Nana Patekar News: नाना पाटेकर के पुणे वाले घर के बाहर उमड़ी भीड़, मौत की खबर सुन फूट-फूटकर रो पड़ा फैन

Nana Patekar News: 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके अनगिनत चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण इस दिग्गज अभिनेता का निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। एक वीडियो में पुणे के डोनाजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के घर ‘नानाची वाडी’ के बाहर एक प्रशंसक को फूट-फूटकर रोते हुए देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक घर से अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। सुबह 5:20 बजे अभिनेता को मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम पुणे के पास डोनाजे स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए इस दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने अपनी दमदार अदाकारी, डायलॉग बोलने के खास अंदाज और लीक से हटकर किरदारों को निभाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाई। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता, वे ‘नटसम्राट’, ‘वजूद’, ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘यशवंत’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। 2000 के दशक की शुरुआत में पाटेकर को ‘शक्ति द पावर’ (2002), ‘अब तक छप्पन’ (2004), ‘अपहरण’ (2005) और ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) में अपने अभिनय के लिए काफी सराहना मिली। उन्हें ‘वेलकम’ (2007) में गैंगस्टर उदय शेट्टी के कॉमिक किरदार के लिए भी खूब तारीफ मिली। उन्होंने इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ (2015) में भी यही भूमिका निभाई थी। अभिनेता कॉमेडी थ्रिलर ‘हाउसफुल 5’ में भी नजर आए थे।

वे पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म ‘राजनीति’ (2010) का भी हिस्सा थे, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ के तौर पर पांचवीं बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 2016 में उन्हें मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में अपनी एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

पाटेकर को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था। वे ‘यशवंत’ (1997), ‘वजूद’ (1998) और ‘आंच’ (2003) जैसी फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे। नाना पाटेकर को आखिरी बार उनकी मौत से चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में देखा गया था, जहां वे ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे और उन्होंने वहां भाषण भी दिया था।

नाना पाटेकर ने निधन से ठीक पहले रात 2:30 बजे दोस्त को क्या मैसेज किया था? कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए हो गए खामोश

Nana Patekar Death News Updates: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिंदगी भर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने एक करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (8 अक्टूबर) तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया कि वह असहज महसूस कर रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण दोस्त उस मैसेज को समय पर देख नहीं सके।

करीब 4 बजे जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। वह पसीने से तर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सीपीआर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें सीपीआर दिया जाता रहा। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के अस्पताल लाया गया और करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।

सिनेमा जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने भी उनके निधन की पुष्टि की। पाटेकर के बेटे मल्हार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और गोवा पहुंच रहा हूं। मैं जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा।” उन्होंने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत, राजनीति और उनके लाखों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की अपनी अलग पहचान रखने वाले कलाकार थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदारों को यादगार बना दिया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक कई सम्मान हासिल किए। फिल्मों से दूर भी उन्होंने जरूरतमंदों और सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए काम किया।

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लेकिन अब उनके जाने के बाद सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यही है कि जिस अभिनेता ने पर्दे पर अनगिनत किरदारों में जान फूंकी, उसने जिंदगी के आखिरी घंटों में सिर्फ एक संदेश के जरिए अपनी तबीयत खराब होने की खबर दी… और कुछ ही घंटे बाद उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि पाटेकर का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड के साथ मराठी सिनेमा और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गयी। नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुपरस्टार रजनीकांत ने नाना पाटेकर को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वह अब उनके बीच नहीं हैं। उन्होंने नाना के परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

फिल्मकार सुभाष घई ने नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मराठी और हिंदी सिनेमा के साथ रंगमंच भी उन्हें हमेशा याद रखेगा। उन्होंने नाना पाटेकर को पर्दे का वास्तविक ‘नटसम्राट’ बताते हुए कहा कि वह एक ऐसे महान मित्र थे, जिनके रिश्तों में किसी तरह का स्वार्थ या लेन-देन नहीं था।श्री घई ने उन्हें ईमानदार, दुर्लभ और अनूठे व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि वह अच्छे दार्शनिक और विद्वान भी थे। उन्होंने नाना को याद करते हुए कहा कि वह मां की तरह बेहतरीन खाना बनाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि नाना से सभी ने प्रेम किया और यह प्रेम हमेशा कायम रहेगा।

