Silver Price Today: दूसरे दिन चांदी और भी हुई सस्ती, खरीदारी से पहले जानें आज 10 प्रमुख शहरों के ताजा रेट

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भी चांदी की कीमतों में भारी दबाव देखने को मिला है। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे है तो यह आपके लिए अच्छा मौका है। खबर लिखे जाने तक MCX पर चांदी का वायदा भाव 2597 रुपये गिरकर 2,24,855 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,27,442 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,26,240 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 61.13 रुपये प्रति औंस हो गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें कितनी गिरीं?

इंटरनेशनल मार्केट यानी कॉमेक्स पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। कॉमेक्स पर मौजूद डेटा के मुताबिक, खबर लिखे जाने तक सोने में 0.05% की गिरावट आई है और कीमत $4166.40 प्रति औंस पर पहुंच गई है। जबकि चांदी की कीमत में 1.13% की गिरावट आई है और ऐसे समय में कीमत $61.020 प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,40,000-2,45,000 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,40,000
मुंबई₹2,40,000
कोलकाता₹2,40,000
चेन्नई₹2,44,800
लखनऊ₹2,40,000
पटना₹2,40,000
जयपुर₹2,40,000
अहमदाबाद₹2,40,000
पुणे₹2,40,000
बेंगलुरु₹2,40,000
हैदराबाद₹2,40,000
भोपाल₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,40,000
नोएडा₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,40,000

चांदी में गिरावट की क्या है वजहें

तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे मेटल के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में सोने-चांदी में तेज गिरावट देखी गई।

ऊंची ब्याज दरों से सोने का आकर्षण कम हो जाता है क्योंकि निवेशक यील्ड देने वाली संपत्तियों में निवेश करना पसंद करते हैं। बता दें कि सोने से कोई ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक सोने से दूर हो जाते हैं, जिससे इसकी कीमत पर असर पड़ता है। फेड ने इस महीने की शुरुआत में बेंचमार्क दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी और संकेत दिया था कि आने वाले महीनों में कम से कम एक और बढ़ोतरी की संभावना है।

पिछले दिन क्या रही चांदी की कीमत

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर के बीच वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के कारण कीमतों में गिरावट आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत 5,000 रुपये टूटकर 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) रह गई, जबकि शुक्रवार को यह 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। विदेशी बाजारों में, हाजिर चांदी की कीमत 2.96 डॉलर या 4.6 प्रतिशत टूटकर 61.34 डॉलर प्रति औंस रह गई।

भारतीय निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

भारतीय निवेशकों के लिए, सोने की ग्लोबल कीमतें पूरी तस्वीर का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। घरेलू कीमतें रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंपोर्ट से जुड़ी लागत और स्थानीय मांग से भी प्रभावित होती हैं।

इसलिए, सोने की ग्लोबल कीमतों में बड़ी गिरावट का मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि भारत में भी सोने की कीमतों में उसी प्रतिशत से गिरावट आएगी।

Commodity Corner: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच तेल की कीमतें दूसरे दिन बढ़ीं, सोना गिरा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: 29 सितंबर के पेट्रोल-डीजल रेट जानें, यहां मिलेगा पूरा अपडेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

Petrol Diesel Price Today: 27 सितंबर को पेट्रोल-डीजल के दाम अपडेट, जानें आपके शहर का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 27 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

Petrol Diesel Price Today: 26 सितंबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर में क्या है आज का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 26 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

Silver Price Today: कल की तेज गिरावट के बाद आज फिर चढ़े दाम, खरीदारी से पहले जानें 10 प्रमुख शहरों के भाव

Silver Price Today: कल 5000 रुपये सस्ते होने के बाद शुक्रवार को एक बार चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में चांदी की चमक बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव700 रुपए तक चढ़ी और कीमत ₹2,34,151 प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं दाम?

इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर सोने और चांदी दोनों की चमक लौट आई है। Comex पर आंकड़ों की मानें तो खबर लिखे जाने तक सोना 0.46% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4317.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.54% तक चढ़े और ऐसे में कीमत 64.345 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,49,900-2,54,900 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,45,000
मुंबई₹2,45,000
कोलकाता₹2,45,000
चेन्नई₹2,50,000
लखनऊ₹2,45,000
पटना₹2,45,000
जयपुर₹2,45,000
अहमदाबाद₹2,45,000
पुणे₹2,45,000
बेंगलुरु₹2,45,000
हैदराबाद₹2,45,000
भोपाल₹2,45,000
चंडीगढ़₹2,45,000
नोएडा₹2,45,000
गुरुग्राम₹2,45,000

 

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव

दिल्ला के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। पिछले दो सत्रों में स्थिर रहने के बाद, चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर चांदी 1.4 फीसदी टूटकर 63.56 डॉलर प्रति औंस रह गई।

