Asian Market Today: एशियाई बाजारों में बढ़त, माइक्रोन की मजबूत कमाई के बाद कोस्पी 5% उछला, निक्केई 1% ऊपर

Asian Market Today: US चिपमेकर माइक्रोन की अच्छी कमाई के बाद गुरुवार को एशियाई स्टॉक मार्केट में मोटे तौर पर बढ़त देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.28% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.76% बढ़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 5% से ज़्यादा उछला, जबकि कोस्डैक 1.32% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम ओपनिंग का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,114 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 62 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक और S&P 500 मेगाकैप टेक स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुए।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 पॉइंट्स या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 7.24 पॉइंट्स या 0.10% गिरकर 7,358.22 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 110.40 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 0.54% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.27% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 0.37% गिरा, एप्पल का स्टॉक 0.38% गिरा, टेस्ला का स्टॉक 1.61% गिरा, और स्पेसएक्स का शेयर 1.13% गिरा।

US-ईरान शांति वार्ता

जबकि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक नॉर्मल होने की ओर बढ़ रहा है, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बंद कमरे में हुई मीटिंग में रिपब्लिकन कांग्रेसियों को उनके ईरान युद्ध को रोकने के लिए वोट की इजाज़त देने के लिए फटकार लगाई है। US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो का कहना है कि अगले हफ़्ते स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत तय है।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई और Q4 के अनुमान ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, जिससे इसके शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 15% बढ़ गए। माइक्रोन ने Q3 में $41.46 बिलियन का रेवेन्यू बताया, जो $35.85 बिलियन के अनुमान से ज़्यादा है। कंपनी ने $25.11 प्रति शेयर का एडजस्टेड प्रॉफ़िट बताया, जबकि अनुमान $20.78 प्रति शेयर था।

इसे Q4 में प्रति शेयर $31 की एडजस्टेड कमाई की उम्मीद है, जो $1 ज़्यादा या कम हो सकती है, जबकि अनुमान $25.84 प्रति शेयर था। कंपनी को चौथी तिमाही में लगभग $10 बिलियन के कैपिटल खर्च की उम्मीद है, जबकि एनालिस्ट्स को $8.89 बिलियन की उम्मीद थी।

बिटकॉइन की कीमतें

बिटकॉइन की कीमतें वापस $60,000 से नीचे आ गईं। टोकन 5.4% तक गिरकर $59,023 पर आ गया, जो अक्टूबर 2024 के बाद सबसे कम है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, CoinGlass के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टो लॉन्ग पोजीशन में लगभग $800 मिलियन लिक्विडेट किए गए हैं। डेरिबिट के डेटा से पता चलता है कि यह गिरावट शुक्रवार को बिटकॉइन ऑप्शंस में लगभग $10 बिलियन की तिमाही एक्सपायरी से पहले हुई है।

आज सोने का रेट

US डॉलर में तेज़ी और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की संभावना के बीच, सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो एक दिन पहले सात महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के पास रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% गिरकर $3,985.89 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% गिरकर $4,001.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.2% गिरकर $57.33 प्रति औंस हो गईं।

US ट्रेजरी यील्ड

तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आने से US ट्रेजरी यील्ड गिर गई। 2-साल के नोट की यील्ड 4.137% पर आ गई, जो 17 जून के बाद सबसे कम है। बेंचमार्क US 10-साल के नोट पर यील्ड 4.398% पर पहुंच गई, जो 11 मई के बाद सबसे कम है। तीस-साल के ट्रेजरी यील्ड 4.849% पर आ गए, जो 8 अप्रैल के बाद सबसे कम है।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से फंसे हुए टैंकरों के निकलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे सप्लाई की चिंता कम हुई। अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.54% गिरकर $73.34 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.38% गिरकर $70.07 प्रति बैरल पर आ गया।

डॉलर

US डॉलर मजबूत हुआ है और लगभग एक साल में अपनी सबसे तेज मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले करेंसी को मापता है, रातों-रात 101.8 के 13 महीने के पीक पर पहुंचने के बाद 101.6 के आसपास स्थिर है। यूरो लगभग $1.1353 था, और स्टर्लिंग सात महीने के सबसे निचले स्तर $1.314 पर था। 161.73 येन पर, डॉलर चार दशकों से कुछ ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर से बस थोड़ा ही दूर था।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त पर खुल सकते है भारतीय बाजार

