Zerodha पर ट्रेडिंग शुरू की, 45 मिनट में कमाए ₹12 हजार; फिर ऐसी लगी लत कि माता-पिता की बचत गंवाकर ₹38 लाख के कर्ज में डूबा टेक्नीशियन

शेयर बाजार में जल्दी पैसा कमाने का सपना कई लोगों को ट्रेडिंग की ओर खींचता है। शुरुआत में अगर कुछ मुनाफा मिल जाए, तो बाजार से कमाई का भरोसा और बढ़ जाता है। लेकिन कई बार यही उत्साह धीरे-धीरे ऐसी आदत में बदल जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सोशल मीडिया यूजर Hemdharpan ने अपने 35 वर्षीय दोस्त की ऐसी ही कहानी साझा की है।

2 लाख की सैलरी और 14 लाख की बचत

Hemdharpan के मुताबिक, उनका दोस्त एक IT प्रोफेशनल था और करीब 2 लाख रुपये महीने कमाता था। उसके पास 14 लाख रुपये की बचत थी। शादीशुदा होने के साथ उसका एक बच्चा भी था। यानी नौकरी, कमाई और सेविंग के मामले में उसकी जिंदगी काफी स्थिर थी।

करीब दो साल पहले एक सहकर्मी ने उसे शेयर बाजार में ट्रेडिंग के बारे में बताया। यहीं से उसकी जिंदगी का एक नया दौर शुरू हुआ।

45 मिनट में 12 हजार का मुनाफा

कहानी के मुताबिक, सहकर्मी ने लंच के दौरान अपना Zerodha अकाउंट दिखाया। उसने Nifty options की इंट्राडे ट्रेडिंग से करीब 45 मिनट में 12 हजार रुपये कमाए थे। यह देखकर टेकie को भी लगा कि बाजार में कम समय देकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

शुरुआत में उसे सफलता भी मिली। उसने करीब दो घंटे में 18 हजार रुपये कमाए। इस कमाई ने उसका उत्साह और बढ़ा दिया।

फिर शुरू हुआ नुकसान का सिलसिला

दूसरे महीने बाजार ने उसे बड़ा झटका दिया। उसने कुछ ही मिनटों में करीब 50 हजार रुपये गंवा दिए। पोस्ट के मुताबिक, उसने समय पर stop-loss नहीं लगाया और नुकसान को स्वीकार करने के बजाय उसे वापस पाने की कोशिश शुरू कर दी।

उसने परिवार की बचत से 1 लाख रुपये बाजार में लगा दिए। इसके बाद वह नुकसान की भरपाई के लिए लगातार ट्रेड करने लगा। बताया गया कि वह एक दिन में 30-40 ट्रेड तक करने लगा था।

बचत खत्म हुई तो लिया कर्ज

2024 में शुरू हुई ट्रेडिंग का असर 2025 के मध्य तक दिखने लगा। उसकी करीब 14 लाख रुपये की बचत खत्म हो गई, लेकिन ट्रेडिंग नहीं रुकी। पोस्ट के अनुसार, वह परिवार से ट्रेडिंग छिपाने लगा और काम के बीच भी बाजार पर नजर रखता था।

बचत खत्म होने के बाद उसने तीन बैंकों से पर्सनल लोन लिया। कथित तौर पर उसने इन पैसों के लिए घर की मरम्मत का कारण बताया। बाद में इंस्टेंट लोन ऐप्स से भी पैसे लिए।

38 लाख का नुकसान सामने आया

2025 के आखिर में जब रिकवरी एजेंट घर पहुंचने लगे, तब परिवार को पूरी स्थिति का पता चला। पोस्ट के मुताबिक, 14 लाख रुपये की बचत खत्म होने के अलावा उस पर करीब 24 लाख रुपये का कर्ज भी था। यानी कुल नुकसान करीब 38 लाख रुपये बताया गया।

इसका असर परिवार पर भी पड़ा। बच्चे की स्कूल फीस बाउंस होने की बात सामने आई और उसकी पत्नी बच्चे को लेकर मायके चली गई।

