Rate Hike: त्योहारी सीजन में RBI दे सकता है झटका! बढ़ जाएगी आपकी EMI, बैंक FD पर भी पड़ेगा बड़ा असर

RBI Repo Rate Hike Expectations: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की बढ़ोतरी के बाद अब सभी की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक पर टिक गई हैं। देश में बढ़ती रिटेल इंफ्लेशन और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई भी अक्टूबर 2026 की MPC समीक्षा बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

अगर दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी होती है, तो रेपो रेट 5.50% से बढ़कर 5.75% हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कि आरबीआई यह कदम क्यों उठा सकता है और इसका आपकी होम लोन ईएमआई और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों पर क्या असर पड़ेगा।

आरबीआई क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?

अमेरिकी फेड के फैसले के अलावा भारत के आंतरिक आर्थिक हालात भी आरबीआई को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर रहे हैं। अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई जो जुलाई में 4.45% थी। अल-नीनो के कारण कमजोर मानसून, खाद्य वस्तुओं के दाम और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई 6% के ऊपरी दायरे को पार कर सकती है। अगर डॉलर के मुकाबले रुपया और कमजोर होता है, तो भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट का बिल काफी बढ़ जाएगा, जिससे देश में महंगाई और बढ़ेगी।

एसबीआई, एचएसबीसी, डॉयचे बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में 25-25 बीपीएस की दो किश्तों में रेपो रेट बढ़ा सकता है।

होम लोन ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आरबीआई अक्टूबर में रेपो रेट में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी करता है, तो इसका सीधा असर आपके रिटेल लोन पर पड़ेगा। ज्यादातर होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क (EBLR) से जुड़े होते हैं। रेपो रेट बढ़ते ही बैंक आपके लोन की ब्याज दरें बढ़ा देंगे।इससे अगली रीसेट डेट पर या तो आपकी मासिक EMI बढ़ जाएगी या फिर आपकी लोन चुकाने की कुल अवधि लंबी हो जाएगी।

इसे उदाहरण से समझे तो अगर आपने ₹30 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लिया है, तो 0.25% ब्याज दर बढ़ने से आपकी ईएमआई में हर महीने ₹400 से ₹500 तक का एक्स्ट्रा इजाफा हो सकता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर क्या होगा असर?

रेपो रेट बढ़ने पर अमूमन बैंक जमा दरों में भी बढ़ोतरी करते हैं, लेकिन लोन की तरह यह तुरंत लागू नहीं होता। बैंक बाजार में लिक्विडिटी, अपने एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) और फंड की जरूरतों के आधार पर ही एफडी दरों में रिवीजन करेंगे। ब्याज दरें बढ़ने पर बैंक विशेष मैच्योरिटी वाली एफडी पर ब्याज बढ़ा सकते हैं, जिससे नए एफडी निवेशकों और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बनेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

खुल गया ₹1000 करोड़ का Hero Motors IPO, पैसे लगाने से पहले चेक करें डिटेल्स और ब्रोकरेजेज का रुझान

Hero Motors IPO: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। ₹1000 करोड़ का आईपीओ खुलने से पहले ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनाी समेत 15 एंकर निवेशकों से यह ₹300 करोड़ जुटा चुकी हैं, जिन्हें प्रति शेयर ₹84 के भाव पर 3.57 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह ₹10 यानी 11.90% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही किसी आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।

Hero Motors IPO: डिटेल्स

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ आज 16 सितंबर को खुला है और 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू में ₹79-₹84 के प्राइस बैंड और 178 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इस इश्यू के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे तो ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग 85.57% से घटकर 61.63% रह जाएगी। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का एलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा जिसके बाद बीएसई और एनएसई पर 23 सितंबर को इसकी लिस्टिंग होगी। इसका रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

अब आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग और हीरो साइकिल्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

हीरो मोटर्स के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

Hero Motors IPO: क्या है ब्रोकरेजेज की राय

SBI Securities

ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने हीरो मोटर्स के आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी के कामकाज पर नजर रखना चाहेगी।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2026 के लिए 83.8x P/E पर है जो इसकी कम रेवेन्यू ग्रोथ और कुछ ही बड़े ग्राहकों पर निर्भरता को देखते हुए दूसरी कंपनियों के मुकाबले महंगा है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी की तकनीकी क्षमताओं के साथ-साथ ई-मोबिलिटी और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स में विस्तार उम्मीद जगाती हैं लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन में भविष्य की ग्रोथ को पहले ही शामिल कर लिया गया है।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू का 61.4% हिस्सा सिर्फ पांच ग्राहकों से आया। ऐसे में इन ग्राहकों की मांग और सोर्सिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव का इसके बिजनेस पर असर दिख सकता है।

