Dussehra Long Weekend 2026: दशहरे पर मिलेगा 4 दिन का लॉन्ग वीकेंड, घूमने के लिए ये 6 जगहें रहेंगी बेस्ट; अभी बना लें प्लान

अगर आप कहीं पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो दशहरे के आसपास कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर में दशहरे पर आपको चार दिन का लॉन्ग वीकेंड मिल सकती है। इन चार दिन की छुट्टी में ऐसी जगह जाना बेहतर रहेगा, जहां कम समय में ज्यादा घूम सकें। इन चार दिनों की छुट्टियों में आप राजस्थान के ऐतिहासिक शहर, हम्पी के पुराने मंदिर और खंडहर या गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों पर जा सकते हैं। ये सभी जगहें छोटी छुट्टी के दौरान घूमने के लिए अच्छे विकल्प हो सकती हैं। आइए जानते हैं दशहरे के लॉन्ग वीकेंड में आप कहां-कहां पर घूम सकते हैं।

कब से कब तक होगी छुट्टी

2026 में दशहरा यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। इससे पहले 17 अक्टूबर को शनिवार और 18 अक्टूबर को रविवार है। ऐसे में अगर आप 19 अक्टूबर, सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं तो 17 से 20 अक्टूबर तक लगातार चार दिन का ब्रेक मिल जाएगा। इस दौरान आप परिवार या दोस्तों के साथ छोटी ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

राजस्थान

अक्टूबर में राजस्थान घूमने के लिए मौसम काफी अच्छा रहता है। इस दौरान गर्मी कम होने लगती है और सर्दियों की शुरुआत के साथ यात्रा करना आरामदायक हो जाता है। चार दिन की छुट्टी में जयपुर और उदयपुर को ट्रिप में शामिल किया जा सकता है। जयपुर में अंबर फोर्ट, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर देख सकते हैं, जबकि उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों, महलों और पुराने शहर की गलियों के लिए जाना जाता है। कम समय में आराम से घूमने के लिए बेहतर होगा कि दोनों शहरों में करीब दो-दो दिन बिताएं और ज्यादा जगहों को एक साथ कवर करने की कोशिश न करें।

दार्जिलिंग

अक्टूबर की छुट्टी में अगर आप ठंडे मौसम और पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं तो दार्जिलिंग अच्छा ऑप्शन हो सकता है। मॉनसून के बाद यहां मौसम साफ रहने की वजह से हिमालय के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं। इस दौरान दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे में सफर करने, चाय के बागानों की सैर करने और खूबसूरत व्यू पॉइंट्स देखने का मौका मिल सकता है। चार दिन की छोटी ट्रिप के लिए भी दार्जिलिंग एक बेहतर डेस्टिनेशन है। लेकिन, पहाड़ी सफर पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।

ऋषिकेश

अगर आप चार दिन की छुट्टी में प्रकृति के साथ एडवेंचर और सुकून का मजा लेना चाहते हैं तो ऋषिकेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अक्टूबर में मॉनसून के बाद यहां मौसम सुहावना हो जाता है और घूमने के साथ योग व आउटडोर एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। इस दौरान तापमान आमतौर पर 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। चार दिन की यात्रा में गंगा घाट, राम झूला, बीटल्स आश्रम, स्थानीय कैफे और आसपास के झरने व नेचर ट्रेल्स देखे जा सकते हैं।

हम्पी

अगर आप इतिहास और पुरानी विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो दशहरे की छुट्टी में हम्पी घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर से फरवरी तक यहां मौसम घूमने के लिए काफी आरामदायक रहता है। हम्पी अपने प्राचीन मंदिरों, विजयनगर साम्राज्य के खंडहरों, पत्थरों से बनी ऐतिहासिक इमारतों और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। यहां विरुपाक्ष मंदिर, विजया विट्ठल मंदिर, स्टोन रथ, लोटस महल और मतंगा हिल जैसी जगहें देखी जा सकती हैं। हम्पी की प्रमुख जगहों को घूमने के लिए आमतौर पर दो से तीन दिन काफी होते हैं, इसलिए चार दिन की छुट्टी में यह एक अच्छा ट्रैवल ऑप्शन हो सकता है।

