UltraTech Cement Share Price: नतीजों के बाद शेयर 2% चढ़ा, क्या ₹14000 तक जाएगा भाव, जानें एनालिस्टों की राय

UltraTech Cement Share Price: देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) के शेयरों बुधवार को 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा उम्मीद से कम रहा, जिसके चलते इस स्टॉक के भविष्य को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई है। कंपनी के वॉल्यूम में तो अच्छी ग्रोथ दिखी, लेकिन कच्चे माल की ऊंची लागत के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहा।

NSE पर अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 2.90 फीसदी बढ़कर 10,959 रुपये पर पहुंच गए, जबकि पिछले दिन ये 10,650 रुपये पर बंद हुए थे। दोपहर करीब 2:25 बजे, जब यह रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, तब यह स्टॉक 10,810 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो 156 रुपये या 1.46 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।

अल्ट्राटेक सीमेंट ने वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड मुनाफे में 21.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 1,501.38 करोड़ रुपये रहा। इसमें अधिक बिक्री वॉल्यूम, लागत में कमी (कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन) और प्रीमियम उत्पादों पर फोकस का बड़ा योगदान रहा।

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस प्रमुख कंपनी ने एक साल पहले इसी जुलाई-सितंबर की अवधि में 1,237.98 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18.81 प्रतिशत बढ़कर 23,295.07 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 19,606.93 करोड़ रुपये था।

स्टॉक्स पर क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC

ब्रोकरेज फर्म HSBC ने अल्ट्राटेक सीमेंट के लिए अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 14,200 रुपये तय किया है। फर्म का कहना है कि डी-रेटिंग के बाद अब इस स्टॉक का वैल्यूएशन और भी आकर्षक हो गया है। ब्रोकरेज ने बताया कि स्टॉक का एक साल का फॉरवर्ड EV/EBITDA मल्टीपल, इसके पांच साल के औसत 19.8x से नीचे आ गया है। HSBC ने बताया कि ईंधन की लागत में भारी बढ़ोतरी (तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि) के बावजूद, कंपनी ने वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ (साल-दर-साल 13.9 प्रतिशत) दर्ज की है। साथ ही, सितंबर और अक्टूबर में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, और बढ़ती लागत की भरपाई के लिए अगले दो से तीन महीनों में कीमतों में और बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

ब्रोकरेज फर्म ने यह भी बताया कि केबल और वायरलेस बिजनेस में, कंपनी ने 18 अरब रुपये के नियोजित निवेश के मुकाबले 11 अरब रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा, अल्ट्राटेक सीमेंट स्थापित क्षमता (इंस्टॉल्ड कैपेसिटी) के मामले में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

JPMorgan

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है और 12,900 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी का दूसरी तिमाही का EBITDA उनके अनुमानों के अनुरूप रहा, जबकि वॉल्यूम में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो उनकी उम्मीदों से बेहतर है। हालांकि, अधिक लागत के कारण प्रति मीट्रिक टन (MT) EBITDA अनुमानों से कम रहा।

जेपी मॉर्गन ने बताया कि प्रबंधन के अनुसार सीमेंट की कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर मानसून के बाद और त्योहारी सीजन में मांग में सुधार को देखते हुए। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही लागत का दबाव बना रहे, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय सीमेंट सेक्टर को अपने हालिया कमजोर प्रदर्शन को सुधारने में मदद मिल सकती है।

Kotak Institutional Equities

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) ने ईधन और ऊर्जा की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का हवाला देते हुए अल्ट्राटेक सीमेंट पर ‘Sell’ रेटिंग दी है और 8,900 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। कोटक के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप रहा और वॉल्यूम में साल-दर-साल 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इंडस्ट्री के 10 फीसदी के अनुमान से अधिक है। हालांकि, ऊर्जा लागत को लेकर स्पष्टता न होने से निकट भविष्य के आउटलुक पर अनिश्चितता बनी हुई है।

ब्रोकरेज ने मुख्य रूप से ऊर्जा की अधिक कीमतों के कारण FY27 के लिए अपने EBITDA अनुमान में 6 फीसदी की कटौती की है, जबकि FY28 और FY29 के अनुमानों में 3 फीसदी की कमी की है। इसके अलावा, ब्रोकरेज ने बताया कि अल्ट्राटेक अगले दो से तीन वर्षों में अपनी क्षमता को 35 मिलियन टन प्रति वर्ष (mtpa) और बढ़ाने की राह पर है, जिससे कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है और बाजार हिस्सेदारी (मार्केट शेयर) में भी इजाफा हो सकता है। इसमें यह भी बताया गया है कि कंपनी के वायर और केबल कारोबार ने इस साल सितंबर में काम करना शुरू कर दिया है, और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक इसके लिए 60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय (capex) किया जा चुका है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजार पर हल्का दबाव, क्रूड और मजबूत बॉन्ड यील्ड के बावजूद अमेरिकी बाजारों में दिखी तेजी

