पहली LinkedIn पोस्ट और उसमें नौकरी जाने की खबर! 37 साल तक Microsoft का दिया साथ, फिर एक झटके में गई जॉब

37 साल… किसी नौकरी में बिताया गया यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मेहनत, भरोसे और अनगिनत यादों का सफर होता है। केविन लाचैपल ने माइक्रोसॉफ्ट में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरुआत की और अपनी मेहनत के दम पर Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स को नई पहचान दी, लेकिन आखिरकार एक दिन उनका भी नाम छंटनी की लिस्ट में शामिल हो गया। सबसे भावुक बात यह रही कि 21 साल पुराने LinkedIn अकाउंट पर उन्होंने पहली बार कोई पोस्ट की और वह भी अपने 37 साल लंबे करियर के खत्म होने की खबर शेयर करने के लिए।

37 साल बाद नौकरी जाने की खबर बनी Xbox VP की पहली LinkedIn पोस्ट

केविन लाचैपल ने माइक्रोसॉफ्ट में 37 साल तक काम किया और इस दौरान कंपनी की कई बड़ी कंज्यूमर टेक्नोलॉजी विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरुआत की और बाद में Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी और क्लाउड गेमिंग जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। लेकिन इस बार उनकी LinkedIn पोस्ट किसी नई उपलब्धि या प्रोडक्ट लॉन्च के बारे में नहीं थी, बल्कि नौकरी जाने की खबर थी। लाचैपल ने LinkedIn पर बताया कि वे Microsoft के Xbox डिवीजन में हाल ही में हुई छंटनी का हिस्सा बने हैं। उन्होंने लिखा, “आज Xbox से निकाले गए कर्मचारियों की सूची में मेरा भी नाम शामिल हो गया। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट में मेरा 37 साल का सफर खत्म हो गया।”

37 साल बाद पहली LinkedIn पोस्ट में सुनाई अपनी कहानी

केविन लाचैपल की यह पोस्ट उनके LinkedIn अकाउंट की पहली और अब तक की इकलौती पोस्ट है। उनका अकाउंट मई 2005 में बना था, लेकिन करीब 21 साल तक उस पर कोई अपडेट नहीं किया गया। आखिरकार उन्होंने अपने लगभग चार दशक लंबे करियर के खत्म होने की जानकारी इसी पोस्ट के जरिए साझा की। माइक्रोसॉफ्ट में बिताए अपने समय को याद करते हुए लाचैपल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक Xbox की उस टीम का नेतृत्व करना था, जिसने Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी फीचर तैयार किया। इसकी मदद से पुराने Xbox गेम्स नए कंसोल पर भी खेले जा सकते हैं।

उन्होंने लिखा कि उनकी सबसे अच्छी यादें उन बेहतरीन इंजीनियरों के साथ काम करने की हैं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाया। लाचैपल ने यह भी बताया कि उन्हें आज भी वह पल याद है, जब E3 2015 इवेंट में उस समय के Xbox प्रमुख फिल स्पेंसर ने पहली बार इस फीचर की घोषणा की थी। उस दौरान वह खुद भी ऑडिटोरियम में मौजूद थे।

लाचैपल ने बताया कि जब Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी फीचर की घोषणा की गई थी, तब दर्शकों की प्रतिक्रिया शानदार थी। उनके मुताबिक, वह पल उनके करियर की सबसे यादगार घटनाओं में से एक था। इसके बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड गेमिंग टीम का नेतृत्व किया। आगे चलकर यही प्रोजेक्ट ‘प्रोजेक्ट xCloud’ बना, जो Xbox की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया। लाचैपल का मानना है कि आने वाले समय में लोग कहीं भी हों, मनोरंजन का ज्यादातर कंटेंट स्ट्रीमिंग के जरिए ही देखेंगे और इस्तेमाल करेंगे। कंपनी छोड़ते समय उन्होंने Xbox के पूर्व प्रमुख करीम चौधरी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट में अपने 37 साल के करियर के दौरान करीम चौधरी उनके सबसे अच्छे मैनेजर रहे।

विंडोज से लेकर Xbox क्लाउड गेमिंग तक, 37 साल का शानदार सफर

केविन लाचैपल ने तीन दशक से भी ज्यादा समय पहले माइक्रोसॉफ्ट में अपने करियर की शुरुआत की थी। Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बनने से पहले उन्होंने कंपनी के कई बड़े विभागों में काम किया और कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे। उनके योगदान में Project xCloud को शुरू करने में अहम भूमिका निभाना, Microsoft Expression Encoder बनाने वाली टीम की स्थापना करना, HighMAT मल्टीमीडिया फॉर्मेट का सह-विकास करना, Windows के शुरुआती संस्करणों पर काम करना, Windows Movie Maker का पहला संस्करण लॉन्च करना और Xbox में वीडियो स्ट्रीमिंग व बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी जैसे फीचर विकसित करना शामिल है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्हें स्ट्रीमिंग, वीडियो एडिटिंग और मल्टीमीडिया तकनीक से जुड़े 17 पेटेंट भी मिले।

माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने से पहले लाचैपल Xbox के क्लाउड, कंसोल और पीसी प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह बड़ी इंजीनियरिंग टीमों का नेतृत्व करते थे और कंपनी की तकनीकी योजनाओं को बिजनेस रणनीति के साथ जोड़ने का काम करते थे।

