फ्लाइट टिकट बुक करते वक्त सीट चुनने में न करें जल्दबाजी, ये टिप्स आएंगी काम!

फ्लाइट में सीट चुनना छोटी बात लग सकती है, लेकिन सही सीट सफर को काफी आरामदायक बना सकती है। कुछ पैसेंजर को खिड़की के पास बैठकर बाहर का नजारा देखना और सोना पसंद होता है, तो कुछ लोग ऐसी सीट चाहते हैं जहां से आसानी से उठकर वॉशरूम जा सकें। इसलिए सीट का चुनाव आपकी जरूरत और सफर के तरीके के हिसाब से करना बेहतर रहता है।

आप भी फ्लाइट टिकट बुक करते समय विंडो, आइल और मिडिल सीट को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं, तो इनके फायदे और नुकसान जान लेना चाहिए। इससे छोटी हो या लंबी फ्लाइट, आप अपनी सुविधा के हिसाब से सही सीट चुन पाएंगे।

1. आइल सीट

आइल यानी गलियारे वाली सीट उन लोगों के लिए अच्छी रहती है जिन्हें सफर के दौरान बार-बार उठना पड़ता है। यहां से वॉशरूम जाने, पैर फैलाने या ऊपर रखे सामान तक पहुंचने में आसानी रहती है। फ्लाइट लैंड होने के बाद बाहर निकलना भी थोड़ा आसान हो सकता है। लेकिन इस सीट से गुजरने वाले पैसेंजर और सर्विस ट्रॉली आपको परेशान कर सकते हैं।2. मिडिल सीट

मिडिल सीट आमतौर पर पैसेंजर की पहली पसंद नहीं होती, लेकिन इसके भी कुछ फायदे हैं। यदि आप किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के साथ सफर कर रहे हैं, तो साथ बैठने के लिए यह सीट काम आ सकती है। इसके अलावा, आम तौर पर मिडिल सीट पर बैठे पैसेंजर को दोनों आर्मरेस्ट इस्तेमाल करने की फैसिलिटी देने की बात कही जाती है। लेकिन दो पैसेंजर के बीच बैठने से जगह थोड़ी कम महसूस हो सकती है।3. विंडो सीट

विंडो से फ्लाइट के बाहर का सीन देखना है तो विंडो सीट आपके लिए परफेक्ट हो सकती है। इसमें आप खिड़की से सिर टिकाकर आराम कर सकते हैं और आसपास के पैसेंजर की आवाजाही भी कम परेशान करती है। लेकिन वॉशरूम जाने के लिए आपको साथ बैठे पैसेंजर से बाहर निकलने के लिए कहना पड़ सकता है।4. लंबी फ्लाइट के लिए ऐसे चुनें सीट

लंबी फ्लाइट में सीट चुनना और भी जरूरी हो जाता है। आपका ज्यादातर समय सोने में गुजरने वाला है, तो विंडो सीट कम्फर्टेबल रह सकती है। वहीं, बार-बार वॉशरूम जाने या बीच-बीच में चलने की जरूरत हो तो आइल सीट ज्यादा सुविधाजनक होगी। इसलिए लॉन्ग जर्नी में अपनी जरूरत के हिसाब से सीट चुनें।सीट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सीट चुनते समय सिर्फ विंडो या आइल ही न देखें, बल्कि फ्लाइट का रूट, सफर की अवधि और एयरक्राफ्ट का सीट मैप भी देख लें। आपको शांति चाहिए तो वॉशरूम या गैली के बिल्कुल पास वाली सीट से बचना बेहतर हो सकता है। सीट पहले से बुक करने पर पसंद की जगह मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है।

यदि आपका बजट थोड़ा ज्यादा है, तो आप लॉन्ग लेग स्पेस वाली सीट भी ले सकते हैं। इसमें पैरों को फैलाने के लिए ज्यादा जगह मिलती है, जिससे खासकर लंबी फ्लाइट में बैठना ज्यादा कम्फर्टेबल हो सकता है।सही सीट आपकी पूरी फ्लाइट को ज्यादा आरामदायक बना सकती है। इसलिए टिकट बुक करते समय सिर्फ खिड़की का नजारा या सीट की कीमत न देखें, बल्कि यह भी सोचें कि सफर के दौरान आपको कितनी बार उठना पड़ेगा, आराम करना है या सोना है और आपके साथ कौन ट्रैवल कर रहा है। थोड़ी सी समझदारी से चुनी गई सीट लॉन्ग जर्नी की थकान को कम कर सकती है और सफर को ज्यादा सुकूनभरा बना सकती है।

Viral video: एयर इंडिया फ्लाइट में फैला कचरा देखकर भड़की केबिन क्रू, वायरल हुआ वीडियो

एयर इंडिया की फ्लाइट अटेंडेंट वंशिका कटारिया ने यात्रियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जब फ्लाइट अपने गंतव्य पर पहुंची और यात्रियों के उतरने के बाद केबिन की स्थिति देखी गई, तो सीटों के आसपास रैपर, टिश्यू और अन्य कचरा बिखरा हुआ मिला। यह दृश्य न सिर्फ असुविधाजनक था, बल्कि काफी निराशाजनक भी लगा। उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों से अपील की कि यात्रा के दौरान बुनियादी शिष्टाचार और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

उनका मानना है कि यदि यात्री अपने कचरे को एक जगह इकट्ठा करके क्रू को सौंप दें, तो सफाई का काम आसान हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक परिवहन में जिम्मेदार व्यवहार कितना जरूरी है, ताकि सभी के लिए सफर बेहतर और स्वच्छ बनाया जा सके।

सोशल मीडिया पर दिखाया असली हाल

वंशिका ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें विमान के अंदर फैला कचरा साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने मजाकिया लेकिन तीखा मैसेज लिखा “फ्लाइट तो लैंड हो गई, लेकिन बेसिक मैनर्स शायद चढ़ ही नहीं पाए।”

‘टिकट खरीद सकते हो तो थोड़ी तहजीब भी रखो’

वीडियो में लिखा टेक्स्ट और भी साफ संदेश देता है कि अगर यात्री फ्लाइट टिकट खरीद सकते हैं, तो उन्हें बुनियादी शिष्टाचार भी रखना चाहिए और अपने आसपास सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

शिकायत नहीं, जागरूकता का मकसद

वंशिका ने बाद में कमेंट में साफ किया कि उनका मकसद किसी को शर्मिंदा करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यात्रियों से बस इतनी उम्मीद है कि वे अपना कचरा एक जगह इकट्ठा करके क्रू को दे दें, ताकि सफाई आसान हो सके।

कड़ी मेहनत करने वाले स्टाफ की भी जिम्मेदारी समझें

उन्होंने यह भी बताया कि ग्राउंड और क्लीनिंग स्टाफ के पास विमान को अगले उड़ान के लिए तैयार करने का बहुत कम समय होता है। अगर यात्री थोड़ी सावधानी रखें, तो उनका काम काफी आसान हो सकता है।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ ने यात्रियों के व्यवहार को गलत बताया, तो कुछ ने कहा कि यात्रियों को भी थोड़ी और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। वहीं कई लोगों ने सुझाव दिया कि उतरते समय यात्रियों से ही कचरा साफ करवाना चाहिए।

‘थोड़ी सी समझदारी, सफर बना सकती है बेहतर’

यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सफर सिर्फ टिकट खरीदने से पूरा नहीं होता, बल्कि उसमें साफ-सफाई और दूसरों के प्रति सम्मान भी उतना ही जरूरी है।

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