Tanishaa Mukerji: ‘यहां से जाइए हमें आपकी जरूरत नहीं’, प्रोटेस्ट के दौरान एलीट हिंदू की अंधी नफरत देख शॉक्ड हुईं तनीशा मुखर्जी

Tanishaa Mukerji: काजोल की बहन और एक्ट्रेस तनीषा एस मुखर्जी अक्सर अपने X अकाउंट पर अलग-अलग मुद्दों पर अपनी बेबाक राय शेयर करती रहती हैं। जब देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो केंद्र सरकार की भी आलोचना हो रही है। इसी बीच तनीषा ने सोशल मीडिया पर कुछ ‘अच्छे-खासे पढ़े-लिखे और खुद को ऊंचा समझने वाले’ आलोचकों पर ‘अंधी नफरत’ के साथ काम करने का आरोप लगाया।

तनीषा ने क्या कहा

हालांकि तनीषा ने विरोध प्रदर्शनों का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया और न ही अपनी पोस्ट के लिए कोई संदर्भ दिया। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी को अपने देश का साथ देना चाहिए। X पर उन्होंने लिखा, “मैं कुछ ऐसे तथाकथित पढ़े-लिखे और खुद को ऊंचा समझने वाले हिंदुओं की अंधी नफरत देखकर सचमुच हैरान हूं, जो अभी भी पूरी तरह से ब्रिटिश सोच में जी रहे हैं! अगर आपको लंदन और अमेरिका इतना ही पसंद है तो प्लीज चले जाइए! हमें यहां आपकी जरूरत नहीं है कि आप हमें नीचा दिखाएं! हां बहुत सारी समस्याएं हैं, लेकिन समय लगता है और देखिए पिछले 10 सालों में हम कहां पहुंच गए हैं!”

‘बातें लॉजिकल और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए’

तनीषा ने आगे कहा कि लोग किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर तुरंत किसी कैटेगरी में डाल देते हैं कि वे किस राजनीतिक पार्टी का समर्थन करते हैं, जिससे आपस में मतभेद पैदा होते हैं। “अगर हम अपनी सरकार का समर्थन करते हैं, तो हम अंधभक्त और अनपढ़ कहलाते हैं। लेकिन अगर हम अमेरिका और जर्मनी से इस देश को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले गुटों का समर्थन करते हैं, तो हम ‘कूल’ और ‘वोके’ (जागरूक) कहलाते हैं!

आपकी सोच, आपके ध्यान और आपके विचारों को लेकर एक जंग चल रही है। लेकिन प्लीज मीडिया से इतने भी प्रभावित न हों कि आप अपनी सामान्य समझ (कॉमन सेंस) का इस्तेमाल करना ही छोड़ दें! बातें लॉजिकल और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। कानूनों से चलने वाला समाज ही हमें सुरक्षित रखता है।

कुछ दिन पहले तनीषा मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं। वहां उन्होंने पैपराजी और आम जनता से अपील करते हुए कहा था कि वे जुहू के SNDT ग्राउंड में मुखर्जी परिवार द्वारा आयोजित ‘नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनीन दुर्गा पूजा’ के दौरान मर्यादा बनाए रखें।

तनीषा के करियर के बारे में

तनुजा की बेटी तनीषा ने 2003 में करण नाथ और डिनो मोरिया के साथ फिल्म ‘Sssshhh’ से बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री की थी। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद उन्होंने ‘सरकार’, ‘नील ‘एन’ निक्की’ और तमिल हिट फिल्म ‘उन्नाले उन्नाले’ में काम किया। ‘उन्नाले उन्नाले’ के लिए उन्हें विजय अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला। 2013 में ‘बिग बॉस 7’ में फर्स्ट रनर-अप बनकर उन्हें काफी लोकप्रियता मिली, जहां अरमान कोहली के साथ उनके रिश्ते ने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं।

इसके बाद उन्होंने ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 7’ (2016) में हिस्सा लिया और ‘झलक दिखला जा 11’ में भी एक कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। बाद में वह कॉमेडी शो ‘गैंग्स ऑफ हसीपुर’ में जज के तौर पर भी दिखीं। तनीषा आखिरी बार 2024 की फिल्म ‘लव यू शंकर’ में नजर आई थीं।