गोवा

चार दिन की छुट्टी में अगर आप समुद्र, अच्छा खाना और आराम का मजा लेना चाहते हैं तो गोवा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। अक्टूबर से यहां मौसम धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है और मॉनसून के मुकाबले आसमान साफ रहने की संभावना ज्यादा रहती है। इस दौरान दिसंबर और नए साल के पीक सीजन जैसी ज्यादा भीड़ भी नहीं होती। चार दिन की यात्रा में नॉर्थ गोवा के बीच और नाइटलाइफ का आनंद लेने के साथ साउथ गोवा की शांत जगहों पर भी समय बिताया जा सकता है।

केरल

अगर आप छुट्टी में प्रकृति और शांति का मजा लेना चाहते हैं तो केरल अच्छा विकल्प है। अक्टूबर के बाद यहां मौसम घूमने के लिए बेहतर हो जाता है। केरल में पहाड़, बैकवाटर्स, समुद्र तट और ऐतिहासिक जगहें देखने को मिलती हैं। चार दिन की छुट्टी में पूरे केरल को घूमना मुश्किल है, इसलिए कोच्चि और अलाप्पुझा जैसी एक-दो जगहों को ही ट्रिप में शामिल करना बेहतर रहेगा। इससे कम समय में आराम से घूम सकेंगे।

दिल्ली-NCR से जयपुर या ऋषिकेश की रोड ट्रिप की जा सकती है। वहीं, बेंगलुरु से हम्पी और मुंबई से गोवा या राजस्थान जाना भी अच्छा विकल्प रहेगा। दशहरे के समय ट्रैवल सीजन रहता है, इसलिए ट्रेन, फ्लाइट और होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना बेहतर होगा।

18 हजार फीट पर हिना खान! क्या आपके पास हैं वो 7 चीजें जो इतनी ऊंचाई पर काम आती हैं?

लद्दाख (Ladakh) की ऊंची पहाड़ियों पर घूमने का अपना अलग मजा है। यहां मौसम पल-पल बदल सकता है। ठंड, तेज हवा और धूप का असर भी ज्यादा रहता है। ऐसे में सिर्फ गर्म कपड़े लेकर निकलना काफी नहीं है। ट्रिप में कुछ दूसरी जरूरी चीजें भी साथ रखना जरूरी होता है।

एक्ट्रेस हिना खान ने हाल ही में लद्दाख ट्रिप की फोटोज और वीडियो शेयर किए। इस दौरान वह खारदुंग ला (Khardung La) भी पहुंचीं। यह जगह समुद्र तल से करीब 17,582 फीट की ऊंचाई पर है। लेह से करीब 40 किलोमीटर दूर यह दर्रा बाइकर्स और रोड ट्रिप करने वालों के बीच काफी पॉपुलर है।

इन जरूरी चीजों के साथ हिना खान ने की अपनी ट्रिप पूरी

1. फोन के साथ GPS का ऑप्शन रखें

पहाड़ों में हर जगह फोन का नेटवर्क नहीं मिलता। ऐसे में GPS वाली घड़ी रास्ता ढूंढने में मदद कर सकती है। इससे अपनी जगह का भी पता चलता रहता है।

2. पावर बैंक भी साथ रखें

लद्दाख जैसे इलाकों में हर जगह फोन चार्ज करने की फैसिलिटी नहीं मिलती। फोन का इस्तेमाल मैप, फोटो और जरूरी कॉल के लिए होता है। इसलिए पावर बैंक बैग में जरूर रखें।

3. अच्छी जैकेट रखें

पहाड़ों पर मौसम तेजी से बदल सकता है। तेज हवा और बारिश से बचने के लिए वॉटरप्रूफ जैकेट काम आती है। इससे ठंड में शरीर को गर्म रखने में भी मदद मिलती है।

4. मजबूत जूते पहनें

लद्दाख में कई जगह रास्ते पथरीले और ऊबड़-खाबड़ होते हैं। ऐसे रास्तों पर ऑर्डिनरी जूते परेशानी दे सकते हैं। अच्छी फिटिंग और पैरों को सपोर्ट देने वाले जूते पहनना सही रहेगा।

