PM Kisan Yojana: 24वीं किस्त के ₹2000 कब आएंगे, किन किसानों का रुक सकता है पैसा? जानिए पूरी डिटेल

PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके तहत हर पात्र किसान के खाते में ₹2,000 भेजे जाते हैं। पिछली यानी 23वीं किस्त जून 2026 में जारी हुई थी।

अब सवाल है कि अगली किस्त सितंबर में आएगी या अक्टूबर में। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों के बयानों के आधार पर अक्टूबर में किस्त आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

अक्टूबर में आने की संभावना क्यों?

पीएम किसान योजना के तहत साल में ₹6,000 की मदद मिलती है। यह पैसा ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। आमतौर पर दो किस्तों के बीच करीब चार महीने का अंतर रहता है।

23वीं किस्त जून में आई थी। इसलिए अक्टूबर में 24वीं किस्त आने की उम्मीद है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने भी संकेत दिया है कि अगली किस्त अक्टूबर में आ सकती है। हालांकि, पक्की तारीख के लिए सरकार के ऐलान का इंतजार करना होगा।

इन किसानों का रुक सकता है पैसा

24वीं किस्त के लिए कुछ जरूरी काम पूरे होने चाहिए। अगर इनमें कोई कमी है, तो पैसा अटक सकता है।

  • ई-केवाईसी पूरी नहीं है तो किस्त रुक सकती है।
  • लैंड रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन भी जरूरी है।
  • बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही होनी चाहिए।
  • आधार और दूसरी जरूरी डिटेल्स सही रहे।

घर बैठे कैसे चेक करें स्टेटस?

  • पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • वहां Farmers Corner में जाकर Know Your Status विकल्प चुनें।
  • इसके बाद अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें।
  • मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करने के बाद किस्त से जुड़ा स्टेटस देख सकते हैं।
  • अगर कोई जानकारी अधूरी या पेंडिंग है, तो उसे समय रहते पूरा कर लें।

फिलहाल 24वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए किसानों को सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा करने के बजाय सरकारी अपडेट का इंतजार करना चाहिए।

Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के

Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Pharma Mutual Funds: पिछले एक साल में फार्मा सेक्टर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। Nifty Pharma Index करीब 25% चढ़ा है। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टोरल म्यूचुअल फंड्स ने 11% से 30% तक रिटर्न दिया है।

Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, 19 एक्टिव फार्मा सेक्टोरल फंड्स में से सिर्फ 10 फंड्स ने एक साल में 20% से ज्यादा रिटर्न दिया। इन फंड्स का औसत रिटर्न 20.7% रहा। BSE Healthcare TRI ने इस दौरान 18.68% रिटर्न दिया।

1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले 10 फार्मा फंड

फंड1 साल का रिटर्न
Kotak Healthcare Direct29.80%
HDFC Pharma and Healthcare Direct28.85%
PGIM India Healthcare Direct28.04%
Quant Healthcare Direct27.02%
Bajaj Finserv Healthcare Direct26.30%
WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Direct

25.87%
ICICI Pru Nifty Pharma Index Direct

23.89%
SBI Healthcare Opportunities Direct23.59%
Mirae Asset Healthcare Direct22.91%
Tata Nifty MidSmall Healthcare Index Direct20.93%

डेटा: Value Research, 28 अगस्त 2026 तक

फार्मा सेक्टर क्यों चढ़ा?

फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों के लिए माहौल बेहतर हुआ है। कुछ फार्मा इंपोर्ट पर 100% अमेरिकी टैरिफ से जेनेरिक दवाओं और उनसे जुड़े इंग्रीडिएंट्स को बाहर रखा गया।

घरेलू मांग भी मजबूत बनी हुई है। भारत का फार्मा एक्सपोर्ट FY27 की पहली तिमाही में 6.8% बढ़कर 8.1 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार भी Biopharma SHAKTI जैसी योजनाओं के जरिए सेक्टर में निवेश बढ़ा रही है।

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आगे निवेश करना सही है?

Anand Rathi Wealth के मुताबिक, फार्मा सेक्टर की वैल्यूएशन हाल की तेजी के बाद बढ़ गई है। फार्मा इंडेक्स करीब 43 गुना P/E पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका ऐतिहासिक औसत 37-38 गुना रहा है।

उनका मानना है कि अब आगे की तेजी कमाई की वास्तविक ग्रोथ पर निर्भर करेगी। सेक्टोरल फंड में निवेश से कॉन्सेंट्रेशन रिस्क भी बढ़ता है। ऐसे में सिर्फ हाल की तेजी देखकर फार्मा फंड में पैसा लगाने से पहले जोखिम और वैल्यूएशन पर जरूर विचार करना चाहिए।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के

