“पुतिन शांति चाहते हैं, जेलेंस्की युद्ध बढ़ाना चाहते हैं!” रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, न कि इसे अगले 10 साल तक चलते हुए देखना चाहते हैं। बता दें कि ट्रंप ने यह दावा जेलेंस्की के साथ हुई बातचीत के बाद किया। ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जबकि यूक्रेनी नेता संघर्ष को लंबा खींचना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा, “आज जेलेंस्की के साथ हमारी मीटिंग हुई, और उनके नजरिए से यह मीटिंग अच्छी नहीं रही। मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी स्थिति का जरूरत से ज्यादा फायदा उठाने की कोशिश की। मैं शांति चाहता हूं, न कि 10 साल तक चलने वाली जंग या कोई खेल-तमाशा। हम शांति चाहते हैं! वह लड़ते रहना चाहते हैं, जबकि हम मौतों को रोकना चाहते हैं। पिछले हफ्ते 2,000 लोग मारे गए। राष्ट्रपति पुतिन इसे खत्म करना चाहते हैं, जबकि जेलेंस्की हमें 10 साल की लड़ाई में उलझाए रखना चाहते हैं। ऐसा नहीं होगा।”

इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण रूस ने दुर्भाग्य से अपने डीजल तेल उद्योग के कुछ हिस्सों पर से नियंत्रण खो दिया है।

ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर लिखा, “उनकी कई डीजल रिफाइनरियों को उड़ा दिया गया है और वे कम से कम कुछ समय के लिए तो बंद ही हैं। यूक्रेन के साथ चल रहे इस बेतुके और कभी न खत्म होने वाले युद्ध को खत्म किया जाना चाहिए। पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है क्योंकि हर महीने 25,000 लोग, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं, मारे जा रहे हैं। कितनी शर्म की बात है!”

ट्रंप के साथ बैठक से ‘बहुत कुछ बदल सकता है’- जेलेंस्की

ट्रंप से बातचीत के बाद, जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे न्यूयॉर्क में मिलने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक से “बहुत कुछ बदल सकता है” और इससे “राजनयिक गति” मिलेगी।

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के कीव दौरे के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने यूक्रेन के हालात पर विस्तार से चर्चा की।

जेलेंस्की ने आगे कहा, “शांति की कोशिश हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया, “हम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और बहुत गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।”

जेलेंस्की ने ट्रंप का लिंडसे ग्राहम के समर्थन वाले बिल को कानून का रूप देने के लिए भी धन्यवाद किया। उन्होंने एक बार फिर कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध का समाधान शांति के जरिए निकाला जाना चाहिए।

जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन के साथ खड़े रहने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद। हमारी मदद करने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद।”

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मॉस्को पर भीषण ड्रोन अटैक! जेलेंस्की ने इस खास मौके पर कर दिया बड़ा धमाका

Ukraine Drone Attack On Moscow: रूस में संसदीय चुनावों के आखिरी दिन राजधानी मॉस्को और उसके आसपास का इलाका भीषण ड्रोन हमलों से थर्रा उठा। रविवार को हुए इस बड़े ड्रोन हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को भारी नुकसान पहुंचा है।

रूस का दावा है कि उसने 1,600 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिनमें से 450 ड्रोन सीधे राजधानी मॉस्को को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ता को मजबूती देने वाले इस तीन दिवसीय चुनाव को बाधित करने का आरोप लगाया है।

हमले में 2 लोगों की मौत

मॉस्को के क्षेत्रीय गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर हुए हमलों में दो नागरिकों की जान चली गई। मृतकों में एक 44 वर्षीय महिला और एक बुजुर्ग पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा एक ड्रोन के 21 मंजिला रिहायशी इमारत से टकराने के बाद भीषण आग लग गई, जिसके चलते एहतियातन 400 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।

मॉस्को ऑयल रिफाइनरी को भारी नुकसान

यूक्रेन ने पिछले कुछ महीनों में रूस के ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाकर अपने लंबे समय के ड्रोन अभियान को तेज कर दिया है। मॉस्को के मेयर ने पुष्टि की है कि हमले में ‘मॉस्को ऑयल रिफाइनरी’ के एक परिसर को नुकसान पहुंचा है।

ये रिफाइनरियां और तेल डिपो क्रेमलिन के लिए युद्ध का खर्च निकालने का मुख्य वित्तीय जरिया हैं। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के ठीक बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रूस और यूक्रेन आपस में एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने के लिए सहमत हुए हैं।

‘क्रेमलिन की वॉर मशीन पर बड़ा प्रहार’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस सफल ड्रोन हमले की तारीफ की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, ‘बीती रात मॉस्को क्षेत्र में हमारी लंबी दूरी की जवाबी कार्रवाई का बहुत बड़ा असर हुआ है। रूस के एक प्रमुख तेल उद्योग और लॉजिस्टिक्स ठिकाने को निशाना बनाया गया है। ये वही अरबों डॉलर हैं जो रूस की युद्ध मशीन को हवा देते हैं।’

चुनाव के बीच पुतिन की साख पर हमला

रूस में फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यह पहला संसदीय चुनाव है। शुक्रवार से रविवार तक चले इस 3-दिवसीय मतदान में जीत पूरी तरह से पुतिन की ‘युनाइटेड रसिया’ पार्टी के पक्ष में तय मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव में केवल उन्हीं पार्टियों को उतरने की इजाजत दी गई है जो पुतिन और उनके युद्ध का समर्थन करती हैं।

पुतिन जहां इस चुनाव के जरिए जनता के समर्थन का संदेश देना चाहते थे, वहीं यूक्रेन ने ठीक वोटिंग के आखिरी दिन मॉस्को पर हमला करके उनकी सुरक्षा व्यवस्था और दावों की हवा निकाल दी है। हालांकि, मेयर सोबयानिन का कहना है कि दुश्मन अपने मकसद नाकाम रहा।

यूक्रेन द्वारा मॉस्को की सीमा के भीतर घुसकर इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन दागना और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि अब युद्ध केवल फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रह गया है। रूस के आर्थिक स्तंभों पर चोट पहुंचाकर यूक्रेन, मॉस्को पर रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में रूस की ओर से इसका कड़ा और आक्रामक पलटवार देखने को मिल सकता है।