Xbox में बड़े बदलाव के बीच गई केविन लाचैपल की नौकरी

केविन लाचैपल ऐसे समय में माइक्रोसॉफ्ट से अलग हुए हैं, जब Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े पुनर्गठन से गुजर रहा है। हाल ही में Xbox की सीईओ आशा शर्मा ने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी बड़े बदलाव के तहत करीब 3,200 पद खत्म करेगी। यह Xbox के कुल कर्मचारियों का लगभग 20 प्रतिशत है। इनमें से 1,600 नौकरियां तुरंत समाप्त की जाएंगी, जबकि बाकी कटौती वित्त वर्ष 2027 तक पूरी की जाएगी। इसके अलावा कंपनी चार गेम स्टूडियो बेच रही है और एक अन्य स्टूडियो को भी अलग करने की तैयारी में है।

कर्मचारियों को भेजे गए एक संदेश में आशा शर्मा ने कहा कि कंपनी का कारोबार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि Xbox का मुनाफा (मार्जिन) इस क्षेत्र की दूसरी कंपनियों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने गेमिंग इंडस्ट्री में चल रही हार्डवेयर से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि अब Xbox के कारोबार को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत है।

Viral Post: ‘मेरी नौकरी जाने वाली है’, लेऑफ की चर्चा के बीच माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी का इमोशनल पोस्ट हुआ वायरल

माइक्रोसॉफ्ट के एक कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगता है कि आने वाली लेऑफ में उनका नाम भी शामिल हो सकता है। वहीं कंपनी ने अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में बताया कि दफ्तर में पिछले कुछ समय से ऐसे कई संकेत मिल रहे थे, जिनसे उन्हें अंदाजा हो गया था कि उनकी नौकरी खतरे में है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

पोस्ट के मुताबिक काम करने के तरीके में बदलाव, प्रोजेक्ट्स का दूसरी टीमों को सौंपा जाना और मैनेजर की ओर से पहले जैसी बातचीत या प्रतिक्रिया न मिलना इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि उनकी भूमिका खत्म की जा सकती है।

कर्मचारी ने किया पोस्ट

कर्मचारी ने बताया कि, उन्हें पहले ही उनके नियमित प्रोजेक्ट से अलग कर दिया गया था और अब उनके मैनेजर की ओर से भी पहले जैसी बातचीत या मार्गदर्शन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि दफ्तर में हो रहे इन बदलावों को लेकर उनके सहकर्मी भी असमंजस में थे और किसी को स्पष्ट रूप से यह नहीं पता था कि आखिर इन फैसलों के पीछे क्या वजह है। कर्मचारी ने लिखा, “मेरे मैनेजर को 30 तारीख को लेऑफ लिस्ट मिल रही है। लेकिन मुझे पता है कि मुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि काम पर अनिश्चितता महीनों से चल रही थी और मानसिक रूप से थका देने वाली हो गई थी।

अफवाहें मेंटली थका देती है

उनके मुताबिक लगातार रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनी की चर्चाओं के कारण काम पर ध्यान लगाना और खुद को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने लिखा, “और सच कहूं तो? मुझे राहत महसूस हो रही है। इसलिए नहीं कि नौकरी छूटना मजेदार है। इसलिए नहीं कि मार्केट बहुत अच्छा है। इसलिए नहीं कि मैंने सब कुछ समझ लिया है। मुझे राहत इसलिए मिल रही है क्योंकि अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो रही है।” उनके मुताबिक कंपनी में छंटनी की अफवाहें, बार-बार होने वाले बदलाव, कामकाज में सुधार की चर्चाएं और अच्छे कर्मचारियों को जाते देखना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में यह डर बना रहता था कि अगली बारी कहीं उनकी तो नहीं होगी।

लेऑफ होने पर कैसा होगा इमोशन

उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे माहौल में रहना इसे छोड़ने से भी ज्यादा बुरा लगने लगा था। “किसी समय आप लेऑफ होने की चिंता करना बंद कर देते हैं और इस बात की चिंता करने लगते हैं कि यहं रहने से आपका क्या होगा।” कर्मचारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लेऑफ ऑफिशियली होने के बाद उनकी भावनाएं कैसी होंगी। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि जब यह असल में होगा, तब भी मुझे अलग तरह से महसूस हो। लेकिन अभी, एक नई शुरुआत की संभावना एक और साल की अनिश्चितता से बेहतर लग रही है। क्या कोई और उस पॉइंट तक पहुंचा है?”

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ ऐसा तब हुआ जब मैं कोविड से प्रभावित इंडस्ट्री में था। अपने रोल की वजह से मुझे ऐसी जानकारी थी जो दूसरों को नहीं थी (इसलिए मुझे फाइनेंशियल बातें पता थीं और यह भी कि कंपनी शायद टिक न पाए) और फिर मैंने अपने मैनेजर को एक माइक्रोमैनेजर के हाथों खो दिया। मुझे जाने में राहत मिली।” दूसरे व्यक्ति ने कमेंट लिखा, “जब आप नर्ड्स को मैनेज करने के लिए साइकोपैथ्स का एक झुंड लाते हैं तो यही होता है।”

एक व्यक्ति ने आगे कहा, “अभी अमेरिका में हर कॉर्पोरेशन में यही हो रहा है। और वे “प्रोफिशिएंसी को ऑप्टिमाइज करने” जैसी बकवास करते हैं। असल में यह अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करने के लिए कॉस्ट कटिंग है।”