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर को बेमिसाल प्रतिभा का धनी कलाकार बताते हुए कहा कि उनकी आवाज, अभिनय और हर किरदार में सच्चाई उन्हें विशिष्ट बनाती थी। उन्होंने ‘वेलकम’ और ‘हाउसफुल 5’ में नाना के साथ काम की यादों को भी साझा किया।

सनी देओल ने नाना के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें निडर और जिंदगी से भरपूर इंसान बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने साथ काम नहीं किया, लेकिन वर्षों से उनके बीच विशेष संबंध था।

रितेश देशमुख ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने नाना को बेजोड़ अभिनेता बताते हुए कहा कि वह नायक, खलनायक और हास्य सहित हर भूमिका में अपनी अलग छाप छोड़ते थे। उन्होंने नाना के सामाजिक कार्यों को भी याद किया और उनके साथ मराठी फिल्म करने की अपनी अधूरी इच्छा का उल्लेख किया।

मशहूर कलाकार प्रकाश राज ने नाना के साथ बिताए समय, बातचीत और बहसों को याद किया। उन्होंने नाना के खाना बनाने के हुनर, उनकी समझ और जीवन से जुड़ी सीख को श्रद्धांजलि में याद किया।

अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन का दुख शब्दों से परे है। उन्होंने उन्हें मराठी रंगमंच का महान स्तंभ, दिग्गज कलाकार और शानदार इंसान बताया।

अनुपम खेर ने नाना की बेबाकी और गर्मजोशी को याद करते हुए कहा कि काश वह उन्हें एक बार फिर गले लगा पाते।

सुनील शेट्टी ने कहा कि नाना जैसे ईमानदार और अपने हुनर के उस्ताद कलाकार दोबारा मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सिनेमा में ‘एक ही नाना’ थे और उनके बिना फिल्म जगत पहले जैसा नहीं रहेगा।

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रवीना टंडन ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनके साथ उनका रिश्ता आपसी सम्मान, प्रेम और स्नेह पर आधारित था। उन्होंने याद किया कि नाना पाटेकर ने उनके अभिनय में बारीकियां और गहराई लाने में मदद की थी।

जूनियर एनटीआर ने नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में शामिल बताते हुए कहा कि उनके हर किरदार में ईमानदारी और गहराई दिखाई देती थी और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।

प्रभुदेवा ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए उनके दमदार अभिनय, प्रतिभा और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।

पंकज त्रिपाठी ने नाना के निधन को फिल्म जगत और अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया। ‘काला’ में उनके साथ काम कर चुके पंकज ने कहा कि नाना उनके लिए सिर्फ सह-कलाकार नहीं, बल्कि गुरु जैसे थे, जिनसे उन्होंने अभिनय, जीवन के फैसलों और अभिनय की बारीकियां सीखीं। उन्होंने कहा कि नाना की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनकी सीख और शानदार काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। पंकज ने कहा कि नाना पाटेकर किसी भी किरदार में पूरी तरह ढलकर भी अपनी अलग छाप छोड़ते थे और उनका निधन ऐसा लगता है जैसे एक युग का अंत हो गया। उनकी विरासत हमेशा कायम रहेगी।

रवि किशन ने नाना को सरल, जमीन से जुड़े और अपनी जड़ों से जुड़े रहने वाला कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के अभिनय, सादगी और जीवन को देखने के नजरिये से उन्होंने बहुत कुछ सीखा और उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है।

कंगना रनौत ने नाना के निधन की खबर पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर हाल में बिल्कुल फिट और स्वस्थ नजर आ रहे थे, इसलिए उनके निधन की खबर बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली है।

शेखर सुमन ने बताया कि नाना पाटेकर ने गणेश उत्सव के बाद उनके शो में आने का वादा किया था। हाल में दोनों की इसको लेकर बातचीत भी हुई थी, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो सका। उन्होंने नाना पाटेकर को निडर, ईमानदार और अद्भुत इंसान बताते हुए उनके साथ बिताए समय को याद किया।

नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक के अपने फिल्मी सफर में ‘परिंदा’, ‘वजूद’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘शक्ति : द पावर’, ‘टैक्सी नंबर 9211’, ‘राजनीति’, ‘नटसम्राट’, ‘वेलकम’, ‘वेलकम बैक’ और ‘हाउसफुल 5’ सहित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभायीं। अपनी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और विविधतापूर्ण अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किये। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी अभिनय शैली और व्यक्तित्व की अलग पहचान थी।

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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन

जाने-माने अभिनेता और फिल्म निर्माता निर्देशक नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के यहां निधन हो गया। वह 75 साल के थे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नाना पाटेकर घर में बेहोश हो गए थे।

डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफल रहे। उन्हें सुबह 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सूत्रों ने बताया कि श्री पाटेकर के घरेलू सहायक अस्पताल से एंबुलेस लेकर गए थे और थोडी देर में चिकित्सकों का एक दल भी उनके घर पहुंच गया। 

श्री पाटेकर को सीपीआर दिया गया लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। उन्हें अस्पताल लाया गया,लेकिन ऐसा लगता है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। इस वजह से अस्पताल ने इसे मेडिकल कार्डियो का मामला मान कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। श्री पाटेकर दिल के मरीज भी थे।

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उनका 1978 में नीलकांति से विवाह हुआ था और उनके एक पुत्र मल्हार पाटेकर हैं। महाराष्ट्र में एक जनवरी 1951 को जन्मे श्री पाटेकर ने लगभग पांच दशकों के अपनी फिल्मी करियर में हर तरह की भूमिकाएं निभाई और भारतीय सिनेमा के सबसे जाने-पहचाने अभिनेताओं में से एक बन गए। 

वे अपनी दमदार संवाद अदायगी के अंदाज़ और मुश्किल किरदारों को बेहतरीन ढंग से निभाने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने वाले पाटेकर को सिनेमा और कला में उनके योगदान के लिए 2013 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।

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Nana Patekar Controversies: एक्ट्रेस को मारा थप्पड़…तो कभी मीटू के लगे आरोप, इन बड़े विवादों से घिरे रहे नाना पाटेकर

Nana Patekar Controversies: एक एक्टर के तौर पर नाना पाटेकर का अंदाज हमेशा अनप्रेडिक्टेबल रहा। ‘परिंदा’ (1989), ‘प्रहार द फाइनल अटैक’ (1991) और ‘क्रांतिवीर’ (1994) जैसी फिल्मों ने उन्हें एक भरोसेमंद स्टार बना दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने ‘वेलकम’ फ्रैंचाइजी जैसी कॉमेडी फिल्मों का रुख किया और उसमें भी आसानी से ढल गए। नाना, जिन्होंने कभी कहा था कि “मुझे शुरू से ही मौत का डर नहीं रहा”, का गुरुवार सुबह (8 अक्टूबर) को गोवा स्थित उनके घर पर निधन हो गया। एक्टर का विवादों से भी पुराना नाता रहा है।

एक्ट्रेस मधु को जब जड़ा तमाचा

एक्ट्रेस मधु ने 1997 की फिल्म ‘Yeshwant’ की शूटिंग का जून 2026 में एक किस्सा शेयर किया था। मधु ने बताया कि एक इमोशनल सीन में उन्हें ग्लिसरीन का यूज करना था। लेकिन नाना ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। वे बोले कि उन्हें अपने आप असल में रोना चाहिए। जब वह ऐसा नहीं कर पाईं तो नाना ने सीन को रियल फील देने के लिए उन्हें सच में थप्पड़ मार दिया था। थप्पड़ इतना तेज था कि आंखों से आंसू निकल आए। इसके बाद मधु ने भी पलटकर नाना को थप्पड़ मार दिया था। एक्ट्रेस ने ये भी कहा था कि नाना के साथ काम करने से उनके अभिनय पर असर पड़ा और उन्होंने मेथड एक्टिंग के बारे में सीखा।

