सिर्फ 500-1000 रुपये में नेपाल के नेशनल पार्क, सुर्खेत की वादियों तक पहुंच जाएंगे आप! बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर से मिलेगा ये मौका

28 सितम्बर, 2026 बहराइच/रुपईडीहा: बिन्नू बाल्मीकि की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-नेपाल बॉर्डर पर बहराइच (Bahraich) का रुपईडीहा बॉर्डर (Rupaidiha border) ऐसा रास्ता है, जहां से कम बजट में नेपाल की जर्नी की जा सकती है। यहां घूमने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि बॉर्डर पार करने के बाद नेपालगंज और कोहलपुर की ओर जाने के लिए लोकल बस, ऑटो, टेंपो और रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं।

बर्दिया पार्क से सुर्खेत तक घूमने को कई खास जगहें

नेपाल (Nepal) का बर्दिया नेशनल पार्क (Bardiya National Park) वाइल्डलाइफ और नेचर पसंद करने वाले टूरिस्ट के बीच काफी पॉपुलर है। यहां जंगल सफारी में रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी और एक सींग वाले गैंडे जैसे जंगली जानवरों को देखने का मौका मिल सकता है। पार्क के पास ठाकुरद्वारा मंदिर भी टूरिस्ट और श्रद्धालुओं के घूमने के लिए खूबसूरत जगह है। कर्णाली नदी का इलाका अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। घोड़ाघोड़ी ताल नेपाल का प्रसिद्ध रामसर जगह है। यहां अलग-अलग तरह के पौधों के साथ रंग-बिरंगे पक्षियों को भी देखा जा सकता है।

नेपाल का सुर्खेत इलाका भी नेचुरल ब्यूटी और हिस्टोरिक साइट के लिए जाना जाता है। यहां कांक्रेविहार, बुलबुले ताल और देउती बज्यै मंदिर देखने लायक जगहें है।

नेपालगंज में बागेश्वरी मंदिर

रुपईडीहा बॉर्डर के पास नेपालगंज का बागेश्वरी मंदिर भी काफी प्रसिद्द है। यहां भारत और नेपाल दोनों देशों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बहराइच से रुपईडीहा तक बस का किराया और नेपाल के अंदर लोकल वाहन का खर्च मिलाकर लगभग 500 से 1000 रुपये में जर्नी की जा सकती है।

बहराइच से रुपईडीहा तक का खर्च

यदि बहराइच मुख्यालय से रुपईडीहा बॉर्डर जाना है तो बस का किराया करीब 100 रुपये तक लग सकते है। बहराइच से रुपईडीहा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। बस से उतरने के बाद बॉर्डर तक जाने के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल पहुंचा जा सकता है। इसके बाद नेपाल जाने पर लोकल रिक्शा, ऑटो और टेंपो से आगे की जर्नी की जा सकती है। रुपईडीहा से बॉर्डर पार करने के बाद नेपालगंज और कोहलपुर (Kohalpur) जाने के लिए लोकल बसें मिल जाती हैं। लोकल बस का किराया करीब 200 से 250 रुपये तक लग सकता है। आगे की जगहों पर घूमने के लिए 100 से 200 रुपये के आसपास किराए में लोकल ट्रांसपोर्ट मिल सकते हैं।

Viral Video: नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे हाथी, पानी में फंसा देख लोगों का पसीजा दिल

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। अचानक आए सैलाब ने बस्तियों, सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने और कई लोगों के लापता होने की खबर है। इस भयावह स्थिति के बीच अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में कुछ हाथी तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। ये बेजुबान जानवर पानी की लहरों के बीच खुद को बचाने और सुरक्षित जगह तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नेपाल से आए बाढ़ के पानी के कारण हाथी बहकर उत्तर प्रदेश के बहराइच के पास पहुंच गए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हाथियों की सलामती को लेकर चिंता जता रहे हैं और उनके सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी में फंसे 4-5 हाथी

वायरल वीडियो में कई हाथी तेज बहाव वाले पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। वे लगातार खुद को पानी की सतह से ऊपर रखने और बहाव के बीच आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। वीडियो रिकॉर्ड कर रहा एक शख्स बताता है कि नेपाल की तरफ से आए बाढ़ के पानी में बहकर ये हाथी उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कैलाशपुरी बैराज के आसपास पहुंच गए हैं। उसके मुताबिक, पानी में करीब चार से पांच हाथी फंसे हुए थे और उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही थी।

नेपाल से आए सैलाब में बहकर पहुंचे हाथी

बताया जा रहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का पानी कर्णाली नदी में पहुंचा, जिसे उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी के नाम से भी जाना जाता है। तेज बहाव के साथ हाथी भी बहकर भारतीय क्षेत्र की तरफ आ गए।हालात की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें हाथियों को बचाने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। अधिकारी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ-साथ प्रभावित वन्यजीवों पर भी नजर रख रहे हैं।

‘इंसानों के साथ जानवर भी झेल रहे हैं तबाही’

हाथियों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भावुक हो गए। लोगों ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवर भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। एक यूजर ने लिखा कि ऐसी त्रासदियों में अक्सर यह भूल जाता है कि जानवर भी उतनी ही तकलीफ झेलते हैं। एक अन्य यूजर ने हाथियों के लिए चिंता जताते हुए कहा कि इन बेजुबान जानवरों का अच्छी तरह ख्याल रखा जाना चाहिए। वहीं, एक व्यक्ति ने लिखा कि इतने सारे जानवरों को बाढ़ में फंसा देखकर उसका दिल टूट गया और आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

नेपाल में कैसे आई इतनी भयानक बाढ़?

जानकारी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ की शुरुआत करीब सुबह 9 बजे हुई, जब तिब्बत की तरफ से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा। इसके बाद बाढ़ का पानी नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों में फैल गया। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों में सैलाब ने भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव ने रास्तों, बस्तियों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।

रेस्क्यू टीमों की नजर अब हाथियों पर

एक तरफ राहत और बचाव दल बाढ़ में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, वहीं वन विभाग की टीमें हाथियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। वायरल वीडियो ने यह भी दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जंगल और वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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