हैकर ग्रुप ने SBI के 3.75 लाख रिकॉर्ड चोरी होने का दावा किया, ग्राहकों की निजी जानकारी और लोन दस्तावेज लीक होने की आशंका

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों का डेटा चोरी होने का दावा किया गया है। Siriusim नाम के एक अज्ञात हैकर ग्रुप का कहना है कि उसके पास बैंक से जुड़े ग्राहकों के गोपनीय रिकॉर्ड हैं। इनमें निजी जानकारी, घर के पते, लोन एप्लीकेशन और खाता खोलने से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

साइबर सिक्योरिटी पर नजर रखने वाले CyberPulse56 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। अकाउंट के मुताबिक, हैकर ग्रुप के पास कथित तौर पर CSV फॉर्मेट में 3.75 लाख रिकॉर्ड और 2,722 PDF दस्तावेज हैं।

चोरी का डेटा सही हुआ तो?

हालांकि, SBI का डेटा चोरी होने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अभी यह भी साफ नहीं है कि डेटा कहां से आया और क्या यह सीधे SBI के सिस्टम से जुड़ा है। रिकॉर्ड की संख्या से यह भी पता नहीं चलता कि कितने अलग-अलग ग्राहक प्रभावित हुए हैं।

CyberPulse56 ने 16 अक्टूबर को पहली बार इस दावे की जानकारी दी थी। वहीं, The Economic Times के मुताबिक, 20 अक्टूबर तक SBI ने उसकी ओर से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया था।

अगर यह डेटा असली साबित होता है, तो इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। साइबर अपराधी ग्राहकों की पहचान चुराने, वित्तीय धोखाधड़ी करने, फर्जी लोन आवेदन देने और फिशिंग के जरिए बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

20 वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमले

यह दावा ऐसे समय आया है, जब भारतीय वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों की खबरें सामने आई हैं। The Economic Times ने 15 अक्टूबर को बताया था कि इसी महीने करीब 20 बैंक, NBFC और फिनटेक कंपनियां साइबर हमलों का शिकार हुई थीं। इन हमलों में कथित तौर पर चोरी किए गए लॉगिन क्रेडेंशियल और पेमेंट API की कमजोरियों का फायदा उठाया गया।

CERT-In ने 9 अक्टूबर को वित्तीय संस्थानों को ऐसे हमलों को लेकर चेताया था। हालांकि, इन घटनाओं और SBI से जुड़े दावे के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

RBI के नियम क्या कहते हैं?

RBI के जुलाई 2026 में जारी निर्देशों के मुताबिक, बैंकों को साइबर घटना का पता चलने के छह घंटे के भीतर DAKSH प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करना होगा। CERT-In को भी इसकी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, बैंकों को सुरक्षा में सेंध की जांच करनी होगी और ऐसी घटनाएं दोबारा रोकने के उपाय करने होंगे।

CERT-In के 2022 के निर्देशों में भी तय श्रेणी की साइबर घटनाओं की जानकारी छह घंटे के भीतर देने का प्रावधान है।

SBI ने ग्राहकों को क्या सलाह दी है?

SBI अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहता है कि उसके डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म अनधिकृत पहुंच से बचाव के लिए ऑथेंटिकेशन कंट्रोल, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और दूसरे सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करते हैं।

बैंक ग्राहकों को यह भी सलाह देता है कि वे अपना पासवर्ड, PIN और OTP किसी के साथ साझा न करें। बैंकिंग से जुड़ी जानकारी मांगने वाले संदिग्ध मैसेज का जवाब देने से भी बचें। फिलहाल, Siriusim के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी साफ नहीं है कि कथित डेटा असली है या इससे SBI के किसी ग्राहक की जानकारी वास्तव में उजागर हुई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Holiday: कल शनिवार को इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है 17 अक्टूबर की छुट्टी