Anand Rathi

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का मानना है कि आईपीओ फुल्ली प्राइस्ड है लेकिन इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हीरो मोटर्स ने इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एप्लीकेशन के लिए तैयार किए गए पावरट्रेन सॉल्यूशन पर फोकस करके ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है। डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइपिंग, वैलिडेशन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज के दम पर यह ऑटोमोटिव ओईएम को सिस्टम-लेवल और कंपोनेंट-लेवल सॉल्यूशन मुहैया कराती है।

हीरो मोटर्स के पोर्टफोलियो में सीवीटी, ईवी ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिक मोटर, ड्राइव यूनिट और गियर सेट शामिल हैं।

हीरो मोटर्स की ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट में भी मजबूत स्थिति है। यह भारत से ई-बाइक बनाने वाली कंपनियों को CVT हब बनाने और निर्यात करने वाली इकलौती कंपनी है। ह्यूलैंड (Hewland) में निवेश से हीरो मोटर्स की ट्रांसमिशन डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग क्षमताएं मजबूत हुई हैं तो यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ इसके जॉइंट वेंचर से कंपनी की इलेक्ट्रिक मोटर क्षमताओं को बढ़ावा मिला है।

हीरो मोटर्स की फैसिलिटीज भारत के साथ-साथ यूके और थाईलैंड में भी हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: लंबे वीकेंड बाद Nifty की एक्सपायरी; HDFC Bank, Indiabulls, Raymond समेत ये 29 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इस तरह लगातार पांच हफ्ते की गिरावट और लंबे वीकेंड के बाद इस हफ्ते की शुरुआत ग्रीन हो सकती है। इस हफ्ते सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद था जिसके चलते मार्केट आज तीन दिनों की छुट्टियों के बाद खुल रहा है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है।

एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 120.83 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 74,781.76 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 79.70 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Horizon Industrial Parks Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स घाटा कंसालिडेटेड लेवल पर ₹64.3 करोड़ से घटकर ₹10.3 करोड़ रह गया तो रेवेन्यू 23.1% बढ़कर ₹200.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Lalithaa Jewellery Mart Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ललिता ज्वैलरी मार्ट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 21.6% गिरकर ₹208.2 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹6,031.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Nova Iron & Steel Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नोवा आयरन एंड स्टील का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 61.1% गिरकर ₹86 लाख और रेवेन्यू 40.3% फिसलकर ₹67.5 करोड़ पर आ गया।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने अगले एमडी और सीईओ के लिए आरबीआई के पास दो नाम सैलरी स्ट्रक्चर के साथ प्राथमिकता के क्रम में भेजे हैं। इसके अलावा बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के तौर पर वी श्रीनिवास रंगन और जिम्मी टाटा को तीन साल के लिए फिर जिम्मेदारी दी है तो बोर्ड ने पूर्णकालिक निदेशक का एक और पद बनाने को मंजूरी दी है, जिससे एमडी और सीईओ के अलावा पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर SA इन्वेस्टमेंट्स प्रोप्राइटरी ने ओमनिया होल्डिंग्स के सभी बकाया शेयर $135.5 करोड़ (₹12,951 करोड़) में खरीदने के लिए ओमनिया होल्डिंग्स के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

KEC International

केईसी इंटरनेशनल को भारत, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) प्रोजेक्ट के लिए ₹1,303 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डरों के साथ इस साल अब तक कंपनी को ₹7,600 करोड़ से अधिक के ऑर्डर्स मिल चुके हैं।

Indiabulls

इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड के साथ एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी एनसीएलटी स्कीम के जरिए ₹1,050 करोड़ में फिनटेक क्लाउड में 70% हिस्सेदारी खरीदेगी।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान ड्रायडॉक्स वर्ल्ड दुबई – FZCO (DDW) के साथ एक जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है।

Strides Pharma Science

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 2 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के दौरान चेन्नई के अलाथुर में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस की फॉर्मूलेशन फैसिलिटी में रूटीन cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) इंस्पेक्शन किया और इसके बाद तीन ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने मेक्सिको में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के एपीआई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रिकॉर्ड्स का एसेसमेंट पूरा कर लिया है और दो ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म FDA 2953 जारी किया है। यह एसेसमेंट 17 जुलाई से 8 सितंबर, 2026 के बीच हुआ था।

Aurobindo Pharma

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 7 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 के बीच आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में अरबिंदों फार्मा की सब्सिडियरी एपिटोरिया फार्मा की API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (यूनिट-IV) का निरीक्षण किया, जिसमें कोई खामी नहीं मिली।

Sun Pharmaceutical Industries

सन फार्मा की तीन सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरेकि दवाओं की प्राइसिंग से जुड़े एक कानूनी मामले में सेटलमेंट किया है। हालांकि सौदा कितने में हुआ, यह बात सामने नहीं आई है और कंपनी ने कोई गलती भी नहीं मानी है।

