1500 डॉलर का जुर्माना लगा डेविड वॉर्नर पर, पीकर चलाई थी गाड़ी (Video)

मंगलवार को ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद डेविड वॉर्नर के ऊपर 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब एक लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया। ईस्टर रविवार को रैंडम ब्रीथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचते समय उन्होंने एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी।

वॉर्नर के वकील ने अदालत से उन्हें दोषी ठहराए जाने से राहत देने की मांग की थी। उनका तर्क था कि मीडिया कवरेज के कारण वॉर्नर को पहले ही अतिरिक्त सज़ा मिल चुकी है। वॉर्नर ने पिछले महीने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उस समय उनके शरीर में शराब की मात्रा क़ानूनी सीमा से दोगुने से भी अधिक पाई गई थी।

लेकिन जज क्लेयर फ़ार्नन ने कहा कि वॉर्नर की वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान को देखते हुए उनके सार्वजनिक छवि पर पड़ने वाला संभावित असर एक स्वाभाविक और अनुमानित परिणाम था। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने के बाद छुट्टियों में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया लौटे वॉर्नर को गिरफ़्तार किया गया था। उनके वक़ील अवैस अहमद ने बताया कि एक समारोह में तीन ग्लास वाइन पीने के बाद वॉर्नर ने अपने परिवार को घर छोड़ने के लिए खुद गाड़ी चलाने का फ़ैसला किया।

जब वॉर्नर ने ब्रीथ-टेस्टिंग साइट देखी तो उन्होंने गाड़ी रोककर एक महिला यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की। अदालत में पढ़े गए तथ्यों के अनुसार, पुलिस द्वारा उन्हें ड्राइवर के रूप में पहचान लिए जाने के बाद उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया।

जज ने कहा कि कार में वॉर्नर के बच्चे भी मौजूद थे, जिसके कारण यह अपराध और गंभीर हो गया। वकील अहमद ने वावेर्ली लोकल कोर्ट को बताया कि वॉर्नर की इस घटना की ख़बर ईएसपीएन, अल जज़ीरा और इंडियन एक्सप्रेस समेत दुनिया भर के मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुई।अहमद ने कहा कि, “इस अपराध के परिणाम गंभीर हैं। व्यावसायिक अवसर प्रभावित हो रहे हैं।”

सिडनी थंडर के मालिक और प्रबंधक संस्था क्रिकेट एनएसडब्ल्यू ने फैसले का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह सुरक्षित ड्राइविंग के मज़बूत समर्थक है। एनएसडब्ल्यू के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस घटना को गंभीरता से लेते हैं और सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक करना जारी रखेंगे।”

जज फ़ार्नन ने माना कि वॉर्नर और उनके परिवार के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर कुछ क्रूर टिप्पणियां की गई थीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस से अपने ड्राइविंग को छिपाने की कोशिश वार्नर के पक्ष में नहीं जाती।

जज ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने से लोगों को रोकना और इसके प्रति सार्वजनिक स्तर पर संदेश देना उन्हें दोषी ठहराने के फ़ैसले में सबसे महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, “वॉर्नर के दोबारा ऐसा अपराध करने की संभावना कम है। लेकिन दुर्भाग्य से, एनएसडब्ल्यू में होने वाली कई सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर गाड़ी चलाना अभी भी एक महत्वपूर्ण कारण है।”

वॉर्नर इंटरलॉक लाइसेंस के लिए आवेदन करने और अपनी कार में यह डिवाइस लगवाने के बाद गाड़ी चला सकेंगे। यह डिवाइस एक साल तक उनकी कार में लगा रहेगा और अगर उनके शरीर में शराब की मात्रा पाई जाती है तो यह कार स्टार्ट होने से रोक देगा।

सफर के बीच कार न दे दे धोखा! रोड ट्रिप से पहले कर लें ये 5 आसान चेकिंग

लंबी रोड ट्रिप पर निकलने से पहले सिर्फ सामान पैक करना और रास्ता तय करना ही काफी नहीं होता। कई घंटों तक लगातार कार चलने से इंजन, टायर, ब्रेक और दूसरे जरूरी हिस्सों पर रोज की ड्राइविंग के मुकाबले ज्यादा दबाव पड़ता है। यदि कार में पहले से कोई छोटी समस्या है, तो लॉन्ग ड्राइव के दौरान वह बड़ी परेशानी बन सकती है और रास्ते में काफी समय तक फंसना पड़ सकता है।