Bank Holiday 17th October: अक्टूबर के महीने में त्योहारों का सिलसिला लगातार जारी है। त्योहारी सीजन के इस दौर में बैंक शाखाओं में कामकाज के लिए जाने से पहले आपको छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर पता होनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बैंक हॉलिडे की ऑफिशियल लिस्ट के मुताबिक दुर्गा पूजा और महा सप्तमी जैसे पावन पर्वों के चलते देश के कुछ खास राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आपको इस सप्ताह या शनिवार-रविवार के दौरान बैंक शाखा में जाकर चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या दूसरे जरूरी फाइनेंशियल काम करने हैं तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों का यह पूरा शेड्यूल चेक कर लें।

17 अक्टूबर को महा सप्तमी पर इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक

आरबीआई की हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक कल यानी 17 अक्टूबर को ‘महा सप्तमी’ के पावन अवसर पर अगरतला, त्रिपुरा में बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हमेशा की तरह पूरी तरह सुचारू रहेंगी। बाकी भारत के लिए यह महीने का तीसरा शनिवार है और बैंक खुले रहेंगे।

इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। इसके तुरंत बाद अगले हफ्ते की शुरुआत में 19 और 20 अक्टूबर को महा अष्टमी, महा नवमी और विजयादशमी (दशहरा) के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अक्टूबर महीने में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

अक्टूबर महीने के बचे हुए दिनों में विभिन्न त्योहारों और राष्ट्रीय छुट्टियों की वजह से बैंकों का शेड्यूल कुछ इस तरह रहेगा-

17 अक्टूबर: महा सप्तमी के अवसर पर त्रिपुरा राज्य में बैंक बंद रहेंगे।

18 अक्टूबर: रविवार की साप्ताहिक छुट्टी की वजह से पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

19 अक्टूबर: महा अष्टमी और महा नवमी के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अवकाश रहेगा।

20 अक्टूबर: विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर लगभग पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। (गंगटोक और इम्फाल को छोड़कर)।

21 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / विजया दशमी- अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम।

22–23 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / दसैन- सिर्फ गंगटोक (सिक्किम)।

24 अक्टूबर: महीने के चौथे शनिवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण देश भर में बैंक बंद रहेंगे।

25 अक्टूबर: रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अक्टूबर: महर्षि वाल्मीकि जयंती और लक्ष्मी पूजा के अवसर पर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बैंक अवकाश रहेगा।

29 अक्टूबर: करवा चौथ पर सिर्फ शिमला में लोकल छुट्टी।

31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और करवा चौथ के मौके पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश सहित कुछ क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं

छुट्टियों के दौरान बैंक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बैंक की सभी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेन-देन कर सकेंगे। इसके अलावा कैश विड्रॉल और बैलेंस इंक्वायरी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए देश भर के सभी एटीएम चौबीस घंटे काम करते रहेंगे।

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Bank Holiday: आज बुधवार 23 सितंबर को इन जगहों पर बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday Today, 23 September 2026: अगर आपको आज यानी 23 सितंबर को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो ब्रांच जाने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके शहर में बैंक खुले हैं या बंद हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 23 सितंबर को पूरे देश में बैंकों की छुट्टी नहीं है। हालांकि, आज कुछ खास शहरों में स्थानीय अवकाश के कारण बैंक ब्रांच बंद रहेंगी। आपको जानकारी के लिए बता दें कि बैंक हॉलिडे का असर मुख्य रूप से बैंक की ब्रांचों पर होता है। ATM और डिजिटल बैंकिंग सर्विस आम तौर पर उपलब्ध रहती हैं।

जम्मू-कश्मीर में आज बैंक बंद

  • RBI के छुट्टी कैलेंडर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 23 सितंबर को बैंक बंद रहेंगे। जम्मू और श्रीनगर समेत कई इलाकों में सार्वजनिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक इस दिन काम नहीं करेंगे।
  • RBI के मुताबिक, यह छुट्टी महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के अवसर पर है। महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम शासक महाराजा थे। वह डोगरा राजवंश से संबंधित थे। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक एवं राजपत्रित अवकाश रहता है।
  • बैंक ब्रांचों के साथ-साथ आज यहां स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी बंद रहते हैं।