फैन को मारा था थप्पड़

एक और विवाद नवंबर 2023 में सामने आया था। वाराणसी में फिल्म ‘Journey’ की शूटिंग के दौरान करीब 10 सेकेंड का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें नाना एक युवक के सिर पर थप्पड़ मारते नजर आए थे। शुरू में इसे सेल्फी लेने आए फैन को मारने का मामला बताया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया था। निर्देशक अनिल शर्मा ने फिर मामले पर सफाई दी थी। नाना ने भी वीडियो जारी कर बताया कि सीन की रिहर्सल हो रही थी, जिसमें एक लड़के को उनके पास आना था और उन्हें उसे थप्पड़ लगाना था।

तनुश्री दत्ता ने मीटू के लगाए थे आरोप

नाना का सबसे बड़ा और लंबा विवाद तनुश्री दत्ता के साथ चला। एक्ट्रेस ने दिग्गज एक्टर पर मीटू के आरोप लगाए थे। मामला 2008 की फिल्म ‘Horn Ok Pleassss’ की शूटिंग से जुड़ा था। तनुश्री ने आरोप लगाया कि एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना ने उनके साथ गलत हरकत की थी। डांस स्टेप सिखाने के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ करते थे। उनका कहना था कि गाना पहले उनके सोलो परफॉर्मेंस बताया गया था, लेकिन बाद में नाना को भी इसका हिस्सा बनाया गया।

वहीं नाना ने इन आरोप को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि सेट पर कई लोग मौजूद थे, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। मामले में जांच के बाद 2019 में मुंबई पुलिस ने बी समरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। पुलिस को आरोप साबित करने लायक ठोस सबूत नहीं मिले थे, वहीं 13 गवाहों ने नाना द्वारा यौन उत्पीड़न की पुष्टि भी नहीं की थी। फिर मामला अदालत गया, जहां मार्च 2025 में मुंबई की मजिस्ट्रेट अदालत ने तनुश्री की याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट का विरोध दर्ज कराया था।

Nana Patekar Death: रात 2:30 बजे नाना पाटेकर के घर पर क्या हुआ? दोस्त को किया था आखिरी मैसेज, डॉक्टर ने बताई पूरी कहानी

Nana Patekar Death: दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। एक्टर की मौत 8 अक्टूबर की सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई है। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। वहीं नाना पाटेकर ने अपने आखिरी घंटों में क्या-क्या किया इसकी जानकारी डॉक्टर ने दी है। डॉक्टर ने बताया कि, मौत से पहले नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को सीने में तेज दर्ज होने की जानकारी मैसेज से दी थी। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर साल्कर ने बताया कि नाना पाटेकर को रात के समय कार्डियक अरेस्ट आया था।

45 मिनट तक दिया गया सीपीआर

डॉक्टर ने ANI को बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक उन्हें बचाने और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉक्टर ने बताया, “नाना पाटेकर को करीब 4:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें करीब 5:30 बजे मृत घोषित किया गया। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।”

दोस्त को किया मैसेज

डॉक्टर ने घटना के बारे में आगे बताया, “हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात का समय होने की वजह से उनके दोस्त ने मैसेज नहीं देखा और उन्हें फोन कर दिया। करीब 4 बजे वह उनके घर पहुंचे। उस समय नाना पाटेकर को काफी पसीना आ रहा था और उनकी हालत बिगड़ रही थी। उन्हें उठाया गया और जरूरी मदद देने की कोशिश की गई, लेकिन वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे। इसके बाद उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और वह हमारी एंबुलेंस से उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा।”

अस्पताल पहुंचने तक हो गई थी मौत

इसके बाद उन्होंने बताया, “उन्हें सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच हमारे अस्पताल लाया गया था। हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद हमें पुलिस केस दर्ज करना पड़ा, क्योंकि यह मेडिको-लीगल केस (MLC) था। शव को अब पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। उस समय उनके परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। उनके साथ उनके दोस्त और एक केयरटेकर थे।”

नाना पाटेकर के बारे में

नाना पाटेकर, जिनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘सलाम बॉम्बे!’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। आगे चलकर उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी कई फिल्मों में दमदार अभिनय किया। अपने लंबे करियर में नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

 

बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

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विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

Nana Patekar Wife: 750 रुपए में की शादी…, 35 साल पत्नी से रहे अलग पर नाना पाटेकर ने नहीं दिया था तलाक

