क्या हमारी नौकरियां ले सकता है AI? जानें 5 ऐसी फील्ड जहां इंसानों की काबीलियत का मुकाबला नहीं कर सकेगा एआई

आज के दौर में छोटे-बड़े पदों पर काम कर रहे कामगारों को एक सवाल सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है? कहने को यह सिर्फ मशीन है, लेकिन एंट्री लेवल कर्मचारियों से लेकर सीईओ तक इसके खौफ में जी रहे हैं। आए दिन मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी की खबरें आ रही हैं। ऐसे में ये सोचना लाजिमी है कि क्या एआई की वजह से इंसानों के काम करने के विकल्प सीमित होंगे या खतरा उतना बड़ा भी नहीं है, जितना इसका खौफ बन गया है? इस विषय पर बीबीसी हिंदी एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां पैदा भी करेगा। जनवरी 2026 में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एआई के कारण लाखों नई नौकरियां बनी हैं। कोई 12वीं छात्र एआई से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, तो इसके लिए सही कोर्स चुनना होगा। आइए जानें 5 ऐसे करियर विकल्प जहां एआई इंसानों का बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

क्या होता है एआई?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है।” वह कहते हैं रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल हो रहे कंप्यूटर-मोबाइल एप्लिकेशन के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है।

एआई के पांच टॉप कोर्स

दिल्ली में टेक पॉलिसी फोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ”एआई उन लोगों के लिए खतरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं। बल्कि यह उनके लिए मौका है।” मेघना के मुताबिक एआई से संबंधित कुछ बेसिक स्तर के कोर्स सभी को करने चाहिए। सरकार के स्वयं पोर्टल के जरिए कई कोर्स फ्री में किए जा सकते हैं। लेकिन इस फील्ड में करियर बनाने में ये 5 कोर्स आपके काम आएंगे।

एमबीए/पीजी डिप्लोमा इन एआई एंड बिजनेस एनालिटिक्स : आईआईएम, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, और अपग्रैड, या ग्रेट लर्निंग जैसी एडुटेक कंपनियों के साथ जुड़कर ये कोर्स किया जा सकता है। इसकी फीस करीब ढाई से सात लाख रुपये तक हो सकती है। कोर्स करने के बाद संभावित सैलरी छह से बीस लाख रुपये के बीच हो सकती है।

एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम (ऑनलाइन): ये ऑनलाइन एडुटेक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसकी फीस डेढ़ लाख रुपये के आसपास है। ये उनके लिए है, जो एकदम शुरुआती चरण में हैं और एआई की बुनियादी समझ बनाना चाहते हैं। इस कोर्स के बाद सालाना 10 लाख तक सैलरी मिल सकती है।

एमसीए/एम टेक इन एआई एंड मशीन लर्निंग : आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और कई दूसरे प्रमुख विश्वविद्यालय से ये कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा आईआईटी में एआई से जुड़े कई क्रैश कोर्स भी उपलब्ध हैं। मास्टर्स की फीस सालाना एक लाख से दस लाख के बीच हो सकती है। इसे करने के बाद अनुमानित सैलरी 22 लाख रुपए हो सकती है।

बीएससी/बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस : दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स कॉलेज, एनआईटी जैसे बड़े संस्थानों से ये कोर्स किया जा सकता है। पूरे प्रोग्राम की फीस एक लाख से बीस लाख रुपए के बीच हो सकती है। संभावित सैलरी 6 से 18 लाख रुपये तक जा सकती है।

एआई बूटकैंप और इंडस्ट्री प्रोग्राम : आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और कई बड़े निजी संस्थान में ये कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस करीब 1 लाख से साढ़े तीन लाख रुपये हो सकती है। कोर्स के बाद संभावित पैकेज 6 से 18 लाख रुपए या उससे ज्यादा हो सकता है।

हेल्थ, सीए, कानून के पेशे में कम होगा एआई का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई का खतरा उन पेशों पर कम होगा, जहां इंसानी कनेक्ट की जरूरत होगी। मेघना बल कहती हैं, “नर्स, हेल्थकेयर प्रोफेशनल, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, टीचर के काम एआई नहीं कर पाएगा। इन कामों के लिए इंसान ही चाहिए। लोग सिर्फ ऑटोमेटेड जवाबों से संतुष्ट नहीं होंगे।”

इसके अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर्स, लेखक या कॉन्टेंट स्ट्रैटेजिस्ट के काम में एआई मददगार हो सकता है, लेकिन इनकी जगह नहीं ले पाएगा। प्रोफेसर आकाश सिन्हा चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, नर्स, एआई इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, वकील के करियर को एआई से सुरक्षित मानते हैं। लेकिन इसमें अपनी विशेषज्ञता कायम रखनी होगी। ये करियर विकल्प पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन आप खुद एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि काम जल्दी कर सकें।

Bihar Police ASI Operation Result 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह चेक करें प्री परीक्षा की मेरिट लिस्ट, 462 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

Bihar Police ASI Operation Result 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह चेक करें प्री परीक्षा की मेरिट लिस्ट, 462 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

