Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Pharma Mutual Funds: पिछले एक साल में फार्मा सेक्टर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। Nifty Pharma Index करीब 25% चढ़ा है। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टोरल म्यूचुअल फंड्स ने 11% से 30% तक रिटर्न दिया है।

Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, 19 एक्टिव फार्मा सेक्टोरल फंड्स में से सिर्फ 10 फंड्स ने एक साल में 20% से ज्यादा रिटर्न दिया। इन फंड्स का औसत रिटर्न 20.7% रहा। BSE Healthcare TRI ने इस दौरान 18.68% रिटर्न दिया।

1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले 10 फार्मा फंड

फंड1 साल का रिटर्न
Kotak Healthcare Direct29.80%
HDFC Pharma and Healthcare Direct28.85%
PGIM India Healthcare Direct28.04%
Quant Healthcare Direct27.02%
Bajaj Finserv Healthcare Direct26.30%
WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Direct

25.87%
ICICI Pru Nifty Pharma Index Direct

23.89%
SBI Healthcare Opportunities Direct23.59%
Mirae Asset Healthcare Direct22.91%
Tata Nifty MidSmall Healthcare Index Direct20.93%

डेटा: Value Research, 28 अगस्त 2026 तक

फार्मा सेक्टर क्यों चढ़ा?

फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों के लिए माहौल बेहतर हुआ है। कुछ फार्मा इंपोर्ट पर 100% अमेरिकी टैरिफ से जेनेरिक दवाओं और उनसे जुड़े इंग्रीडिएंट्स को बाहर रखा गया।

घरेलू मांग भी मजबूत बनी हुई है। भारत का फार्मा एक्सपोर्ट FY27 की पहली तिमाही में 6.8% बढ़कर 8.1 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार भी Biopharma SHAKTI जैसी योजनाओं के जरिए सेक्टर में निवेश बढ़ा रही है।

Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के

आगे निवेश करना सही है?

Anand Rathi Wealth के मुताबिक, फार्मा सेक्टर की वैल्यूएशन हाल की तेजी के बाद बढ़ गई है। फार्मा इंडेक्स करीब 43 गुना P/E पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका ऐतिहासिक औसत 37-38 गुना रहा है।

उनका मानना है कि अब आगे की तेजी कमाई की वास्तविक ग्रोथ पर निर्भर करेगी। सेक्टोरल फंड में निवेश से कॉन्सेंट्रेशन रिस्क भी बढ़ता है। ऐसे में सिर्फ हाल की तेजी देखकर फार्मा फंड में पैसा लगाने से पहले जोखिम और वैल्यूएशन पर जरूर विचार करना चाहिए।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 सेकंड में ₹2.78 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में 794 अंकों की तेजी, Nifty भी 24200 के पार

Stock Market Rally: कच्चे तेल में उछाल के बावजूद वैल्यू बाइंग के चलते मार्केट में अच्छी रौनक दिखी। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब आधे फीसदी मजबूत हुए। सेक्टरवाइज रियल्टी और ऑयल एंड गैस को छोड़ फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी सेक्टर सबसे अधिक जोश में है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इस रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 662.66 प्वाइंट्स यानी 0.86% के उछाल के साथ 77,428.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 194.60 प्वाइंट्स यानी 0.81% के उछाल के साथ 24,179.95 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 793.56 प्वाइंट्स चढ़कर 77,559.48 तक तो निफ्टी भी 217.85 प्वाइंट्स उछलकर 24,203.20 तक पहुंच गया।

₹2.78 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,07,917.44 करोड़ था। आज यानी 29 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,81,86,128.26 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,78,210.82 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 18 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल इंफोसिस, एलएंडटी और एचयूएल में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट पावरग्रिड, इंडिगो और एशियन पेंट में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 14

33 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2493 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1635 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 726 में गिरावट है जबकि 132 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 33 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 53 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 1243

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

इंट्रा-डे में आज इन स्टॉक्स पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 22 जुलाई को 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने की नई टाइमलाइन का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद अब सन फार्मा (Sun Pharma), ल्यूपिन (Lupin), सिप्ला (Cipla) समेत देश की कई दवा कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका में आयात होने वाली दवाईयों पर सभी जेनेरेकि दवाओं पर अब दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। ट्रंप के ऐलान के मुताबिक इसके बाद 1 अगस्त 2028 से इन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा और 1 अगस्त 2029 से इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा।

Trump Tariffs: अमेरिका के लिए कितना अहम है जेनेरिक्स?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुकाबिक जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करने के लिए टैरिफ पॉलिसी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में अपने प्लांट और इक्विपमेंट नहीं लगाएंगी, उन्हें टैरिफ झेलना पड़ेगा। इससे पहले ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए थे, उसके दायरे में ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाईयां थीं, जिसमें अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले वाली पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयां शामिल नहीं थीं क्योंकि अमेरिका में डॉक्टर्स करीब 90% जेनेरिक्स दवाईयां ही लिखते हैं। ट्रंप सरकार ने ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर फार्मा इंडस्ट्री की जांच भी शुरू की थी। इसके अलावा आम लोगों सीधे सस्ती दवाओं की बिक्री के लिए Trump RX नाम से एक प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया।

भारतीय फार्मा कंपनियों पर क्या असर?