5. धूप से आंखों को बचाएं

ऊंचाई पर धूप और उसकी चकाचौंध तेज हो सकती है। इसलिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस जरूर रखें। ये आंखों को तेज रोशनी से बचाने में मदद करते हैं।

6. छोटा बैग रखें

दिनभर घूमने के लिए 25 लीटर के आसपास का बैग काम आ सकता है। इसमें पानी, स्नैक्स, जैकेट, सनग्लासेस और दूसरी जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं। इससे जरूरत का सामान साथ रखना आसान रहेगा।

7. पानी की बोतल जरूर रखें

ऊंचाई वाले इलाकों में शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। इसलिए एक अच्छी इंसुलेटेड बोतल साथ रखें। इससे जर्नी में पानी आसानी से अपने पास रखा जा सकता है।

ऊंचाई पर जाने से पहले ये बातें रखें ध्यान

खारदुंग ला से लेह, नुब्रा और श्योक घाटियों तक जाया जा सकता है। यह जगह करीब 18,000 फीट की ऊंचाई पर है। इतनी ऊंचाई पर जाने से पहले तैयारी जरूर कर लें।

हर किसी पर ऊंचाई का असर अलग हो सकता है। इसलिए वहां के मौसम और ऊंचाई के हिसाब से शरीर को ढलने का समय दें। कोई बीमारी है तो ट्रिप से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सफर के बीच कार न दे दे धोखा! रोड ट्रिप से पहले कर लें ये 5 आसान चेकिंग

लंबी रोड ट्रिप पर निकलने से पहले सिर्फ सामान पैक करना और रास्ता तय करना ही काफी नहीं होता। कई घंटों तक लगातार कार चलने से इंजन, टायर, ब्रेक और दूसरे जरूरी हिस्सों पर रोज की ड्राइविंग के मुकाबले ज्यादा दबाव पड़ता है। यदि कार में पहले से कोई छोटी समस्या है, तो लॉन्ग ड्राइव के दौरान वह बड़ी परेशानी बन सकती है और रास्ते में काफी समय तक फंसना पड़ सकता है।

लेकिन रोड ट्रिप से पहले कार की कुछ जरूरी चीजों को आसानी से घर पर ही चेक किया जा सकता है। इसके लिए किसी खास टूल की जरूरत नहीं पड़ती और थोड़े समय में कार की बेसिक कंडीशन का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिससे रास्ते में अचानक खराबी, देरी या अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।

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1. ब्रेक चेक करें

लंबी रोड ट्रिप से पहले ब्रेक की अच्छी तरह जांच कर लें। गाड़ी चलाते समय अगर चीं-चीं, रगड़ने या किसी तरह की अजीब आवाज आए, तो इसे नजरअंदाज न करें। साथ ही ब्रेक फ्लूइड का लेवल भी देखें। यदि फ्लूइड बहुत कम है या ब्रेक कमजोर लग रहे हैं, तो ट्रिप से पहले मैकेनिक को जरूर दिखाएं। पहाड़ी रास्तों पर जाने वाले लोगों के लिए ब्रेक की जांच और भी जरूरी है, क्योंकि ढलान पर ब्रेक का ज्यादा इस्तेमाल होता है।

2. टायर चेक करें

लंबी हाईवे ड्राइव में टायर की हालत बहुत मायने रखती है। निकलने से पहले टायर में सही हवा भरवाएं और ट्रेड की गहराई देखें। टायर में कट, दरार, उभार या कोई चीज फंसी हुई हो तो उसे भी चेक करें। यदि टायर एक तरफ से ज्यादा घिसा हुआ है, तो यह अलाइनमेंट या दूसरी परेशानी का संकेत हो सकता है। बारिश के मौसम में अच्छे ट्रेड वाले टायर सड़क पर बेहतर पकड़ बनाने में मदद करते हैं।

