18 हजार फीट पर हिना खान! क्या आपके पास हैं वो 7 चीजें जो इतनी ऊंचाई पर काम आती हैं?

लद्दाख (Ladakh) की ऊंची पहाड़ियों पर घूमने का अपना अलग मजा है। यहां मौसम पल-पल बदल सकता है। ठंड, तेज हवा और धूप का असर भी ज्यादा रहता है। ऐसे में सिर्फ गर्म कपड़े लेकर निकलना काफी नहीं है। ट्रिप में कुछ दूसरी जरूरी चीजें भी साथ रखना जरूरी होता है।

एक्ट्रेस हिना खान ने हाल ही में लद्दाख ट्रिप की फोटोज और वीडियो शेयर किए। इस दौरान वह खारदुंग ला (Khardung La) भी पहुंचीं। यह जगह समुद्र तल से करीब 17,582 फीट की ऊंचाई पर है। लेह से करीब 40 किलोमीटर दूर यह दर्रा बाइकर्स और रोड ट्रिप करने वालों के बीच काफी पॉपुलर है।

इन जरूरी चीजों के साथ हिना खान ने की अपनी ट्रिप पूरी

1. फोन के साथ GPS का ऑप्शन रखें

पहाड़ों में हर जगह फोन का नेटवर्क नहीं मिलता। ऐसे में GPS वाली घड़ी रास्ता ढूंढने में मदद कर सकती है। इससे अपनी जगह का भी पता चलता रहता है।

2. पावर बैंक भी साथ रखें

लद्दाख जैसे इलाकों में हर जगह फोन चार्ज करने की फैसिलिटी नहीं मिलती। फोन का इस्तेमाल मैप, फोटो और जरूरी कॉल के लिए होता है। इसलिए पावर बैंक बैग में जरूर रखें।

3. अच्छी जैकेट रखें

पहाड़ों पर मौसम तेजी से बदल सकता है। तेज हवा और बारिश से बचने के लिए वॉटरप्रूफ जैकेट काम आती है। इससे ठंड में शरीर को गर्म रखने में भी मदद मिलती है।

4. मजबूत जूते पहनें

लद्दाख में कई जगह रास्ते पथरीले और ऊबड़-खाबड़ होते हैं। ऐसे रास्तों पर ऑर्डिनरी जूते परेशानी दे सकते हैं। अच्छी फिटिंग और पैरों को सपोर्ट देने वाले जूते पहनना सही रहेगा।

5. धूप से आंखों को बचाएं

ऊंचाई पर धूप और उसकी चकाचौंध तेज हो सकती है। इसलिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस जरूर रखें। ये आंखों को तेज रोशनी से बचाने में मदद करते हैं।

6. छोटा बैग रखें

दिनभर घूमने के लिए 25 लीटर के आसपास का बैग काम आ सकता है। इसमें पानी, स्नैक्स, जैकेट, सनग्लासेस और दूसरी जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं। इससे जरूरत का सामान साथ रखना आसान रहेगा।

7. पानी की बोतल जरूर रखें

ऊंचाई वाले इलाकों में शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। इसलिए एक अच्छी इंसुलेटेड बोतल साथ रखें। इससे जर्नी में पानी आसानी से अपने पास रखा जा सकता है।

ऊंचाई पर जाने से पहले ये बातें रखें ध्यान

खारदुंग ला से लेह, नुब्रा और श्योक घाटियों तक जाया जा सकता है। यह जगह करीब 18,000 फीट की ऊंचाई पर है। इतनी ऊंचाई पर जाने से पहले तैयारी जरूर कर लें।

हर किसी पर ऊंचाई का असर अलग हो सकता है। इसलिए वहां के मौसम और ऊंचाई के हिसाब से शरीर को ढलने का समय दें। कोई बीमारी है तो ट्रिप से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सोचा था ₹15000 में हो जाएगा लद्दाख में वर्ककेशन, 1 महीने में खर्च हो गए ₹96000, अब कपल ने बताया पूरा गणित

लद्दाख में पहाड़ों के बीच रहकर काम करना और साथ में घूमना बहुत ही यादगार पल होते है। अंजलि और नमन ने भी एक महीने तक लद्दाख में रहकर काम किया और वहां आसपास की कई जगहों को घूमकर देखा। दोनों ने अपने इस ट्रिप का पूरा खर्च भी शेयर किया है, जिससे पता चलता है कि ऐसी वर्ककेशन प्लान करने से पहले रहने, खाने और घूमने के खर्च का अंदाजा लगाना कितना जरूरी है।