दिल्ली, यूपी, बिहार समेत बाकी राज्यों में बैंक खुले

  • 23 सितंबर की छुट्टी पूरे भारत में लागू नहीं है। यानी जम्मू-कश्मीर के बाहर ज्यादातर राज्यों में बैंक अपनी सामान्य दिनों के अनुसार खुले रहेंगे।
  • इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात और झारखंड जैसे राज्य शामिल हैं।
  • इसलिए अगर आप इन राज्यों में बैंक की शाखा में जाने वाले हैं, तो सामान्य बैंकिंग समय के दौरान अपना काम करा सकते हैं।

बैंक बंद है तो भी ऑनलाइन काम जारी रहेगा

किसी इलाके में बैंक बंद होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान ATM, कैश रिसाइक्लर, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान जैसी डिजिटल सर्विस सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। हालांकि, जिस काम के लिए बैंक में व्यक्तिगत रूप से जाना जरूरी है, उसे स्थानीय बैंक अवकाश खत्म होने के बाद करना होगा।

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कौन थे महाराजा हरि सिंह?

महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर रियासत के आखिरी शासक (महाराजा) थे। उनका जन्म 23 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था। जबकि उनका निधन 26 अप्रैल 1961 को मुंबई में हुआ था। भारत की आजादी के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी। महाराजा हरि सिंह राज्य के शासक थे। शुरुआत में उन्होंने भारत या पाकिस्तान में तत्काल विलय करने के बजाय स्वतंत्र रहने की कोशिश की। लेकिन अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान के नापाक साजिश के तहत कबायली लड़ाकों के हमले के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं। इसके बाद महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession (विलय-पत्र) पर साइन किए।

इसके जरिए जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय हुआ। भारत सरकार ने इसे 27 अक्टूबर 1947 को स्वीकार किया। इसके बाद भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में पहुंची। फिर पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू हुई। 1949 में हरि सिंह को जम्मू-कश्मीर के शासन से हटकर मुंबई जाने के लिए कहा गया। उनके बेटे युवराज करण सिंह को रीजेंट बनाया गया। हरि सिंह बाद में मुख्य रूप से मुंबई में रहे। महाराजा हरि सिंह का नाम अक्सर 1947 के जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के संदर्भ में आता है।

सितंबर में अभी और कितने दिन बैंक बंद रहेंगे?

बैंक की छुट्टियां राज्य और शहर के स्थानीय त्योहारों या आयोजनों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए अगर आपका काम जरूरी है, तो बैंक जाने से पहले अपने स्थानीय ब्रांच के खुले रहने की पुष्टि कर लेना बेहतर है। RBI के सितंबर 2026 के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, इस महीने कुछ और दिनों में भी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:-

  • 23 सितंबर: जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।
  • 25 सितंबर: गंगटोक में इंद्रजात्रा के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।
  • 26 सितंबर: महीने का चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे।
  • 27 सितंबर: रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

सरकार सीधे टैक्स मंत्रालय ही बना ले!

अब समय आ गया है कि वित्त, वाणिज्य, उद्योग आदि से अलग सरकार एक टैक्स का मंत्रालय बनाए। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई के जरिए होने वाले भुगतान पर शुल्क लगाने की सरकार की घोषणा के बाद यह आवश्यकता ज्यादा अनिवार्य रूप से प्रकट हुई है। सरकार इसे शुल्क कह रही है लेकिन असल में यह टैक्स ही है, जिसका भुगतान किसी न किसी रूप में आम नागरिक को करना है। सोचें, कितना दूरदर्शी था वह व्यक्ति, जिसने कहा था कि दुनिया में दो ही चीजें सत्य हैः एक मृत्यु और दूसरा टैक्स। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस वाक्य को अमर कर दिया है। टैक्स ही अंतिम सत्य है। अब कोई चीज ऐसी नहीं बची है, जिस पर टैक्स नहीं है।