Bihar Police ASI Operation Result 2026: बिहार पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ऑपरेशन) की प्राथमिक लिखित परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए जरूरी अपडेट है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (BPSSC) ने इन उम्मीदवारों का इंतजार को खत्म करते हुए बीपी एएसआई (ऑपरेशन) प्राथमित लिखित परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परिणाम बिहार पुलिस रेडियो में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ऑपरेशन) की 462 वैकेंसी पर भर्ती के लिए घोषित किया गया है। प्री परीक्षा 22 जुलाई, 2026 को एक ही शिफ्ट में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल 1,03,248 उम्मीदवार तय किए गए थे, जबकि 42,595 कैंडिडेट शामिल हुए। मूल्यांकन के बाद, 41,605 कैंडिडेट को भर्ती प्रक्रिया के लिए चुना गया। मेरिट और रिजर्वेशन क्राइटेरिया के आधार पर, 6,748 कैंडिडेट को मुख्य लिखित प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए चुना गया है।

बिहार पुलिस एएसआई रिजल्ट 2026: सिलेक्शन डिटेल्स देखें

आयोग ने उन उम्मीदवारों के रोल नंबर की लिस्ट जारी कर दी है जिन्हें मुख्य लिखित परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। उम्मीदवार ध्यान दें कि यह लिस्ट मेरिट लिस्ट अंतिम नहीं है और इसमें सिर्फ अगले चरण के लिए चुने गए लोगों के नाम हैं।

कुल पद : 462

शेड्यूल किए गए कैंडिडेट : 1,03,248

कैंडिडेट शामिल हुए : 42,595

कैंडिडेट का मूल्यांकन किया गया : 41,605

मुख्य लिखित परीक्षा के लिए चुने गए कैंडिडेट : 6,748

कम से कम क्वालिफाइंग मार्क्स : 30%

आयोग ने बताया कि जिन उम्मीदवारों ने कम से कम 30% अंक हासिल किए थे, उन्हें मेरिट और रिजर्वेशन श्रेणी के हिसाब से मुख्य लिखित परीक्षा के लिए चुना गया है। अगले चरण के लिए अंतिम चयन से पहले कुल 15,934 कैंडिडेट को विचार के लिए योग्य पाया गया।

बिहार पुलिस एएसआई रिजल्ट 2026: कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ चेक करें

आयोग ने मुख्य लिखित परीक्षा के लिए चयनित उम्मीदवारों के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ भी बताया है। कट-ऑफ कैटेगरी और लैंगिक समूह के हिसाब से अलग-अलग होता है।

अनारक्षित : पुरुषों के लिए 41.2 और महिलाओं के लिए 30.0

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग : पुरुषों के लिए 36.4

अनुसूचित जाति : पुरुषों के लिए 31.6

अनुसूचित जनजाति : पुरुषों के लिए 30.4

बेहद पिछड़ा वर्ग : पुरुषों के लिए 37.4

पिछड़ा वर्ग : पुरुषों के लिए 38.8

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग FFW: महिलाओं के लिए 35.2

मेन लिखित परीक्षा के लिए सफल हुए उम्मीदवारों के रोल नंबर के साथ कट-ऑफ की पूरी जानकारी आधिकारिक रिजल्ट डॉक्यूमेंट में उपलब्ध है। जिन उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है, उन्हें मुख्य लिखित परीक्षा के बारे में और जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना चाहिए। आयोग ने कहा है कि मुख्य लिखित परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी भर्ती विज्ञापन में उपलब्ध है।

HP High Court Vacancy 2026: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में 388 पदों निकली भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई

NEET protest case: NEET प्रोटेस्ट मामले में नया मोड़! रूस में होने के बावजूद बिहार के युवक पर FIR दर्ज, यूजर्स ने उठाए सवाल

NEET protest case: बिहार के किशनगंज जिले के एक युवक ने दावा किया है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में राज्य पुलिस ने उसके खिलाफ FIR दर्ज की है। जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने रूस से बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो वायरल हो गया है। हालांकि, पीटीआई द्वारा संपर्क किए जाने पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) हरि मोहन शुक्ला ने न तो इस दावे की पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कोई शिकायत है, वे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।

कथित वीडियो में मोहम्मद सदाकत ने अपने खिलाफ दर्ज मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह बहादुरगंज में पिछले सप्ताह नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं था, क्योंकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और FIR से नाम हटाने की मांग की।

क्या बोली बिहार पुलिस?

एसपी शुक्ला ने सदाकत के कथित वीडियो के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “प्रदर्शनों से संबंधित जिन लोगों को कोई शिकायत है, वे उसके निवारण के लिए पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।” बता दें कि बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज सभी मामलों को वापस लेगी और विभिन्न आरोपों में जेल भेजे गए लोगों को रिहा करेगी।

राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि 26 जुलाई को सुबह छह बजे से पहले हुई घटनाओं के संबंध में दर्ज सभी FIR, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा था कि इस संबंध में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा। पिछले सप्ताह नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें लगभग आधे नाबालिग थे।

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युवक ने की जांच की मांग

वायरल वीडियो में मोहम्मद सदाकत ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चूंकि वह चार महीने से रूस में रह रहे हैं, इसलिए उन्हें नीट प्रदर्शन में शामिल बताना गलत है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि जांच के बाद यदि उनका दावा सही पाया जाए तो उनका नाम FIR से हटाया जाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।