लद्दाख घूमने में इतना हुआ खर्च

लद्दाख में रहने के दौरान कपल ने सिर्फ एक जगह रहकर काम नहीं किया, बल्कि आसपास की कई जगहों पर घूमने का भी प्लान बनाया। पूरी ट्रिप में उनके ट्रैवल पर करीब 30,000 रुपये खर्च हुए। इसमें मनाली से लेह जाने और लेह से दिल्ली लौटने की फ्लाइट का खर्च भी था। इस तरह उन्होंने काम के साथ लद्दाख घूमने का भी पूरा मजा लिया।

रहने की जगह का खर्च निकला उम्मीद से कही ज्यादा

अंजलि और नमन ने सोचा था कि लद्दाख में उन्हें 15,000 रुपये के आसपास कमरा मिल जाएगा। ज्यादा से ज्यादा 20,000 रुपये खर्च होने का अंदाजा था। लेकिन अच्छी जगह मिलने पर उन्हें महीने के कमरे के लिए करीब 30,000 रुपये देने पड़े। यानी रहने का खर्च उनकी उम्मीद से काफी ज्यादा रहा। रोज के हिसाब से देखें तो कमरे का खर्च करीब 1,000 रुपये लगा।

फूड और लोकल ट्रैवल का निकाला हिसाब

महीने भर की वर्ककेशन में खाने-पीने और घूमने-फिरने पर भी खर्च हुआ। कपल ने खाने के लिए करीब 9,000 रुपये खर्च किए। आसपास घूमने के लिए 2,100 रुपये में स्कूटर किराए पर लिया। साथ ही, होस्ट का स्कूटर फ्री में मिलने से कुछ पैसे बच गए। स्नैक्स और ग्रॉसरी पर 2,500 रुपये और बाहर खाने-पीने पर करीब 5,000 रुपये खर्च हुए।

सोशल मीडिया पर शेयर किया अपना एक्सपीरियंस

अंजलि और नमन डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं और ट्रैवल से जुड़े अपने एक्सपीरियंस सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। उन्होंने लद्दाख में बिताए समय के दौरान भी अपने फॉलोअर्स को बताया कि वहां रहना, काम करना और घूमना उनके लिए कैसा रहा। उनके वीडियो को लोगों ने पसंद किया और कई यूजर्स ने कमेंट करके उनके काम की जानकारी देने के लिए उनकी तारीफ भी की।

लद्दाख में बिताया यह एक्सपीरियंस दिखाता है कि वर्ककेशन सिर्फ घूमने का नाम नहीं है। किसी पहाड़ी जगह पर लंबे समय तक रहने का प्लान हो तो बजट के साथ रहने की सुविधा, लोकल ट्रांसपोर्ट और रोज की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ता है। अंजलि और नमन ने अपना खर्च शेयर करके लोगों को अपने इस एक्सपीरियंस के बारे में बताया है।

मानसून भी नहीं रोक पाएगा आपकी ट्रैवल प्लानिंग, बारिश से हटकर कुछ खास जुलाई में घूमने की टॉप 6 लोकेशन!

जुलाई का महीना भारत में मानसून का मौसम लेकर आता है, लेकिन अगर आप बारिश से बचते हुए घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देश में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां इस समय भी मौसम सुहावना रहता है। इन डेस्टिनेशंस पर कम बारिश होने के कारण आप बिना किसी परेशानी के प्राकृतिक नज़ारों, एडवेंचर और संस्कृति का भरपूर आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं जुलाई में मॉनसून से बचने के लिए भारत की 6 बेहतरीन घूमने लायक जगहों के बारे में:

लाहौल घाटी-हिमालयी शांत वादी

PHOTOS: हिमाचल का स्वर्ग है स्पीति घाटी, हर साल आते हैं बड़ी संख्या में सैलानी

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी जुलाई में मॉनसून से बचकर घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यह भी रेन शैडो क्षेत्र में आती है, इसलिए यहां बारिश बहुत कम होती है और मौसम सुहावना बना रहता है। सिस्सू, सूरज ताल, बारालाचा ला और गोंधला किला जैसी जगहें यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को और खास बनाती हैं। बर्फ से ढकी चोटियां, साफ नदियां और शांत वातावरण नेचर लवर को बेहद पसंद आता है। रोड ट्रिप, ट्रेकिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