3. इंजन ऑयल देखें

रोड ट्रिप में इंजन लगातार कई घंटों तक चलता है, इसलिए निकलने से पहले इंजन ऑयल का लेवल जरूर चेक करें। इसके लिए डिपस्टिक की मदद ली जा सकती है। कार को समतल जगह पर खड़ा करके और इंजन बंद करने के बाद, गाड़ी के मैनुअल में दिए तरीके के हिसाब से ऑयल चेक करें। यदि ऑयल बहुत कम है या काफी पुराना और गंदा दिखाई दे रहा है, तो ट्रिप से पहले इसे बदलवाना या जरूरत के अनुसार टॉप-अप करवाना बेहतर है।

4. कूलेंट चेक करें

लंबी ड्राइव में इंजन ज्यादा देर तक चलता है, इसलिए कूलेंट का सही लेवल होना जरूरी है। कूलेंट रिजर्वॉयर में दिए गए मिनिमम और मैक्सिमम निशान के बीच लेवल देखें। अगर कूलेंट कम है, तो कार कंपनी के बताए कूलेंट से ही उसे भरें। कूलेंट का रंग बहुत गंदा या जंग जैसा दिखे तो मैकेनिक से जांच करवाएं। साथ ही पाइप में दरार या उभार भी देख लें। गर्म इंजन में रेडिएटर कैप कभी न खोलें।

5. बैटरी की जांच करें

लंबी यात्रा से पहले बैटरी और उसके टर्मिनल जरूर देखें। टर्मिनल के आसपास सफेद या नीली परत जैसी जंग दिखाई दे तो उसे साफ करवाएं। यदि कार स्टार्ट होने में ज्यादा समय ले रही है, तो बैटरी की जांच करवा लेना अच्छा है। कार की बैटरी करीब 3 से 5 साल तक चल सकती है, इसलिए बैटरी काफी पुरानी हो चुकी है, तो रोड ट्रिप से पहले उसकी हेल्थ टेस्ट करवा लें।

6. वाइपर और वॉशर फ्लूइड

बारिश या खराब मौसम में साफ दिखाई देना सेफ ड्राइविंग के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए ट्रिप से पहले वाइपर ब्लेड में दरार या ज्यादा घिसाव तो नहीं है, यह देखें। वाइपर चलाकर भी चेक करें कि वे शीशे को अच्छी तरह साफ कर रहे हैं या नहीं। यदि निशान या पानी की लकीरें रह जाती हैं, तो वाइपर बदल देना बेहतर है। साथ ही वॉशर फ्लूइड का टैंक भी पूरा भर लें, क्योंकि हाईवे पर धूल-मिट्टी और गंदगी की वजह से इसकी जरूरत ज्यादा पड़ सकती है।

अगर ‘मुसाफिर कैफे’ ने जीता दिल, तो ये 7 वेब सीरीज भी जरूर आएंगी पसंद!

हर किसी को ऐसी कहानियां पसंद आती हैं, जिनमें प्यार के साथ जिंदगी और रिश्तों की सच्चाई भी दिखाई दे। कुछ सीरीज अपनी सरल कहानी और प्यारे किरदारों की वजह से खास बन जाती हैं। आप हल्की-फुल्की, दिल को छूने वाली और जिंदगी से जुड़ी कहानियां देखना पसंद करते हैं, तो ये सीरीज अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करें।

मॉडर्न लव मुंबई – Amazon Prime Video

मुंबई की अलग-अलग जगहों और लोगों की जिंदगी पर बनी यह सीरीज प्यार के अलग-अलग रंग दिखाती है। इसमें छह अलग-अलग कहानियां हैं, जिनमें रोमांस के साथ परिवार, दोस्ती, रिश्ते और अपनी खुशी को समझने की कोशिश दिखाई गई है। सीरीज में अरशद वारसी, चित्रांगदा सिंह, फातिमा सना शेख, भूपेंद्र जदावत, ऋत्विक भौमिक और मसाबा गुप्ता जैसे कलाकार नजर आते हैं। हर कहानी में प्यार को देखने का अलग नजरिया मिलता है। कहीं कोई अपने प्यार की तलाश कर रहा है, तो कहीं परिवार अपने रिश्तों को समझने की कोशिश कर रहा है।