अमेरिका के मशहूर इनवेस्टर वॉरेन बफे की निवेश की सोच दशकों से दुनिया भर के निवेशकों को प्रभावित करती रही है। 1977 में, 47 साल की उम्र में उन्होंने Berkshire Hathaway के शेयरहोल्डर्स को अपनी पहली चिट्ठी लिखी थी।

उस समय कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 2.19 करोड़ डॉलर था। चिट्ठी में बफे ने निवेश और बिजनेस से जुड़े कई अहम विचार रखे थे। करीब पांच दशक बाद भी उनके ये 5 सबक शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काम के हैं।

पहले बिजनेस को समझें, फिर शेयर खरीदें

शेयर चुनने के लिए बफे ने चार बातों की एक चेकलिस्ट दी थी। पहला, बिजनेस ऐसा होना चाहिए जिसे आप समझ सकें। दूसरा, उसके लंबे समय के ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स अच्छे होने चाहिए।

तीसरा, कंपनी का मैनेजमेंट ईमानदार और काबिल होना चाहिए। चौथा, शेयर सही कीमत पर मिलना चाहिए। बफे ने साफ कहा था कि वह सिर्फ इसलिए शेयर नहीं खरीदते थे कि कीमत कुछ समय में ऊपर जा सकती है। वो लंबे समय को ध्यान में रखकर शेयर चुनते हैं।

शेयर गिरने पर हमेशा डरें नहीं

बफे का मानना था कि अगर किसी कंपनी का बिजनेस अच्छा चल रहा है, तो उसके शेयर का भाव गिरना निवेशक के लिए मौका भी हो सकता है। कम कीमत पर उसी अच्छे बिजनेस में ज्यादा खरीदारी की जा सकती है।

यही बात SIP निवेशकों के लिए भी अहम है। बाजार गिरने पर निवेश जारी रखने से कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। फिर इन यूनिट्स को लंबी अवधि तक कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है।

गलतियों को मानना जरूरी है

1977 में बर्कशायर का टेक्सटाइल बिजनेस लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा था। बफे ने स्वीकार किया कि वह पहले भी इसके बेहतर नतीजों का अनुमान लगाकर गलत साबित हुए थे।

इससे उन्होंने एक बड़ा सबक लिया। उन्होंने कहा कि बेहतर है ऐसे बिजनेस में काम किया जाए, जहां परिस्थितियां आपके पक्ष में हों। यानी बिजनेस को लगातार मुश्किल हालात से लड़ना न पड़े। अच्छी मैनेजमेंट भी कमजोर बिजनेस मॉडल को हमेशा नहीं बचा सकती।

सिर्फ बढ़ती कमाई को सफलता न मानें

बफे ने कहा कि सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कंपनी का प्रॉफिट बढ़ रहा है या नहीं। कई कंपनियों का प्रॉफिट इसलिए बढ़ता है क्योंकि वे लगातार ज्यादा पूंजी लगा रही होती हैं।

उनके मुताबिक, यह देखना ज्यादा जरूरी है कि कंपनी अपनी पूंजी पर कितना रिटर्न कमा रही है। इसी से बिजनेस की असली कैपिटल एफिशिएंसी का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकता है।

ऐसा बिजनेस बेहतर, जिसे बार-बार ज्यादा पैसा न चाहिए

बफे ने अपनी बर्कशायर हैथवे की रिटेल कंपनी See’s Candies का उदाहरण दिया था। कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा, लेकिन इसके लिए बहुत ज्यादा अतिरिक्त पूंजी लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।

उनका मानना था कि शानदार बिजनेस वह है, जो निवेश की गई पूंजी पर अच्छा रिटर्न दे और ग्रोथ के लिए बार-बार भारी निवेश न मांगता हो। ऐसे बिजनेस में कैपिटल एफिशिएंसी ज्यादा होती है।

लंबे समय की तस्वीर ज्यादा अहम

बफे ने निवेशकों को एक साल के नतीजों के आधार पर किसी कंपनी का फैसला करने से भी सावधान किया था। उन्होंने Berkshire के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि एक समय कंपनी का बिजनेस काफी मजबूत था, लेकिन बाद के वर्षों में उसकी हालत कमजोर होती चली गई।

इसलिए किसी एक साल का प्रॉफिट या शेयर का शॉर्ट टर्म प्रदर्शन पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। निवेशकों को बिजनेस की लंबी अवधि की ग्रोथ, उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मैनेजमेंट की गुणवत्ता को देखना चाहिए।

1977 में Berkshire Hathaway के Class A शेयर की कीमत करीब 75 से 100 डॉलर के बीच थी। 2026 में, 96 साल की उम्र में पहुंचे वॉरेन बफे के दौर में यही शेयर 1 सितंबर तक करीब 7.52 लाख डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।