सरकार कहती है कि उसने एक देश, एक टैक्स का नियम यानी जीएसटी लागू कर दिया है लेकिन वास्तविकता यह है कि देश के हर नागरिक को अब भी दर्जनों टैक्स देने होते हैं। चाहे वह आयकर के रूप में हो, जीएसटी के रूप में हो, वैट के रूप में, सेस या सरचार्ज के रूप में हो या टोल के रूप में हो या किसी सेवा शुल्क के रूप में हो।

सोचें, सरकार ने यूपीआई को एक तकनीकी मार्बल के रूप में कितना प्रचारित किया था! इसे भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर रेखांकित किया गया और इसे शुल्क मुक्त रखने का ऐलान भी किया गया। लेकिन सरकार ने अब इस पर भी शुल्क लगा दिया है। इसके लिए आंकड़ों को जिस तरह से तोड़ा मरोड़ा गया है वह अभूतपूर्व है। कहा गया कि यूपीआई से होने वाला 96 फीसदी लेनदेन दो हजार रुपए से कम का होता है, जिस पर सरकार कोई शुल्क नहीं लगा रही है। सिर्फ चार फीसदी लेनदेन पर शुल्क लगेगा, वह भी सिर्फ 0.40 फीसदी होगा और उसकी भी अथिकतम सीमा तीन सौ रुपए होगी।

हालांकि वास्तविकता यह है कि चार फीसदी लेनदेन का मूल्य 66 फीसदी है। जो 96 फीसदी लेनदेन होता है उसका मूल्य केवल 34 फीसदी है। कुल 314 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन में 207 लाख करोड़ का लेनदेन चार फीसदी ट्रांजेक्शन से हुआ है। इस रकम के ऊपर शुल्क या टैक्स लगाया जाएगा।

सवाल है कि चार फीसदी ट्रांजेक्शन पर 0.40 फीसदी की दर से और तीन सौ रुपए की अधिकतम सीमा लगा कर भी शुल्क क्यों लगाना है? इसकी जरुरत बताते हुए सवाल उठाया जा रहा है कि कोई भी सेवा कितने समय तक मुफ्त में दी जा सकती है? कहा जा रहा है कि इसके रखरखाव पर और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर खर्च होता है। इसलिए ज्यादा समय तक मुफ्त में सेवा नहीं दी जा सकती है। सवाल है कि क्या यूपीआई की सेवा मुफ्त है? ऐसा नहीं है। यूपीआई का संचालन करने वाली संस्था नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यीनी एनपीसीआई मुनाफा कमाने वाली संस्था है।

उसे यूपीआई के संचालन में घाटा नहीं होता है। उसे कई तरह की डिजिटल भुगतान सेवाओं के लिए बैंकों, एप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से पैसा मिलता है। लेकिन चूंकि एनपीसीआई एक गैर लाभकारी संस्था यानी नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन के तौर पर बनी है इसलिए उसकी कमाई को मुनाफा नहीं, बल्कि सरप्लस कहा जाता है। सिर्फ यूपीआई को लें तो एनपीसीआई का खर्च तीन हजार करोड़ रुपए से कुछ कम है और उसकी कमाई इससे ज्यादा है। पिछले साल तो उसने अपनी कमाई पर केंद्र सरकार को एक हजार करोड़ रुपए का टैक्स दिया है। अगर पूरी डिजिटल बैंकिंग को शामिल करें तो खर्च 20 हजार करोड़ रुपए के करीब होता है। लेकिन बैंकों को होने वाली कमाई के मुकाबले यह रकम कुछ भी नहीं है।