जैसलमेर-सुनहरी रेगिस्तान नगरी

Rajasthan - Sharvil Holidays

राजस्थान का गोल्डन सिटी जैसलमेर जुलाई में भी घूमने के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि यहां बारिश बहुत कम होती है। मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाता है और टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है। जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील और सैम सैंड ड्यून्स यहां काअट्रैक्शन हैं। रेगिस्तान में ऊंट की सवारी, डेजर्ट सफारी, लोक संगीत और ट्रेडिशनल राजस्थानी संस्कृति का एक्सपीरियंस आपकी जर्नी को यादगार बना देता है। अगर आप रेगिस्तान की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो जुलाई का समय भी अच्छा साबित हो सकता है।

हम्पी-पुरानी खंडहर नगरी

Uragas Immigrated in India Seems an Unproved Hypothesis – Raigar.net

अगर आप हिस्ट्री और आर्किटेक्चर में इंटरेस्ट रखते हैं, तो कर्नाटक का हम्पी जुलाई में घूमने के लिए शानदार डेस्टिनेशन है। हल्की बारिश के कारण यहां का वातावरण हरा-भरा और सुहावना हो जाता है, जिससे प्राचीन मंदिरों और खंडहरों की सुंदरता और बढ़ जाती है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, लोटस महल और मातंगा हिल जैसी ऐतिहासिक जगहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां साइकिल से घूमना, सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखना और विरासत से जुड़ी कहानियों को जानना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

स्पीति घाटी-बर्फीला रेगिस्तान

WINTER SPECIAL TRIP TO SPITI VALLEY - 7 Days/6 Nights at 17499 INR (EX- SHIMLA) - HTC - Hyderabad Trekking Company

हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहते हैं। रेन शैडो क्षेत्र में होने के कारण यहां जुलाई में बहुत कम बारिश होती है, जिससे रोड ट्रिप और दर्शनीय जगहों की सैर आसान हो जाती है। की मठ, चंद्रताल झील, हिक्किम, कोमिक और धंकर मठ जैसी जगहें यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। बंजर पहाड़, नीला आसमान और प्राचीन बौद्ध संस्कृति इस घाटी को एक अलग पहचान देते हैं। ट्रेकिंग, बाइकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

पुडुचेरी-फ्रेंच कोस्टल शांति

FORTE KOCHI (Fort Kochi) - Hotel Reviews, Photos, Rate Comparison - Tripadvisor

अगर आप समुद्र किनारे सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो पुडुचेरी एक बेहतरीन ऑप्शन है। जुलाई में यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर थोड़ा कम रहता है, जिससे मौसम घूमने के लिए फ्रेंडली बना रहता है। फ्रेंच वास्तुकला, रंग-बिरंगी गलियां, प्रोमेनेड बीच, ऑरोविल और श्री अरविंद आश्रम यहां के मेन अट्रैक्शन हैं। यहां बीच पर सैर, कैफे हॉपिंग, साइकिलिंग और मेडिटेशन का आनंद लिया जा सकता है। शांत वातावरण और खूबसूरत समुद्री नजारे इसे कपल्स और फैमिली ट्रिप दोनों के लिए खास बनाते हैं।

लेह-हिमालय का जादुई स्वर्ग

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अगर आप जुलाई में मॉनसून से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां नीला आसमान, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत झीलें आपका स्वागत करें, तो लेह आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। यह क्षेत्र रेन शैडो ज़ोन में आता है, इसलिए यहां बारिश बेहद कम होती है। जुलाई में पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, शांति स्तूप और लेह पैलेस जैसी जगहों की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। यहां बाइक ट्रिप, रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और मठों की सैर जैसी एक्टिविटीज आपकी ट्रिप को यादगार बना देती हैं। हालांकि, अधिक ऊंचाई के कारण पहले दिन आराम करना और पानी पीना जरूरी होता है।

अगर आप जुलाई में बारिश से दूर और आरामदायक ट्रिप की तलाश में हैं, तो भारत में ये सभी जगहें शानदार हैं। आप अपनी पसंद और सुविधा से सही डेस्टिनेशन चुनकर मानसून के मौसम में भी यादगार छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। सही प्लानिंग के साथ यह ट्रिप आपके लिए बेहद खास और यादगार साबित होगी।