अब कर्ज से निकलने की कोशिश

Hemdharpan के अनुसार, अब वह अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटा है। उसने कार बेच दी है और लोन को संभालने के लिए restructuring plan अपनाया है। यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है। इससे यह जरूर सामने आता है कि ट्रेडिंग में लगातार नुकसान की भरपाई करने की कोशिश आर्थिक जोखिम को तेजी से बढ़ा सकती है।

Video: पेरिस से मुंबई आते ही लगा बड़ा झटका! 23 साल के निको ने बताईं वो 3 बातें जो कोई नहीं बताता

Mausam Alert: बिहार, बंगाल से तमिलनाडु और राजस्थान तक आंधी-पानी की चेतावनी, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबरके लिए देश भर का ताजा मौसम बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा से लेकर दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी

IMD द्वारा जारी 19 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, द्वीपीय क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग अलग इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी

तेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

राजस्थान, बंगाल, झारखंड और महाराष्ट्र में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज आंधी का असर रहेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजली

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिस्सों के राज्यों में बिजली कड़कने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से सटे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम (Squally weather) बना रहेगा। वहीं, अंडमान सागर के अन्य हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

SBI Loan Recovery: विधवा पत्नी की एफडी से बैंक ने गुपचुप की पति के लोन की वसूली, हाईकोर्ट ने सुनाया ब्याज सहित पैसा लौटाने का फैसला

SBI Loan Recovery: विधवा पत्नी की एफडी से बैंक ने गुपचुप की पति के लोन की वसूली, हाईकोर्ट ने सुनाया ब्याज सहित पैसा लौटाने का फैसला

SBI Loan Recovery: लखनऊ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक (SBI) से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक एसबीआई ब्रांच ने पति की असमय मृत्यु के बाद पत्नी की निजी एफडी गुपचुप तरीके से तुड़वा कर लोन की बकाया रकम काट ली। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोट की लखनऊ बेंच ने बैंक को कड़ी फटकार लगाई और महिला को ब्याज सिहत रकम लौटाने का आदेश दिया है। अपनी टिप्पणी में अदालत ने बैंक के इस रवैये को ‘बैंकिंग नीति का घृणित उल्लंघन’ भी बताया। इस मामले ने एक बार फिर बैंक पर ग्राहकों के अटूट भरोसे पर सवाल खड़े किए हैं।

बैंक ने सीज किया वेतन खाता

यह मामला लखनऊ के रिंग रोड स्थित मेडिसिन अस्पताल में सहायक प्रोफेसर की पत्नी नेहा मिश्रा से जुड़ा हुआ है। नेहा के पति ने नवंबर 2020 में एसबीआई से 15 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। दुर्भाग्यवश, कोविड संक्रमण के कारण मई 2021 में उनके पति का निधन हो गया। न्यूज 18 की खबर के अनुसार, बैंक ने सितंबर 2025 में एसबीआई ने नेहा मिश्रा को कानूनी नोटिस भेजा और 13.87 लाख रुपए के बकाया लोन का भुगतान करने की मांग की। हालांकि, आरबीआई लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद यह रोक हटा दी गई। अभी बैंक और महिला के बीच बकाया लोन भुगतान पर बातचीत चल रही थी। लेकिन इसी बीच एसबीआई ने गुपचुप तरीके से महिला की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भुना ली और उसमें से 19.90 लाख रुपए कर्ज के नाम पर डेबिट कर लिए।

नेहा मिश्रा ने किया हाईकोर्ट का रुख

बैंक की इस हरकत का पता चलने के बाद पीड़िता नेहा मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का रुख किया। मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि मृत प्रोफेसर की पत्नी न तो इस लोन की सह-उधारकर्ता थीं और न ही गारंटर, जमानतदार, क्षतिपूर्तिकर्ता या नॉमिनी। कर्ज के इस लेनदेन में उन्होंने बैंक के साथ किसी भी तरह का करार नहीं किया था। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी गौर किया कि कर्ज एक बीमा पॉलिसी से कवर था, जिसके लिए मृतक ने प्रीमियम का भुगतान किया था।

