Nana Patekar Top 10 Movies: ‘परिंदा’ से ‘वेलकम’ तक…, शानदार रहा नाना पाटेकर का फिल्मी सफर, देखें 10 बेहतरीन फिल्में

भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई शानदार और यादगार किरदार निभाए। नाना पाटेकर ने अपने करियर में ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। गंभीर भूमिकाओं से लेकर क्राइम, कॉमेडी और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी खास शैली में पर्दे पर पेश किया और अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं नाना पाटेकर की 10 बेहतरीन फिल्में

जानें भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार की 10 ऐसी बेहतरीन फिल्में। इन फिल्मों में नाना पाटेकर के शानदार करियर को नई पहचान दी और अभिनय की दुनिया में उनकी खास छाप छोड़ी।

1. परिंदा (1989)

विधु विनोद चोपड़ा की इस क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। उनके दमदार अभिनय को काफी पसंद किया गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

2. क्रांतिवीर (1994)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। एक परेशान इंसान से अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति तक का उनका सफर दर्शकों को काफी पसंद आया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

3. नटसम्राट (2016)

मराठी फिल्म नटसम्राट में नाना पाटेकर ने गणपतराव बेलवलकर की भूमिका निभाई। वह एक मशहूर थिएटर कलाकार के किरदार में नजर आए, जिसकी जिंदगी रिटायरमेंट के बाद पूरी तरह बदल जाती है। इस भावुक भूमिका में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।

4. अब तक छप्पन (2004)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु अगाशे का किरदार निभाया। उनका शांत लेकिन दमदार अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया। फिल्म की कहानी मुंबई पुलिस अधिकारी दया नायक से प्रेरित थी।

5. प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)

नाना पाटेकर ने इस फिल्म में मेजर चौहान की भूमिका निभाई थी। खास बात यह है कि उन्होंने फिल्म में अभिनय करने के साथ इसका निर्देशन और सह-लेखन भी किया था। यह फिल्म उनके करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है।

6. अग्नि साक्षी (1996)

इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में नाना पाटेकर ने एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाला किरदार निभाया था। उनके अभिनय को काफी सराहा गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

7. वेलकम (2007)

कॉमेडी फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस फिल्म में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अनिल कपूर के मजनू भाई के साथ उनकी जोड़ी और संवाद आज भी दर्शकों को खूब पसंद आते हैं।

8. अपहरण (2005)

प्रकाश झा की इस राजनीतिक क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने तबरेज आलम का किरदार निभाया था। उनका किरदार ताकतवर होने के साथ-साथ कई तरह की उलझनों से भरा हुआ था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

9. राजनीति (2010)

फिल्म राजनीति में नाना पाटेकर ने अनुभवी राजनेता बृज गोपाल की भूमिका निभाई। प्रकाश झा की इस राजनीतिक फिल्म में उनका शांत और गंभीर अभिनय दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

10. सलाम बॉम्बे! (1988)

मीरा नायर की चर्चित फिल्म सलाम बॉम्बे! नाना पाटेकर के शुरुआती महत्वपूर्ण कामों में से एक थी। फिल्म में उन्होंने बाबा का किरदार निभाया था। इस फिल्म ने एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेता के तौर पर उनकी पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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Tata Safari EV interior spied with triple-screen setup

Tata Safari EV interior spied with triple-screen setup
tata safari ev triple screens

Newly surfaced spy shots of a Tata Safari EV test mule indicate that the electric three-row SUV will offer a triple-screen layout on the inside. The current ICE-powered Tata Safari does not get this feature, which implies that the electric version will be more feature-rich, at least at launch. Speaking of which, the Safari EV is expected to go on sale during the festive season of 2026.

Tata Safari EV may borrow Sierra EV’s triple screens

Credit: Rushlane

At present, the only electric Tata to come with a triple-screen setup is the Sierra EV – the ICE Sierra is also the only combustion-powered Tata to offer the feature. With the Safari EV set to arrive in a few months as Tata’s flagship electric car, though, it appears the SUV will be fitted with a triple-screen setup to reflect its positioning. This will also help the Safari EV better compete with its direct rival, the Mahindra XEV 9S, which offers a triple-screen setup from the base variant itself.

Tata Sierra EV triple-screen setup. Image used for representation only.