Starlink Row In India: कमल हासन से लेकर कुणाल कपूर तक, भारत में स्टारलिंक विवाद पर बोले एक्टर्स

Starlink Row In India: कमल हासन के बाद बॉलीवुड एक्टर कुणाल कपूर ने SpaceX के फाउंडर और CEO एलन मस्क के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में कुछ ताकतवर लोगों (ओलिगार्क्स) ने मार्केट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस, स्टारलिंक (Starlink) को “ब्लॉक” कर दिया है। कुणाल ने एलन की सोच को “औपनिवेशिक मानसिकता” (colonial mindset) बताया और टेक अरबपतियों की “मसीहा बनने की भावना” (saviour complex) की ओर इशारा किया।

कुणाल ने एलन मस्क की ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ पर सवाल उठाए

कुणाल ने लिखा- “इस वीक एलन मस्क की बातों को सुनकर लगा कि वह पश्चिमी टेक अरबपतियों का मसीहा बनने की कोशिश में लगे हैं। वे आपके देश में आकर आपको भविष्य बेचते हैं। अगर आप उनका स्वागत करते हैं तो आप एक ऐसे देश माने जाते हैं जो तरक्की चाहता है। अगर आप उन्हें इंतजार करवाते हैं तो अचानक आपके लोग पीड़ित बन जाते हैं, जिन्हें किसी ‘चुने हुए व्यक्ति’ द्वारा उनके अपने ही संस्थानों से बचाने की जरूरत होती है।”

कुणाल ने अतीत की उन घटनाओं का जिक्र किया जब देशों ने एलन की मदद लेने से इनकार किया था। उन्होंने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। एक्टर ने 2018 में थाईलैंड में हुए बचाव अभियान का जिक्र किया, जब वाइल्ड बोअर्स सॉकर टीम के 11 से 16 साल की उम्र के 12 सदस्यों और उनके 25 साल के असिस्टेंट कोच को थाम लुआंग गुफा परिसर से बचाया गया था। बचाव दल ने उस मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया जो एलन ने ऑपरेशन के लिए दी थी, जिससे वे नाराज हो गए थे।

उन्होंने अगस्त 2024 में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट द्वारा X (पहले ट्विटर) को देश भर में सस्पेंड करने का भी जिक्र किया, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म कोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा था। कुणाल ने लिखा, “यह एक पैटर्न है। जब थाई बचाव दल ने फंसे हुए लड़कों के लिए मस्क द्वारा भेजी गई मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया और गोताखोर वर्नोन अनस्वर्थ ने इस विचार को अव्यावहारिक बताया, तो मस्क ने उन पर ‘पेडो गाइ’ (बच्चों का शोषण करने वाला व्यक्ति) होने का आरोप लगाया।

जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने X को अपने फैसलों का पालन करने का आदेश दिया, तो मस्क ने जज को ‘तानाशाह’ कहा। स्क्रिप्ट शायद ही कभी बदलती है। बस देश बदलता है। औपनिवेशिक मानसिकता का मतलब हमेशा किसी देश पर राज करना नहीं होता। कभी-कभी यह सोच होती है कि आप वहां एक मसीहा बनकर आए हैं और अगर देश तुरंत आपको ऐसा नहीं मानता, तो जरूर देश में ही कुछ गड़बड़ है।”

एलन मस्क ने क्या कहा था?

एलन ने भारत में स्टारलिंक की संभावनाओं के बारे में कई ट्वीट किए हैं, जिनमें अंबानी परिवार का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा, “स्टारलिंक के पास 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस है और इसने भारत सरकार के हर नियम और जरूरत को पूरा करने में पांच साल बिताए हैं, तो फिर अभी तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?”