Nana Patekar Wife: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। खबरों के मुताबिक गोवा में अपने घर पर उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। एक्टर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है। बचपन में उनकी एक छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ बुलाती थी। बाद में यही नाम उनकी पहचान का जरिया बना। उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड पर भी ‘नाना पाटेकर’ ही लिखा गया है।

नाना अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी के लिए तो मशहूर थे ही, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा चर्चा का विषय रही। उनके रिश्तों में एक रिश्ता जो अक्सर चर्चा में रहा… वह था नीलकंती पाटेकर के साथ उनकी शादी। कहा जाता है कि वे बिना तलाक लिए ही करीब 35 साल तक उनसे अलग रहे।

नाना पाटेकर की पत्नी नीलकंती पाटेकर कौन हैं?

नाना पाटेकर की पत्नी नीलकंती पाटेकर हैं। दोनों की पहली मुलाकात थिएटर के दिनों में हुई थी। साथ काम करते-करते उनकी दोस्ती धीरे-धीरे एक रिश्ते में बदल गई। नाना और नीलकंती की शादी 1978 में हुई थी। शादी का कुल खर्च 750 रुपए आया था। कपल के दो बेटे हुए – दुर्वासा पाटेकर और मल्हार पाटेकर।

शुरुआत में नीलकंती बैक में अधिकारी हुआ करती थीं। लेकिन फिर पूरी तरह से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ गईं। उन्होंने छह साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर एक्टिंग शुरू की थी और बाद में मराठी सिनेमा में काम किया। उन्होंने एक राइटर के तौर पर भी काम किया है और अपने काम के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता है। लंबे समय तक फिल्मों से दूर रहने के बाद उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ से पर्दे पर वापसी की थी।

नाना पाटेकर और नीलकंती के बड़े बेटे का हुआ जब निधन

नाना और नीलकंती की निजी जिंदगी में भी एक बहुत मुश्किल दौर आया था, जब उनके बड़े बेटे दुर्वासा की मौत ढाई साल की उम्र में हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक दुर्वासा को जन्म से ही सेहत से जुड़ी परेशानियां थीं। बाद में उनके छोटे बेटे मल्हार पाटेकर ने फिल्म इंडस्ट्री में कैमरे के पीछे काम करना शुरू किया। उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और नाना साहब प्रोडक्शन हाउस से भी जुड़े रहे हैं। अपने पिता के उलट मल्हार ज्यादातर लाइमलाइट से दूर रहे हैं और अपनी निजी जिदगी को निजी ही रखते हैं।

नाना पाटेकर और उनकी पत्नी 35 साल तक रहे अलग

कानूनी तौर पर कभी तलाक न लेने के बावजूद नाना और नीलकंती लगभग 35 साल तक अलग-अलग रहे। नाना ने ‘द लल्लनटॉप’ के साथ एक इंटरव्यू में अपनी शादी के बारे में बात की थी। उनके अनुसार उनके व्यक्तित्व और सोचने के तरीकों में अंतर के कारण उनके लिए एक साथ रहना मुश्किल हो गया था। आखिरकार दोनों ने आपसी सहमति से अलग-अलग जीवन जीने का फैसला किया।

अलग होने के बावजूद नाना नीलकंती का सम्मान करते रहे और दोनों ने कभी भी तलाक के जरिए अपनी शादी को औपचारिक रूप से खत्म नहीं किया। पारंपरिक मानकों के हिसाब से उनका रिश्ता असामान्य था, लेकिन नाना की बातों से पता चलता है कि अलग रहने का फैसला इस समझ के साथ लिया गया था कि उनके व्यक्तित्व इतने अलग थे कि वे एक ही घर में नहीं रह सकते थे।

भले ही नाना हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे जाने-माने अभिनेताओं में से एक थे, लेकिन उन्होंने अपनी पारिवारिक जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा लोगों की नजरों से दूर रखा। उनकी शादी, उनके बड़े बेटे का निधन और नीलकंती से उनकी लंबी दूरी कभी-कभी चर्चा का विषय बनीं, लेकिन नाना और उनके परिवार ने आम तौर पर अपने निजी रिश्तों को लेकर गोपनीयता बनाए रखी।