The Sierra EV’s triple-screen setup comprises a 10.25-inch digital driver’s display, a 12.3-inch central touchscreen, and a 12.3-inch passenger display. The driver’s display and central touchscreen handle instrumentation, infotainment, and navigation, while the passenger display allows the co-driver to stream TV shows and movies, or play a selection of games either by using their smartphones as controllers or by directly pairing a gamepad to the screen via Bluetooth. Expect the Safari EV’s triple-screen setup to function similarly. It remains to be seen if Tata could also bring the triple-screen setup to the ICE-powered Safari. 

Tata Safari EV battery and range

Credit: Rushlane

We expect the Safari EV to retain the Harrier EV’s 65kWh and 75kWh battery options. In the Harrier EV, both batteries are paired with a single rear-mounted motor (RWD) as standard, developing 238hp and 315Nm. The 75kWh battery additionally offers a dual-motor AWD layout that generates a combined 313hp and 504Nm. As for MIDC-certified range, the Harrier EV claims 538km for the 65kWh RWD, 622km for the 75kWh AWD, and 627km for the 75kWh RWD versions. The larger and heavier Safari EV is likely to feature slightly lower range figures.

मोहनलाल स्टारर ‘L367’ का हुआ बड़ा ऐलान, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर विष्णु मोहन की फिल्म का नाम होगा ‘ऑपरेशन गंगा’

Operation Ganga: भारत की इंटरनेशनल बॉर्डर पर किए गए सबसे साहसी और दिलचस्प ऑपरेशन्स में से एक पर ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ बनी है। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन भी स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर विष्णु मोहन द्वारा किया जा रहा है।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर अप कमिंग फिल्म L367 के नाम से आखिरकार पर्दा उठ गया है। बता दें कि फिल्म का आधिकारिक नाम मेकर्स ने ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर विष्णु मोहन ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली है। यह फिल्म अपने अनोखी टाइटल के साथ एक दिलचस्प कहानी कहने के लिए तैयार है जिसे कभी नहीं सुनाया गया है। फिल्म की कहानी बेहद खास है जिसे हर भारतीय को जरूर जानना चाहिए।

फिल्म का टाइटल भारत के एक बड़े रेस्क्यू मिशन पर रखा गया है। रेस्क्यू मिशन उन भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर था जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र और कुछ वहां रहने वाले लोग थे और उन्हीं की वापसी के लिए इस अभियान को चलाया गया था। यह फिल्म एक ऐसी शानदार कहानी है, जो दर्शकों को भारत द्वारा किए गए एक अहम मिशन से रूबरू कराएगी। यह विदेशी धरती पर किया गया एक सफल मिशन है, जिसे ऐतिहासिक जीत के साथ पूरा किया गया।

इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को सबसे खास बनाती है फिल्म मेकिंग से जुड़ी एक बहुत टैलेंटेड टीम। फिल्म की टेक्निकल क्रू की बात करे तो इसमें ‘पुष्पा 1’ और ‘पुष्पा 2’ के लिए जाने जानें वाले सिनेमैटोग्राफर मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक शामिल हैं। वहीं, ‘गोट’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके राजीवन प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में प्रोजेक्ट में जुड़े हैं। जबकि एक्शन को अलग लेवल पर लाकर जाने के लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह जुड़े हैं, जिन्होंने सुपर हिट फिल्म्स ‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन को डायरेक्ट किया है।

फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ को गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म में मोहनलाल लीड रोल में हैं, जबकि अन्य कलाकारों की बात करें तो अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, आदिल हुसैन और पार्थिबन भी अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। सुपरहिट पैन-इंडियन फिल्म ‘धुरंधर’ में जबरदस्त म्यूजिक का तड़का लगाने वाले म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव अब ‘ऑपरेशन गंगा’ का म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं।

फिल्म की क्रू में एडिटर शमीर मोहम्मद, साउंड डिजाइनर बिश्वदीप चटर्जी शामिल हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ के लिए जाने जाते हैं। वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत ‘कांतारा’ के लिए जाने जाते हैं। मिलिट्री एडवाइजर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार ने ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ पर काम किया है। इसके अलावा लोका कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी टीम का हिस्सा हैं।

फिल्म को गोकुलम गोपालन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण इसके को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की कमान संभाली है।

Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड की ये 7 फिल्में, जिनमें भाई-बहन के रिश्ते को बेहद खूबसूरती सेलिब्रेट किया गया

Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड ने हमें भाई-बहनों की कई यादगार कहानियां दी हैं, जिनमें दिखाया गया है कि उनके रिश्ते प्यार, नोक-झोंक, एक-दूसरे की रक्षा करने और ज़िंदगी भर साथ निभाने से कैसे भरे हो सकते हैं। इस रक्षा बंधन पर, उन फ़िल्मों को फिर से देखें जो भाई-बहनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को खूबसूरती से दिखाती हैं। दिल को छू लेने वाले फ़ैमिली ड्रामा से लेकर त्याग और हिम्मत की कहानियों तक, ये फ़िल्में हमें याद दिलाती हैं कि भाई-बहनों की हर लड़ाई के पीछे अक्सर एक ऐसा रिश्ता होता है जो हर मुश्किल में मज़बूत बना रहता है।

दिल धड़कने दो (2015)

‘दिल धड़कने दो’ में प्रियंका चोपड़ा और रणवीर सिंह ने भाई-बहन आयशा और कबीर मेहरा का किरदार निभाया है। भले ही उनकी पर्सनैलिटी अलग-अलग है और वे अक्सर एक-दूसरे से सहमत नहीं होते, फिर भी वे एक-दूसरे को गहराई से समझते हैं। उनकी ईमानदारी भरी बातचीत और एक-दूसरे का साथ देना भाई-बहनों के उस असली रिश्ते को दिखाता है जिसमें मज़ाक-मस्ती, झुंझलाहट और सच्चा प्यार शामिल होता है।

हम साथ-साथ हैं (1999)

‘हम साथ-साथ हैं’ पारिवारिक रिश्तों का जश्न मनाती है, जिसमें पूरी कहानी के दौरान भाई-बहन एक-दूसरे का साथ देते हुए प्यार भरा रिश्ता निभाते हैं। प्रेम, विनोद और विवेक मुश्किल पलों में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं, जबकि उनकी भाभियाँ परिवार का अहम हिस्सा बन जाती हैं। यह फ़िल्म आज भी परिवारों की पसंदीदा फ़िल्म बनी हुई है।

अग्निपथ (2012)

अग्निपथ में, विजय दीनानाथ चौहान का अपनी बहन शिक्षा के साथ बहुत गहरा और भावुक रिश्ता है। परिवार के बिखरने के बाद, विजय अपनी बहन की सुरक्षा करते हुए बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां उठाता है। उनका यह रिश्ता विजय के बदले और प्रायश्चित के सफर में एक निजी और भावुक पहलू जोड़ता है।

सरबजीत (2016)

सरबजीत फिल्म सरबजीत सिंह और उनकी बहन दलबीर कौर के बीच के खास रिश्ते को दिखाती है। पाकिस्तान में सरबजीत के जेल जाने के बाद, दलबीर उसकी रिहाई के लिए सालों तक लड़ती रहती है। उसका पक्का इरादा और हिम्मत दिखाती है कि जब भाई की जान दांव पर हो, तो एक बहन किस हद तक जा सकती है।

जोश (2000)

जोश फिल्म में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन जुड़वां भाई-बहन मैक्स और शर्ली का किरदार निभाते हैं। कहानी में उनके भाई-बहन के रिश्ते को अहमियत दी गई है, जिसमें वे दुश्मनी, रोमांस और पारिवारिक तनावों का सामना करते हैं। मतभेदों के बावजूद, दोनों जुड़वां एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, जिससे उनका रिश्ता फिल्म की खासियतों में से एक बन जाता है।

माई ब्रदर निखिल (2005)

‘माई ब्रदर… निखिल’ फिल्म निखिल और उसकी बहन अनामिका की दिल को छू लेने वाली कहानी है। जब HIV का पता चलने के बाद समाज उसके खिलाफ हो जाता है, तो अनामिका मजबूती से अपने भाई के साथ खड़ी रहती है। उसका बिना शर्त साथ देना, भाई-बहन के प्यार और अपनापन दिखाने के मामले में फिल्म के सबसे भावुक दृश्यों में से एक बन जाता है।

फिजा (2000)

फ़िज़ा और उसके भाई अमान के बीच का रिश्ता ही इस फ़िल्म का इमोशनल केंद्र है। मुंबई दंगों के बाद अमान के गायब हो जाने पर भी फ़िज़ा उसे ढूंढना नहीं छोड़ती। यह फ़िल्म एक बहन के अटूट प्यार, उम्मीद और अपने भाई को घर वापस लाने के पक्के इरादे को दिखाती है।