Personal Loan EMI: ₹5 लाख का पर्सनल लोन लेने पर कितना ब्याज देना होगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Personal Loan EMI: अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर पर्सनल लोन आसान विकल्प लगता है। फिर चाहे शादी का खर्च हो, मेडिकल इमरजेंसी हो या घर से जुड़ा कोई जरूरी काम। पर्सनल लोन काफी कम जल्दी और काफी आसानी से मिल भी जाता है। और इसके लिए कुछ गिरवी रखने की भी जरूरत नहीं होती। इसलिए ज्यादातर लोग इसे लेना पसंद करते हैं।

लेकिन असली सवाल है कि ₹5 लाख का लोन लेने के बाद कुल कितना पैसा वापस करना पड़ेगा? इसका जवाब ब्याज दर और लोन की अवधि पर निर्भर करता है। ब्याज दर बढ़ने के साथ EMI भी बढ़ती है। साथ ही बैंक को लौटाई जाने वाली कुल रकम भी काफी बढ़ जाती है।

₹5 लाख के लोन पर ब्याज-EMI का हिसाब

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल यानी 60 महीने के लिए लिया है। इसकी ब्याज दर अमूमन 10% से शुरू होकर 25% तक भी जा सकती हैं। ये आपके क्रेडिट स्कोर और कमाई जैसी बातों पर निर्भर करता है। अलग-अलग ब्याज दर पर आपकी EMI और कुल ब्याज कुछ इस तरह होगा।

ब्याज दरमासिक EMI5 साल में कुल भुगतानकुल ब्याज
10%₹10,624₹6.37 लाख₹1.37 लाख
12%₹11,122₹6.67 लाख₹1.67 लाख
15%₹11,895₹7.14 लाख₹2.14 लाख
20%₹13,247₹7.95 लाख₹2.95 लाख

10% ब्याज पर ₹5 लाख का लोन

अगर पर्सनल लोन पर ब्याज दर 10% है, तो ₹5 लाख के लोन की मासिक EMI करीब ₹10,624 होगी। 60 महीने तक EMI चुकाने पर बैंक को कुल करीब ₹6.37 लाख देने होंगे। यानी ₹5 लाख के लोन पर करीब ₹1.37 लाख ब्याज जाएगा।

12% ब्याज पर कितना भुगतान होगा?

ब्याज दर 12% होने पर EMI बढ़कर करीब ₹11,122 हो जाएगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹6.67 लाख रहेगा। इसमें करीब ₹1.67 लाख ब्याज होगा। यानी सिर्फ ब्याज दर में 2 प्रतिशत का अंतर होने से कुल ब्याज में भी फर्क आ जाता है। इसलिए लोन लेते समय मिलने वाली ब्याज दर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

15% ब्याज पर EMI कितनी होगी?

अगर ब्याज दर 15% है, तो ₹5 लाख के लोन पर हर महीने करीब ₹11,895 की EMI बनेगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹7.14 लाख होगा। इसमें लगभग ₹2.14 लाख ब्याज शामिल होगा। यहां गौर करने वाली बात है कि लोन की रकम वही ₹5 लाख है। लेकिन ब्याज दर बढ़ने से बैंक को लौटाई जाने वाली रकम काफी बढ़ गई।

20% ब्याज पर लोन सबसे महंगा

अब अगर पर्सनल लोन पर ब्याज दर 20% है, तो EMI करीब ₹13,247 होगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹7.95 लाख पहुंच जाएगा। यानी ₹5 लाख उधार लेने के लिए करीब ₹2.95 लाख ब्याज देना पड़ेगा।

10% और 20% की ब्याज दर के बीच अंतर सिर्फ 10 प्रतिशत अंक का है। लेकिन पांच साल में कुल ब्याज में करीब ₹1.58 लाख का फर्क आ जाता है। इसलिए पर्सनल लोन लेते समय ब्याज दर पर अच्छी तरह बातचीत करना फायदेमंद हो सकता है।

सिर्फ EMI देखकर फैसला न करें

पर्सनल लोन लेते समय लोग अक्सर सिर्फ EMI देखते हैं। यह तरीका सही नहीं है। कम EMI का मतलब हमेशा सस्ता लोन नहीं होता। अगर लोन की अवधि ज्यादा है, तो हर महीने कम रकम जाने के बावजूद कुल ब्याज ज्यादा हो सकता है।

इसलिए लोन लेने से पहले इंटरेस्ट रेट, लोन टेन्योर और टोटल रीपेमेंट तीनों को देखना चाहिए। बैंक कितना लोन देने को तैयार है, यह भी अंतिम फैसला नहीं होना चाहिए। आपकी आय के हिसाब से कितनी EMI आराम से चुकाई जा सकती है, यह ज्यादा जरूरी है।