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

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GIFT Nifty बाजार के फ्लैट खुलने के दे रहा संकेत, ग्लोबल बाजार में मिला-जुला ट्रेड, क्रूड की कीमतों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को फ्लैट खुल सकते हैं, जिसे GIFT Nifty से पॉजिटिव संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और चल रही US-ईरान शांति बातचीत को लेकर बेहतर सेंटीमेंट से सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी और US फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं के बावजूद भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में बढ़त की संभावना है, जो रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाल रही है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.22 बजे 23,820.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो 1.50 पॉइंट्स या 0.01 परसेंट नीचे था, जो मंगलवार की तेज सेल-ऑफ के बाद घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत है।

यह संकेत 23 जून को भारतीय बाज़ारों में लगभग दो हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद आया है। सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ। कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता ने सेंटिमेंट पर असर डाला, जबकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश कम करना जारी रखा।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले रहे

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के एक और दौर से वॉल स्ट्रीट रात भर तेज़ी से नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.21 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 1.44 प्रतिशत गिरकर एक हफ़्ते से ज़्यादा के निचले स्तर पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज काफ़ी मज़बूत था, जो सिर्फ़ 0.09 प्रतिशत गिरा।

इन्वेस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते डेट-फंडेड खर्च और इस बात की संभावना को लेकर चिंतित थे कि US फेडरल रिजर्व इस साल के आखिर में और सख्त रुख अपना सकता है। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा क्योंकि इन्वेस्टर्स ने महीनों की अच्छी बढ़त के बाद वैल्यूएशन का फिर से आकलन किया।

हालांकि, बुधवार को एशियाई मार्केट्स में स्थिरता के संकेत दिखे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार की 10 परसेंट की तेज गिरावट के बाद 2.2 परसेंट उछला। जापान का निक्केई बढ़त और गिरावट के बीच ऊपर-नीचे होता रहा और आखिरी बार थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात सामने आई। ब्रेंट क्रूड $76.7 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि US क्रूड $73 प्रति बैरल से नीचे था। दोनों बेंचमार्क अब चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि US-ईरान बातचीत में प्रगति और होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए टैंकर ट्रैफिक फिर से शुरू होने से सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ गिरावट भारतीय इक्विटीज़ के लिए सबसे मज़बूत सपोर्ट में से एक बनकर उभरी है।

निफ्टी के लिए 24,000 पर सबसे बड़ी रुकावट 

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, घरेलू मार्केट ग्लोबल इक्विटीज़ में कमज़ोरी के मुकाबले पॉज़िटिव जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को बैलेंस कर रहा है। उन्होंने कहा, “US-ईरान शांति बातचीत में प्रोग्रेस से सुधर रहे सेंटिमेंट को ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमज़ोरी और US फेडरल रिज़र्व के ज़्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं से बैलेंस किया जा रहा है।” US-ईरान शांति बातचीत में लगातार प्रोग्रेस हो रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि जब तक कोई फॉर्मल एग्रीमेंट फाइनल और लागू नहीं हो जाता, तब तक इन्वेस्टर्स के सावधान रहने की संभावना है।

ग्लोबल डेवलपमेंट के अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स मॉनसून की प्रोग्रेस पर भी करीब से नज़र रख रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की कमी ने एग्रीकल्चरल आउटपुट, फ़ूड इन्फ्लेशन और रूरल डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले हफ़्तों में मॉनसून ट्रेंड्स मार्केट के लिए एक ज़रूरी वेरिएबल बन गए हैं।

मंगलवार के तेज़ करेक्शन के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 23 जून को मार्जिनल नेट बायर्स बने, उन्होंने 17 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि 24,000 के निशान से नीचे जाने के बाद निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। अभी सबसे बड़ी रुकावट 24,000 पर है, और इस लेवल से ऊपर लगातार बढ़ने से बुलिश मोमेंटम फिर से आ सकता है और 24,100-24,200 ज़ोन की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 23,800 एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक नया सेलिंग प्रेशर पैदा कर सकता है और इंडेक्स को 23,600 के लेवल पर ले जा सकता है।