Jubilant Pharmova

जुबिलैंट फार्मोका की अमेरिकी यूनिट जुबिलैंट Jubilant HollisterStier LLC की वॉशिंगटन में स्थित सीएमओ फैसिलिटी की अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 8-17 जून के बीच जांच की, जिसमें फैसिलिटी को VAI (वालंटरी एक्शन इंडिकेटेड) कैटेगरी में रखा गया यानी कि कुछ रेगुलेटरी कंसर्न मिले हैं। Jubilant HollisterStier LLC की बात करें तो यह जुबिलैंट फार्मा होल्डिंग इंक की सब्सिडियरी है जोकि जुबिलैंट फार्मोवा के पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुबिलैंट फार्मा की सब्सिडियरी है।

Greenply Industries

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने अपनी जॉइंट वेंचर ग्रीनप्लाई सैमेट के प्रस्तावित कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान किया है। इसकी शुरुआती शर्तों के तहत ज्वाइंच वेंचर पार्टनर सैमेट दो से तीन वर्षों में इसमें ₹3.0-4.0 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी का निवेश करेगी।

Raymond

रेमंड की एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एयरोस्पेस का एक बड़ा और नया काम मिला है। इसमें रेमंड की सब्सिडियरी को जहाज में इस्तेमाल होने वाले 300 से अधिक अलग-अलग तरह के पार्ट्स बनाने हैं और हर साल 37 हजार से अधिक पार्ट्स की जरूरत होगी। इससे कंपनी को सालाना करीब ₹33 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता है।

TVS Motor Company

टीवीएस मोटर कंपनी ने श्रीलंका में अपनी टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल रेंज को और बढ़ाया और इसमें फ्लैगशिप TVS अपाचे RR 310, TVS अपाचे RTR 310, TVS अपाचे RTR 200 4V TFT और TVS अपाचे RTR 160 4V TFT को शामिल किया।

Coforge

कोफोर्ज में डीके सिंह ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और NRC (नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमिटी) के चेयरपर्सन के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड ने एनआरसी और एसआरसी (स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमिटी) का फिर से गठन किया है और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बेथ बाउचर को एनआरसी का चेयरपर्सन नियुक्त किया है।

Piramal Finance

मूडीज रेटिंग्स ने पिरामल फाइनेंस की लॉन्ग-टर्म कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग (CFR) और सीनियर सिक्योर्ड डेट रेटिंग को Ba3 से बढ़ाकर Ba2 कर दिया है।

Info Edge (India)

हिमांशु अग्रवाल 17 सितंबर से इन्फो एज (इंडिया) में सीएफओ और एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर शामिल होंगे।

HDFC Life Insurance Company

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को मुंबई में ब्याज और पेनल्टी समेत कुल ₹3,365.15 करोड़ के जीएसटी का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि इसका कंपनी के बिजनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और वह जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल में इसे चुनौती देगी।

WeWork India Management

वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, बेंगलुरु से फॉर्म RSC-1 के तहत शेयर कैपिटल में प्रस्तावित कटौती की मंजूरी मांगी है। प्रस्ताव के तहत कंपनी की योजना अपने सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट में मौजूद ₹2,158.9 करोड़ के बैलेंस में से ₹2,050.16 करोड़ का इस्तेमाल करके मार्च 2026 तक के ₹2,050.16 करोड़ के घाटे को पूरी तरह खत्म करने का है।

BlackBuck

दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया की कंपनी एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस) से प्रति शेयर ₹576.05 के भाव पर ₹155.5 करोड़ में ब्लैकबक के 27 लाख शेयर (1.48% हिस्सेदारी) खरीदे। जून 2026 तक एक्सेल इंडिया IV की ब्लैकबक में 7.17% हिस्सेदारी (1.3 करोड़ इक्विटी शेयर) थी।

Jamna Auto Industries

जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के प्रमोटर रणदीप सिंह जौहर और प्रदीप सिंह जौहर ने 99.95 लाख-99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) ₹255.87 करोड़ में प्रति शेयर ₹128 के भाव पर बेच दिए। इनमें से 360 वन म्यूचुअल फंड और 360 वन एसेट मैनेजमेंट ने ₹127.93 करोड़ में जमना ऑटो के 99.95 लाख शेयर (2.5% हिस्सेदारी) तो डीएसपी म्यूचुअल फंड ने ₹100 करोड़ में 78.12 लाख शेयर (1.95% हिस्सेदारी) और अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹27.93 करोड़ में 21.82 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) खरीदे हैं।

