Policybazaar के टारगेट में 53% की कटौती, इस कारण कुछ ही दिनों में बदली की स्ट्रैटेजी

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन ने ₹2310 से घटाकर ₹1085 किया तो इसकी बिकवाली और बढ़ गई। खास बात ये है कि कुछ ही दिनों पहले बर्न्स्टीन ने इसकी रेटिंग और टारगेट को बरकरार रखा था और अब जो टारगेट फिक्स किया है, एक कारोबारी दिन पहले यह इसके नीचे बंद हुआ था। फिलहाल बीएसई पर यह 1.39% की गिरावट के साथ ₹1069.00 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 2.96% टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹1,052.00 तक आ गया था।

लगातार पांचवे कारोबारी दिन आज इसके शेयर टूटे हैं। बीमा नियामक IRDAI ने बीमा पॉलिसी से जुड़े नियमों में बदलाव का जो ड्राफ्ट पेश किया है, उससे पॉलिसीबाजार को तगड़ा शॉक लगा और 24 सितंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 36% टूट गया। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को यह एक साल के हाई ₹1,963.00 पर था।

Policybazaar के टारगेट प्राइस में क्यों की कटौती

बर्न्स्टीन ने पॉलिसीबाजार के पीबी फिनटेक की आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस में 53% की कटौती कर दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कमीशन में कटौती का प्रस्ताव अनुमान से अधिक सख्त है और प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत कम जनरल इंश्योरेंस टेक रेट पीबी फिनटेक की मौजूदा लागत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।

इससे पहले इस हफ्ते की शुरुआत में बर्न्स्टीन ने प्रस्तावित नियमों के बड़े असर को ध्यान में रखते हुए भी ₹2,310 का टारगेट बनाए रखा था लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने दोबारा रिव्यू किया और इसमें 53% की तेज कटौती कर दी। ब्रोकरेज फर्म को पॉलिसीबाजार के लिए आगे का रास्ता मुश्किल दिख रहा है। बर्न्स्टीन का कहना है कि पॉलिसीबाजार को अपने जनरल इंश्योरेंस बिजनेस के कुछ हिस्सों को कम करना पड़ सकता है या लाइफ इंश्योरेंस की तरफ बढ़ना पड़ सकता है क्योंकि वह प्रस्तावित कमीशन कैप के हिसाब से खुद को ढाल रहा है। ब्रोकरेज फर्म को इसके पॉइंट-ऑफ-सेल-पर्सन (POSP) बिजनेस के कम होने के आसार दिख रहे हैं क्योंकि आर्थिक तौर पर यह फायदेमंद हो रहा है।

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि हेल्थ इंश्योरेंस में फंडामेंटल तौर पर अधिक बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। कंपनी को डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन में कमी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अंडरराइटिंग इकनॉमिक्स जैसे वैकल्पिक मॉडल खोजने पड़ सकते हैं।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है नुकसान कम करने के तरीके तो हैं, लेकिन उनके असर का अंदाजा लगाना मुश्किल है। बर्न्स्टीन को अभी भी पीबी फिनटेक के लिए लॉन्ग टर्म ग्रोथ और वैल्यू-क्रिएशन का मौका दिख रहा है, लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि अगले 18 महीने कंपनी के लिए अहम हो सकते हैं, जिसमें कई तरह के नतीजे सामने आ सकते हैं।

बाकी ब्रोकरेजेज का क्या है रुझान

इरडा ने हेल्थ, मोटर और लाइफ इंश्योरेंस के डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन में बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया। इन प्रस्तावों पर पॉलिसीबाजार के शेयर ढेर हो गए। निवेशकों को इस बात की चिंता हुई कि इन प्रस्तावों से कमीशन की कम दरें पॉलिसीबाजार की टेक रेट्स यानी कमाई की दर काफी कम हो सकती हैं और कंपनी को लागत कम करने या अपने बिजनेस मिक्स में बदलाव करने के लिए मजबूर कर सकती हैं।

