दुश्मन के बंकर, एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काल है भारत का पहला स्वदेशी ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ड्रोन! लखनऊ की कंपनी ने रचा इतिहास

Divyastra Mk3: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। 11 अगस्त 2026 को देश में बने Divyastra Mk3 ने पहली बार उड़ान भरी। यह एक बिना पायलट वाला जेट-पावर्ड ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ है। जिसे लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी और तय लक्ष्य पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस एयरक्राफ्ट ने उत्तर प्रदेश में एक तय टेस्टिंग एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी और इसे भारत में बने जेट इंजन से पावर मिली। लखनऊ की डिफेंस स्टार्टअप कंपनी ‘Kawa UAV Pvt. Ltd.’ (HoverIt) द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म को कॉन्सेप्ट से उड़ान तक पहुंचने में आठ महीने से भी कम समय लगा।

बता दें कि ‘Divyastra Mk3’ को टर्बोजेट इंजन से पावर मिलती है, जिसे पूरी तरह से भारतीय प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी कंपनी ‘DG प्रोपल्शन’ ने बनाया है। कंपनी के अनुसार, ट्रायल के दौरान इंजन ने सभी तय ऑपरेशनल पैरामीटर्स (कामकाज के मानकों) को पूरा किया है।

यह पहली उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहली बार है जब देश में डिजाइन, विकसित और तैयार किया गया जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन पूरी तरह स्वदेशी पावरप्लांट के साथ आसमान में उड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2026 की शुरुआत में हुई थी और महज कुछ महीनों में अगस्त में इसकी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में न तो विदेश से आयात किए गए जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया और न ही जरूरी तकनीक के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता रही।

कंपनी ने दी जानकारी

HoverIt ने X पर एक पोस्ट में इस प्लेटफॉर्म को “भारत का पहला स्वदेशी जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन” बताया, जो सफलतापूर्वक उड़ान भर सकता है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि इसमें भारतीय एयरफ्रेम, भारतीय जेट इंजन, स्वदेशी तकनीक और भारतीय फायरपावर का इस्तेमाल किया गया है।

कंपनी ने कहा, “इसमें कोई इम्पोर्टेड जेट इंजन नहीं। कोई विदेशी क्रिटिकल सब-सिस्टम नहीं। भारत में बना। भारत में उड़ाया गया।”

(HoverIt) के को-फाउंडर्स ने कहा, “यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट नहीं है – यह इरादे का इजहार है। भारत ने बड़े पैमाने पर और तेजी से यह साबित कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर ही जेट-पावर्ड प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम की कल्पना, इंजीनियरिंग और उड़ान को अंजाम दे सकता है। ‘Divyastra Mk3’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जीता-जागता उदाहरण है।”

यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब भारत प्रिसिजन स्ट्राइक और ऑटोनॉमस एयर सिस्टम में अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म और प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में भारतीय प्राइवेट-सेक्टर की डिफेंस कंपनियों की बढ़ती भूमिका भी उजागर होती है।

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US-Iran War Update: ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले तेज! पुल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट को बनाया निशाना, ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव

US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार (17 जुलाई) को अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बार हमलों का निशाना दक्षिणी ईरान का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बना, जिसमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और संचार सुविधाएं शामिल हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। हालांकि, ईरानी मीडिया का दावा है कि हमलों में परिवहन नेटवर्क, संचार व्यवस्था और कुछ नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुलों पर हमले

ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित इरानशहर एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाके हुए। अमेरिकी मिसाइल ने एयरपोर्ट परिसर को निशाना बनाया। वहीं, ‘तस्नीम न्यूज’ एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किया।

बंदर अब्बास शहर में स्थित रेलवे जंक्शन स्टेशन पर भी हमला होने की खबर है। ‘मेहर’ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में रेलवे के दो कर्मचारी घायल हो गए। इसके अलावा, होर्मोजगान प्रांत के बंदर खमीर के पास दो पुलों पर भी हमले किए गए।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। नुकसान के बाद बंदर अब्बास, खमीर और लार को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

कई इलाकों में धमाके, बिजली प्रभावित

ईरानी मीडिया के अनुसार, क़ेश्म द्वीप, बुशेहर और अहवाज समेत दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि बंदर अब्बास में एक मोबाइल टावर भी हमले की चपेट में आया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सात लोग घायल हो गए।

ट्रंप ने पहले ही दी थी चेतावनी

इन हमलों से दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता, तो अमेरिका उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के बिजली प्लाटों और पुलों पर भी हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगले हफ्ते हालात उनके लिए और खराब होंगे। हम उनके बिजली प्लाटं और पुलों को तबाह कर देंगे, यदि वे बातचीत के लिए तैयार नहीं होते।”

लगातार छठी रात कार्रवाई

शुक्रवार के हमलों के साथ ही अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

ईजब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री ट्रैफिक के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं। इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई। अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका का पलड़ा भारी है।

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