जेनेरिक्स पर अमेरिकी टैरिफ का भारतीय कंपनियों पर बहुत असर पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि भारतीय दवा कंपनियों का अमेरिका में जितना सेल्स वॉल्यूम है, उसका करीब 90% तो जेनेरिक्स दवाईयों का है तो अमेरिका जितना जेनेरिक्स आयात करता है, उसमें 40% भारत से है। भारत से अमेरिका को करीब $1 हजार करोड़ का फार्मा एक्सपोर्ट है। इसके अलावा भारत के बाहर अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से मंजूरी मिली हुई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सबसे अधिक भारतीय कंपनियों की ही हैं, जिनकी संख्या लगभग 670 है।

अमेरिका की तुलना में भारत में क्यों बनती हैं अधिक दवाईयां

भारत में दवा बनाने की लागत अमेरिका की तुलना में 30-50% तक सस्ती पड़ती है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना है कि अभी यह देखना बाकी है कि इस नीति को वास्तव में कैसे लागू किया जाएगा और ट्रंप के कार्यकाल के बाद इस पर क्या होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगातार कीमतों में गिरावट, तगड़े कॉम्पटीशन , अलग-अलग प्रकार की डोजेज और सख्त मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी के चलते अमेरिका में बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं का उत्पादन आसान नहीं है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अमेरिका में बड़े वॉल्यूम में प्रोडक्शन कैपेसिटी डेवलप करने में कई दशक लग सकते हैं, क्योंकि कम लागत वाली जेनेरिक दवाइयां बनाने को लेकर अमेरिका की क्षमता काफी हद तक कम हो चुकी है।

अमेरिका में किन भारतीय कंपनियों की है मौजूदगी

कई भारतीय कंपनियों की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। अरबिंदो फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी मौजूदगी है तो डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, ल्यूपिन, सिप्ला और जाइडस लाइफ जैसी कंपनियों का भी अमेरिका में कारोबार फैला हुआ है। वहीं एल्केम लैब्स और टोरेंट फार्मा जैसी कंपनियां पूरी तरह से भारत में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर निर्भर हैं और अमेरिका से उनकी कमाई बहुत अधिक नहीं होती है। बायोकॉन जैसी कंपनियां बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के प्रोडक्शन के लिए भारत और मलेशिया की यूनिट्स पर निर्भर हैं, जबकि सेनोरेस फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी है।

Market Insight : IT की रैली पर फिर मंडरा रहा खतरा, ट्रंप ने फार्मा सेक्टर को  दिया झटका, जानिए इनमें अब क्या हो रणनीति

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 की ग्रीन शुरुआत, Sensex में 444 अंकों का उछाल, ढाई लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty Closes Green: शेयर मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ग्रीन रही। दो दिनों की गिरावट के बाद आज 1 जुलाई को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ग्रीन रहे। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया था तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर अच्छा माहौल दिखा और मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज ऑटो, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर से अच्छा सपोर्ट मिला। निफ्टी रियल्टी 3% से अधिक तो निफ्टी एफएमसीजी 2% और निफ्टी ऑटो 1% से अधिक मजबूत हुआ। मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने दबाव डालने की काफी कोशिश की और सेंसेक्स के टॉप 3 लूजर इसी सेक्टर से रहे तो निफ्टी आईटी भी 2% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी मेटल भी 1% कमजोर हुआ तो निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस मिल-जुले माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 631.41 प्वाइंट्स चढ़कर 77,110.08 और निफ्टी 50 भी 184.15 प्वाइंट्स उछलकर 24,049.90 तक पहुंचा था।

₹2.93 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 30 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,73,57,184.467 करोड़ था। आज यानी 1 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,50,197.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,93,013.483 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 22 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 22 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की पैरेंट एटर्नल, एशियन पेंट्स और एचयूएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 88

174 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4447 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2276 शेयर आज मजबूत हुए तो 1995 में गिरावट रही जबकि 176 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 174 शेयर एक साल के हाई और 92 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 63

मार्केट में आज की लाइव हलचलों के लिए यहां क्लिक करें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex में 300 अंकों का उछाल, Nifty भी 24000 के पार, निवेशकों पर डेढ़ लाख करोड़ रुपये की बारिश

Stock Market Rally: कच्चे तेल की नरमी और एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी के चलते आज शुरुआती कारोबार में मार्केट में रौनक दिखी। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख रही है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन और रेड जोन में झूलने लगे। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप में थोड़ा दबाव है लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिख रही है। निफ्टी मिडकैप 100 में हल्की गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त है।

सेक्टरवाइज मार्केट पर ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर दबाव बना रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। हालांकि दूसरी तरफ पीएसयू बैंक, प्राइलेट बैंक और रियल्टी स्टॉक्स इसे ऊपर लाने की कोशिश में तो है लेकिन इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से भी कम बढ़त है।

ओवरऑल इस रस्साकसी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 240.82 प्वाइंट्स यानी 0.31% के उछाल के साथ 76,969.19 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 62.75 प्वाइंट्स यानी 0.26% के उछाल के साथ 24,009.00 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 308.99 प्वाइंट्स चढ़कर 77,037.36 तक तो निफ्टी भी 89.30 प्वाइंट्स उछलकर 24,035.55 तक पहुंच गया।

₹1.73 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 29 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,72,74,146.70 करोड़ था। आज यानी 30 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,74,47,694.61 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,73,547.91 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 12 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल मारुति, एक्सिस बैंक और सन फार्मा में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टाटा स्टील और जोमैटो की एटर्नल में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 190

57 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2371 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1528 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 691 में गिरावट है जबकि 152 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 57 शेयर एक साल के हाई और 18 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 48 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 189

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

आज इंट्रा-डे में इन स्टॉक्स पर रखें नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।