Granules India

प्रमोटर कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी वाले 1.33 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1160 करोड़ में प्रति शेयर ₹872.50 के भाव और 39.04 लाख शेयर (1.57% हिस्सेदारी) भी ₹892.84 के भाव पर ₹348.64 करोड़ में बेच दिए। कुल मिलाकर प्रमोटर ने ₹1,508.64 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 6.94% कम हो गई। वहीं दूसरी तरफ कैपिटल ग्रुप, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, 360 वन पाइप फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, जगदीश नरेश मास्टर, मायरा वरुण रहेजा, सुंदरम म्यूचुअल फंड, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी-III, क्लैरस कैपिटल 1, एडलवाइज म्यूचुअल फंड, एमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और ऑप्टिमिक्स होलसेल ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स शेयर ट्रस्ट ने ग्रैन्यूल्स इंडिया में 5.36% हिस्सेदारी खरीदी।

Sri Lotus Developers and Realty

मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने मोहम्मद इरफान मोहम्मद लतीफ शेख से प्रति शेयर ₹201.75 के भाव पर ₹30.26 करोड़ श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी के 15 लाख शेयर (0.3% हिस्सेदारी) हासिल की।

NRB Bearings

प्रमोटर एंटिटी त्रिलोचन सिंह साहनी ट्रस्ट 1 ने एनआरबी बेयरिंग्स में 0.51% हिस्सेदारी वाले 5 लाख शेयर ₹25.25 करोड़ में प्रति शेयर ₹505 के भाव पर बेचे। इनमें से 2.27 लाख शेयर ₹11.49 करोड़ में डीटी फंड ने खरीदे तो जीपी इमर्जिंग मार्केट्स स्ट्रैटेजीज एलपी ने ₹5.64 करोड़ में 1.11 लाख शेयर और यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम डू लैक ने ₹8.1 करोड़ में 1.6 लाख शेयर खरीदे।

Electrotherm India

रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स ने 8 स्क्वायर कैपिटल से प्रति शेयर ₹951.83 के भाव पर इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) के अतिरिक्त 2.15 लाख (1.69% हिस्सेदारी) ₹20.53 करोड़ में खरीदे हैं। इससे पहले जून 2026 तक रेडिएंट ग्लोबल फंड-क्लास B पार्टिसिपेटिंग शेयर्स की इलेक्ट्रोथर्म में 1.41% तो 8 स्क्वायर कैपिटल की 2.32% हिस्सेदारी थी।

Pranav Constructions, Apana Logistics

प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो अपना लॉजिस्टिक्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: सनशाइन पिक्चर्स

एक्स-डिविडेंड: कर्नाटक बैंक, मनकसिया एल्युमीनियम कंपनी, आरती फार्मालैब्स, एजी ग्रीनपैक, अक्षरकेम इंडिया, एरो ग्रीनटेक, बेलराइज इंडस्ट्रीज, ब्लू डार्ट एक्सप्रेस, कैरीसिल, दिलीप बिल्डकॉन, फिलाटेक्स इंडिया, फ्रंटियर स्प्रिंग्स, हेक्सागोन न्यूट्रिशन, द हाई-टेक गियर्स, एचपी एडहेसिव्स, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, आईटीएल इंडस्ट्रीज, IL&FS इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स, द इंडियन वुड प्रोडक्ट्स कंपनी, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स, कांची कर्पूरम, केएनआर कंस्ट्रक्शन्स, एनडीएल वेंचर्स, निखिल एडहेसिव्स, पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स, समक्रग पिस्टन्स एंड रिंग्स, सिमंड्स मार्शल, सोलेक्स एनर्जी, सुपरहाउस, सुपर टैनरी, सुरक्षा डायग्नोस्टिक, सिस्टेमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, तिलकनगर इंडस्ट्रीज, टाइम टेक्नोप्लास्ट, टीपीएल प्लास्टेक, वेबसोल एनर्जी सिस्टम

एक्स-राइट्स: सेंचुरी एक्स्ट्रूजन्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

एनएसई के शेयर इस महीने 24 तारीख को बीएसई पर लिस्ट हो जाएंगे। लिस्ट होते ही शेयर रॉकेट बन सकते हैं। इस शेयर में 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच निवेश किया जा सकता है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्रत्येक 1 रुपये फैस वैल्यू वाले शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,85 रुपये है।

संस्थागत निवेशकों की डिमांड से मिलेगा सपोर्ट

कनवर्जेंट फाइनेंस के मैनेजिंग पार्टनर हर्ष राघवन का कहना है कि लिस्टिंग के चार से छह हफ्तों में एनएसई का शेयर 20-25 फीसदी चढ़ सकता है। उनका कहना है कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड से इस शेयर को सपोर्ट मिलेगा। एनएसई आईपीओ पर सीएनबीसी-टीवी18 के मार्केट फोरम में उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि लिस्टिंग के 4-6 हफ्ते में यह शेयर 20-25 फीसदी चढ़ जाएगा।”