दूसरे चार्ज भी बढ़ा सकते हैं लागत

ऊपर के कैलकुलेशन सिर्फ लोन की रकम और ब्याज पर हैं। इसमें प्रोसेसिंग फी, GST, इंश्योरेंस और दूसरे संभावित चार्ज शामिल नहीं हैं। अलग-अलग बैंक और लोन के हिसाब से ये शुल्क अलग हो सकते हैं।

इसलिए पर्सनल लोन लेते समय बैंक से सिर्फ ब्याज दर और EMI न पूछें। यह भी पता करें कि लोन पूरा होने तक आपकी जेब से कुल कितनी रकम जाएगी। यही लोन की असली लागत बताएगी।

SIP vs SSY: हर महीने 3000 के निवेश से कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP vs SSY: हर महीने 3000 के निवेश से कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आप हर महीने ₹3,000 बचा सकते हैं तो आपके सामने निवेश के कई विकल्प हैं। इनमें SIP और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी शामिल हैं। लेकिन दोनों की पैसे बढ़ाने का तरीका काफी अलग है।

SIP बाजार से जुड़ा निवेश है। इसमें रिटर्न तय नहीं होता। वहीं SSY सरकार की छोटी बचत योजना है। फिलहाल इसमें 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। अब सवाल है कि हर महीने ₹3,000 लगाने पर दोनों में कितना पैसा बन सकता है?

15 साल में कितना पैसा बनेगा?

मान लेते हैं कि SIP से औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। लॉन्ग टर्म में अच्छे म्यूचुअल फंड से इतने ही रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, मार्केट से जुड़ा होने के नाते रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। दूसरी तरफ SSY में मौजूदा 8.2% ब्याज दर है। इसमें सरकार बदलाव कर सकती है। दोनों में हर महीने ₹3,000 निवेश करने पर तस्वीर कुछ ऐसी बनती है।

अवधिकुल निवेशSIP का फंडSSY का फंड
5 साल₹1.80 लाख₹2.47 लाख₹2.16 लाख
10 साल₹3.60 लाख₹6.97 लाख₹5.42 लाख
15 साल₹5.40 लाख₹15.14 लाख₹10.64 लाख

यानी 15 साल में आप दोनों जगह कुल ₹5.40 लाख जमा करेंगे। लेकिन अनुमानित रिटर्न के हिसाब से SIP में करीब ₹15.14 लाख और SSY में करीब ₹10.64 लाख हो सकते हैं।

SSY में एक बड़ा फर्क समझिए

यहां एक जरूरी बात है। SSY में बेटी के नाम खाते में 15 साल तक पैसा जमा किया जाता है। खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद यह मैच्योर होता है। यानी 15 साल तक ₹3,000 जमा करने के बाद भी पैसा तुरंत हाथ में नहीं आता। अगर 15 साल बाद SSY में जमा करीब ₹10.64 लाख को अगले 6 साल तक 8.2% की दर से बढ़ने दें, तो यह रकम लगभग ₹17 लाख हो सकती है।

इसके मुकाबले अगर SIP में ₹3,000 की मासिक SIP पूरे 21 साल तक चलती रहे और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो रकम करीब ₹34.16 लाख हो सकती है।

फिर कौन बेहतर है?

इसका सीधा जवाब नहीं है। दोनों का मकसद अलग है। अगर आप बेटी की पढ़ाई या भविष्य के लिए सुरक्षित और तय नियमों वाली बचत चाहते हैं तो SSY एक विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की ब्याज दर लागू होती है और खाता 21 साल में मैच्योर होता है।

वहीं अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में ज्यादा कॉर्पस बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम ले सकते हैं तो SIP पर विचार किया जा सकता है।

इसलिए निवेश चुनते समय सिर्फ यह न देखें कि पैसा कहां ज्यादा बन रहा है। यह भी देखें कि आपका लक्ष्य क्या है, कितने समय के लिए निवेश करना है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं।

क्या आपकी SIP उम्मीद से कम रिटर्न दे रही? ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP Calculator: ₹500, ₹1,000 या ₹5,000… कितनी रकम से SIP शुरू करें? जानिए आसान फॉर्मूला

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है। आखिर SIP की शुरुआत कितने रुपये से करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000, ₹5,000 या इससे भी ज्यादा?

