल्ली में इसका रेट बढ़कर ₹3,071.50 तक पहुंच गया था। इसके बाद 1 जून को भी कीमतों में ₹42 की एक और बढ़ोतरी लागू की गई थी।

पेट्रोल निर्यात पर बढ़ा टैक्स, घरेलू आपूर्ति मजबूत करने की कोशिश

एलपीजी की कीमतों में बदलाव के साथ ही केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को ₹1.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में आपूर्ति करने के बजाय सिर्फ अधिक मुनाफे की तलाश में विदेशों में पेट्रोल निर्यात करने से हतोत्साहित करना है। निर्यात शुल्क में किया गया यह ताजा संशोधन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बदलती कीमतों के बीच घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने के लिए किया गया है।

वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का असर

सरकार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुझानों और रिफाइनिंग मार्जिन के आधार पर समय-समय पर इस विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। यह पाक्षिक (हर 15 दिन में होने वाली) समीक्षा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजारों में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। इस वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर भारतीय रिफाइनरियों के ईंधन व्यापार और निर्यात अर्थशास्त्र पर पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें- Petrol-Diesel Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! नायरा एनर्जी का पेट्रोल 5 रुपये और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता

Petrol-Diesel Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! नायरा एनर्जी का पेट्रोल 5 रुपये और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता

Petrol-Diesel Rates: भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें बुधवार (1 जुलाई) से कंपनी के देशभर में मौजूद 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। यह पिछले दो सालों में किसी भी तेल कंपनी द्वारा की गई पहली बड़ी खुदरा ईंधन की कीमतों में कटौती है। कंपनी ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया है।

यह कीमत कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद हुई है। समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, देश भर में नायरा के 7,000 से ज़्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। राज्यों में लोकल टैक्स, जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) के आधार पर पंप पर असल कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

क्यों सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल?

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स के दोबारा खुलने से कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य हुई है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसका लाभ Nayara Energy ने अपने ग्राहकों को दिया है।

हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में IOC के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर ही मिल रहा है।

मार्च में बढ़ाए थे दाम

ईरान संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी आने पर Nayara Energy ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए थे। अब कंपनी ने वही बढ़ोतरी वापस ले ली है।

उपभोक्ताओं को कितना फायदा होगा?

यदि आप 50 लीटर पेट्रोल भरवाते हैं, तो लगभग ₹250 की बचत होगी।

यदि आप 50 लीटर डीजल भरवाते हैं, तो लगभग ₹150 की बचत होगी।

देशभर में आपूर्ति के लिए तैयार

सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद Nayara Energy की गुजरात के वाडिनार स्थित 20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही है। यह कंपनी देशभर में ईंधन की मांग पूरी करने के लिए तैयार है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में उछाल आने के बाद फ्यूल की कीमतें बढ़ाने वाली पहली रिटेलर्स में नायरा शामिल थी। 26 मार्च को उसने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

बाद में सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने भी कीमतें बढ़ाईं। मई के दूसरे हिस्से में कई बार कीमतों में बदलाव करते हुए उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल क्रूड की ज़्यादा कीमतों और प्रोडक्ट की ज्यादा लागत को दिखाती है। बुधवार को नायरा द्वारा की गई कटौती असल में मार्च में की गई बढ़ोतरी को वापस लेती है।

ये भी पढ़ें- Gold Price Today: गोल्ड की चमक में हल्का इजाफा, चांदी सस्ती, चेक करें लेटेस्ट भाव

यह हाल के हफ़्तों में ग्लोबल ऑयल मार्केट के स्थिर होने के बाद भारतीय ग्राहकों तक कम फ्यूल कीमतें पहुंचने का पहला संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद नयारा मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।