म्यूचुअल फंड्स के पास एनएसई के शेयर नहींं

उन्होंने कहा कि एनएसई में पहले से कई शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी है। लेकिन, बड़े म्यूचुअल फंड्स हाउसेज और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास एनएसई के ज्यादा शेयर नहीं हैं। इसलिए शेयर के लिस्ट होते ही संस्थागत निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी इस शेयर में दिखेगी। रिटेल इनवेस्टर्स को काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

कम से कम 8 शेयरों के लिए करना होगा अप्लाई

इस आईपीओ में निवेश करने के लिए प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कम से कम 14,280 रुपये की बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.41 लाख करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई आईपीओ में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसके पास कोई पैसा नहीं आएगा।

ये पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे एनएसई के शेयर

इस आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचने जा रहे हैं। इनमें एसबीआई ग्रुप, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स, एमएस स्ट्रेटेजिक, न्यू इंडिया एश्योरेंस और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न पर कई गुना रिटर्न मिलने जा रहा है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को बीएसई में लिस्ट होंगे।

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राघवन का एनएसई में पहले से निवेश

राघवन एनएसई के पुराने निवेशकों में शामिल हैं। 2006 में उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया था। फिर 2016 में उन्होंने फेयरफैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया। उन्होंने कहा कि उनके निवेश की वजह एक्सचेंज के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इंडियन इकोनॉमी में जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, वैसे-वैसे एनएसी की स्थिति मजबूत होगी।

Bank Strike Today: लगातार 4 दिन ठप रहेगा बैंकों का कामकाज! जानिए सोमवार को भी RBI ने क्यों दी है छुट्टी, ग्राहकों के लिए ये हैं ऑप्शन

Bank strike news: देश भर के बैंकों में आज से अगले चार दिनों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहने वाला है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को बुलाई गई देशव्यापी बैंक हड़ताल के साथ ही बैंकों की लंबी बंदी का दौर शुरू हो गया है। 11 सितंबर की हड़ताल के बाद दूसरा शनिवार, रविवार और फिर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों के बैंकों में काम ठप रहेगा। इसके चलते बैंक शाखाओं के जरिए होने वाले कामकाज पर भी सीधा असर पड़ेगा।

लगातार 4 दिन क्यों ठप रहेंगे बैंक? जानिए पूरा कैलेंडर

11 सितंबर (शुक्रवार): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में देशव्यापी बैंक हड़ताल।

12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से देश भर में नियमित बैंक अवकाश।

13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक बंदी।

14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी त्योहार को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के तहत संबंधित राज्यों में बैंकों में छुट्टियां दी गई हैं।

यहां ये जानना जरूरी है कि अलग-अलग राज्यों में त्योहारों के आधार पर बैंक छुट्टियों की लिस्ट अलग होती है, इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के बैंक हॉलिडे कैलेंडर की पुष्टि जरूर कर लें। अगर आपको RBI ऑफिशियल हॉलिडे कैलेंडर देखना है तो इसे यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

11 सितंबर को क्यों बुलाई गई हड़ताल? ये हैं प्रमुख मांगें

यूनियनों ने अपनी कई लंबे समय से पेंडिंग डिमांड मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ यह हड़ताल आयोजित की है। हड़ताल का मुख्य मुद्दा हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करना है। यह मांग 8 मार्च 2024 को भारतीय बैंक संघ (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच साइन किए गए समझौते और संयुक्त नोट पर आधारित है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी सभी शनिवारों को बैंकों में छुट्टी घोषित किया जाना है जबकि इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों के डेली वर्किंग टाइम में कुछ समय बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बैंक संगठन वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) संरचना का भी विरोध कर रहे हैं और इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।

क्या बंद रहेंगी सभी सेवाएं? जानें ऑनलाइन और UPI का क्या होगा

बैंक शाखाओं के दरवाजे बंद रहने के बावजूद डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी। आम ग्राहक UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए नियमित फंड ट्रांसफर, बिलों का भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं। कैश निकालने के लिए एटीएम और दूसरी सेल्फ-सर्विस बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। फिजिकल डॉक्यूमेंट जमा करना, चेक क्लियरेंस और नो योर कस्टमर से जुड़ी प्रक्रियाएं यानी ऐसे काम जिनके लिए बैंक ब्रांच जाना अनिवार्य है उनमें इन चार दिनों के दौरान रुकावट या देरी आ सकती है।

ग्राहकों के लिए क्या हैं विकल्प और आगे की सलाह?

