प्रधानमंत्री मोदी का 25 अक्टूबर को काशी में जेन-जी संवाद प्रस्तावित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 अक्टूबर को काशी में हजारों युवाओं के साथ जेन-जी संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अथवा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित किए जाने की तैयारी है।

प्रस्तावित कार्यक्रम में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के करीब 30 हजार युवाओं के शामिल होने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला और महानगर इकाइयों के साथ ही क्षेत्रीय संगठन भी आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। काशी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को भव्य एयर शो भी प्रस्तावित है।

नमो घाट पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। एयर शो की तैयारियों के तहत नमो घाट पर छह बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जा रहा है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत डोमरी में वॉच टावर भी बनाया जा रहा है।

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एसपीजी और एटीएस समेत विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों में जुटी हैं। प्रस्तावित एयर शो में सेना के विभिन्न प्रकार के विमान और एयरक्राफ्ट करीब 90 मिनट तक हवाई करतब प्रस्तुत करेंगे। गंगा के दोनों तटों से इस भव्य आयोजन को देखने के लिए करीब 30 लाख दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को भीड़ के दबाव वाले संभावित स्थानों को चिह्नित कर विस्तृत क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस आयुक्त ने सभी प्रमुख घाटों और दर्शक स्थलों पर प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग, बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, क्यू मैनेजमेंट तथा पैदल आवागमन के लिए निर्धारित मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं।

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वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप! 84 घाट डूबे, नमस्ते’ प्रतिमा भी पानी में समाई, NDRF अलर्ट पर

Varanasi Flood: सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता रहा, जिससे सभी 84 घाट डूब गए और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं, नदी का जलस्तर करीब 69.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है।

गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों के किनारे मौजूद कई प्रसिद्ध जगहें भी डूब गई है। नमो घाट पर लगी मशहूर ‘नमस्ते’ प्रतिमा भी लगभग पूरी तरह पानी में समा गई है। कई घाटों पर पानी भरने से वहां आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रिवर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में भी पानी घुस गया है।

गंगा का जलस्तर करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।

रविवार को भी गंगा का पानी लगातार बढ़ा था। इसके चलते वरुणा नदी में पानी का बहाव उल्टा हो गया, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने लगा। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

बाढ़ के खतरे के बीच प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं

बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वाराणसी में कुल 61 बाढ़ राहत कैंपों की पहचान की गई है, जहां रहने, खाने, पीने के पानी, साफ-सफाई, रोशनी और मेडिकल मदद का इंतजाम किया गया है।

बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पानी के स्तर और हालात पर नज़र रखने के लिए 21 बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 198 नावें तैनात की गई हैं।

आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), वॉटर पुलिस और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

अगर बाढ़ की स्थिति और बिगड़ती है, तो प्रशासन ने पशुओं के लिए भी जरूरी इंतजाम किए हैं। इनमें चारा, पीने का पानी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था शामिल है।

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