Hanuman Ansh Box Office Collection Day 58: बॉक्स ऑफिस पर नहीं थम रहा ‘हनुमान अंश’ का तूफान, 58वें दिन भी छापे करोड़ों

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 58: बॉक्स ऑफिस पर आमतौर पर फिल्मों की असली ताकत उनकी ओपनिंग से आंकी जाती है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने इस सोच को कुछ हद तक बदल दिया है। फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही और पहले हफ्ते इसकी कमाई सिर्फ 1.08 करोड़ रुपये थी। इसके बाद कहानी धीरे-धीरे बदली और दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ती गई। नतीजा यह रहा कि रिलीज के 58 दिन बाद फिल्म का नेट कलेक्शन 321.22 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन 379.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

58वें दिन हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर 1.59 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। हालांकि कमाई की रफ्तार पकड़ने के बाद से यह हनुमान अंश का अब तक सबसे कम कलेक्शन देखा गया है। 9वें वीकेंड और थिएटर्स में दृश्यम 3 (Drishyam 3) के आने का असर अब धीरे-धीरे इस पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

Sacnilk के अनुसार 56वें ​​दिन ‘हनुमान अंश’ ने 4,345 शो में ₹2.85 करोड़ की नेट कमाई की थी। इससे भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹374.80 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन ₹317.33 करोड़ हो गया था। विदेशों में फिल्म ने 56वें ​​दिन ₹0.10 करोड़ कमाए थे, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन ₹39.20 करोड़ हो गया था।

वीक्स के दौरान ‘हनुमान अंश’ के कलेक्शन के आंकड़े भारतीय सिनेमा की एक बड़ी तस्वीर दिखाते हैं और यह बताते हैं कि कैसे यह फिल्म एक गेम-चेंजर साबित हुई। पहले हफ्ते में फिल्म ने ₹1.08 करोड़ कमाए। इसके बाद दूसरे और तीसरे हफ्ते में ₹0.40 करोड़ और ₹10.40 करोड़ की कमाई हुई। चौथे बीक में फिल्म ने ₹61 करोड़ कमाए, जिसके बाद 5वें वीक में ₹90.25 करोड़ और छठे वीक में ₹80.25 करोड़ की कमाई हुई। अपने सातवें वीक में इसने ₹44.80 करोड़ की कमाई की और यह सिलसिला अभी भी जारी है।

शुरुआत में इस फ़िल्म को देखने वाले दर्शकों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी। लेकिन जिन लोगों ने इसे देखा उन्होंने इसकी तारीफ करनी शुरू कर दी। फिल्म का विषय भी इसे एक खास तरह के दर्शक वर्ग से जोड़ता है। नीम करौली बाबा के भारत और विदेशों में बहुत सारे अनुयायी हैं। उनके जीवन पर बनी फिल्म ऐसे दर्शकों को भी जोड़ सकती है जो शायद आम तौर पर बॉलीवुड की फिल्में नहीं देखते।

डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ एक बायोग्राफिकल डिवोशनल ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म उनकी किताब ‘डिवाइन डिटूर: दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित है, जिसमें नीम करौली बाबा के जीवन की कहानी बताई गई है। फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं।

‘हनुमान अंश’ ने 56वें दिन भी कमा लिए इतने करोड़! क्या आप भूमियाधार के उस फेमस झरने को जानते हैं जहां का पानी पीते थे नीम करौली बाबा?

अपने चमत्कारों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध बाबा नीब करौली महाराज का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके उनकी आध्यात्मिक यात्रा के महत्वपूर्ण केंद्र बने। इन्हीं महत्वपूर्ण केंदों में शामिल है नैनीताल की ठीक करीब पड़ने वाला भूमियाधार। ये केंद्र कई श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा है।

लोकल 18 के रिपोर्टर शैलेंद्र सिंह नेगी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भूमियाधार को बाबा का शुरुआती महत्वपूर्ण आश्रम बताया गया है, जो कैंची धाम से पहले के समय से जुड़ा है। मान्यताओं और बाबा के बारे में चर्चित किस्सों पर यकीन करें तो बाबा भूमियाधार का पानी नियमित रूप से पीते थे। बाबा नीब करौरी महाराज जिस जलधारा का पानी पीते थे उससे लोगों की आस्था आज भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों की मान्यता है कि इस पानी को पीने से किसी भी तरह के रोग नहीं होते।

स्थानीय निवासी किशोरी लाल का दावा है कि उन्होंने बाबा जी को सबसे पहले नौ वर्ष की उम्र में देखा था। यह साल 1951-52 की बात रही होगी। उनका दावा है कि उन्हीं के सामने उनके बुजुर्गों ने बाबा जी के कहने पर भूमियाधार में मंदिर की स्थापना की। बाबा जब भी इस इलाके में रहते थे, तो इस मंदिर के ठीक ऊपर जंगल में मौजूद एक जल स्रोत का पानी ही पिया करते थे।

आज लोग उसे जल स्रोत तक नहीं जाते, क्योंकि वहां से एक पाइप के जरिए पानी को मंदिर के ठीक सामने लाया गया है। जहां से पूरे गांव को इस पानी की सप्लाई होती है। स्थानीय मान्यता के मुताबिक बाबा नीब करौरी महाराज जब कैंची धाम में भी रहते थे तब भी घोड़े के जरिए यही से उनके पीने का पानी जाया करता था। उनके भक्त उनके लिए पानी का प्रबंध किया करते थे।

नैनीताल जिले में भवाली-भीमताल-नैनीताल मार्ग के बीच स्थित भूमियाधार का संबंध परम पूज्य बाबा नीम करौली महाराज की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा जाता है। कैंची धाम की ख्याति दुनिया भर में फैलने से पहले बाबा नीम करौली महाराज का भूमियाधार से भी गहरा संबंध बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूमियाधार में बाबा का आश्रम 1962 के दशक में स्थापित हुआ था और यह स्थान उनके शांत एकांत साधना स्थलों में शामिल रहा।

बाद में यहां हनुमान मंदिर की स्थापना भी हुई। भूमियाधार और बाबा की स्मृतियां भूमियाधार की शांत पहाड़ी, जंगलों से घिरा वातावरण और प्राकृतिक जलस्रोत इस स्थान को अलग पहचान देते हैं। हालांकि बाबा के जीवन से जुड़ी मौखिक परंपराओं और भक्तों की स्मृतियों में कई प्रसंग मिलते हैं, लेकिन भूमियाधार के पानी के नियमित सेवन से जुड़ा दावा मुख्यत श्रद्धालुओं की मान्यता के रूप में ही देखा जाता है। पानी से जुड़ी बाबा की एक और प्रसिद्ध मान्यता बाबा नीम करौली महाराज पर रिसर्च करने वाले कुणाल माधव मिश्रा के मुताबिक बाबा के जीवन में पानी और जलस्रोतों से जुड़े कई प्रसंग भक्तों की कथाओं में मिलते हैं।

भूमियाधार और आसपास के क्षेत्र से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा में महामारी के समय बाबा द्वारा पानी और तुलसी के उपयोग का उल्लेख मिलता है। इस कथा के अनुसार ग्रामीणों ने बाबा से सहायता मांगी और बाबा ने स्रोत के जल को लोगों को देने की बात कही। यह प्रसंग भक्त परंपरा में बाबा की करुणा और सेवा भावना से जोड़ा जाता है। कैंची धाम की स्थापना से पहले बाबा का यहां रहना, भक्तों से मिलना और एकांत में समय बिताना इस स्थान को उनके अनुयायियों के लिए विशेष बनाता है।

वर्तमान में भी यहां हनुमान मंदिर और आश्रम श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। उपलब्ध तीर्थ-जानकारी के अनुसार यह स्थान भवाली से लगभग 10 किलोमीटर और कैंची धाम से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर है। पहाड़ों में पानी का अपना अलग महत्व है। प्राकृतिक स्रोतों से निकलने वाला निर्मल जल सदियों से ग्रामीण जीवन का आधार रहा है। भूमियाधार में भी जल और आध्यात्मिक परंपरा एक-दूसरे से जुड़ते दिखाई देते हैं।

बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े होने के कारण यहां के पानी को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाएं और मजबूत हो जाती हैं। कोई इसे बाबा की स्मृति मानता है तो कोई इसे उस पवित्र भूमि का प्रसाद समझकर ग्रहण करता है। भूमियाधार की पहाड़ी आज जब देश-विदेश से श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं, उनमें से अनेक बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े दूसरे स्थलों के दर्शन भी करना चाहते हैं।

भूमियाधार ऐसा ही एक स्थान है, जहां कैंची धाम से पहले की बाबा की स्मृतियों को महसूस करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। शांत पहाड़, मंदिर की घंटियां, देवदार और बांज के जंगलों के बीच बसा यह स्थान बाबा के भक्तों के लिए आज भी आस्था का केंद्र है। भूमियाधार के पानी को बाबा नीम करौली महाराज के जीवन से जोड़ने वाली बात चाहे भक्तों की मौखिक परंपरा हो, लेकिन इस स्थान की आध्यात्मिक पहचान और बाबा से इसका ऐतिहासिक संबंध इसे उत्तराखंड के महत्वपूर्ण नीम करौली स्थलों में शामिल करता है।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 49: बॉक्स ऑफिस पर थमने का नाम नहीं ले रही ‘हनुमान अंश’, 49वें दिन कर डाली इतनी कमाई

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 49: विशाल चतुर्वेदी की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ 49 दिनों के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। 10 लाख रुपये से शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने 49 दिनों में भारत में 288 करोड़ रुपये की कमाई की है।

Sacnilk के अनुसार 49वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने 6,729 शो में कुल मिलाकर ₹3.65 करोड़ की नेट कमाई की। इससे भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹340.55 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन ₹288.33 करोड़ हो गया है। विदेशों में फिल्म ने 49वें दिन ₹0.75 करोड़ कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन ₹36.50 करोड़ हो गया है। इससे दुनिया भर में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹377.05 करोड़ हो गया है।

‘हनुमान अंश’ ने अपने पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ रुपये कमाए। दूसरे हफ्ते में सिर्फ 40 लाख रुपये और कलेक्शन में जुड़े। इस तरह 14 दिनों के बाद फिल्म ने सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये कमाए थे। तीसरे हफ्ते में 10.4 करोड़ रुपये की कमाई हुई। अकेले 17वें दिन फिल्म ने 2.2 करोड़ रुपये कमाए। 19वें दिन 2.35 करोड़ रुपये और खाते में आए। चौथा वीक और भी जबरदस्त रहा। फिल्म ने 22वें दिन 6.25 करोड़ रुपये, 23वें दिन 9.25 करोड़ रुपये और 24वें दिन 12.75 करोड़ रुपये कमाए।

शुरुआत में इस फिल्म को बहुत ज्यादा दर्शक नहीं मिले। लेकिन जिन लोगों ने इसे देखा, उन्होंने इसकी तारीफ की। फिल्म का विषय भी इसे एक खास तरह के दर्शक वर्ग से जोड़ता है। भारत और विदेशों में नीम करौली बाबा के बहुत सारे अनुयायी हैं। उनके जीवन पर बनी फ़िल्म ऐसे दर्शकों को भी आकर्षित कर सकती है जो शायद आम तौर पर बॉलीवुड फिल्में नहीं देखते।

डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ एक बायोपिक और भक्ति-भाव वाली ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म उनकी किताब ‘डिवाइन डिटूर दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित है, जिसमें नीम करौली बाबा के जीवन की कहानी बताई गई है। फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं।

थिएटर में नंगे पैर ‘हनुमान अंश’ देखते नजर आया मुस्लिम शख्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सिनेमा हॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देख रहा है। कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि फिल्म देखते समय वह बिना जूते-चप्पल के बैठा है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी खूब पसंद की जा रही है।

वीडियो में वह व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद टोपी पहने हुए बिना जूते-चप्पल के थिएटर में बैठा दिखाई दे रहा है। वह फिल्म देखने में पूरी तरह मग्न है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि कोई उसका वीडियो बना रहा है।

वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “बिना राजनीति वाला भारत।” दूसरे ने लिखा, “वे दशकों से चल रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण से उसके मन को दूषित करने में नाकाम रहे।”

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच यह वायरल क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में मिराज सिनेमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नीम करोली बाबा के लिए सीट नंबर 9 आरक्षित करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि बाबा अपने भक्तों के साथ फिल्म देखेंगे।

नंगे पैर फिल्म देखने आए एक व्यक्ति का वीडियो और उस पर ऑनलाइन मिली प्रतिक्रियाओं ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।

नीम करौली बाबा, जिनका जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वे हनुमान के परम भक्त थे। 1960 और 1970 के दशक में कैंची धाम और वृंदावन में अपने आश्रमों के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी शिक्षाओं ने पश्चिमी देशों के कई साधकों को आकर्षित किया, जिनमें हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्परट (राम दास) और आध्यात्मिक साधक भगवान दास प्रमुख थे।

उनकी शिक्षाओं में निस्वार्थ सेवा और भक्ति पर जोर दिया गया था, जिसे संक्षेप में “सब से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ” कहा जाता है। हालांकि उनके अनुयायियों द्वारा बताई गई बातों में उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी घटनाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन ये कहानियाँ उनके आध्यात्मिक जीवन-वृत्तांत का हिस्सा हैं, न कि प्रमाणित इतिहास का।

11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनके निधन के बाद, उनकी विरासत दुनिया भर में फैली और स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी प्रमुख पश्चिमी हस्तियों को प्रभावित किया; इन सभी ने उनके कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था।

खबरों के अनुसार, 1.8 करोड़ रुपये के कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग 10 लाख रुपये की शुरुआती कमाई की और 28वें दिन तक 62 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई कर ली। फिल्म निर्माताओं का मानना ​​है कि लोगों के बीच फिल्म की अच्छी चर्चा (वर्ड ऑफ माउथ) के कारण ही यह फिल्म इतने लंबे समय तक सिनेमाघरों में चल पाई।