Asian Market Today: एशिया में भी हल्की कमजोरी देखने को मिल रही है। इधर ऊंचे कच्चे तेल और मजबूत बॉन्ड यील्ड के बावजूद अमेरिकी बाजारों में तेजी दिखी। NASDAQ और S&P रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। जापान के बाजार में इंट्राडे गिरावट ने दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त के असर को कम कर दिया, और यह क्षेत्र वॉल स्ट्रीट पर हुई रिकॉर्ड-तोड़ तेज़ी का अनुसरण करने में विफल रहा।

शुरुआती कारोबार में MSCI के एशिया-पैसिफिक शेयरों के इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 0.33% बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.31% गिरा और टॉपिक्स (Topix) में 0.043% की गिरावट आई। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

भारत में (GIFT निफ्टी – जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के लिए कैसे खुलेगा) ने गिरावट के साथ (लाल निशान में) शुरुआत का संकेत दिया।

करेंसी की बात करें तो, जापानी येन 0.2% कमजोर होकर 158.42 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ऑफशोर युआन 6.7032 पर स्थिर रहा।

वॉल स्ट्रीट ने रात भर में माहौल तय किया, क्योंकि S&P 500 और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) दोनों ही ऑल-टाइम हाई (अब तक के उच्चतम स्तर) पर बंद हुए। यह सब अमेरिकी अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों का दौर) के बीच हुआ, जो अगले हफ़्ते शुरू होने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बढ़त ने इस तेज़ी को आगे बढ़ाया, और Nvidia की मार्केट वैल्यू $6 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई।

इसके अलावा, जुलाई और सितंबर के बीच ताइवान के Taiex इंडेक्स ने कोस्पी (Kospi) को 23 प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ दिया, जो सदी की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा अंतर था। मार्च 2025 के बाद पहली बार ताइवानी कंपनियों ने कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अपने अर्निंग्स अनुमानों (कमाई के अनुमानों) को तेज़ी से अपग्रेड किया है।

इस बीच, टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी नज़र बनी हुई है, क्योंकि फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि SpaceX, Nvidia चिप्स खरीदने के लिए $40 बिलियन जुटाना चाहती है।

ग्लोबल शेयर भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बने हुए थे, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनियाँ ऊंची ब्याज दरों और ऊर्जा लागत का सामना कर पाएंगी।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि कुछ ही आर्थिक डेटा जारी होने वाले थे, इसलिए ट्रेडर्स की नज़र अर्निंग्स सीज़न पर थी। वे इस बात के सबूत तलाश रहे थे कि AI पर टेक दिग्गज जो अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, उससे बेहतर मुनाफ़ा हो रहा है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रो ट्रेडर्स तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में कई सालों की सबसे ज़्यादा बढ़त और करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव पर भी नज़र रखे हुए थे।

एशियाई बाज़ार में शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड 0.8% बढ़कर $101 प्रति बैरल के पार पहुँच गया, क्योंकि ट्रेडर्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की ज़्यादा सप्लाई और जहाज़ों पर ईरानी हमलों में बढ़ोतरी के बीच तुलना की। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% बढ़कर $90.07 प्रति बैरल हो गया।

 

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Rhetan TMT ने 1 MW कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया, ऊर्जा लागत घटाने पर फोकस

अहमदाबाद की TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT Ltd ने गुजरात के कडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 मेगावाट का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। कंपनी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट अब अपनी जरूरत के लिए रिन्यूएबल बिजली पैदा कर रहा है। इससे कंपनी के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती मिलेगी।

ऊर्जा लागत घटाने की तैयारी

कंपनी के मुताबिक उसकी कुल लागत में ऊर्जा का हिस्सा करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने और लागत घटने की उम्मीद है। इससे कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बेहतर हो सकती है।

BIS सर्टिफिकेशन से बढ़ी पहुंच

Rhetan TMT ने Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के TMT बार के लिए Bureau of Indian Standards (BIS) सर्टिफिकेशन भी हासिल किया है। इससे कंपनी अब देशभर में सरकारी और PSU इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए इन प्रीमियम ग्रेड बार की सप्लाई कर सकेगी। कंपनी का मानना है कि इससे हाई-वैल्यू मार्केट में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा

Rhetan TMT के मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि 1 मेगावाट का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट कंपनी की ऊर्जा लागत पर बेहतर नियंत्रण देने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि BIS सर्टिफिकेशन मिलने से कंपनी की उच्च मूल्य वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भागीदारी की क्षमता भी बढ़ी है। यह दोनों पहल कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगी।

आगे की रणनीति

कंपनी ने कहा कि वह कैप्टिव रिन्यूएबल पावर और प्रीमियम ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स के जरिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है। साथ ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर की बढ़ती जरूरतों के मुताबिक अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

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