शाखाओं से जुड़े किसी भी काम के लिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले अपनी संबंधित ब्रांच से संपर्क करें या डिजिटल विकल्पों का रुख करें। साधारण लेनदेन, पैसे भेजने और बिल भरने के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना सबसे आसान विकल्प रहेगा। जिन लोगों के चेक प्रोसेसिंग में लगे हैं, वे चार दिनों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए अपने वित्तीय फैसलों की योजना बनाएं।

आने वाले दिनों में भी हड़ताल की चेतावनी

अगर बैंक कर्मचारियों की मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले समय में भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को भी आगे की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि बैंकों का कहना है कि वे आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए व्यवस्था करेंगे, फिर भी शाखा स्तर पर सेवाओं में देरी से इंकार नहीं किया जा सकता।

Gold- silver price Today: अमेरिका में इंफ्लेशन का झटका, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या और आएगी गिरावट

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; ICICI Bank, Wipro, IRB Infra समेत इन 11 स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 9 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 813.35 प्वाइंट्स यानी 1.08% की गिरावट के साथ 74,764.23 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 203.60 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Dilip Buildcon

दिलीप बिल्डकॉन ने ओडिशा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक एलपीजी पाइपलाइन को लेकर PNGRB (पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड) से LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने के बाद ₹1,800 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है।

Indian Bank

इंडियन बैंक ने एनएसई के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत के जरिए अपनी 17.91% होल्डिंग यानी 15 लाख इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि इसके लिए रेगुलटेरी अप्रूवल लेना है।

Shakti Pumps India

शक्ति पंप्स (इंडिया) को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से मैगेल त्याला सौर कृषि पंप योजना के तहत पूरे महाराष्ट्र में 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले 10,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के लिए लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट मिला है। इन 10,000 पंपों की कुल वैल्यू लगभग ₹235.92 करोड़ है, और इसे वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के भीतर पूरा करना है।

ICICI Bank

आईसीआईसीआई बैंक को आरबीआई से इस बात की मंजूरी मिल गई है कि आवेदक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी अब सीएसबी बैंक, डीसीबी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 9.95% तक वोटिंग राइट्स हासिल कर सकती है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स का अगस्त महीने में टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹807.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Wipro

विप्रो ने नैस्डैक पर लिस्टेड क्राउडस्ट्राइक (CrowdStrike) के साथ मिलकर अपना चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) कमांड सेंटर लॉन्च किया है। इस कमांड सेंटर को एआई से जुड़े एडवांस्ड रिस्क के खिलाफ कंपनियों की सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है।

Hindustan Zinc

हिंदुस्तान जिंक ने कंसंट्रेट यानी कच्चे खनिज को लाने-ले जाने के लिए 30 इलेक्ट्रिक ट्रक को लेकर लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन कंपनी MFL इंडिया के साथ छह साल का ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Juniper Green Energy

जुनिपर ग्रीन एनर्जी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुनिपर ग्रीन स्पार्क टेन ने 75 MW के विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट को पूरी तरह से चालू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट साइट पर विंड कैपेसिटी के आखिरी 10 MW के चालू होने के बाद पूरा हुआ है। इसके चालू होने के बाद जुनिपर ग्रीन एनर्जी और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी लगभग 2,604 MWp हो गई है और साथ ही लगभग 500 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कैपेसिटी भी है।

Biocon

प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की सहयोगी कंपनी एक्टिव पाइन एलएलपी ने बायोकॉन के 1.65 करोड़ शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹638.37 करोड़ में ₹385 के भाव पर बेच दिए। इसकी जून 2026 तक कंपनी में कुल 1.08% हिस्सेदारी (1.76 करोड़ इक्विटी शेयर) थी। ये शेयर 12 बड़े ग्लोबल और घरेलू निवेशकों- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, बीएनबी परिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, सोसिएट जेनरल, एडलवाइस म्यूचुअल फंड और गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल की तरफ से नॉर्जेस बैंक ने प्रति शेयर ₹385 के भाव पर खरीदे।

Khadim India

एंजल इन्वेस्टर पंकज प्रसून ने प्रति शेयर ₹116.19 के भाव पर जूते-चप्पल बनाने वाली खादिम इंडिया के अतिरिक्त 4.18 लाख शेयर ₹4.86 करोड़ में खरीदे हैं। जून 2026 तक कंपनी में उनकी पहले से ही 1.62% हिस्सेदारी (2.97 लाख शेयर) थी। वहीं दूसरी तरफ एम्बिट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने प्रति शेयर ₹115.97 के भाव पर ₹4.27 करोड़ में खादिम इंडिया के 3.69 लाख शेयर बेच दिए।

Mangalam Global Enterprise

लेमन ग्रुप के निवेश वाली Veloce Fintech ने वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड और वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड-II के जरिए मंगलम ग्लोबल एंटरप्राइज के 1.17 करोड़ इक्विटी शेयर (3.57% होल्डिंग) ₹18.26 करोड़ में प्रति शेयर ₹15.5 के भाव पर खरीदे। वहीं निवेशक चुंगथ करुणाकरण पद्मा कुमार ने अपने पूरे 1.24 करोड़ शेयर (3.78% हिस्सेदारी) ₹19.3 करोड़ में समान भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वैलर्स।