इसका कोई एक जवाब नहीं है। सही SIP वही है, जिसे आप हर महीने बिना रुके लंबे समय तक जारी रख सकें। निवेश की दुनिया में बड़ी रकम से शुरुआत करने से ज्यादा जरूरी है नियमित निवेश करना। यही आदत आगे चलकर बड़ी पूंजी बना सकती है।

₹500 की SIP से भी हो सकती है शुरुआत

आज ज्यादातर म्यूचुअल फंड में सिर्फ ₹500 महीने से SIP शुरू की जा सकती है। अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं या नौकरी की शुरुआत की है, तो छोटी रकम से शुरुआत करना बिल्कुल सही फैसला हो सकता है।

मान लीजिए आपने 25 साल की उम्र में ₹500 महीने की SIP शुरू की। अगर आपको औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है और आप 35 साल तक निवेश जारी रखते हैं, तो आपके पास 32 लाख का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें कुल निवेश सिर्फ ₹2.10 लाख का होगा यानी आपको करीब 30 लाख मुनाफा मिलेगा।

₹1,000 या ₹5,000 की SIP में कितना फर्क पड़ता है?

अब मान लीजिए निवेश की अवधि 25 साल है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

मासिक SIPकुल निवेशअनुमानित फंड
₹500₹1.50 लाख₹9.5 लाख
₹1,000₹3 लाख₹19 लाख
₹5,000₹15 लाख₹95 लाख

यही कंपाउंडिंग की ताकत है। जितनी बड़ी SIP और जितना लंबा समय, उतना बड़ा फंड बनने की संभावना।

कंपाउंडिंग आखिर होती क्या है?

मान लीजिए आपने ₹5,000 की SIP शुरू की। पहले साल आपको रिटर्न मिला। अगले साल सिर्फ आपके निवेश पर ही नहीं, बल्कि पहले साल के मुनाफे पर भी रिटर्न मिलने लगता है। इसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं।

यानी आपका पैसा खुद भी कमाई करने लगता है। इसलिए निवेश में समय सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।

मार्केट गिर जाए तो क्या SIP बंद कर देनी चाहिए?

यही सबसे बड़ी गलती होती है। जब बाजार गिरता है, तब आपकी SIP से ज्यादा यूनिट खरीदने को मिलती हैं। बाद में बाजार संभलता है, तो यही यूनिट बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।

उदाहरण के लिए, पहले महीने NAV ₹100 था। ₹5,000 में 50 यूनिट मिलीं। अगले महीने बाजार गिरा और NAV ₹80 हो गया। अब ₹5,000 में 62.5 यूनिट मिल गईं। यानी बाजार गिरने पर भी आपका निवेश आपके लिए ज्यादा यूनिट खरीद रहा होता है। इसलिए गिरावट हमेशा नुकसान नहीं होती।

सैलरी बढ़े तो SIP भी बढ़ाइए

अगर हर साल आपकी सैलरी बढ़ती है, तो SIP भी बढ़ानी चाहिए। इसे Step-Up SIP कहते हैं। मान लीजिए आपने ₹5,000 महीने की SIP शुरू की। अगर 25 साल तक रकम नहीं बढ़ाई, तो 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से फंड करीब ₹95 लाख बन सकता है।

लेकिन अगर हर साल SIP सिर्फ 10% बढ़ाते रहे, तो यही फंड करीब ₹2 करोड़ तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ SIP बढ़ाने की आदत से आपका फंड दोगुना से भी ज्यादा हो सकता है।

कितनी SIP आपके लिए सही है?

इसका आसान नियम है। अगर आपकी मासिक कमाई ₹40,000 है, तो कोशिश करें कि कम से कम 10% यानी ₹4,000 निवेश करें। अगर अभी इतना मुमकिन नहीं है, तो ₹500 या ₹1,000 से शुरुआत करें। सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश शुरू हो। बाद में कमाई बढ़ने पर SIP भी बढ़ाते रहें।

निवेश शुरू करने से पहले ये 5 बातें याद रखें

  • जितनी SIP आराम से चला सकें, उतनी ही शुरू करें।
  • कम से कम 10-15 साल का नजरिया रखें।
  • बाजार गिरने पर SIP बंद न करें।
  • हर साल SIP में 10-15% की बढ़ोतरी करें।
  • किसी लक्ष्य के साथ निवेश करें, सिर्फ रिटर्न देखकर नहीं।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2500, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली सरकार ने अपनी प्रस्तावित महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सरकार इसे रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने की तैयारी में है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद मिलेगी।

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?

दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए शुरू की जा रही एक आर्थिक सहायता योजना है। इसमें पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने ₹2,500 सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे जाएंगे।

इस योजना का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने प्रमुख वादों में किया था। अब इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया है।

कौन उठा सकेगा योजना का फायदा?

