25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 21 साल से था सक्रिय… चार राज्यों की पुलिस को थी तलाश

झारखंड के गिरिडीह में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मोचू और टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अजय महतो को पिपराडीह गांव के जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को उसके इलाके में मौजूद होने की पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

2005 से था एक्टिव

पुलिस के मुताबिक, अजय महतो साल 2005 से माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) कमांडर के पद पर काम कर रहा था। उस पर जबरन वसूली करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा हमलों की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के कई जिलों में अजय महतो के खिलाफ 240 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से उन इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा, जहां वह लंबे समय से सक्रिय था।

 ‘ऑपरेशन कगार’ है जारी

अजय महतो की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब झारखंड समेत कई राज्यों में सुरक्षा बल माओवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और उसकी विशेष कोबरा (CoBRA) कमांडो इकाइयां माओवादी नेताओं और उनके नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत ‘ऑपरेशन कगार’ भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य माओवादी प्रभावित इलाकों में कार्रवाई को और तेज करना है। इस अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारी बताते हैं कि अभियान के दौरान माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है और जंगलों व दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से माओवादी प्रभाव खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा तय की थी। सरकार का कहना है कि लगातार सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए तय समय के भीतर देश को माओवादी गतिविधियों से मुक्त बनाने की कोशिश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अजय महतो जैसे बड़े माओवादी नेताओं की गिरफ्तारी इसी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद माओवादी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को पकड़ना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और उनकी गतिविधियों को कमजोर करना है।

20 साल से बचा रहे हैं सांपों की जान | Arshad Khan | Snake whisperer | Wildlife rescuer

भारत में 350+ Snake Species पाई जाती हैं, लेकिन डर की वजह से ज़्यादातर सांपों को मार दिया जाता है।

इसी सोच को बदलने का काम पिछले 20 सालों से कर रहे हैं अरशद खान

8वीं क्लास से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें उत्तराखंड Forest Department के सबसे अनुभवी Snake Rescuers में शामिल करता है। अब तक वे 10,000+ कोबरा, हजारों दूसरे सांपों के साथ 75+ भालू , 30+ तेंदुए और कई अन्य वन्यजीवों का Rescue कर चुके हैं।

यह कहानी सिर्फ एक Snake Rescuer की नहीं, बल्कि इंसानों और Wildlife के बीच भरोसा कायम करने की है।

अगर कभी सांप दिखे, तो उसे मारने नहीं… सही मदद बुलाने की कोशिश कीजिए।

@wild_whisperer

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Snake News: चीन में कोबरा ने किसान को डसा, घबराई पत्नी ने किया टीवी वाला इलाज, खुद भी हो गई शिकार!

दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत में खेत में काम कर रहे एक किसान को अचानक कोबरा ने काट लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सांप के काटते ही किसान की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे चक्कर, कमजोरी और शरीर में सुन्नपन महसूस होने लगा। घटना के बाद परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत मदद की कोशिश करने लगे। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आ गया क्योंकि इसके बाद जो हुआ उसने सबको चौंका दिया। सांप के जहर से बचाव को लेकर अक्सर लोग गलत जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं, और यही इस घटना में भी देखने को मिला। डॉक्टरों ने बाद में साफ किया कि ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका होता है, वरना जहर तेजी से शरीर में फैल सकता है।

पत्नी ने टीवी देखकर किया खतरनाक इलाज

घबराई हुई पत्नी ने तुरंत वही किया जो उसने टीवी पर देखा था उसने अपने पति के घाव से जहर चूसने की कोशिश की। उसे लगा कि इससे जान बच जाएगी, लेकिन यही फैसला उसके लिए भी भारी पड़ गया।

दोनों को अस्पताल ले जाना पड़ा

कुछ ही घंटों बाद पत्नी के मुंह, जीभ और चेहरे में सुन्नपन शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिवार ने उसे भी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों को कोबरा के जहर से हल्का जहर चढ़ गया था और एंटी-वेनम देकर इलाज किया गया।

ये गलती कभी न करें

डॉक्टरों ने साफ कहा कि सांप के जहर को मुंह से चूसना बेहद खतरनाक है। मुंह की नसों के जरिए जहर सीधे शरीर में पहुंच सकता है। साथ ही घाव को काटना, जलाना या बर्फ लगाना भी नुकसानदायक हो सकता है।

सांप काटने पर क्या करें?

डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे समय में तुरंत अस्पताल जाएं और मरीज को कम से कम हिलाएं। सांप का रंग, आकार और निशान याद रखना या फोटो लेना इलाज में मदद कर सकता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में मामला

यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग इसे “टीवी ड्रामा वाली गलती” बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने पत्नी की चिंता और प्यार की भी तारीफ की है।

Ali Khamenei Funeral: खामेनेई के जनाजे में उमड़ी लाखों की भीड़, रोते-बिलखते दिखे लोग, VIDEO हुआ वायरल

भारत की बेहतरीन मॉनसून सफ़ारी, जहां बारिश में भी खत्म नहीं होता वाइल्डलाइफ़ सीज़न और भी बन जाता है रोमांचक!

भारत में मॉनसून का मौसम केवल हरियाली और ठंडी फुहारों का ही नहीं, बल्कि वन्यजीवन को उसके सबसे जीवंत और प्राकृतिक रूप में देखने का भी अवसर लेकर आता है। बारिश के साथ जंगल नई ऊर्जा से भर उठते हैं, नदियां और झरने लबालब हो जाते हैं तथा वनस्पतियां अपने पूरे सौंदर्य के साथ खिल उठती हैं। कुछ नेशनल पार्क इस मौसम में संरक्षण कार्यों के कारण बंद रहते हैं, लेकिन कई ऐसे स्थान भी हैं जहां मॉनसून सफ़ारी नेचर को बेहद करीब से महसूस करने का अनूठा एक्सपीरियंस देती है। आइए जानते हैं भारत के ऐसे ही कुछ शानदार मॉनसून सफ़ारी स्थलों के बारे में:

पश्चिम बंगाल में सुंदरबन

How to Plan a Sundarban Tour | Beginner's Travel Guide by Anahita

सुंदरबन नेशनल पार्क दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और यह गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा मेघना नदियों के विशाल डेल्टा क्षेत्र में फैला हुआ है। मॉनसून के दौरान यहां की नदियां, जलमार्ग और घने मैंग्रोव जंगल एक अनोखा प्राकृतिक दृश्य प्रस्तुत करते हैं। यहां सफ़ारी जीप से नहीं बल्कि नाव के माध्यम से की जाती है, जो इसे भारत के अन्य राष्ट्रीय उद्यानों से अलग बनाती है। यह क्षेत्र Royal Bengal Tiger, Saltwater Crocodile, Fishing Cat, Water Monitor Lizard और Irrawaddy Dolphin सहित अनेक दुर्लभ जीवों का प्राकृतिक आवास है। पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए भी यह एक शानदार डेस्टिनेशन माना जाता है।

उत्तराखंड का वैली ऑफ़ फ्लावर्स नेशनल पार्क

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान: उत्तराखंड में यूनेस्को की धरोहर का एक अनमोल रत्न – रहस्यमय हिमाचल

हिमालय की गोद में बसा वैली ऑफ़ फ्लावर्स नेशनल पार्क मॉनसून के दौरान प्रकृति का सबसे मनमोहक रूप प्रस्तुत करता है। जुलाई से सितंबर के बीच पूरी घाटी 500 से ज्यादा प्रजातियों के रंग-बिरंगे जंगली फूलों से ढक जाती है, जिनमें ब्लू पॉपी, प्रिमुला, एनीमोन, कोबरा लिली और कई दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियां शामिल हैं। UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह राष्ट्रीय उद्यान ट्रेकिंग, प्रकृति दर्शन और फोटोग्राफी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां Himalayan Black Bear, Musk Deer, Blue Sheep और दुर्लभ Snow Leopard जैसे वन्यजीव भी पाए जाते हैं। बारिश के मौसम में बहते झरने, बादलों से घिरी पर्वत श्रृंखलाएँ और हरी-भरी वादियां इस स्थान को किसी स्वर्ग से कम नहीं बनातीं।