एक्स-डिविडेंड: एपेक्स फ्रोजन फूड्स, केमक्रक्स एंटरप्राइजेज, दिवगी टॉर्कट्रांसफर सिस्टम्स, एलनेट टेक्नोलॉजीज, गणेश इकोस्फीयर, ग्राउअर एंड वेल इंडिया, हर्षदीप हॉर्टिको, इंडोको रेमेडीज, इंडसिल हाइड्रो पावर एंड मैंगनीज, जेएमजे फिनटेक, लिंक, एमएंडबी इंजीनियरिंग, पावर मेक प्रोजेक्ट्स, रेडिएंट कैश मैनेजमेंट सर्विसेज, सिकाजेन इंडिया, टीवीएस श्रीचक्र, वैलियंट कम्युनिकेशंस, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Scheme: महिलाओं को SBI की बड़ी सौगात! इस स्कीम में मिलेगा ₹25 करोड़ तक का आसान लोन

SBI Stree Shakti Yojana Details: अगर आप एक महिला उद्यमी हैं और अपना खुद का नया बिजनेस शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को बढ़ाना चाहती हैं, तो देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) आपके लिए एक शानदार योजना चला रहा है। एसबीआई की ‘स्त्री शक्ति योजना’ का मुख्य मकसद महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए इस योजना के तहत आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, महिलाओं को लोन पर ब्याज दर में विशेष छूट भी मिलती है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एसबीआई की इस योजना के तहत कितना लोन मिल सकता है, ब्याज दर में कितनी छूट मिलेगी और इसके लिए क्या-क्या खास शर्तें हैं।

कितना मिल सकता है लोन?

बिजनेस की जरूरत और उसकी वित्तीय स्थिति के आधार पर महिलाएं इस योजना के तहत ₹25 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकती हैं।

वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन: यह लोन बिजनेस के रोजमर्रा के खर्चों और लंबी अवधि के एसेट या मशीनरी खरीदने दोनों के लिए दिया जाता है।

बैंक का मूल्यांकन: लोन की अंतिम राशि एसबीआई आवेदक की पात्रता, बिजनेस प्लान और उसके वित्तीय स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर तय करता है।

क्रेडिट रेटिंग: ₹2 करोड़ से अधिक के लोन के लिए लागू ब्याज दर आवेदक की क्रेडिट रेटिंग से जुड़ी हो सकती है।

ब्याज दर में मिलेगी 0.50% की विशेष छूट

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एसबीआई इस योजना में ब्याज दर में राहत देता है। ₹2 करोड़ रुपये तक के लोन पर महिलाओं को ब्याज दर में 0.50% (50 बीपीएस) तक की छूट मिलती है। इससे महिलाओं के बिजनेस के लिए कर्ज चुकाने की लागत काफी कम हो जाती है।

हालांकि, अंतिम ब्याज दर और अन्य शुल्क एसबीआई के प्रचलित नियमों के अनुसार ही तय होते हैं, इसलिए लोन लेने से पहले नजदीकी शाखा से सटीक दरों की जांच जरूर करें।

अन्नपूर्णा और श्रृंगार योजना से महिला उद्यमियों का संवरेगा बिजनेस

SBI अपनी ‘स्त्री शक्ति पहल’ के अंतर्गत महिलाओं के अलग-अलग कार्यक्षेत्रों की जरूरतों के आधार पर विशेष लोन योजनाएं भी उपलब्ध कराता है। इसके तहत अन्नपूर्णा योजना विशेष रूप से कैटरिंग, रेस्तरां, टिफिन सर्विस और खाद्य पदार्थों से जुड़े नए या पुराने व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

वहीं दूसरी ओर, श्रृंगार योजना ब्यूटी पार्लर, ब्यूटी सैलून और वेलनेस सेक्टर से जुड़ी महिला उद्यमियों को उनके बिजनेस के विस्तार, ब्यूटी उपकरण खरीदने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए आसान शर्तों पर लोन की सुविधा देती है। ये दोनों ही योजनाएं महिलाओं को उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई हैं।

रीपेमेंट और मार्जिन मनी की शर्तें

लोन चुकाने की अवधि बिजनेस के आकार और लोन के प्रकार पर निर्भर करती है। टर्म लोन के लिए भुगतान की समय-सीमा 7 से 10 साल तक हो सकती है। लोन राशि के आधार पर बैंक 15% से 25% तक मार्जिन मनी की मांग कर सकता है। यानी कुल लागत का कुछ हिस्सा आवेदक को खुद लगाना होता है और बाकी रकम बैंक लोन के रूप में देता है।

आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप इस योजना के तहत लोन के लिए अप्लाई करने जा रही हैं, तो अपने बिजनेस प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), केवाईसी डाक्यूमेंट्स, वित्तीय रिकॉर्ड और अपने पास मौजूद मार्जिन मनी का सही हिसाब-किताब तैयार रखें। किसी भी आवेदन से पहले बैंक अधिकारी से ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य सर्विस चार्ज की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