इसे देखते हुए कई ब्रोकरेजेज फर्मों ने इसके शेयरों को लेकर अपने नजरिए में बदलाव किया है। एचएसबीसी ने इसकी रेटिंग को घटाकर होल्ड कर दी और टारगेट प्राइस भी ₹2,100 से घटाकर ₹1,150 कर दिया, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने ₹1,150 के टारगेट के साथ न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखा है।

₹3000 करोड़ का निवेश और हैदरबाद में दो प्रोजेक्ट पूरा, दोहरे सपोर्ट पर इस स्टॉक का जोश हाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PB Fintech Share Price: Policybazaar के शेयरों पर अलर्ट, इस कारण दिख सकता है दबाव

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में नियर टर्म में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का मानना है। 24 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में बर्न्स्टीन ने डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म पर इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का ड्राफ्ट पेपर सामने आने के बाद पॉलिसीबाजार पर इस दबाव की बात कही है। अभी इसके शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 5% की बढ़त के साथ ₹1890.00 पर बंद हुआ था। अभी पिछले महीने यशिश दहिया के पद छोड़ने की अफवाहों पर इसके शेयरों में तेज हलचल दिखी थी, लेकिन यशिश ने इसका खंडन किया था।

Policybazaar की PB Fintech पर Bernstein क्यों बेयरेश

बर्न्स्टीन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर बीमा नियामक IRDA के प्रस्ताव का सबसे अधिक नुकसान पीबी फिनटेक को होगा क्योंकि इसके टेक-रेट्स यानी कमीशन पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकाल पाएगी।

इरडा ने बीमा की लागत कम करने, अंडरसर्व्ड लोगों तक इसका कवरेज बढ़ाने और इंश्योरेंस सेक्टर की टिकाऊ ग्रोथ को लेकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें मैनेजमेंट से जुड़े खर्चों को तार्किक बनाने, सेगमेंट के हिसाब से कमीशन की लिमिट फिर से तय करने, डार्क पैटर्न पर रोक लगाने यानी बिना पर्सनल डिटेल्स के प्रोडक्ट और कीमत की जानकारी देने, पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स पर कमीशन की दर बताने और मोटर इंश्योरेंस की प्रक्रिया को आसान बताने की बात है। इसमें अन्य प्रस्ताव भी हैं जैसे कि बैंक कौन सी पॉलिसी और कैसे बेचें, एजेंटों को इंसेंटिव देने पर रोक, इंश्योरेंस बेचने के लिए MIIs (मल्टी-इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज) का इस्तेमाल कैसे हो, और क्रेडिट लाइफ जैसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इन प्रस्तावों से पीबी फिनटेक के मुनाफे का गणित बिगड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इरडा के प्रस्तावित कैप से कंपनियों की हेल्थ/टर्म इंश्योरेंस ग्रोथ पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि कम लागत और हायर एजेंसी-यूलिप मिक्स वाली कंपनियों जैसे कि एसबीआई लाइफ और एलआईसी पर इसका असर कम होगा। इरडा के प्रस्ताव के हिसाब से कोटेशन देने के लिए कॉन्टैक्ट डिटेल्स नहीं मांगा जा सकता है जो बर्न्स्टीव के मुताबिक पीबी फिनटेक के लिए ग्राहक बनाने का एक मुख्य जरिया है। इसके अलावा बर्न्स्टीन के मुताबिक ड्राफ्ट पेपर में एडवाइजरी फीस और मार्केटिंग खर्च से जुड़े लूपहोल्स को भी खत्म किया जा रहा है जिसका हल पीबी फिनटेक को खोजना होगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पॉलिसीबाजार के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,963.00 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 32.03% फिसलकर 2 मार्च 2026 को ₹1,334.20 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

GST छूट के बाद 150% बढ़ी टर्म इंश्योरेंस की बिक्री! जानिए ₹3 करोड़ के कवर पर क्यों दांव लगा रहे हैं लोग?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।