नॉर्मल पीपल – Amazon Prime Video

कहानी कोनेल और मैरिएन की है, जो आयरलैंड के एक छोटे शहर में साथ पढ़ते हैं। दोनों का परिवार और रहन-सहन एक-दूसरे से काफी अलग है, लेकिन स्कूल के दिनों में दोनों के बीच प्यार हो जाता है। उनका रिश्ता आसान नहीं रहता और समय के साथ कई गलतफहमियां और परेशानियां उनके बीच आती हैं। कॉलेज जाने के बाद दोनों की जिंदगी अलग रास्ते पर चलने लगती है, लेकिन वे बार-बार एक-दूसरे के करीब आते हैं। सीरीज़ दिखाती है कि उम्र बढ़ने के साथ रिश्ते और प्यार किस तरह बदलते हैं। ‘मुसाफिर कैफे’ में प्यार और जिंदगी से जुड़े फैसलों की कहानी पसंद आई थी, तो ‘नॉर्मल पीपल’ जरूर पसंद आ सकती है।

स्वीट कारम कॉफी – Amazon Prime Video

यह सीरीज एक साउथ इंडियन परिवार की तीन पीढ़ियों की महिलाओं की कहानी है। इसमें सुंदरी, उनकी बहू कावेरी और कावेरी की बेटी निवेदिता की जिंदगी दिखाई गई है। तीनों की सोच और जिंदगी एक-दूसरे से काफी अलग है। एक दिन वे अपनी रोज की जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेने के लिए रोड ट्रिप पर निकलती हैं। इस सफर में उन्हें नई जगहें देखने और एक-दूसरे को समझने का मौका मिलता है। धीरे-धीरे वे अपने पुराने फैसलों और जिंदगी को लेकर भी सोचने लगती हैं। सीरीज में पहाड़ों और शांत जगहों के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलते हैं।

लिटिल थिंग्स – Netflix

यह कहानी मुंबई में साथ रहने वाले काव्या और ध्रुव की है। दोनों एक युवा कपल हैं और अपनी नौकरी, रिश्ते और रोज की जिंदगी के बीच तालमेल बनाने की कोशिश करते हैं। उनकी कहानी में बड़े ड्रामे के बजाय छोटी-छोटी बातें ज्यादा खास हैं। कभी दोनों छोटी बातों पर बहस करते हैं, तो कभी साथ में शांत शाम बिताते हैं या वीकेंड का प्लान बनाते हैं। फ्यूचर को लेकर उनकी बातचीत भी कहानी का हिस्सा है। धीरे-धीरे दोनों समझते हैं कि रिश्ते में सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझना भी जरूरी है।

व्हेन द वेदर इज फाइन – Netflix

मोक हे-वोन काम और प्राइवेट लाइफ की परेशानियों से थककर सियोल छोड़ देती हैं और अपने पुराने शहर लौट आती हैं। वहां उनकी मुलाकात अपने पुराने क्लासमेट इम यून-सेओब से होती है, जो एक छोटी सी किताबों की दुकान चलाता है। यून-सेओब लंबे समय से हे-वोन को पसंद करता है, लेकिन उसने कभी अपने दिल की बात नहीं कही। गांव की शांत जिंदगी में रहने के दौरान दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आते हैं। साथ में समय बिताते हुए वे अपने पुराने दुखों और परेशानियों से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं। कॉफी, किताबें और सर्दियों की शांत शामें इस कहानी को और खूबसूरत बनाती हैं।

मीट योरसेल्फ – Netflix

शू होंगडोउ अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खोने के बाद शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने का फैसला करती हैं। वह बीजिंग छोड़कर युन्नान के एक छोटे से गांव में चली जाती हैं। वहां उनकी मुलाकात झी झियाओ से होती है, जो पहले शहर में काम करता था, लेकिन अब अपने गांव लौटकर नई जिंदगी शुरू कर रहा है। गांव में रहने के दौरान होंगडोउ नए लोगों से मिलती हैं और धीरे-धीरे शांत जिंदगी का आनंद लेना सीखती हैं। इस सफर में उन्हें खुद को समझने और अपने जीवन के बारे में नए सिरे से सोचने का मौका मिलता है। धीरे-धीरे वह फिर से खुश रहना और प्यार के बारे में सोचना शुरू करती हैं।

