इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की। उन्होंने कैप्टन स्मित से कहा कि वे भारत और इजराइल के लोगों के हीरो हैं। नेतन्याहू ने उन्हें अगले इजराइली स्वतंत्रता दिवस पर उनके साथ मिलकर जश्न की लौ जलाने का न्योता दिया। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से घटना के बारे में भी पूछा। स्मित ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट ने प्रेयर करने की इच्छा जताई थी। इसके कुछ मिनट बाद उसने उन पर हमला कर दिया। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को जल्दी ठीक होने की शुभकामना दी और कहा कि वे उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस पर इजराइल आने का न्योता देते हैं। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
Shah Rukh Khan: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने इजराइल जाने वाली फ्लाइट पर हुए हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है। शनिवार को शाहरुख खान ने अपने X हैंडल पर मच्छर के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने पायलट की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें देश का गौरव बताया।
शाहरुख खान ने लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार, जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब आप मजबूती से डटे रहे!! मुश्किल हालात का सामना करना और अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना आसान नहीं है… लेकिन आपने फ्लाइट में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए ठीक यही किया और हमें दिखाया कि एक कैप्टन होने का क्या मतलब है। यह हिम्मत और फर्ज निभाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। आपके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं, देश को आप पर गर्व है।”
इससे पहले सलमान खान ने भी सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने मच्छार की तारीफ करते हुए ‘वेल डन’ कहा और उनकी बहादुरी को सराहा। उन्होंने लिखा, “कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सलाम करते हैं, आपके साथ फ्लाइट में सफर करना खुशी की बात होगी… बहुत बढ़िया भाई… कैप्टन स्मित मच्छार।”
स्मित मच्छर कौन हैं? उन्होंने क्या किया?
पिछले कुछ दिनों में कैप्टन स्मित मच्छार एक नेशनल हीरो बन गए हैं। वह एक कमर्शियल पायलट हैं, जो फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई एक खतरनाक घटना के बाद चर्चा में आए। यह फ्लाइट 174 लोगों के साथ दुबई से तेल अवीव जा रही थी। आरोप है कि विमान के तेजी से नीचे की ओर जाने से पहले उनके को-पायलट ने उन पर कई बार हमला किया और चाकू मारा।
Captain Smit Machchhar, you stood strong when it mattered the most!! It’s not easy to stare adversity in the face and put one’s safety on the line… but you did just that to protect those onboard and showed us what being a Captain entails. A true display of courage and duty. Wishing you a speedy recovery, the country is proud of you…
— Shah Rukh Khan (@iamsrk) October 3, 2026
हालांकि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने सभी की जान बचाई। वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री और क्रू अंदर आ सके और हमलावर को काबू में कर सके। इसके बाद बैकअप पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां वह सुरक्षित रूप से लैंड किया। मच्छार अभी अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज जारी है।