अदालत ने एसबीआई को लताड़ लगाते हुए कहा कि बैंक यह साबित करने में पूरी तरह असफल रहा कि किस कानूनी प्रावधान के तहत उसने पति के कर्ज की भरपाई के लिए पत्नी के निजी खाते से रकम काटी है। कोर्ट ने एसबीआई को महिला का पूरा पैसा एफडी के लागू ब्याज दर के साथ चार हफ्ते के भीतर वापस करने का आदेश दिया। साथ ही बैंक को 1 लाख रुपए का दंडात्मक मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के धन के संरक्षक होते हैं और जनता के पैसों को एक ट्रस्ट के रूप में रखते हैं।

बैंक का गुपचुप वसूली का तरीका ग्राहक अधिकारों का हनन

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि यदि बैंक कानूनन मृतक के कर्ज की वसूली उसकी पत्नी से कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में करने का हकदार था, तब भी इसके लिए कानून सम्मत प्रक्रिया अपनानी जरूरी थी। इस तरह रातोंरात गुपचुप तरीके से और मनमाने ढंग से किसी के खाते से पैसे काट लेना पूरी तरह अवैध है।

RBI का बड़ा फैसला: लोन की EMI चूकने पर नियम बदले, जानिए बैंक क्या कर सकते हैं और क्या नहीं

RBI loan recovery rules: अगर आपने पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन की EMI नहीं चुकाई है, तो भी बैंक आपका मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट लॉक नहीं कर सकेंगे। RBI ने साफ कर दिया है कि ऐसा सिर्फ उसी स्थिति में हो सकता है, जब उसी डिवाइस को खरीदने के लिए बैंक ने लोन दिया हो। इसमें भी कुछ शर्तें रहेंगी।

बैंकों और रिकवरी एजेंटों की सख्त वसूली, उत्पीड़न और ग्राहकों के डेटा के गलत इस्तेमाल की शिकायतों के बाद RBI ने यह फैसला लिया है। RBI ने 6 अगस्त 2026 को नए नियम जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

कब लॉक हो सकता है डिवाइस?

अगर बैंक ने उसी मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की खरीद के लिए लोन दिया है, तभी उस पर पाबंदी लगाई जा सकती है। लेकिन यह भी तुरंत नहीं होगा।

RBI के मुताबिक, पहले बैंक को नोटिस देना होगा। अगर नोटिस के बाद भी 30 दिन तक किस्त नहीं चुकाई जाती, तभी सीमित पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। पूरी तरह लॉक करने की कार्रवाई 60 दिन बाद ही हो सकेगी और वह भी तभी, जब इसकी शर्त लोन एग्रीमेंट में हो।

जरूरी सुविधाएं बंद नहीं होंगी

बैंक किसी भी हाल में इनकमिंग कॉल, SMS और इमरजेंसी SOS जैसी जरूरी सुविधाएं बंद नहीं कर सकेंगे। यानी जरूरत पड़ने पर आप इनका इस्तेमाल करते रहेंगे।

रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे परेशान

RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। वे गाली-गलौज नहीं कर सकते। धमकी नहीं दे सकते। सोशल मीडिया पर बदनाम नहीं कर सकते। रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों पर दबाव डालने के लिए संपर्क भी नहीं कर सकते।

निजी डेटा भी रहेगा सुरक्षित

बैंक या उनकी थर्ड पार्टी एजेंसियां आपके फोन का निजी डेटा नहीं देख सकेंगी। कॉन्टैक्ट्स, SMS, कॉल लॉग, फोटो और लोकेशन हिस्ट्री जैसी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी हालत में लोन वसूली के लिए नहीं किया जा सकेगा।

इसका मतलब क्या है?