क्या बोले कमल हासन

टेक अरबपति की चौंकाने वाली बातों के तुरंत बाद एक्टर और नेता कमल हासन ने उन पर सवाल उठाते हुए कहा, “किसी भी अरबपति को देश की पॉलिसी तय नहीं करनी चाहिए – चाहे वह भारत हो या अमेरिका।” शुक्रवार को हासन ने मस्क की पहली पोस्ट को री-शेयर किया और स्टारलिंक-भारत विवाद पर अपनी राय रखी। एक्टर ने कहा कि, “भारत जानता है कि हमारे नेटवर्क और स्पेक्ट्रम रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर हैं न कि सिर्फ कमर्शियल एसेट्स। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”

एक कड़े बयान में हासन ने कहा कि भारत को भारतीय और ग्लोबल, दोनों तरह के प्रोवाइडर्स का स्वागत करना चाहिए, जो भी दूर-दराज के इलाकों के लिए सबसे प्रैक्टिकल और किफायती ‘लास्ट-माइल सॉल्यूशन’ दे सके।

भारत के संचार मंत्रालय ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि देश का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भेदभावपूर्ण है। गुरुवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “सोशल मीडिया पर सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए भारत के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की निष्पक्षता के बारे में एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं सहित सभी टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं के लिए एक निष्पक्ष और भेदभाव-रहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया है।”

Royal Enfield Himalayan 440 Performance Tested And Explained

Royal Enfield Himalayan 440 Performance Tested And Explained
An outside image showing the Royal Enfield Himalayan 440's front right quarter profile.

The Royal Enfield Himalayan 440 shares the 443cc air/oil-cooled single-cylinder engine with the Scram 440, on which it was first introduced in 2025. This engine is now paired with a 6-speed gear box. The major difference between the both is the front wheel size, the Himalayan gets a 21-incher whereas the Scram uses a 19-inch front wheel. Considering its adventure bike persona, it is only available in spoked wheels and has 10mm more suspension travel at the front. Here is what our performance tests revealed about the Himalayan 440.

Royal Enfield Himalayan 440: Acceleration

The Royal Enfield Himalayan 440 was tested on dry roads

Acceleration

Time (seconds)

0-60kph

3.99s

0-80kph

6.73s

0-100kph

11.04s

The engine is torquey in nature and pulls effortlessly from lower speeds in higher gears, as the 34Nm of peak torque is available from as low as 4,000rpm. In our test, it took 3.99 seconds to get to 60kph, 6.73 seconds to get to 80kph, and a leisurely 11.04 seconds to get to 100kph, which was to be expected from a bike that weighs 199kg and makes just 25.4hp. This is a bike that prefers being ridden at a calm pace and munching miles without any sweat, so this relaxed nature of the engine suits its purpose. The added 6th gear makes the bike feel more relaxed at 100-110kph, and this makes it a better tourer as well.

Royal Enfield Himalayan 440: Roll-on acceleration

The 443cc air/oil-cooled single-cylinder engine produces 25.4hp at 6,250rpm and 34Nm of peak torque at 4,000rpm

Roll-on acceleration

Time (seconds)

20-50kph (2nd gear)

2.81s

30-70kph (3rd gear)

5.07s

50-80kph (4th gear)

5.36s

The wide spread of torque helps the bike in being effortless in the city as well as the highways. With good low- and mid-range performance, the bike performed as well as you’d expect and while it was quicker than the erstwhile 411, newer 300-400cc ADVs will surely pack in significantly sprightlier performance.

Royal Enfield Himalayan 440: Braking

Decent brakes, get the job done

60-0kph Braking Test

Distance

60-0kph

18.15 metres

The Royal Enfield Himalayan 440 offered decent braking performance and in our tests,it took 18.15 metres to come to a full stop from 60kph.

Royal Enfield Himalayan 440: Specifications and price

The bike is priced at Rs 2.29 lakh (ex-showroom Chennai)

Engine

443cc, single-cyl, air/oil-cooled

Power

25hp at 6,250rpm

Torque

34Nm at 4,000rpm

Gearbox

6-speed

Fuel capacity

15 Litres

Kerb weight

199kg

Seat height

800mm

Brakes (F/R)

300mm disc / 240mm disc

Tyres (F/R)

90/90-21 / 120/90-17

The Royal Enfield Himalayan 440 is priced at Rs 2.29 lakh ex-showroom for all the three colour  options Nelong White, Sela Black and Mustang Brown, which makes it Rs 3,371 more affordable than the top variant of the Scram 440 at Rs 2.32 lakh. The Himalayan 440 remains an accessible and less intimidating motorcycle than the Himalayan 450, thanks to its lower 800mm seat height, simpler feature set and significant price saving over the liquid-cooled Himalayan. It is likely to appeal to those who are looking for a bike with less frills and electronics, with an old school and purposeful mindset.