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Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Prediction Today: गिफ्ट निफ्टी दे रहा भारतीय बाजार के फ्लैट खुलने के संकेत, US-ईरान वार्ता और फेड रेट आउटलुक पर इन्वेस्टर्स की नजर

Market Prediction Today: US-ईरान शांति समझौते को लेकर सावधानी के बीच, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, मंगलवार को फ्लैट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty के ट्रेंड भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे रहे है। गिफ्ट निफ्टी 24,130 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 6 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

सोमवार को, US-ईरान शांति वार्ता में प्रोग्रेस की खबरों के बीच भारतीय स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,100 के लेवल से ऊपर बंद हुआ।सेंसेक्स 291.17 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 77,094.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 89.80 पॉइंट्स या 0.37% बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले रहे

वॉल स्ट्रीट रात भर नीचे बंद हुआ, जिसमें टेक्नोलॉजी स्टॉक्स दबाव में रहे। नैस्डैक कंपोजिट 1.32 परसेंट गिरा और S&P 500 0.37 परसेंट गिरा, जिसकी वजह अल्फाबेट समेत बड़े टेक्नोलॉजी नामों में गिरावट रही। हालांकि, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में बढ़त से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29 परसेंट बढ़ा।

मंगलवार को एशियाई मार्केट भी धीमे रहे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 परसेंट गिरा, जबकि जापान का निक्केई 0.6 परसेंट फिसला। साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 2 परसेंट गिरा, हालांकि ताइवानी इक्विटीज़ ने नई ऊंचाई को छुआ। इस साल के आखिर में फेडरल रिजर्व के और रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच इन्वेस्टर सावधान रहे।

इस बीच, पिछले सेशन में तेज गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $78 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि US क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि इन्वेस्टर US-ईरान बातचीत में प्रोग्रेस का अंदाज़ा लगा रहे थे और होर्मुज स्ट्रेट से तेल के फ्लो की बहाली पर ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार कर रहे थे।

यह उछाल सोमवार को तेल की कीमतों में 3 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट के बाद आया है, जब अमेरिका ने ईरान को 60 दिन के बैन से छूट दी और अधिकारियों ने डिप्लोमैटिक बातचीत में प्रोग्रेस पर ज़ोर दिया। इस बढ़ोतरी के बावजूद, क्रूड तेल लड़ाई के पीक के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे है, जो भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी के लिए एक सपोर्टिव बैकग्राउंड देता है।

क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, डिप्लोमैटिक डेवलपमेंट सेंटीमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय बाज़ारों में सावधानी से पॉज़िटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है क्योंकि US-ईरान बातचीत में डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस से इन्वेस्टर सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल रहा है। US वाइस प्रेसिडेंट के इस कमेंट से कि प्रस्तावित एग्रीमेंट को फ़ाइनल करने के लिए ‘अच्छी नींव’ है, इस उम्मीद को और मज़बूत किया है कि बातचीत कंस्ट्रक्टिव रास्ते पर है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक स्थायी समाधान की उम्मीदें बढ़ रही हैं।”

जियोपॉलिटिक्स के अलावा, इन्वेस्टर ट्रेड के मोर्चे पर भी डेवलपमेंट पर नज़र रखेंगे। US ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के इस हफ़्ते कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों देश बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम कर रहे हैं। टैरिफ़ में छूट या बड़े ट्रेड सहयोग पर कोई भी प्रोग्रेस मार्केट सेंटिमेंट को और सपोर्ट कर सकती है।

एफआईआई फ्लो मिला-जुला

इंस्टीट्यूशनल फ़्लो मिले-जुले रहे। 22 जून को फ़ॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) नेट सेलर थे, जिन्होंने Rs 635 करोड़ के इक्विटी बेचे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (DII) ने Rs 1,000 करोड़ के शेयर खरीदकर सपोर्ट देना जारी रखा।

टेक्निकल मोर्चे पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी ज़रूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। अभी की रुकावट 24,200 का निशान है, और इस लेवल से ऊपर लगातार ब्रेकआउट 24,400 की ओर बढ़ने का रास्ता बना सकता है। नीचे की तरफ, 24,000-23,900 ज़ोन एक ज़रूरी सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इस रेंज से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

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