इन नियमों का मतलब यह नहीं है कि लोन माफ हो गया। EMI नहीं चुकाने पर ब्याज लगेगा, क्रेडिट स्कोर खराब होगा और बैंक कानूनी तरीके से वसूली कर सकेंगे। लेकिन अब वे ग्राहकों को डराने या उनकी निजी डिवाइस और डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

Kisan Credit Card: कैसे बनवाएं किसान क्रेडिट कार्ड? जानें डॉक्यूमेंट और अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

क्या लोन डिफॉल्ट होने पर बैंक आपका मोबाइल या लैपटॉप बंद कर सकेंगे? RBI के बड़े फैसले की हर डिटेल

आरबीआई ने लोन के रीपेमेंट में डिफॉल्ट पर एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि अगर ग्राहक होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के रीपेमेंट पर डिफॉल्ट करता है तो बैंक लोन की रिकवरी के लिए ग्राहक के मोबाइल फोन और लैपटॉप को बंद नहीं कर सकेंगे। बैंक लैपटॉप और मोबाइल फोन को तभी बंद कर सकते हैं, जब इन्हें (लैपटॉप-मोबाइल) खरीदने के लिए उन्होंने ग्राहक को लोन दिया हो।

आरबीआई ने नए सर्कुलर में क्या कहा है

RBI ने कहा है कि बैंकों को खास मामलों में जिनमें उन्हें लोन रिकवरी के लिए डिवाइसेज को बंद करने की इजाजत है, शुरू में ही ऐसा करने के बजाय धीरे-धीरे इस तरफ बढ़ना चाहिए। दरअसल, कई ग्राहकों ने बकाए लोन की रिकवरी में उनके साथ होने वाले व्यवहार और रिकवरी एजेंसियों के खिलाफ कई शिकायतें की थीं। इनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल शामिल है।

रिकवरी से जुड़े नए नियम 1 जनवरी से लागू होंगे

केंद्रीय बैंक के सर्कुलर के मुताबिक, ये नियम 1 जनवरी, 2027 से लागू होंगे। इस सर्कुलर में कहा गया है, “कोई बैंक रिकवरी टूल के रूप में ऐसे टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैकेनिज्म का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जिससे बॉरोअर के मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे डिवाइसेज काम करना बंद कर दें। वह सिर्फ ऐसे मामले में लोन की रिकवरी के लिए ऐसा कर सकता है, जब डिवाइस बैंक के लोन के पैसे से खरीदा गया हो। “

शुरुआत में ही बैंक लैपटॉप-मोबाइल फोन बंद नहीं कर सकते

आरबीआई ने यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में जिनमें ग्राहक ने बैंक से लोन लेकर ऐसे डिवाइसेज (लैपटॉप, मोबाइल फोन या टैबलेट) खरीदा है, उनमें बैंक शुरू में ही डिवाइस को बंद करने की जगह धीरे-धीरे ऐसा करने की तरफ बढ़ सकता है। इसके अलावा बैंक ऐसे फंक्सनलिटीज को बंद (restrict/disable) नहीं कर सकते, जिन्हें इनकॉमिंग कॉल, एसएमएस और इमर्जेंसी एसओएस फीचर्स के लिए जरूरी माना जाता है।

आरबीआई ने लोन रिकवरी ड्राफ्ट पर कई फीडबैक स्वीकार किए हैं

इस साल मई की शुरुआत में आरबीआई ने लोन की रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स के इस्तेमाल में रेगुलेटेडेट एंटिटीज के व्यवहार से जुड़े नियमों का एक ड्राफ्ट पेश किया था। इस ड्राफ्ट पर आरबीआई को काफी फीडबैक मिले थे। केंद्रीय बैंक ने कई फीडबैक को स्वीकार करने के बाद कहा है कि टेक्नोलॉजी-बेस्ड रिकवरी मैकेनिज्म का इस्तेमाल करने वाले आरई (रेगुलेटेड एंटिटीज) और थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर को डिवाइस बनाने वाली कंपनी या ऑपरेटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म से सर्टिफिकेशन हासिल करना होगा।