चांदी को किससे मिल रहा सपोर्ट

दो दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग के दौरान चांदी की कीमत (XAG/USD) थोड़ी बढ़कर $63.90 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बाद महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। एनर्जी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान एक चरणबद्ध समझौते पर विचार कर रहे हैं। इस समझौते में कतर के अधिकारी मध्यस्थता कर रहे हैं और बातचीत UN जनरल असेंबली के दौरान हो रही है। अगर यह समझौता होता है, तो ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हट सकती है और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार बिकवाली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों ने इस कमजोरी के लिए कमजोर वैश्विक संकेतों और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया। चांदी पर अधिक असर पड़ा क्योंकि इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है और औद्योगिक मांग से जुड़े होने के कारण इस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे यह दिन के अंत में अपने पिछले बंद भाव से काफी नीचे रही।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.96 के स्तर तक गिरने से घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला, जिससे गिरावट की सीमा सीमित रही।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LPG Price 25 September: एलपीजी के दाम पर बड़ा अपडेट, जानें कितना महंगा हुआ घेरलू और कमर्शियल सिलेंडर, चेक करें अपने शहर का रेट

LPG Price 25 September: भारत में LPG सिलेंडर सिर्फ रसोई की जरूरत नहीं, बल्कि लाखों घरों और कारोबारों के रोजमर्रा के खर्च का अहम हिस्सा है। घर में खाना बनाने से लेकर रेस्टोरेंट और ढाबों तक इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में सिलेंडर के दाम में होने वाला छोटा-सा बदलाव भी लोगों के मासिक बजट पर असर डाल सकता है। LPG की कीमतें कई वजहों से बदलती हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, सरकारी नीतियां और ट्रांसपोर्टेशन की लागत शामिल हैं। चूंकि भारत अपनी LPG जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है, इसलिए दुनियाभर के बाजार में होने वाली हलचल का असर यहां के सिलेंडर रेट पर भी देखने को मिलता है।

आज कितनी है गैस सिलेंडर की कीमत?

फिलहाल भारत में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग शहरों में 941.50 रुपये से 994 रुपये के बीच है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए ग्राहकों को 2,701 रुपये से 2,996 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। लेकिन इन कीमतों के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं होती। बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन के दाम, LPG के आयात पर आने वाला खर्च, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत और सरकार के टैक्स से जुड़े कई फैक्टर मिलकर सिलेंडर का रेट तय करते हैं। तेल कंपनियां इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर कीमतों की समीक्षा करती हैं और जरूरत के मुताबिक LPG के दाम में बदलाव करती हैं।

14.2 किलो और 19 किलो वाले LPG सिलेंडर के रेट

शहरघरेलू सिलेंडर के रेटकमर्शियल सिलेंडर के रेट 
दिल्ली942 रुपये2,747.50 रुपये
मुंबई941.50 रुपये2,701 रुपये
कोलकाता968 रुपये2,884 रुपये
बेंगलुरु944.50 रुपये2,831 रुपये
हैदराबाद994 रुपये2,996 रुपये
चेन्नई957.50 रुपये2,916.5 रुपये
कटक968.00 रुपये2,885 रुपये
कोयंबटूर959.00 रुपये2,940 रुपये
रांची1,010.50 रुपये2,925.50 रुपये

LPG के लिए बदला भारत का रास्ता

बता दें ईरान में जंग के चलते खाड़ी देशों से होने वाली एनर्जी सप्लाई पर भारी असर पड़ा, जिस वजह से भारत ने LPG के लिए दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए। इसी बीच अमेरिका भारत के लिए LPG के एक बड़े सप्लायर के तौर पर तेजी से उभरा। ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 6% थी, जो अब बढ़कर 20% से ज्यादा हो गई है। इस बढ़ोतरी के साथ अमेरिका ने खाड़ी देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत के लिए LPG का सबसे बड़ा सप्लायर बनने का स्थान हासिल कर लिया है।

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Commodity Corner: क्रूड में नरमी, सोने-चांदी में दबाव, आज किन कमोडिटी कहां होगी कमाई

Commodity Corner: 24 सितंबर को कमोडिटी मार्केट में मिला-जुला कारोबार हुआ। पिछले सेशन में 4% की तेजी के बाद तेल की कीमतों में नरमी आई, जबकि एनर्जी की ऊंची कीमतों और मज़बूत US इकोनॉमिक डेटा के बीच सोना दबाव में रहा।

गुरुवार को तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। पिछले सेशन में इनमें 4% की बढ़ोतरी हुई थी। ईरान ने कहा कि वह US-ईरान तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है, हालांकि दोनों देशों के बीच इसके तरीकों को लेकर अभी भी काफी मतभेद हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 94 सेंट या 0.9% गिरकर $102.13 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 59 सेंट या 0.7% गिरकर $91.56 पर आ गया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के कड़े बयानों से मध्य पूर्व में महीनों के टकराव के बाद भी दोनों देशों के बीच मौजूद बड़े मतभेदों का पता चलता है। संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए, पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और उन्होंने कई ऐसी शर्तें बताईं जिन्हें ठोस बातचीत फिर से शुरू करने से पहले पूरा करना ज़रूरी होगा।

कीमती धातुओं में, सोने में गिरावट जारी रही। एनर्जी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी और उम्मीद से बेहतर US इकोनॉमिक डेटा ने इस बात की संभावना बढ़ा दी है कि महंगाई से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

एक दिन पहले 1.7% की गिरावट के बाद बुलियन $4,290 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

पिछले सेशन में 4% की गिरावट के बाद चांदी 0.2% गिरकर $64.31 प्रति औंस पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट आई।

गुरुवार को डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर बना रहा। मज़बूत मैन्युफैक्चरिंग डेटा ने महंगाई की आशंकाओं और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों को फिर से हवा दी, जबकि कमज़ोर ट्रेजरी नीलामी से यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जिससे US करेंसी को और मज़बूती मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

भारत ने इस साल जून में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया। यह मई महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पीटीआई के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 में भारत ने रूस से 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा। रूस से भारत के कुल 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) आयात में इस तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत रही। भारत, चीन के बाद रूस से हाइड्रोकार्बन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। चीन ने जून में 7.3 अरब यूरो का रूसी जीवाश्म ईंधन खरीदा।

भारत का कच्चे तेल का कुल आयात जून में मासिक आधार पर 5.4 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान भारतीय रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी में रूस से तेल की आपूर्ति मई की तुलना में 150 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पारादीप रिफाइनरी में 126 प्रतिशत बढ़ी। इसी तरह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी में सप्लाई 83 प्रतिशत और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में 45 प्रतिशत बढ़ी।

रूस का कच्चे तेल के निर्यात से रेवेन्यू 8 प्रतिशत घटा

CREA के अनुसार, भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से जून में रूस के कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा 14 प्रतिशत बढ़ गई। हालांकि कम कीमतों के कारण रूस की कच्चे तेल के निर्यात से आय मासिक आधार पर 8 प्रतिशत घटकर 34.8 करोड़ यूरो प्रतिदिन रह गई। रूस की जीवाश्म ईंधन निर्यात से आय 1 प्रतिशत घटकर 73.4 करोड़ यूरो रह गई, जबकि निर्यात की मात्रा 7 प्रतिशत बढ़ी। रिपोर्ट कहती है कि जून में भारत द्वारा रूस से आयात किए गए 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन में 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, 48.8 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट और 44.4 करोड़ यूरो का कोयला शामिल था।

Commodity Corner: घरेलू बाजार में ग्वार पैक में आई तेजी, क्या आगे भी आएगा कीमतों में उछाल

रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कितना निर्यात

भारत, रूस के कच्चे तेल से तैयार किए गए रिफाइंड फ्यूल के वैश्विक व्यापार में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जून में भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को 81.4 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात किया। इनमें से लगभग 36.9 करोड़ यूरो के प्रोडक्ट रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे। जिन देशों को ये प्रोडक्ट भेजे गए उनमें यूरोपीय संघ, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

Commodity Cornor: घरेलू बाजार में ग्वार पैक में आई तेजी, क्या आगे भी आएगा कीमतों में उछाल

Commodity Cornor: ग्वार की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। भाव 7 महीनों की ऊंचाई पर कारोबार कर रहे है। घरेलू बाजार में ग्वार पैक में तेजी आई है और ग्वार गम का भाव 12300 के पार निकला जबकि ग्वार सीड 6300 के करीब पहुंचा।

जुलाई में अब तक ग्वार गम 6% चढ़ा है जबकि ग्वार सीड 3% चढ़ा है। ग्वार पैक की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ग्वार सीड 5 फीसदी और ग्वार गम 7 फीसदी चढ़ा है। जबकि 3 महीने में ग्वार सीड 9 फीसदी, 6 महीने में 14 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। वहीं ग्वार गम 1 महीने में 8 फीसदी, 3 महीने में 14 फीसदी और 6 महीने में 21 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।

इस बीच हल्दी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। NCDEX पर 7 महीनों की ऊंचाई पर दाम पहुंचे। अगस्त वायदा जनवरी 2026 के बाद `18700 तक पहुंचा। हल्दी के दाम 7 जनवरी को 18780 तक पहुंचे थे। कीमतों में लगातार 5वें महीने तेजी का दौर जारी है। 5 महीनों में दाम 19% से ज्यादा चढ़ चुके हैं।

वहीं धनिया की कीमतों में भी लगातार 5वें महीने तेजी जारी है। अगस्त वायदा 16100 के पार निकला। 5 महीनों में धनिया में करीब 35% की तेजी आई। जून में ही दाम 22% से ज्यादा चढ़े थे। सप्लाई में गिरावट से सपोर्ट मिल रहा।

एग्री कमोडिटी एक्सपर्ट के पुखराज चोपड़ा ने कहा कि कमजोर बारिश का असर ग्वार पैक पर दिख रहा है। मॉनसून बीकानेर में पहुंच चुका है लेकिन बारिश बेहद कम है । IMD 21 जुलाई तक बारिश न होने की बात कर रहा है। ग्वार की अभी तक 34 फीसदी बुआई हुई है। उन्होंने आगे कहा कि 25000 टन मांग लगातार बनी हुई है।

उत्पादन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्वार का उत्पादन पिछले साल से कम रहने की आशंका है। अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो ग्वार पैक के भाव बढ़ेंगे।

Gold silver Outlook: MCX पर सोने की कीमतें गिरी, क्या अब ये हैं पैसे लगाने का सही समय या करना चाहिए और इंतजार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।