बाजार पर मैक्रो का ट्रिपल अटैक!क्या बचेगा निफ्टी का 52-हफ्ते का निचला स्तर? जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सपाट या सतर्क रुख के साथ खुलने की संभावना है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT निफ्टी में बहुत कम हलचल दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, FII की लगातार बिकवाली, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और कमजोर ग्लोबल इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 5 अंक या 0.02 फीसदी गिरकर 22,819 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर आ गया, जबकि निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।

भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए बाहरी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $106 प्रति बैरल से ऊपर चली गई क्योंकि US-ईरान शांति प्रयासों में जल्द किसी समाधान की उम्मीद कम हो गई है। वहीं, एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट आई और US स्टॉक-इंडेक्स फ्यूचर्स भी नीचे ट्रेड कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट भी रात भर भारी गिरावट के साथ बंद हुआ क्योंकि तेल की ऊंची कीमतों और ट्रेजरी यील्ड ने महंगाई और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली एक बड़ी बाधा बनी रही। FII लगातार तीसरे सेशन में नेट सेलर रहे और 28 सितंबर को 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेची। DII ने इस आउटफ्लो को संतुलित करते हुए लगभग 5,189 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव से एशियाई बाजारों में गिरावट

मंगलवार को एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिर गया, जिसमें जापानी और दक्षिण कोरियाई शेयरों में गिरावट देखी गई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत गिर गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में बहुत कम बदलाव हुआ। ऑस्ट्रेलियाई इक्विटी मार्केट भी मोटे तौर पर सपाट रहा। US इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही; Nasdaq 100 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत नीचे रहे।

ब्रेंट क्रूड $106 के पार पहुंचा

मंगलवार को लगातार दूसरे सेशन में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की चिंताएं, उस क्षेत्र से क्रूड एक्सपोर्ट में सुधार के संकेतों पर भारी पड़ीं। ब्रेंट क्रूड 1.6 प्रतिशत बढ़कर $106.93 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.3 प्रतिशत बढ़कर $93.80 पर पहुंच गया।

US-ईरान विवाद में जल्द ही किसी डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीद कम हो गई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ज़रिए सप्लाई में संभावित रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च VP सचिन गुप्ता ने कहा, “तुरंत सपोर्ट 72,300–72,500 पर है, जबकि 72,900–73,000 मुख्य रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर काम कर सकता है। ब्रॉडर ट्रेडिंग रेंज 72,300–73,000 है, और कुल मिलाकर रुख साइडवेज से लेकर मंदी (बेयरिश) वाला है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में कुछ स्थिरता लाने के लिए 73,000 के ऊपर लगातार रिकवरी की ज़रूरत होगी। कुल मिलाकर, इंडेक्स साइडवेज से लेकर मंदी वाला बना हुआ है, और जब तक मज़बूत रिबाउंड नहीं दिखता, ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए। 72,900–73,000 के ऊपर लगातार बढ़त कुछ राहत दे सकती है, जबकि 72,300 के नीचे जाने पर गिरावट का दौर और बढ़ सकता है।”

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “भारतीय इक्विटी मार्केट पर दबाव बने रहने की उम्मीद है क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और U.S.-ईरान संघर्ष को लेकर लगातार अनिश्चितता मार्केट के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि U.S. इस संघर्ष में ‘बहुत जल्द’ जीत हासिल करेगा, जबकि अधिकारी संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए संभावित सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Commodity Market : 7 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंचे सोने-चांदी के दाम, क्रूड में फिर बड़ा उछाल

Commodity Market : कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सोने-चांदी के लिए भारी गिरावट के साथ हुई। सोने-चांदी की कीमतें 7 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गईं और 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। MCX पर सोना 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे चला गया है। वहीं, MCX पर चांदी 2.27 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे आ गई है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना $4200 के नीचे है। जबकि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी $62 के नीचे दिख रही है। इस बीच ब्रेंट क्रूड का भाव $107 के पार निकल गया है। महंगे क्रूड से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर कायम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी जारी। महंगाई बढ़ने पर फेड दरें बढ़ा सकता है।

वेंचुरा में कमोडिटी और CRM के हेड, एन एस रामास्वामी का कहना है कि हाल की तेजी के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा और सख्ती बरतने की बढ़ती उम्मीदें हैं। अमेरिका की 10-साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.2% के ऊपर पहुंच गई है,जो जून 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। जबकि 30-साल की यील्ड बढ़कर लगभग 5.52% हो गई है, जो 2004 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मज़बूत हो रहा है और बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। इस बीच अमेरिका के उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया है। सितंबर में कंपोजिट PMI बढ़कर 58.4 हो गई है,जो पांच साल से ज़्यादा समय में सबसे तेज़ रफ़्तार है।

इस हफ़्ते बाजार की नजर कोर PCE महंगाई के आंकड़ों (जो फ़ेड का पसंदीदा महंगाई पैमाना है) और GDP के फाइनल आंकड़ों पर रहेगी। ये दोनों बुधवार को आने वाले हैं। वहीं,नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़े शुक्रवार को आएंगे। इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत पर भी सबकी नजर रहेगी।

आगे सोने की चाल महंगाई की चिंता और ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के संभावित एक्शन पर निर्भर करेंगी। फिलहाल इसका ट्रेंड थोड़ा कमजोर बना हुआ है। MCX गोल्ड दिसंबर 149,427 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 151,000, 153,500 और 155,500 पर है, जबकि सपोर्ट 148,000, 145,000 और 140,000 पर दिख रहा है। COMEX गोल्ड दिसंबर 4,194 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 4,260 डॉलर और 4,350 डॉलर पर है,जबकि सपोर्ट 4,130, 4,050 और 4,000 डॉलर पर दिख रहा है।

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क्रूड की चाल पर एक नजर

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड में फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। आज कच्चे तेल के दाम करीब 3% चढ़े हैं। ब्रेंट $108 के पार चला गया तो WTI $94 के ऊपर पहुंच गया है। ईरान से बातचीत की उम्मीद के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है। ट्रंप ने ईरान का स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और ईरान पर ज्यादा मांग रखने का आरोप लगाया है। उधर, ईरान ने US के साथ भीषण जंग के लिए तैयार रहने की बात कही है। बाजार को सप्लाई संकट गहराने की आशंका है।

इक्विटी मार्केट पर क्या होगा असर?

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ में चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह का कहना है कि बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों,जियोपॉलिटिकल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बनी चिंताओं की वजह से भारी गिरावट आई है। साथ ही FPI की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना भी बाजार पर भारी पड़ रहा है।

FPI की तरफ से लगातार हो रही निकासी भारतीय इक्विटी पर बिकवाली का दबाव बढ़ा सकती है। डॉलर की मांग के कारण रुपये की कमजोरी बढ़ सकती है, आयातित महंगाई का जोखिम बढ़ा सकता है और बाजार में कुल लिक्विडिटी और निवेशकों का भरोसा घट सकता है।

बैंक,तेल मार्केटिंग कंपनियां,पेंट,टायर,एयरलाइंस और कच्चे तेल से जुड़े अन्य सेक्टर पर असर पड़ सकता है। डिफेंसिव,फार्मास्यूटिकल्स,हेल्थकेयर और FMCG सेक्टर तुलनात्मक रूप मजबूती दिखा सकते हैं।

निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों,ईरान-अमेरिका के बीच बन रही स्थिति,होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी खबरों,अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड,FPI फ्लो,रुपये की चाल,ग्लोबल मार्केट,घरेलू महंगाई और आने वाली कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर नजर रखनी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।