Bank 5-day Work Week: अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम करना है, तो उसे पहले ही निपटा लें। क्योंकि सितंबर और अक्टूबर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होने वाली है। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई दिनों तक बैंक का काम प्रभावित हो सकता है। बता दें हफ्ते में 5 दिन वर्किंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच बातचीत बेनतीजा रही। 4 सितंबर को हुई बैठक में इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने साफ किया कि वह 11 सितंबर 2026 को होने वाली प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल टाल नहीं सकता। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
पोस्ट कर दी जानकारी
UFBU ने X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि “UFBU और IBA के बीच 4 सितंबर को हुई बैठक किसी सकारात्मक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। संगठन के मुताबिक, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था, भेदभावपूर्ण PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर अब तक समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में 11 सितंबर को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल के आह्वान को टालने का फिलहाल कोई कारण नहीं है।”
बैंक हड़ताल की तारीखें
- 11 सितंबर, 2026: एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
- 28-30 सितंबर, 2026: तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
- 26 अक्टूबर, 2026 से: अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल
मीटिंग में क्या हुआ
UFBU के अनुसार, हड़ताल के नोटिस में उठाई गई मांगों पर चर्चा करने के लिए IBA ने बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया था। IBA ने यूनियनों से हड़ताल का फैसला टालने और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। हालांकि, UFBU का कहना है कि इन मुद्दों पर काफी समय से चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी वजह से यूनियनों को हड़ताल टालने का कोई मजबूत आधार नजर नहीं आ रहा है।
क्या है मांग
बैकों में 5 दिन वर्किंग लागू करने का प्रस्ताव बैंक कर्मचारियों के कामकाजी दिनों में बदलाव से जुड़ा है। बैकों में 5 दिन वर्किंग लागू होने पर दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर बाकी सभी शनिवार को बैंक बंद रहेंगे। इसके बदले बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोज करीब 40 मिनट ज्यादा काम करेंगे, ताकि ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं मिलने के समय में ज्यादा कमी न हो। यह प्रस्ताव IBA और बैंक यूनियनों के बीच 8 मार्च 2024 को हुए समझौते और जॉइंट नोट का हिस्सा है। यूनियनों का कहना है कि इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजे काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए UFBU सरकार से इसे जल्द मंजूरी देकर लागू करने की मांग कर रहा है।
PLI को लेकरय उठाए सवाल
बैंक यूनियनों ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बनाई गई नई PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। UFBU का कहना है कि पहले IBA के साथ तय हुआ था कि PLI बैंक के पूरे प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा और स्केल VII तक सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए इंसेंटिव के दिन बराबर होंगे। लेकिन नई व्यवस्था में अधिकारियों के अलग-अलग स्तर के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। इसके तहत स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिकतम 365 दिनों तक का PLI मिल सकता है, जबकि स्केल III तक के अधिकारियों के लिए यह सीमा सिर्फ 15 दिन है। यूनियनों का मानना है कि यह अंतर सही नहीं है और इस योजना को लागू करने से पहले उनसे बातचीत होनी चाहिए।
लोगों को हो सकती है परेशानी
अगर बैंक यूनियनों और IBA के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो 11 सितंबर को प्रस्तावित बैंक हड़ताल हो सकती है। इससे बैंक की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है और ग्राहकों को कुछ जरूरी कामों के लिए परेशानी हो सकती है। लेकिन, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी सेवाएं चलती रह सकती हैं। इन सेवाओं पर असर अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकता है।