लेकिन रोड ट्रिप से पहले कार की कुछ जरूरी चीजों को आसानी से घर पर ही चेक किया जा सकता है। इसके लिए किसी खास टूल की जरूरत नहीं पड़ती और थोड़े समय में कार की बेसिक कंडीशन का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिससे रास्ते में अचानक खराबी, देरी या अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।

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1. ब्रेक चेक करें

लंबी रोड ट्रिप से पहले ब्रेक की अच्छी तरह जांच कर लें। गाड़ी चलाते समय अगर चीं-चीं, रगड़ने या किसी तरह की अजीब आवाज आए, तो इसे नजरअंदाज न करें। साथ ही ब्रेक फ्लूइड का लेवल भी देखें। यदि फ्लूइड बहुत कम है या ब्रेक कमजोर लग रहे हैं, तो ट्रिप से पहले मैकेनिक को जरूर दिखाएं। पहाड़ी रास्तों पर जाने वाले लोगों के लिए ब्रेक की जांच और भी जरूरी है, क्योंकि ढलान पर ब्रेक का ज्यादा इस्तेमाल होता है।

2. टायर चेक करें

लंबी हाईवे ड्राइव में टायर की हालत बहुत मायने रखती है। निकलने से पहले टायर में सही हवा भरवाएं और ट्रेड की गहराई देखें। टायर में कट, दरार, उभार या कोई चीज फंसी हुई हो तो उसे भी चेक करें। यदि टायर एक तरफ से ज्यादा घिसा हुआ है, तो यह अलाइनमेंट या दूसरी परेशानी का संकेत हो सकता है। बारिश के मौसम में अच्छे ट्रेड वाले टायर सड़क पर बेहतर पकड़ बनाने में मदद करते हैं।

3. इंजन ऑयल देखें

रोड ट्रिप में इंजन लगातार कई घंटों तक चलता है, इसलिए निकलने से पहले इंजन ऑयल का लेवल जरूर चेक करें। इसके लिए डिपस्टिक की मदद ली जा सकती है। कार को समतल जगह पर खड़ा करके और इंजन बंद करने के बाद, गाड़ी के मैनुअल में दिए तरीके के हिसाब से ऑयल चेक करें। यदि ऑयल बहुत कम है या काफी पुराना और गंदा दिखाई दे रहा है, तो ट्रिप से पहले इसे बदलवाना या जरूरत के अनुसार टॉप-अप करवाना बेहतर है।

4. कूलेंट चेक करें

लंबी ड्राइव में इंजन ज्यादा देर तक चलता है, इसलिए कूलेंट का सही लेवल होना जरूरी है। कूलेंट रिजर्वॉयर में दिए गए मिनिमम और मैक्सिमम निशान के बीच लेवल देखें। अगर कूलेंट कम है, तो कार कंपनी के बताए कूलेंट से ही उसे भरें। कूलेंट का रंग बहुत गंदा या जंग जैसा दिखे तो मैकेनिक से जांच करवाएं। साथ ही पाइप में दरार या उभार भी देख लें। गर्म इंजन में रेडिएटर कैप कभी न खोलें।

5. बैटरी की जांच करें

लंबी यात्रा से पहले बैटरी और उसके टर्मिनल जरूर देखें। टर्मिनल के आसपास सफेद या नीली परत जैसी जंग दिखाई दे तो उसे साफ करवाएं। यदि कार स्टार्ट होने में ज्यादा समय ले रही है, तो बैटरी की जांच करवा लेना अच्छा है। कार की बैटरी करीब 3 से 5 साल तक चल सकती है, इसलिए बैटरी काफी पुरानी हो चुकी है, तो रोड ट्रिप से पहले उसकी हेल्थ टेस्ट करवा लें।

6. वाइपर और वॉशर फ्लूइड

बारिश या खराब मौसम में साफ दिखाई देना सेफ ड्राइविंग के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए ट्रिप से पहले वाइपर ब्लेड में दरार या ज्यादा घिसाव तो नहीं है, यह देखें। वाइपर चलाकर भी चेक करें कि वे शीशे को अच्छी तरह साफ कर रहे हैं या नहीं। यदि निशान या पानी की लकीरें रह जाती हैं, तो वाइपर बदल देना बेहतर है। साथ ही वॉशर फ्लूइड का टैंक भी पूरा भर लें, क्योंकि हाईवे पर धूल-मिट्टी और गंदगी की वजह से इसकी जरूरत ज्यादा पड़ सकती है।