देश के सभी बैंकों की एक वित्तीय वर्ष की साझा कमाई लगभग 4.11 लाख करोड़ रुपए है। रिजर्व बैंक की कमाई का आंकड़ा कितना बड़ा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रिजर्व बैंक ने इस साल अपनी कमाई से केंद्र सरकार को जो लाभांश दिया है वह 2.87 लाख करोड़ रुपए का है। इस प्रत्यक्ष कमाई के अलावा इकोनॉमी के ऑर्गेनाइज्ड होने से ज्यादा लेनदेन आधिकारिक रूप से हो रहा है, जिस पर सरकार को टैक्स मिल रहा है। नकद लेनदेन में बहुत पैसा काले धन की अर्थव्यवस्था में चला जाता था। तभी सवाल है कि जब लाखों करोड़ रुपए की कमाई बैंकों को है और टैक्स की कमाई सरकार को है तो फिर डिजिटल बैंकिंग पर होने वाले खर्च के लिए अलग से नागरिकों से पैसा वसूलने की क्या तुक है?

सरकार कह रही है कि चार फीसदी ट्रांजेक्शन पर जो 0.40 फीसदी शुल्क है वह भी जनता को नहीं देना है, बल्कि व्यापारी देगा। सोचें, कभी ऐसा हुआ है कि सरकार किसी उत्पाद या सेवा पर शुल्क लगाए तो उसका भुगतान व्यापारी करे? व्यापारी हर शुल्क ग्राहक से ही वसूलता है। चाहे वह सरचार्ज लगा कर वसूले या वस्तु व सेवा की कीमत बढ़ा कर वसूले। अंततः भुगतान जनता को ही करना होता है। सो, यह जनता के ऊपर एक नया टैक्स है। असल में सरकार को हर उत्पाद और हर सेवा पर टैक्स वसूलना है। उसे लग रहा है कि हर देश में औसतन 24 हजार करोड़ ट्रांजेक्शन हो रहे हैं और भारत की पूरी जीडीपी से थोड़ा ही कम ट्रांजेक्शन यूपीआई के जरिए हो रहा है तो इसका मतलब है कि लोगों के पास पैसे हैं इसलिए लोगों से टैक्स वसूला जाए। ध्यान रहे भारत की जीडीपी 360 लाख करोड़ रुपए के करीब है और यूपीआई का सालाना ट्रांजेक्शन 314 लाख करोड़ है।

यूपीआई के ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाना व्यापक रूप से भारत सरकार के जन विरोधी रुख को दिखाता है और साथ ही यह भी दिखाता है कि उसके पास राजस्व बढ़ाने का टैक्स लगाने के सिवा और कोई रास्ता नहीं है। सरकार कोई और उपाय नहीं कर पा रही है। बाहर से निवेश नहीं आ रहा है। सारे प्रयास के बावजूद विनिर्माण सेक्टर मजबूत नहीं हो रहा है। निर्यात का इकोसिस्टम बहुत कमजोर है और दुनिया के ज्यादातर देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा है। अकेले चीन और रूस को मिला कर करीब 15 लाख करोड़ रुपए का व्यापार घाटा है। तभी घूम फिर कर सरकार टैक्स लगा देती है। एक व्यक्ति को कई कई बार टैक्स देना पड़ता है। आय़कर चुकाने के बाद की आमदनी से कुछ भी खरीदने पर कई तरह के टैक्स देने होते हैं। किसी भी उत्पाद या सेवा को लें तो दिखाई देगा कि एक सेवा या एक उत्पाद पर कितने टैक्स देने होते हैं।

मिसाल के तौर पर कोई व्यक्ति गाड़ी खरीदता है तो उसे जीएसटी, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन शुल्क, पेट्रोल या डीजल का शुल्क, रोड इंफ्रास्ट्रक्टर सेस और फिर टोल टैक्स देना होगा। ऐसे ही किसी व्यक्ति के बिजली का बिल देखें तो पता चलेगा कि जितना एनर्जी चार्ज है लगभग उतना ही टैक्स है। वह टैक्स कई तरह का होगा। एनर्जी चार्ज पर तो जीएसटी देना ही है उसके अलावा मीटर का फिक्स्ड चार्ज और पावर परचेज एग्रीमेंट का चार्ज और इन दोनों पर जीएसटी अलग है। किसी भी उत्पाद या सेवा के बिल में इस तरह टैक्स की मौजूदगी को देखा जा सकता है। तभी सरकार को गंभीरता से इस पर विचार करना चाहिए कि जब सब कुछ टैक्स ही है तो एक टैक्स मंत्रालय बना दिया जाए और वहां ऐसा मंत्री नियुक्त किया जाए, जो खुर्दबीन लेकर यह खोजे कि कहां कहां अभी तक टैक्स नहीं लगा है और वहां टैक्स लगाए।