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 21 से 60 साल की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। सरकार ने कहा है कि पात्रता के नियम तय कर दिए गए हैं, ताकि सही लोगों तक योजना का फायदा पहुंचे।

हालांकि, आय सीमा क्या होगी, दिल्ली का निवासी होना जरूरी होगा या नहीं और किन लोगों को योजना से बाहर रखा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

पैसे कैसे मिलेंगे?

योजना के तहत हर महीने ₹2,500 सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके लिए DBT का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार की कोशिश है कि योजना की शुरुआत रक्षाबंधन के आसपास हो जाए। हालांकि, अभी इसकी तय तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।

अभी किन बातों का इंतजार है?

सरकार अभी इस योजना की विस्तृत अधिसूचना जारी करेगी। उसमें कई अहम प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। जैसे कि…

  • पूरी पात्रता (Eligibility) क्या होगी?
  • कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
  • आवेदन कैसे करना होगा?
  • आवेदन कहां किए जाएंगे?
  • रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होंगे?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन जारी होने का इंतजार कर रही हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आपके घर में छोटी बेटी है और आप उसके भविष्य के लिए हर महीने ₹2,000 बचाना चाहते हैं, तो आपके सामने दो लोकप्रिय विकल्प होते हैं। पहला सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा म्यूचुअल फंड SIP।

दोनों का मकसद लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है। लेकिन दोनों का तरीका अलग है। एक में सरकार तय ब्याज देती है, जबकि दूसरे में रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है।

तो अगर हर महीने सिर्फ ₹2,000 निवेश किए जाएं, तो आखिर किसमें ज्यादा पैसा बन सकता है? आइए इसे समझते हैं।

₹2,000 की SIP से कितना फंड बन सकता है?

मान लीजिए कि आपकी बेटी अभी 2 साल की है। आप उसके 23 साल की होने तक एक अच्छा फंड तैयार करना चाहते हैं। आप 21 साल तक हर महीने ₹2,000 की SIP करते हैं। अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो तस्वीर कुछ ऐसी बन सकती है।

डिटेलSIP
मासिक निवेश₹2,000
निवेश अवधि21 साल
कुल निवेश₹5.04 लाख
अनुमानित रिटर्न12% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹22-24 लाख

यानी आपने अपनी जेब से सिर्फ ₹5.04 लाख लगाए, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत से फंड ₹22 लाख से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा मिलेगा?

अब सुकन्या समृद्धि योजना का हिसाब भी समझ लेते हैं। इसमें आप हर महीने ₹2,000 जमा करते हैं। फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्थिति में अनुमानित तस्वीर कुछ ऐसी होगी।

डिटेल
Sukanya Samriddhi Yojana

मासिक निवेश₹2,000
जमा करने की अवधि15 साल
योजना की मैच्योरिटी21 साल
कुल निवेश₹3.60 लाख
मौजूदा ब्याज दर8.2% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹9.5-10 लाख*

*यह अनुमान मौजूदा 8.2% ब्याज दर के आधार पर है। भविष्य में ब्याज दर बदल सकती है।

दोनों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

पहली नजर में आपको लगेगा कि SIP में पैसा बहुत ज्यादा बन रहा है। लेकिन इसकी वजह समझना भी जरूरी है। SIP वाले उदाहरण में 21 साल तक लगातार निवेश किया गया है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना में सिर्फ 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल में मैच्योर होता है। यानी आखिरी 6 साल तक बिना नया पैसा जमा किए भी ब्याज मिलता रहता है।

दूसरी बात यह है कि SIP में 12% रिटर्न माना गया है, जबकि सुकन्या योजना में 8.2% ब्याज लिया गया है। यही दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है।

कौन-सा विकल्प चुनें?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की गारंटी होती है और ब्याज भी टैक्स छूट के साथ मिलता है।

लेकिन अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है और आप बाजार का थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं, तो SIP ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

क्या एक ही विकल्प चुनना चाहिए?

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ एक ही विकल्प चुनें। कई फाइनेंशियल प्लानर सलाह देते हैं कि बेटी के भविष्य के लिए दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, आप हर महीने ₹1,000 सुकन्या समृद्धि योजना में और ₹1,000 SIP में निवेश कर सकते हैं। इससे एक तरफ सुरक्षित फंड बनेगा, वहीं दूसरी तरफ बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी बनी रहेगी। आपकी कमाई जैसे बढ़े, उसी हिसाब से आप निवेश की रकम भी बढ़ा सकते हैं।

SIP Calculator: ₹1000 की SIP से हर महीने ₹1 लाख की कमाई! जानिए कैसे काम करता है ये फॉर्मूला

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।