समबडी समवेयर – JioHotstar

सैम मिलर अपनी बहन की मौत के बाद अपने पुराने शहर लौटती हैं। यहां वापस आने के बाद उन्हें अपनी जिंदगी पहले जैसी नहीं लगती। तभी उनकी मुलाकात अपने पुराने क्लासमेट जोएल से होती है, जो उन्हें एक खास लोकल ग्रुप से मिलाता है। इस ग्रुप में ऐसे लोग हैं जो खुद को दूसरों से अलग महसूस करते हैं, लेकिन एक-दूसरे के साथ उन्हें अपनापन मिलता है। धीरे-धीरे सैम नए लोगों से जुड़ती हैं और अपने बारे में फिर से जानने लगती हैं। उन्हें समझ आता है कि जिंदगी अपने तरीके से जीना और अपनी पसंद को स्वीकार करना भी जरूरी है। यह सीरीज खुद को समझने, नए लोगों से जुड़ने और जिंदगी में दोबारा शुरुआत करने की खूबसूरत कहानी है।

पहाड़, जंगल या सुनसान रास्ता… गूगल मैप्स का यह फीचर हर जगह देगा साथ!

आज के समय में घूमने निकलते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले गूगल मैप खोलते है। लेकिन कई लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ रास्ता देखने के लिए करते हैं। यदि गूगल मैप की कुछ आसान ट्रिक्स पता हों, तो सफर ज्यादा आसान, सेफ और बिना किसी परेशानी के हो सकता है।

ऑफलाइन मैप रखें (Offline Maps)

आपको किसी ऐसी जगह जाना हैं जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहता है, तो निकलने से पहले उस एरिया का ऑफलाइन मैप डाउनलोड कर लें। इससे इंटरनेट बंद होने पर भी रास्ता देखने में परेशानी नहीं होगी। पहाड़ी इलाकों, गांवों या विदेश ट्रिप में यह फीचर काफी काम आता है।

ट्रैफिक पहले देखें (Live Traffic)

घर या होटल से निकलने से पहले Google Maps पर ट्रैफिक जरूर चेक करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि रास्ते में कहीं जाम, रोड बंद या कोई और परेशानी तो नहीं है। इससे जरूरत पड़ने पर आप दूसरा रास्ता चुन सकेंगे और टाइम भी बच जाएगा।

जरूरी जगह सेव करें (Save Places)

ट्रिप शुरू करने से पहले होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, एटीएम, अस्पताल और घूमने वाली जगहों को Google Maps में सेव कर लें। इससे नेटऑन करने या बार-बार सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जरूरत पड़ने पर जल्दी लोकेशन मिल जाएगी।

लाइव लोकेशन शेयर करें (Share Live Location)

अगर आप अकेले ट्रैवल कर रहे हैं या रात हो जाए, तो अपनी लाइव लोकेशन परिवार या दोस्तों के साथ शेयर करें। इससे उन्हें पता रहेगा कि आप कहां हैं और जब भी जरूरत पड़े तो वे आपकी मदद भी कर सकेंगे। यह फीचर सेफ्टी के हिसाब से काफी उपयोगी है।

आसपास की जगह खोजें (Explore Nearby)

किसी नए शहर में पहुंचने के बाद Google Maps का Explore फीचर जरूर इस्तेमाल करें। इससे आसपास के अच्छे रेस्टोरेंट, कैफे, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, एटीएम और घूमने की जगहें जल्दी मिल जाती हैं। इससे वहां पर आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती।

भीड़ का सही समय देखें (Popular Times)

किसी मंदिर, मॉल, म्यूजियम या मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जाने से पहले Google Maps में Popular Times जरूर देख लें। इससे आप जान पाएंगे कि वहां किस समय सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। फिर सही टाइम देखकर लंबी लाइन और भीड़ से बच सकते हैं।

पहले ही जगह देख लें (Street View)

अगर किसी जगह पर पहली बार जा रहे हैं, तो Street View फीचर की मदद से वहां की सड़क, होटल का एंट्री गेट, पार्किंग और आसपास का एरिया पहले ही देख सकते हैं। इससे वहां पहुंचने के बाद रास्ता ढूंढने में कम परेशानी होती है और आप सही लोकेशन तक पहुंच जाते हैं।