दक्षिण में केरल का पेरियार नेशनल पार्क

घूमिये केरल स्थित पेरियार नेशनल पार्क, लीजिए जीप सफारी और नौका विहार का आनंद

पेरियार नेशनल पार्कपश्चिमी घाट के सबसे समृद्ध वन क्षेत्रों में से एक है और मॉनसून के दौरान इसकी हरियाली और भी घनी हो जाती है। पार्क के बीचों-बीच स्थित Periyar Lake इसकी सबसे बड़ी पहचान है, जहां बोट सफ़ारी के दौरान हाथियों के झुंड, Gaur, Sambar Deer, Wild Boar और कभी-कभी Bengal Tiger की झलक भी मिल सकती है। यह पार्क 300 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर है और यहां बांस राफ्टिंग, नेचर वॉक, जंगल ट्रेक तथा इको-टूरिज़्म एक्टिविटीज पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाती हैं। मॉनसून में झील के आसपास का शांत वातावरण और घने जंगल इसे यादगार एक्सपीरियंस बनाते हैं।

मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ नेशनल पार्क

बांधवगढ़ नेशनल पार्क में अद्भुत शेष शैय्या, 65 फ़ीट लंबी शयन मुद्रा में है विष्णु मूर्ति - नियो पॉलिटिको

बेहद सुंदर हैं Madhya Pradesh के ये 2 नेशनल पार्क, दूर-दूर से इन्हें देखने आते हैं Tourist

बांधवगढ़ नेशनल पार्क भारत के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्वों में से एक है और यहां बाघों की अच्छी-खासी आबादी पाई जाती है। घने साल के जंगल, बांस के वन, घास के मैदान और प्राचीन Bandhavgarh Fort इस पार्क की ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहचान हैं। यहां Bengal Tiger के अलावा Leopard, Sloth Bear, Jackal, Chital और Sambar Deer जैसे वन्यजीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। मॉनसून के दौरान पर्यटन क्षेत्र सामान्यतः कुछ समय के लिए बंद रहते हैं, लेकिन बारिश के बाद जंगल की ताज़गी, हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है।

कर्नाटक का अगुम्बे रेनफ़ॉरेस्ट

दक्षिण का चेरापूंजी कहलाता है कर्नाटक का यह गांव, बारिश, झरनों और हरियाली का ऐसा नजारा मानसून में स्वर्ग जैसा लगता है - News18 हिंदी

अगुम्बे रेनफ़ॉरेस्ट को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है क्योंकि यहाँ देश में सबसे ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में से एक है। Western Ghats का हिस्सा होने के कारण यह जैव विविधता से भरपूर वर्षावन है। मॉनसून के दौरान यहां ऊंचे-ऊंचे झरने, घने जंगल, बादलों से ढकी पहाड़ियां और हरियाली मन मोह लेती है। यह क्षेत्र King Cobra के संरक्षण और अध्ययन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा Lion-tailed Macaque, Malabar Giant Squirrel, Malabar Pit Viper तथा अनेक दुर्लभ पक्षी, मेंढक और तितलियों की प्रजातियां भी यहां पाई जाती हैं। ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, प्रकृति अध्ययन और वाइल्डलाइफ़ फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अगुम्बे मॉनसून के दौरान एक आइडियल डेस्टिनेशन माना जाता है।

महाराष्ट्र का संजय गांधी नेशनल पार्क

610+ Sanjay Gandhi National Park Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock | Mumbai, Delhi india, Jaipur