Bank Holidays: इस हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक! शाखा जाने से पहले जानें आपके शहर में कब-कब है छुट्टी

Bank Holidays 14-20 September: अगर इस हफ्ते आपका बैंक जाकर कैश जमा करने, चेक क्लियर कराने या पासबुक अपडेट कराने जैसा कोई जरूरी काम निपटाने का प्लान है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 14 सितंबर से लेकर 20 सितंबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग शहरों में बैंक कुल 4 दिन बंद रहने वाले हैं।

इन छुट्टियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और पंजाब नेशनल बैंक समेत सभी सरकारी व प्राइवेट बैंक शामिल हैं। हालांकि, ये सभी छुट्टियां पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होंगी, बल्कि क्षेत्रीय त्योहारों के हिसाब से अलग-अलग शहरों में रहेंगी।

आइए जानते हैं कि आपके शहर में किस-किस दिन बैंक बंद रहेंगे और कहां काम सामान्य रूप से चलता रहेगा।

इस हफ्ते कब और कहां बंद रहेंगे बैंक?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, इस हफ्ते की बैंक छुट्टियों का पूरा ब्योरा नीचे दिया गया है:

14 सितंबर, सोमवार: गणेश चतुर्थी / गणेश पूजा / हरतालिका

15 सितंबर, मंगलवार: संवत्सरी / नुआखाई / गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन)

18 सितंबर, शुक्रवार: यूनिटेरियन एनिवर्सरी डे

20 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक छुट्टी

ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक शाखाओं के बंद रहने के बावजूद आपको घबराने की जरूरत नहीं है। छुट्टियों के दौरान भी ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं 24×7 बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी:

UPI (फोनपे, गूगल पे, पेटीएम): पैसे भेजने और पाने के लिए सामान्य रूप से चालू रहेगा।

ATM: कैश निकालने और बैलेंस चेक करने की सुविधा मिलती रहेगी।

नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप: IMPS, NEFT और RTGS जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन पहले की तरह होते रहेंगे।

सितंबर के बाकी दिनों में भी आएंगी छुट्टियां

इस हफ्ते के बाद भी सितंबर महीने के आखिरी दिनों में कुछ राज्यों में क्षेत्रीय छुट्टियां रहेंगी:

21 सितंबर (सोमवार): गुवाहाटी, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव / श्री नारायण गुरु समाधि के कारण बैंक बंद रहेंगे।

22 सितंबर (मंगलवार): रांची में कर्मा पूजा की वजह से बैंक अवकाश रहेगा।

23 सितंबर (बुधवार): जम्मू और श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जी की जयंती पर छुट्टियां रहेंगी।

25 सितंबर (शुक्रवार): गंगटोक में इंद्रजात्रा के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।

अगर आपको बैंक जाकर ड्राफ्ट बनवाना हो, कैश की बड़ी निकासी करनी हो या कागजी काम निपटाना हो, तो अपने शहर की नजदीकी शाखा की छुट्टियों की स्थिति पहले ही जांच लें। ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर आप लंबी लाइनों और छुट्टियों के कारण होने वाली परेशानी से बच सकते हैं।

SBI Service Down: अचानक ठप हुई एसबीआई बैंक की ये बड़ी सेवाएं! UPI, IMPS और YONO से पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी खबर

SBI Service Down: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ग्राहकों के लिए आज यानी रविवार (6 सितंबर) को एक अहम खबर सामने आई है। तकनीकी समस्या के चलते देश के सबसे बड़े बैंक की कुछ डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रुक-रुककर प्रभावित हो रही हैं। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, SBI UPI, IMPS और YONO सेवाओं में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तकनीकी समस्या के कारण ये सेवाएं इंटरमिटेंट यानी बीच-बीच में प्रभावित हो रही हैं। बैंक के अनुसार, समस्या को दूर करने का काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि 6 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

ग्राहक फिलहाल क्या करें?

बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि जब तक डिजिटल सर्विस में आ रही परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक वे UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी अगर आपको तत्काल भुगतान करना है या कैश निकालने की जरूरत है, तो फिलहाल इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बैंक ने जताया खेद

तकनीकी समस्या के कारण ग्राहकों को हो रही असुविधा पर बैंक ने खेद जताया है। स्टेट बैंक के आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया, “तकनीकी खराबी के कारण, हमारी कुछ UPI, IMPS और YONO सेवाओं पर बीच-बीच में असर पड़ रहा है। सेवाएं 06.09.2026 को 12:30 बजे तक सामान्य हो जाएंगी। इस बीच, ग्राहकों को हमारी UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। असुविधा के लिए हमें खेद है और आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।”

SBI बैंक ने ग्राहकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। SBI के एक अधिकारी ने कहा कि अगर UPI, IMPS या YONO से ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा है, तो बार-बार प्रयास करने के बजाय कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर UPI Lite या ATM का विकल्प इस्तेमाल करें।

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इस बीच, खबर आ रही है कि SBI चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने वाला है। बैंक का लगभग 250 नई ब्रांच खोलने का भी प्लान है। SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी का कहना है कि बैंक चालू वित्त वर्ष में क्लर्क और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा।

Bank Holidays: सितंबर में 15 दिन बंद रहेंगे SBI-HDFC समेत सभी बैंक! ब्रांच जाने से पहले यहां देख लें पूरी लिस्ट

Bank Holidays September 2026: सितंबर के महीने में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी छुट्टियों की सूची के अनुसार, सितंबर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों, जयंती और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण कई दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा, हर महीने की तरह रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को भी देशभर के बैंकों में छुट्टी रहेगी। चूंकि राज्यों के हिसाब से बैंक हॉलीडे अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपने राज्य की लिस्ट देखकर ही बैंक जाने की योजना बनाएं।

सितंबर में किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक?

भारतीय रिजर्व बैंक के हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार सितंबर में छुट्टियों की तारीखें:

4 सितंबर: जन्माष्टमी (वैष्णव)/कृष्ण जयंती के अवसर पर गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

11 सितंबर: जयपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनाव के कारण राजस्थान के संबंधित क्षेत्रों में बैंक हॉलीडे रहेगा।

12 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभाव तिथि के उपलक्ष्य में असम में बैंक बंद रहेंगे।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी/गणेश पूजा के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

15 सितंबर: संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन) के अवसर पर गुजरात, ओडिशा और गोवा में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

21 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण असम और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

22 सितंबर: करमा पूजा के अवसर पर झारखंड में बैंक बंद रहेंगे।

23 सितंबर: महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर में बैंक हॉलीडे रहेगा।

25 सितंबर: इंद्रजात्रा त्योहार के अवसर पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा रविवार की रेगुलर छुट्टी और दूसरे व चौथे शनिवार के ऑफ को जोड़ते हुए सितंबर के महीने में कुल 15 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। हालांकि ये छुट्टियां अलग-अलग सर्किलों में है जरूरी नहीं कि एक ही दिन सभी जगह बैंक बंद रहे।

क्या छुट्टियों के दौरान चालू रहेंगी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं?

बैंक शाखाएं बंद रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। छुट्टियों के दौरान भी आप बिना किसी रुकावट के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आप पैसों की निकासी या डिपॉजिट के लिए एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट और फंड ट्रांसफर चालू रहेंगे। खाते से जुड़ी सामान्य सेवाएं, एनईएफटी (NEFT)/आईएमपीएस (IMPS) ट्रांसफर और बिल पेमेंट घर बैठे किए जा सकेंगे।