हर बात पर रिएक्ट करने से पहले ऐश्वर्या राय की ये 5 सीख जान लें!

आज के दौर में लोग किसी के कुछ कहने पर तुरंत जवाब देने लगते है, लेकिन हर बात पर रियेक्ट देना जरूरी नहीं होता। कई बार चुप रहना, लोगों की बातों को नजरअंदाज करना और अपनी सोच पर कायम रहना ही सबसे बड़ी ताकत होती है। ऐश्वर्या राय बच्चन का एक पुराना विचार भी इसी बात को सामने रखता है कि शोर मचाना और अपनी बात साबित करने की कोशिश करना आसान है, लेकिन बिना कुछ कहे शांत रहना और खुद पर भरोसा रखना असली हिम्मत है।

उनका यह विचार सिर्फ सेलिब्रिटी की लाइफ में ही नहीं, बल्कि आम जिंदगी में भी काफी काम आ सकता है। हर बहस का जवाब देना, हर अफवाह पर सफाई देना मानसिक रूप से थका सकता है। कई बार समय के साथ सच खुद सामने आ जाता है और ऐसे में शांत रहना उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी और सेल्फ-कॉन्फिडेंस को दिखाता है।

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1. खुद पर भरोसा रखें

इस विचार की सबसे बड़ी सीख यही है कि हर किसी की राय को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। यदि आपको अपने डिसीजन और अपनी सच्चाई पर भरोसा है, तो हर व्यक्ति को समझाने की जरूरत नहीं होती। ऐश्वर्या की बात यह संदेश देती है कि छोटी-छोटी बातों में उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना अच्छा है।

 

 

 

2. खामोशी को बनाये ताकत

ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि चुप रहने में बहुत ताकत होती है। उनका मानना था कि गुस्से में तुरंत बोल देना या अपनी बात जोर-जोर से रखना आसान है, लेकिन किसी सिचुएशन में शांत रहना ज्यादा मुश्किल होता है। जब कोई दूसरों की बातों के बावजूद खुद पर भरोसा रखता है, तो उसे बार-बार सफाई देने की जरूरत महसूस नहीं होती।

 

 

 

3. हर बात पर रियेक्ट न करें

लोगों की राय, अफवाहों या आलोचना का सामना हर किसी को करना पड़ सकता है। ऐसी सिचुएशन में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बात और बढ़ सकती है। ऐश्वर्या की कही बात यह समझाती है कि हर आरोप या चर्चा का जवाब देना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी चुप रहकर समय को अपना काम करने देना बेहतर होता है। इससे बेवजह का स्ट्रेस कम होता है।

 

 

 

4. समय खुद देगा जवाब

हर बात का जवाब शब्दों से देना जरूरी नहीं होता। कई बार शांत रहकर अपने काम पर ध्यान देना ही सबसे बेहतर जवाब बन जाता है।बेवजह की बहस या लोगों को समझाने में अपनी एनर्जी खर्च करने के बजाय धैर्य रखना और अपने काम से खुद को साबित करना ज्यादा बेहतर हो सकता है।

 

 

 

5. पर्सनल लाइफ प्राइवेट रखें

फिल्म इंडस्ट्री में रहने के कारण ऐश्वर्या राय बच्चन लंबे समय से लोगों और मीडिया की नजरों में रही हैं। उनकी प्राइवेट लाइफ और करियर को लेकर भी कई तरह की बातें होती रही हैं। उनकी सोच यह बताती है कि अपनी प्राइवेट लाइफ को हर किसी के सामने साबित करने या समझाने की जरूरत नहीं है। कई बार अपने तक रखना ही सही होता है।

 

 

 

ऐश्वर्या राय बच्चन की इस बात की सीख यही है कि हर सिचुएशन में बोलना या खुद को सही साबित करना जरूरी नहीं होता। कई बार शांत रहना और कम बोलना ज्यादा बेहतर होता है। इसलिए अगली बार जब कोई बात आपको परेशान करे, तो तुरंत रियेक्ट देने के बजाय थोड़ा रुकें, सोचें और जरूरत हो तो चुप रहना चुनें।