फ्लाईदुबई की दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कुल 4 पायलट सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। हमले के बाद कैप्टन ने जैसे-तैसे कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद विमान में बैठे 2 अन्य पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान की कमान संभाली। उन्होंने बोइंग 737 मैक्स 8 को सुरक्षित सऊदी अरब में उतारा। एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर विमान को संभालने में करीब 5 सेकेंड और लग जाते तो वह ऐसी स्थिति में पहुंच सकता था, जहां उसे दोबारा ऊपर लाना और क्रैश होने से बचाना संभव नहीं होता। अब सबसे बड़ा सवाल है कि 3.5 घंटे की इस फ्लाइट में 2 अतिरिक्त पायलट आखिर क्यों मौजूद थे… विमान में अतिरिक्त पायलट का होना आम नहीं एयरलाइंस छोटी फ्लाइट में सिर्फ इस डर से अतिरिक्त पायलट नहीं बैठातीं कि अगर मुख्य पायलटों को कुछ हो गया तो दूसरा पायलट काम संभाल लेगा। यानी इस फ्लाइट में 4 पायलट होने का मतलब यह नहीं था कि एयरलाइन ने जानबूझकर 2 पायलटों को इमरजेंसी बैकअप के तौर पर भेजा था। रिटायर्ड एयरलाइन कैप्टन और एविएशन सेफ्टी सलाहकार जॉन कॉक्स के मुताबिक, किसी छोटी फ्लाइट में सिर्फ संभावित देरी से निपटने के लिए अतिरिक्त पायलट रखना आम तरीका नहीं है। पायलटों की ट्रेनिंग और सैलरी पर काफी खर्च होता है, 2 की जगह 4 पायलट रखने पर कंपनी का खर्च बढ़ता है। इसलिए एयरलाइंस जरूरत के मुताबिक ही क्रू रखती हैं। फ्लाईदुबई विमान में 2 अतिरिक्त पायलट होने की 2 वजहें पहली वजह जॉन कॉक्स के मुताबिक दोनों पायलटों को शायद उनकी अगली फ्लाइट के लिए जरूरी जगह पर भेजा जा रहा था। पायलटों को अक्सर ऐसी फ्लाइट में भेजा जाता है, जिसे वे खुद नहीं उड़ा रहे होते। उन्हें उनकी अगली ड्यूटी वाली जगह तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता है। एविएशन इंडस्ट्री में इसे ‘डेडहेडिंग’ कहते हैं। फ्लाईदुबई ने बताया कि विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलट कंपनी के ड्यूटी पर तैनात क्रू का हिस्सा थे। ऐसे पायलट कंपनी के काम से यात्रा करते हैं, इसलिए उन्हें ड्यूटी पर माना जाता है और उन्हें वेतन मिलता है। वे शराब नहीं पी सकते, जबकि यूनिफॉर्म पहनना जरूरी नहीं होता। दूसरी वजह एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक वजह यह भी हो सकती है कि तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए दूसरे क्रू की जरूरत हो। पायलट की ड्यूटी सिर्फ उड़ान के समय से नहीं गिनी जाती। एयरपोर्ट पहुंचने के साथ उनका ड्यूटी टाइम शुरू हो जाता है। ऐसे में ज्यादा देरी या लंबे रूट के कारण वे तय ड्यूटी सीमा पूरी कर सकते हैं। इसे ‘टाइमिंग आउट’ कहते हैं, जिसके बाद पायलट विमान नहीं उड़ा सकते। मौजूदा क्रू की कानूनी ड्यूटी सीमा पूरी होने पर उन्हें जरूरी आराम देना पड़ता है। ऐसे में वापसी की उड़ान के लिए दूसरे पायलटों को पहले ही वहां भेजा जा सकता है। फ्लाईदुबई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन दोनों पायलटों को इस फ्लाइट में क्यों भेजा गया था। एक्सपर्ट बोले- इमरजेंसी में भी विमान का उड़ते रहना बड़ी बात रिटायर्ड कैप्टन रिचर्ड लेवी ने क्रू और यात्रियों की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर का कॉकपिट का दरवाजा खोल पाना और इमरजेंसी सिग्नल भेजना बेहद अहम था। लेवी के मुताबिक, विमान का पिछला हिस्सा टूट जाने के बावजूद वह उड़ने की स्थिति में बना रहा। इतनी गंभीर स्थिति के बाद भी विमान का सुरक्षित रूप से उड़ते रहना असाधारण था। अतिरिक्त पायलट से फायदा- क्रू और शेड्यूल संभालना आसान एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट सैली लीव्सली के मुताबिक, इलाके में बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के चलते उड़ानों में देरी हो सकती है। ऐसे माहौल में अतिरिक्त पायलट होने से क्रू की कमी और फ्लाइट शेड्यूल को संभालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में अतिरिक्त पायलट किसी खास सुरक्षा चेतावनी के चलते रखे गए थे। ——————- यह खबर भी पढ़ें… भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी का नाम हमाम अल-हमामी:दावा- अलकायदा से प्रभावित था, कट्टरपंथी सोच के चलते ओमान एयर से निकाला गया इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह ओमान का रहने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…