75 साल की उम्र में उनके निधन के बाद लोगों का ध्यान एक बार फिर सिनेमा से दूर उनके जीवन के कम सामने आए पहलुओं की ओर गया है, जिसमें नीलकंती के साथ उनकी दशकों लंबी शादी और अलग-अलग रहने के बावजूद शादीशुदा बने रहने का उनका फैसला शामिल है।

Nana Patekar News: ‘लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद हम उन्हें नहीं बचा सके’, नाना पाटेकर की मौत पर आया डॉक्टर का बयान

Nana Patekar News: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। एक्टर 75 साल के थे।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

अपनी उम्र के आखिरी दौर में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे। उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख भी हैं। वे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में पुलिस ऑफिसर के रोल में भी दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा, उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी एक छोटा सा रोल (कैमियो) किया था।

पाटेकर को भारतीय सिनेमा के सबसे खास और असरदार अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उनके निधन की खबर के बाद नील नितिन मुकेश, खुशबू सुंदर और रितेश देशमुख समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके गुज़र जाने पर दुख जताया।

Nana Patekar Top 10 Movies: ‘परिंदा’ से ‘वेलकम’ तक…, शानदार रहा नाना पाटेकर का फिल्मी सफर, देखें 10 बेहतरीन फिल्में

भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई शानदार और यादगार किरदार निभाए। नाना पाटेकर ने अपने करियर में ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। गंभीर भूमिकाओं से लेकर क्राइम, कॉमेडी और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी खास शैली में पर्दे पर पेश किया और अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं नाना पाटेकर की 10 बेहतरीन फिल्में

जानें भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार की 10 ऐसी बेहतरीन फिल्में। इन फिल्मों में नाना पाटेकर के शानदार करियर को नई पहचान दी और अभिनय की दुनिया में उनकी खास छाप छोड़ी।

1. परिंदा (1989)

विधु विनोद चोपड़ा की इस क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। उनके दमदार अभिनय को काफी पसंद किया गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

2. क्रांतिवीर (1994)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। एक परेशान इंसान से अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति तक का उनका सफर दर्शकों को काफी पसंद आया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

3. नटसम्राट (2016)

मराठी फिल्म नटसम्राट में नाना पाटेकर ने गणपतराव बेलवलकर की भूमिका निभाई। वह एक मशहूर थिएटर कलाकार के किरदार में नजर आए, जिसकी जिंदगी रिटायरमेंट के बाद पूरी तरह बदल जाती है। इस भावुक भूमिका में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।

4. अब तक छप्पन (2004)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु अगाशे का किरदार निभाया। उनका शांत लेकिन दमदार अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया। फिल्म की कहानी मुंबई पुलिस अधिकारी दया नायक से प्रेरित थी।

5. प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)

नाना पाटेकर ने इस फिल्म में मेजर चौहान की भूमिका निभाई थी। खास बात यह है कि उन्होंने फिल्म में अभिनय करने के साथ इसका निर्देशन और सह-लेखन भी किया था। यह फिल्म उनके करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है।

6. अग्नि साक्षी (1996)

इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में नाना पाटेकर ने एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाला किरदार निभाया था। उनके अभिनय को काफी सराहा गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

7. वेलकम (2007)

कॉमेडी फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस फिल्म में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अनिल कपूर के मजनू भाई के साथ उनकी जोड़ी और संवाद आज भी दर्शकों को खूब पसंद आते हैं।

8. अपहरण (2005)

प्रकाश झा की इस राजनीतिक क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने तबरेज आलम का किरदार निभाया था। उनका किरदार ताकतवर होने के साथ-साथ कई तरह की उलझनों से भरा हुआ था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

9. राजनीति (2010)

फिल्म राजनीति में नाना पाटेकर ने अनुभवी राजनेता बृज गोपाल की भूमिका निभाई। प्रकाश झा की इस राजनीतिक फिल्म में उनका शांत और गंभीर अभिनय दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

10. सलाम बॉम्बे! (1988)

मीरा नायर की चर्चित फिल्म सलाम बॉम्बे! नाना पाटेकर के शुरुआती महत्वपूर्ण कामों में से एक थी। फिल्म में उन्होंने बाबा का किरदार निभाया था। इस फिल्म ने एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेता के तौर पर उनकी पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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