 

JNU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप! 10 छात्राओं ने की यौन उत्पीड़न की शिकायत; ICC ने शुरू की जांच

JNU Sexual Harassment: राजधानी दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों ने कैंपस में हलचल बढ़ा दी है। कम से कम 10 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें की हैं। सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी की की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) आरोपों की जांच कर रही है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, पीड़ितों की तरफ से ये शिकायतें लगभग एक महीने पहले की गई थीं।

जानकारी के मुताबिक, छात्राओं की तरफ से ये शिकायतें करीब एक महीने पहले ICC के समक्ष दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर ने कुछ छात्राओं को यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित अपने आवास पर आयोजित एक पार्टी में बुलाया। वहां कथित तौर पर छात्राओं के प्रति अनुचित यौन व्यवहार और आपत्तिजनक पहल किए गए। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रोफेसर ने कक्षाओं के दौरान कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

सूत्रों ने TOI को बताया, “कैंपस में रहने वाले इस प्रोफेसर ने छात्राओं को अपने घर बुलाया और यौन संबंध बनाने की कोशिश की। कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने क्लास के दौरान अश्लील या अनुचित टिप्पणियां कीं। प्रोफेसर के खिलाफ हाल ही में एक और शिकायत दर्ज होने के बाद सीनियर छात्र भी इसी तरह के आरोप लेकर सामने आए।”

शिकायत के बाद सामने आए कई छात्र

मामले में शुरुआती शिकायत दर्ज होने के बाद कई वरिष्ठ छात्र शिकायतकर्ताओं के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कथित तौर पर सीनियर प्रोफेसर के व्यवहार को लेकर चिंता जताई। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर इसी तरह के अनुभव या आरोप भी सामने रखे हैं। हालांकि, फिलहाल इन सभी आरोपों की ICC द्वारा जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

JNU प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक बयान नहीं

मामले को लेकर अभी तक JNU प्रशासन या कुलपति ऑफिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, छात्र संगठन की ओर से भी फिलहाल मामले पर कोई डिटेल्स अपडेट शेयर नहीं किया गया है। चूंकि मामला जांच के स्तर पर है, इसलिए प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ICC की जांच जारी है। मामले में यूनिवर्सिटी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी की VC ने क्या कहा?

प्रोफेसर ने शिकायतों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला आंतरिक है। कथित आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ICC के सामने पेश हुए या उन्होंने कोई बयान दर्ज कराया, तो संबंधित प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें किसी भी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है।र उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। वहीं, JNU की VC शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने TOI को बताया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों को ICC देखती है। उन्होंने कहा कि VC इस कमिटी की सदस्य नहीं होती हैं।

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SBI Service Down: अचानक ठप हुई एसबीआई बैंक की ये बड़ी सेवाएं! UPI, IMPS और YONO से पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी खबर

SBI Service Down: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ग्राहकों के लिए आज यानी रविवार (6 सितंबर) को एक अहम खबर सामने आई है। तकनीकी समस्या के चलते देश के सबसे बड़े बैंक की कुछ डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रुक-रुककर प्रभावित हो रही हैं। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, SBI UPI, IMPS और YONO सेवाओं में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तकनीकी समस्या के कारण ये सेवाएं इंटरमिटेंट यानी बीच-बीच में प्रभावित हो रही हैं। बैंक के अनुसार, समस्या को दूर करने का काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि 6 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

ग्राहक फिलहाल क्या करें?

बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि जब तक डिजिटल सर्विस में आ रही परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक वे UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी अगर आपको तत्काल भुगतान करना है या कैश निकालने की जरूरत है, तो फिलहाल इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बैंक ने जताया खेद

तकनीकी समस्या के कारण ग्राहकों को हो रही असुविधा पर बैंक ने खेद जताया है। स्टेट बैंक के आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया, “तकनीकी खराबी के कारण, हमारी कुछ UPI, IMPS और YONO सेवाओं पर बीच-बीच में असर पड़ रहा है। सेवाएं 06.09.2026 को 12:30 बजे तक सामान्य हो जाएंगी। इस बीच, ग्राहकों को हमारी UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। असुविधा के लिए हमें खेद है और आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।”

SBI बैंक ने ग्राहकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। SBI के एक अधिकारी ने कहा कि अगर UPI, IMPS या YONO से ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा है, तो बार-बार प्रयास करने के बजाय कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर UPI Lite या ATM का विकल्प इस्तेमाल करें।

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इस बीच, खबर आ रही है कि SBI चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने वाला है। बैंक का लगभग 250 नई ब्रांच खोलने का भी प्लान है। SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी का कहना है कि बैंक चालू वित्त वर्ष में क्लर्क और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा।