अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की लाइफलाइन यानी H-1B वीजा पर नया संकट मंडरा रहा है। अमेरिका में छंटनी के दौर में लगभग 10 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को जॉब छूटने के बाद भारत लौटना पड़ा है। क्योंकि 60 दिन के ग्रेस पीरियड में भी उन्हें नई नौकरी नहीं मिल पाई। अमेरिकी सिजिटनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (यूएससीआईएस) के इस साल की पहली छमाही के आंकड़ों में ये खुलासा हुआ है। इसकी तुलना में पिछले साल भर में लगभग 5100 भारतीय प्रोफेशनल्स को अमेरिका छोड़ना पड़ा था। ओवरस्टे करने पर कार्रवाई होगी अमेरिका में H-1B वीजा पर प्रोफेशनल्स को नई जॉब के लिए 60 दिन के दौरान नया एम्प्लॉयर खोजने का समय मिलता है। इस दौरान काम नहीं कर सकता है। इसके बावजूद यदि कोई ओवरस्टे करता है तो कड़ी कार्रवाई होती है। रिमूवल प्रोसीडिंग्स जैसे डिपोर्ट किया जा सकता है। इसके बाद अमेरिका में री-एंट्री बैन भी लग सकता है। 60 दिन की मोहलत खत्म करने पर अड़े ट्रम्प राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प H-1B वीजा पर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। 60 दिन में नई नौकरी खोजने की मोहलत के प्रावधान को भी खत्म करने वाले बिल पर अड़े हुए हैं। उन्होंने इस प्रावधान को खत्म करने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। बिल पर आगे क्या होगा? बिल को अमेरिकी कांग्रेस में रखा जाएगा। इसमें ट्रम्प को बहुमत है, लेकिन ट्रम्प के कट्टरपंथी समर्थक इसे पास कराने पर अड़े हुए हैं। ये सभी प्रवासी विरोधी हैं। बिल पास होने पर क्या होगा? बिल पास हुआ तो H-1B धारकों को जॉब छूटते ही अमेरिका को छोड़कर जाना होगा। 60 दिन तक नौकरी ढूंढने की मोहलत खत्म कर दी जाएगी। H-1B संसद की मंजूरी से लाया गया है, इसलिए ट्रम्प इसे संसद से ही नए बिल के जरिए पलट सकते हैं। कोर्ट में चुनौती संभव है? H-1B वीजा में 60 दिन की मोहलत वाले प्रावधान को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। ट्रम्प के पहले के आदेश जैसे टैरिफ और जन्मजात नागरिकता जैसे मनमाने आदेशों को कोर्ट पलट चुका है। भारतीय नए देश तलाशेंगे? भारतीय प्रोफेशनल्स कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का रुख करने भी लगे हैं। ये सभी देश आसान शर्तों पर प्रोफेशनल वीजा जारी भी कर रहे हैं। ————————– अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे: इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे अमेरिकी सरकार 2 लाख विदेशी नागरिकों के बिजनेस (B1) और टूरिस्ट वीजा (B2) रद्द करने की तैयारी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की लाइफलाइन माने जाने वाले H-1B वीजा पर नया संकट मंडरा रहा है। अमेरिका में चल रही छंटनी के बीच इस साल की पहली छमाही में करीब 10 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को नौकरी जाने के बाद अमेरिका छोड़कर भारत लौटना पड़ा। इन्हें 60 दिन के ग्रेस पीरियड में नई नौकरी नहीं मिल पाई। अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (USCIS) के इस साल की पहली छमाही के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। इसकी तुलना में पूरे 2025 में करीब 5,100 भारतीय प्रोफेशनल्स को अमेरिका छोड़ना पड़ा था। यानी इस साल सिर्फ छह महीने में यह संख्या पिछले पूरे साल के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई। नौकरी जाने पर अभी 60 दिन का समय H-1B वीजा पर काम कर रहे किसी प्रोफेशनल की नौकरी चली जाती है तो मौजूदा नियमों के तहत उसे अधिकतम 60 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है। इस दौरान वह नया एम्प्लॉयर तलाश सकता है और अपना H-1B स्टेटस बनाए रखने की कोशिश कर सकता है। अगर इस अवधि में नई नौकरी नहीं मिलती तो उसे अमेरिका में रहने का वैध आधार खत्म होने से पहले देश छोड़ना पड़ सकता है। तय अवधि खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रुके रहना ओवरस्टे माना जा सकता है। ऐसे मामले में इमिग्रेशन अधिकारियों की कार्रवाई हो सकती है। इसमें रिमूवल प्रोसीडिंग्स यानी देश से निकाले जाने की कार्रवाई और कुछ परिस्थितियों में अमेरिका में दोबारा प्रवेश पर रोक भी शामिल हो सकती है। ट्रम्प 60 दिन की मोहलत खत्म करने पर अड़े राष्ट्रपति ट्रम्प H-1B वीजा को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं। अब 60 दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करने की कोशिश भी इसी नीति का हिस्सा बताई जा रही है। ट्रम्प प्रशासन की ओर से इस प्रावधान को खत्म करने वाले बिल को मंजूरी दी गई है। अगर यह कानून बनता है तो H-1B धारकों के लिए नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने की मौजूदा 60 दिन की सुविधा खत्म हो सकती है। बिल पर आगे क्या होगा? बिल को अमेरिकी कांग्रेस में रखा जाएगा। वहां इसे पास कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। रिपब्लिकन पार्टी के पास कांग्रेस में बहुमत है, लेकिन बिल को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय हो सकती है। ट्रम्प के कट्टर समर्थक H-1B व्यवस्था को और सख्त करने और प्रवासियों की संख्या कम करने की मांग करते रहे हैं। बिल पास होने के बाद ही यह साफ होगा कि मौजूदा 60 दिन की व्यवस्था पूरी तरह खत्म होगी या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। कोर्ट में चुनौती संभव अगर ग्रेस पीरियड खत्म करने वाला कानून या उससे जुड़ा सरकारी आदेश लागू होता है तो उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है। ट्रम्प प्रशासन के इमिग्रेशन से जुड़े कई फैसले पहले भी अदालतों तक पहुंचे हैं। जन्मजात नागरिकता समेत कुछ आदेशों को लेकर सरकार को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा है। हालांकि H-1B के 60 दिन वाले प्रावधान को खत्म करने वाले किसी नए कानून को अदालत किस आधार पर और किस हद तक रोक सकती है, यह उसके अंतिम स्वरूप और कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा। कनाडा-जर्मनी जैसे देशों का रुख कर रहे भारतीय H-1B को लेकर बढ़ती सख्ती के बीच भारतीय प्रोफेशनल्स दूसरे देशों के विकल्प भी तलाश रहे हैं। कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में प्रोफेशनल्स के लिए अलग-अलग वीजा और इमिग्रेशन प्रोग्राम मौजूद हैं। अगर अमेरिका में नौकरी जाने के बाद H-1B धारकों के रुकने की मौजूदा सुविधा खत्म होती है, तो इन देशों का आकर्षण भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और दूसरे हाई-स्किल्ड वर्कर्स के लिए बढ़ सकता है। इसका असर सिर्फ उन लोगों पर नहीं पड़ेगा, जो अभी अमेरिका में काम कर रहे हैं। अमेरिका में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स को भी अपना करियर प्लान बदलना पड़ सकता है। ————————– अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे: इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे अमेरिकी सरकार 2 लाख विदेशी नागरिकों के बिजनेस (B1) और टूरिस्ट वीजा (B2) रद्द करने की तैयारी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
Pharma Mutual Funds: पिछले एक साल में फार्मा सेक्टर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। Nifty Pharma Index करीब 25% चढ़ा है। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टोरल म्यूचुअल फंड्स ने 11% से 30% तक रिटर्न दिया है।
Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, 19 एक्टिव फार्मा सेक्टोरल फंड्स में से सिर्फ 10 फंड्स ने एक साल में 20% से ज्यादा रिटर्न दिया। इन फंड्स का औसत रिटर्न 20.7% रहा। BSE Healthcare TRI ने इस दौरान 18.68% रिटर्न दिया।
1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले 10 फार्मा फंड
| फंड | 1 साल का रिटर्न |
| Kotak Healthcare Direct | 29.80% |
| HDFC Pharma and Healthcare Direct | 28.85% |
| PGIM India Healthcare Direct | 28.04% |
| Quant Healthcare Direct | 27.02% |
| Bajaj Finserv Healthcare Direct | 26.30% |
WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Direct | 25.87% |
ICICI Pru Nifty Pharma Index Direct | 23.89% |
| SBI Healthcare Opportunities Direct | 23.59% |
| Mirae Asset Healthcare Direct | 22.91% |
| Tata Nifty MidSmall Healthcare Index Direct | 20.93% |
डेटा: Value Research, 28 अगस्त 2026 तक
फार्मा सेक्टर क्यों चढ़ा?
फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों के लिए माहौल बेहतर हुआ है। कुछ फार्मा इंपोर्ट पर 100% अमेरिकी टैरिफ से जेनेरिक दवाओं और उनसे जुड़े इंग्रीडिएंट्स को बाहर रखा गया।
घरेलू मांग भी मजबूत बनी हुई है। भारत का फार्मा एक्सपोर्ट FY27 की पहली तिमाही में 6.8% बढ़कर 8.1 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार भी Biopharma SHAKTI जैसी योजनाओं के जरिए सेक्टर में निवेश बढ़ा रही है।
Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के
आगे निवेश करना सही है?
Anand Rathi Wealth के मुताबिक, फार्मा सेक्टर की वैल्यूएशन हाल की तेजी के बाद बढ़ गई है। फार्मा इंडेक्स करीब 43 गुना P/E पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका ऐतिहासिक औसत 37-38 गुना रहा है।
उनका मानना है कि अब आगे की तेजी कमाई की वास्तविक ग्रोथ पर निर्भर करेगी। सेक्टोरल फंड में निवेश से कॉन्सेंट्रेशन रिस्क भी बढ़ता है। ऐसे में सिर्फ हाल की तेजी देखकर फार्मा फंड में पैसा लगाने से पहले जोखिम और वैल्यूएशन पर जरूर विचार करना चाहिए।
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अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। आरोपी के अलावा मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वही इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस को बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी घटना के दौरान 911 पर पुलिस को घर में गोली चलने और एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। कुछ देर बाद एक और फायर इंजन भेजने को कहा गया। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। सिर्फ इतना पता था कि बच्चा बेहोश है और यह भी साफ नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं। पुलिस पहुंची तो फायरिंग की आवाज आ रही थी इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान घर के अंदर से गोलियों की आवाज भी आ रही थी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मी तुरंत घर के अंदर नहीं जा सके। फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए डाला गया पानी और जला हुआ मलबा जांच में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे पुलिस को मौके से सबूत जुटाने में समय लग रहा है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। ————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। आरोपी के अलावा मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वही इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस को बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी घटना के दौरान 911 पर पुलिस को घर में गोली चलने और एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। कुछ देर बाद एक और फायर इंजन भेजने को कहा गया। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। सिर्फ इतना पता था कि बच्चा बेहोश है और यह भी साफ नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं। पुलिस पहुंची तो फायरिंग की आवाज आ रही थी इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान घर के अंदर से गोलियों की आवाज भी आ रही थी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मी तुरंत घर के अंदर नहीं जा सके। फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए डाला गया पानी और जला हुआ मलबा जांच में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे पुलिस को मौके से सबूत जुटाने में समय लग रहा है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। अमेरिका में मास शूटिंग की हाल की घटनाएं… 22 अगस्त: ओरेगन के फॉरेस्ट ग्रोव में एक घर में 5 लोगों की हत्या हुई। मृतकों में आरोपी की पार्टनर, उसकी मां और दादी समेत पांच लोग शामिल थे। संदिग्ध बाद में वॉशिंगटन में मृत मिला। 14 अगस्त: मिशिगन के मिसॉकी काउंटी में हुई गोलीबारी में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संदिग्ध शूटर भी शामिल है। घटना में एक 13 साल की बच्ची भी घायल हुई, जिसे चार गोलियां लगी थीं। 15 अगस्त: वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के कैंपस के पास हुई गोलीबारी में 5 लोग घायल हुए। पुलिस ने 19 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार किया। ————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर की है। पुलिस के मुताबिक, एक नकाबपोश बदमाश पैसे लूटने के इरादे से दुकान में घुसा। कैश लेने के बाद उसने सुरेश पटेल पर फायरिंग कर दी। घटना के समय उनकी 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। उसने अपनी आंखों के सामने यह वारदात देखी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुरेश पटेल ने घटना से सिर्फ 3 दिन पहले ही यह दुकान खरीदी थी। गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसा और कर्मचारियों से कैश की मांग की। पैसे मिलने के बाद उसने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्रे रंग की हुडी, जींस और काले बूट पहन रखे थे। उसके चेहरे पर मास्क था। वारदात के बाद वह सफेद रंग की कार में फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस पुलिस को इस घटना से जुड़ी CCTV फुटेज मिली है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील भी की है। खबर अपडेट की जा रही है….
H-1B Visa News: अमेरिका में नौकरी गंवाने के बाद तुरंत देश छोड़ना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी सरकार वीजा को लेकर 60 दिनों के ग्रेस पीरियड को समाप्त करने पर विचार कर रही है। यह वह समय है, जिसके भीतर नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रहकर नई नौकरी खोजने की सहूलियत मिलती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव DHS (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने दिया है और फिलहाल व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट (OMB) इस पर विचार कर रहा है। अभी इस पर कोई फैसला नहीं है और प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक भी नहीं हुई है। हालांकि अगर यह लागू होती है तो नौकरी जाने के बाद विदेशी एंप्लॉयीज के पास नई नौकरी खोजने या अपने इमिग्रेशन स्टेटस को बनाए रखने के लिए काफी कम समय मिल सकता है।
क्या है 60-दिनों का ग्रेस पीरियड
60-दिनों के ग्रेस पीरियड की सुविधा 2017 में मिलनी शुरू हुई थी ताकि कुछ विदेशी एंप्लॉयीज को अचानक नौकरी चले जाने की स्थिति में थोड़ा समय मिल सके। मौजूदा नियमों के अनुसार एलिजिबल वर्कर्स नौकरी खत्म होने के बाद आम तौर पर लगातार 60 दिनों तक या फिर वीजा पीरियड, जो भी पहले हो, तक अमेरिका में रह सकते हैं। इस दौरान वे नई नौकरी तलाश सकते हैं, नए एंप्लॉयर के साथ नौकरी हासिल कर सकते हैं, अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदलने की कोशिश कर सकते हैं और अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए दूसरे विकल्प तलाश सकते हैं। ग्रेस पीरियड के इस नियम से अमेरिका में पहले से मौजूद फॉरेन वर्कर्स को नई नौकरी देने में एंप्लॉयर्स को भी सुविधा मिलती है।
भारतीयों पर अधिक असर क्यों?
अभी ग्रेस पीरियड हटाने की बात सिर्फ प्रस्ताव में है लेकिन अगर यह लागू होता है तो भारतीय प्रोफेशनल्स पर इसका गंभीर असर हो सकता है क्योंकि एच-1बी वीजा पर अमेरिका में काम करने वालों में भारतीयों की बड़ी हिस्सेदारी है। USCIS (यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज) के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 में जितनी एच-1बी याचिका को मंजूरी दी गई थी, उसमें से करीब 71% तो भारत में जन्मे लोगों के थे। अमेरिका में 52 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग हैं। ऐसे में एंप्लॉयमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन रूल्स में बदलाव का असर बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है, खासतौर पर टेक्नोलॉजी जैसी इंडस्ट्री में, जहां जॉब स्विचिंग और लेऑफ होते रहते हैं।