देश के सबसे अनोखे नेशनल पार्क में गिना जाने वाला यह पार्क महानगर मुंबई के बीचों-बीच स्थित है। लगभग 104 वर्ग किलोमीटर में फैला यह नेशनल पार्क मॉनसून के दौरान घने जंगलों, हरे-भरे पहाड़ी रास्तों, झरनों और समृद्ध जैव विविधता के कारण प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन जाता है। यहाँ Leopard, Spotted Deer, Sambar Deer, Rhesus Macaque और अनेक पक्षियों एवं तितलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। पार्क के भीतर स्थित लगभग 2,000 वर्ष पुरानी Kanheri Caves इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और भी खास बनाती हैं। मॉनसून में यहां की हरियाली, छोटी-छोटी जलधाराएं, नेचर ट्रेल, साइक्लिंग मार्ग और वन्यजीवों की एक्टिविटीज टूरिस्ट को शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बीच सुकून का एक्सपीरियंस कराती हैं।

मॉनसून सफ़ारी यह साबित करती है कि बारिश का मौसम वन्यजीवन के रोमांच को कम नहीं करता, बल्कि प्रकृति को और भी जीवंत बना देता है। हरे-भरे जंगल, कल-कल बहते झरने, धुंध से ढकी पहाड़ियां और वन्यजीवों की अनोखी एक्टिविटीज इस मौसम को खास बनाती हैं। यदि आप प्रकृति की असली खूबसूरती और जैव विविधता को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो मॉनसून में इन राष्ट्रीय उद्यानों की यात्रा एक यादगार अनुभव साबित हो सकती है। बस यात्रा से पहले पार्क के नियमों और मौसम की जानकारी जरूर ले, ताकि आपका सफर सेफ रहे।

चप्पल पर बार-बार हमला करता दिखा सांप, निकला इतना ज्यादा हरे रंग का जहर! वायरल वीडियो ने लोगों को किया हैरान

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, जिसे देखकर कई यूजर्स हैरानी जताते नहीं थक रहे। महज 8 सेकंड की ये क्लिप तेजी से वायरल हो रही है और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर की जा रही है। वीडियो में एक सांप बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आता है, जिसकी हरकतें लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। सबसे ज्यादा ध्यान उस पल ने खींचा, जब हमले के दौरान उसके मुंह से हरे रंग जैसा तरल निकलता दिखाई देता है। यही वजह है कि इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे और सवाल सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि यह छोटा-सा वीडियो लोगों की जिज्ञासा और का कारण बन गया है।

पत्थरों के बीच फंसा था सांप, फिर हुआ अचानक हमला

वीडियो में सांप पत्थरों के बीच बैठा दिखाई देता है। तभी एक व्यक्ति उसके सामने चप्पल ले जाता है। खतरा महसूस होते ही सांप लगातार चप्पल पर वार करने लगता है। इसी दौरान उसके मुंह से बड़ी मात्रा में हरे रंग का तरल निकलता दिखाई देता है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।

क्या सच में इतना जहर छोड़ सकता है सांप?

विशेषज्ञों के अनुसार, हर बार सांप के काटने पर समान मात्रा में जहर नहीं निकलता। ये उसकी प्रजाति, उम्र, आकार और उस समय महसूस हो रहे खतरे पर निर्भर करता है। कई बार सांप बिना जहर छोड़े भी काटते हैं, जिसे ड्राई बाइट कहा जाता है।

हरे रंग का तरल हमेशा जहर नहीं होता

वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला हरा तरल देखकर कई लोगों ने इसे सांप का जहर मान लिया। हालांकि, केवल वीडियो देखकर ये तय नहीं किया जा सकता कि वो वास्तव में जहर ही है। किसी भी वायरल क्लिप के आधार पर वैज्ञानिक निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जाता।

लोगों ने दिए मजेदार और हैरान करने वाले रिएक्शन

वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर कमेंट किए। किसी ने इसे बेहद डरावना बताया तो किसी ने मजाक करते हुए लिखा कि “इतना गुस्सा तो इंसानों में भी कम देखने को मिलता है।” कुछ लोगों ने वीडियो की सच्चाई पर भी सवाल उठाए।

सांप दिखे तो क्या करें?

  • सांप को छेड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें।
  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • तुरंत वन्यजीव या रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

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