Capt Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हवा में हुई डरावनी घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार हिम्मत की मिसाल बनकर उभरे हैं। उनके काम की हर तरफ तारीफ हो रही है, जिसमें कई भारतीय एक्टर और बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। आर माधवन, अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, विजय देवरकोंडा, रवि किशन, परेश रावल, रवीना टंडन, सोनम कपूर और कंगना रनौत जैसे लोगों ने कैप्टन की बहादुरी और सूझबूझ की खुलकर तारीफ की है।
भारतीय सेलिब्रिटी ने स्मित मच्छर को ‘असली हीरो’ कहा
इस घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले पहले स्टार्स में आर माधवन शामिल थे। पायलट के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को शेयर करते हुए एक्टर ने लिखा, “एक असली हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं।” विजय देवरकोंडा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “भगवान आपकी रक्षा करे और आप पर कृपा बनाए रखे, कैप्टन। आपने जिस स्थिति का सामना किया और जो किया, वह अविश्वसनीय है। उस फ्लाइट में मौजूद बाकी सभी लोगों के साथ भी।” रश्मिका मंदाना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में लिखा, “क्या हिम्मत है। अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ते हुए भी अपने आस-पास के सभी लोगों की जान के बारे में सोचना। मेरे पास शब्द नहीं हैं… आपके लिए हिम्मत और जल्द ठीक होने की कामना करती हूं। कैप्टन स्मित। हमें आप पर बहुत गर्व है।”
एक्टर-नेता रवि किशन ने पायलट को “अपने काम के प्रति अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और असाधारण समझदारी” की मिसाल बताया और कहा कि उनके काम गर्व और प्रेरणा का स्रोत हैं। संजय दत्त ने कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार को दिल से सलाम। इतने बड़े डर के माहौल में भी आपने इतनी सारी जिंदगियों को बचाने की हिम्मत दिखाई। आपके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”
परेश रावल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के नाना पाटेकर के मशहूर डायलॉग का जिक्र किया। मच्छार के सरनेम का मज़ा लेते हुए रावल ने लिखा, “नाना पाटेकर का मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- एक मच्छर आदमी को…!”
अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, रवीना टंडन, सोनम कपूर और शरवरी ने मच्छार को सलाम किया और उन्हें “असली हीरो” कहा। कंगना रनौत ने भी उन्हें सपोर्ट दिया है और मच्छार के उस खुलासे का जिक्र किया कि संकट के समय उन्होंने हनुमान जी की प्रार्थना की थी।
शमिता शेट्टी, रिद्धिमा कपूर साहनी और शेफ कुणाल कपूर भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्होंने समर्थन के पोस्ट साझा किए। सलमान खान ने अपने खास संदेश में अपना मशहूर डायलॉग “इट्स डन ब्रो” कहा, जबकि रणवीर सिंह ने मच्छार को “कैप्टन करेजियस” (साहसी कैप्टन) कहा।

कैप्टन स्मित मच्छार के साथ क्या हुआ?
घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई। इजराइली अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तब मच्छार के ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर उन पर हमला किया और चाकू से हमला किया। स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट के दरवाजे का रिलीज मैकेनिज्म चालू करने और उसे खोलने में कामयाब रहे।
इस कदम से केबिन क्रू और यात्रियों को कॉकपिट में घुसने और हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली। यात्रियों के तौर पर यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फिर विमान को नियंत्रित करने में मदद की। प्लेन का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। वे अपनी चोटों से उबर रहे हैं। 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल में उन्होंने उन डरावने पलों का जिक्र किया और बताया कि दरवाजा खोलने में कामयाब होने से पहले ही उन्हें पता चल गया था कि विमान नीचे गिर रहा है।

