जेएनयू में एबीवीपी का प्रदर्शन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद तथा जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमल अकोइजम को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करते हुए बुधवार को विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया।

एबीवीपी की जेएनयू इकाई ने मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।

प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए और अकोइजम का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति द्वारा छात्राओं की शिकायतों की जांच के बाद अकोइजम को प्रोफेसर के पद से हटाए जाने के बाद हुआ।

छात्र संगठन ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। एबीवीपी की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि पुलिस को आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए और जांच में किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव बाधा नहीं बनना चाहिए।

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पांचाल ने कहा महिलाओं की सुरक्षा केवल नारों और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक हितों के आधार पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में अलग-अलग मापदंड अपनाती है।

एबीवीपी की जेएनयू इकाई के सचिव प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि संगठन विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहा है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

एबीवीपी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी की छवि से ज्यादा प्राथमिकता छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को दी जानी चाहिए।

Pic Credit : UNI

JNU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप! 10 छात्राओं ने की यौन उत्पीड़न की शिकायत; ICC ने शुरू की जांच

JNU Sexual Harassment: राजधानी दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों ने कैंपस में हलचल बढ़ा दी है। कम से कम 10 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें की हैं। सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी की की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) आरोपों की जांच कर रही है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, पीड़ितों की तरफ से ये शिकायतें लगभग एक महीने पहले की गई थीं।

जानकारी के मुताबिक, छात्राओं की तरफ से ये शिकायतें करीब एक महीने पहले ICC के समक्ष दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर ने कुछ छात्राओं को यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित अपने आवास पर आयोजित एक पार्टी में बुलाया। वहां कथित तौर पर छात्राओं के प्रति अनुचित यौन व्यवहार और आपत्तिजनक पहल किए गए। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रोफेसर ने कक्षाओं के दौरान कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

सूत्रों ने TOI को बताया, “कैंपस में रहने वाले इस प्रोफेसर ने छात्राओं को अपने घर बुलाया और यौन संबंध बनाने की कोशिश की। कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने क्लास के दौरान अश्लील या अनुचित टिप्पणियां कीं। प्रोफेसर के खिलाफ हाल ही में एक और शिकायत दर्ज होने के बाद सीनियर छात्र भी इसी तरह के आरोप लेकर सामने आए।”

शिकायत के बाद सामने आए कई छात्र

मामले में शुरुआती शिकायत दर्ज होने के बाद कई वरिष्ठ छात्र शिकायतकर्ताओं के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कथित तौर पर सीनियर प्रोफेसर के व्यवहार को लेकर चिंता जताई। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर इसी तरह के अनुभव या आरोप भी सामने रखे हैं। हालांकि, फिलहाल इन सभी आरोपों की ICC द्वारा जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

JNU प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक बयान नहीं

मामले को लेकर अभी तक JNU प्रशासन या कुलपति ऑफिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, छात्र संगठन की ओर से भी फिलहाल मामले पर कोई डिटेल्स अपडेट शेयर नहीं किया गया है। चूंकि मामला जांच के स्तर पर है, इसलिए प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ICC की जांच जारी है। मामले में यूनिवर्सिटी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी की VC ने क्या कहा?

प्रोफेसर ने शिकायतों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला आंतरिक है। कथित आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ICC के सामने पेश हुए या उन्होंने कोई बयान दर्ज कराया, तो संबंधित प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें किसी भी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है।र उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। वहीं, JNU की VC शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने TOI को बताया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों को ICC देखती है। उन्होंने कहा कि VC इस कमिटी की सदस्य नहीं होती हैं।

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