भारतीय एकदिवसीय और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने अपनी इंस्टा पोस्ट के जरिए नीट पेपर लीक पर जंतर मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। पिछले साल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टीम इंडिया की बागडोर टेस्ट और एकदिवसीय प्रारुप में थामी थी।
गिल ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और देश के भविष्य को आकार देने के लिए हर मौका मिलना चाहिए।
गिल ने लिखा, ‘‘एक युवा भारतीय के रूप में मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को बनाने के लिए हर अवसर मिलना चाहिए जिसकी हम सभी आकांक्षा रखते हैं। ’’छब्बीस साल के गिल ने कहा कि वह उन युवाओं का सम्मान करते हैं, जिन्होंने पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हर उस युवा के लिए बहुत सम्मान है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास रखता है। ’’किसी विशेष प्रदर्शन या राजनीतिक मुद्दे का उल्लेख किए बिना गिल ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और छात्रों की चिंताओं से निपटने के दौरान सहानुभूति रखने की अपील की।
उन्होंने लिखा, ‘‘शिक्षा में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की ताकत है। मुझे उम्मीद है कि हम संवेदनशीलता, आपसी सम्मान और हर छात्र के सर्वश्रेष्ठ हित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे। ’’गिल ने लिखा, ‘‘भारत के भविष्य के लिए। ’’
India’s first official F1-sanctioned sim racing competition is currently underway. Run by Mumbai Falcons, F1 Sim Racing India Open offers Indian fans and budding racers a different, and far more accessible entry point to motorsport. In fact, Mumbai Falcons already has plans in place to bridge the gap between sim and real-world racing, giving the best performing participants the chance to join its driver development programme.
Two categories: Junior and Senior
Finale to be held in Mumbai in November 2026
From sim racing to single seaters
Over the years, Mumbai Falcons has fielded teams in several international karting and Formula Regional championships. The team has played a crucial role in the junior careers of prominent drivers, including Kimi Antonelli, Oliver Bearman, Arvid Lindblad and Kush Maini.
Speaking to Autocar India, Mumbai Falcons Racing Limited’s Managing Director Ameet Gadhoke explained that the idea for the F1 Sim Racing India Open stemmed from the team’s experience in single-seater racing. “I’ve seen how important sim racing was for [our drivers] before they went onto the track,” he stated.
The team isn’t treating sim racing as a separate category; instead, it forms a key part of Mumbai Falcons’ driver development pathway. The best performers in the F1 Sim Racing India Open will join the team’s ‘Agla Star’ programme, with the top 1,000 players earning the chance to train with 4-stroke karts. The top 100 from here will then move up to 2-stroke karts, and those who impress the most will then be trained to step up to single-seater racing.
“The idea is to find the Agla Star. We want a guy or girl to come from here and go into single seaters as fast as possible. We’re doing a talent hunt programme, we’re not [just] doing sim racing,” Gadhoke explained. “So for those who actually understand motorsport, but cannot afford it, this is the pathway. The idea is if this person is good, then we take him out of the group, put him in real karts and then go into single seaters.”
Mumbai Falcons Racing Limited’s Managing Director Ameet Gadhoke
Mumbai Falcons has also teamed up with several schools across India for this. As the team explained, the goal with this is “to introduce students to sim racing, motorsport technology and structured talent development opportunities at an early age”. As part of this initiative, partner schools will receive simulator infrastructure, training support and structured learning modules. Gadhoke says he’s targeting partnering with around 1,000 schools across 20 cities in India.
F1 also runs its own global sim racing championship, which often acts as a launchpad for wider opportunities in both sim racing, as well as motorsport in general. Gadhoke shared that Mumbai Falcons is also exploring representing India in this F1 Sim Racing World Championship.
F1 Sim Racing India entry fees, format
Open to both newcomers and experiences players, the F1 Sim Racing India open is divided into two categories – Junior (ages 10-14) and Senior (above 14 years old). Registrations are currently underway, with the F1 Standard package costing Rs 3,499, and the F1 Elite package costing Rs 4,999. While the former simply gives access to competition entry, the more expensive F1 Elite package also includes priority slot for the zonal qualifiers, a 30-minute tutorial, telemetry data, 10 percent discount for online coaching and 10 percent discount on merchandise.
The competition is divided into 10 zones across the country. Phase 1 includes online laps as well as Mumbai Falcons’ school programme. For this, all those who have registered can compete on the F1 25 game through rough Steam, PlayStation Network, Xbox Live or via an EA Play membership.
Participants can set their fastest lap times on one selected circuit within a 60-day window. Ranking is based on lap time, so the faster your lap, the higher your position. Participants can also continue trying to improve their lap times during the 60-day window. The top 5,000 juniors and 5,000 seniors from each zone will then make it to the Zonal stage. The 50 fastest juniors and 50 fastest seniors from each zone qualify for the national finals.
F1 Sim Racing India Open: Finals
The national finals is slated to be held in Mumbai’s NSCI Dome in November 2026. Here, participants will compete in the Playseat Formula Intelligence F1 Edition cockpit, along with the Fanatec ClubSport Racing Wheel F1 system.
The top 30 from each category will progress to the last stage. The junior finalists will then compete across nine races, while the senior finalists will compete across 12 races. The Junior and Senior champion will each win Rs 1 crore.
छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रेक कोर्ट के एलान पर लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया। ALSO READ: CJP Protest : आख़िर पेपर लीक पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, किया फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान
राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया – और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें साफ़ हैं: धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं। छात्रों से माफ़ी मांगे। छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। ALSO READ: प्रीति जिंटा का छात्रों को समर्थन, सता रहा है CJP प्रोटेस्ट हाईजैक होने का डर
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system – and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक पर फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड मिलेगा। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम की घोषणा के बाद भी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ALSO READ: CJP प्रदर्शन के कारण आज भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की सूची
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले में संसद से सड़क तक बवाल मचा हुआ है। सरकार संसद से जंतर मंतर तक गतिरोध तोड़ने का हरसंभव प्रयास कर रही है। सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। हालांकि सरकार आंदोलनकारियों की इस मांग से सहमत नजर नहीं आ रही है। युवा प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं तो पिछले 4 दिनों से संसद विपक्ष के हंगामे की वजह से ठप है।
Salman Khan Neet News: नीट पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों को नुकसान पहुंचा, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। सलमान खान ने छात्रों के रुख की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत के निर्माण के लिए मेहनत, ईमानदारी और पढ़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें खुशी है कि देश के छात्र बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। लेकिन इसके हिंसक रूप लेने की खबरें बेहद दुखद हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सोच-समझकर लिखी गई पोस्ट में कहा, “यह आंदोलन इतना शांतिपूर्ण था, लेकिन यह देखकर दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह जानकर और देखकर खुशी होती है कि देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है।”
युवाओं को दी सलाह
हालांकि, सलमान खान ने यह भी कहा कि इन प्रदर्शनों को राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। सलमान ने छात्रों के साहस और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पीढ़ी शिक्षा के प्रति गंभीर है। भविष्य में देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से किया गया यह आंदोलन सही दिशा में उठाया गया कदम है।
अभिनेता ने इस मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील करते हुए कहा, “यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए। इस आंदोलन का श्रेय सिर्फ देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार भी छात्रों का पूरा सहयोग करेगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए जीत की स्थिति होगी।” सलमान खान ने यह भी कहा कि भारत को भविष्य में दुनिया का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनना चाहिए, जिसके लिए मजबूत और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।
दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला
इस बीच, 20 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के आरोपों को लेकर दायर तीन जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार जारी है। वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better…
इस बीच, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें यह भरोसा दिलाए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। न ही उनके खिलाफ कोई FIR या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक ने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है, फिर भी वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं।
NEET paper leak: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि देश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पीएम मोदी ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए… उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया… उन्होंने दोषियों को सजी देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई कमी न हो।”
उन्होंने आगे कहा, “NDA चल रहे मीनसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा। देश के हित में लाए जाने वाले बिलों को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी आग्रह करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वे देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए मिलकर काम करें।”
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों से संसद के विधायी कार्यों में एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों से भी रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के हित में सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसमें हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं। इस वर्ष पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
#WATCH | Delhi: Union Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju says, “Regarding the NEET exam, the Prime Minister stated that the government took immediate action upon receiving reports of irregularities; thirteen individuals were arrested and jailed. Furthermore,… pic.twitter.com/my1ekDaxJf
यह एग्जाम भारत में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS), बीयूएमएस (BUMS) सहित विभिन्न मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।
At NDA meet, PM Modi said govt acted swiftly and arrested 13 people following NEET paper leak: Kiren Rijiju
इसी दौरान सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसमें कई छात्रों ने गलत अंक दिए जाने और कुछ मामलों में दूसरे छात्रों के परिणाम जारी होने जैसी शिकायतें की थीं। इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Union Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju says, “Regarding the NEET exam, the Prime Minister stated that the government took immediate action upon receiving reports of irregularities; thirteen individuals were arrested and jailed. Furthermore,… pic.twitter.com/my1ekDaxJf